बंगाल: ममता बनर्जी ने बीएसएफ पर सीमावर्ती इलाकों में अलग पहचान पत्र देने का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आरोप है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों को अलग पहचान पत्र देना चाहता है. उन्होंने लोगों से कार्ड लेने से इनकार करने की कहते हुए दावा किया कि जो लोग कार्ड लेंगे, वो एनआरसी के तहत राज्य से बाहर कर दिए जाएंगे.

केंद्रीय पुलिस संगठनों में एक लाख से अधिक पद ख़ाली: केंद्र सरकार

केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने संसद में बताया कि गृह मंत्रालय के तहत विभिन्न संगठनों में 1,14,245 पद ख़ाली हैं और इनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ और दिल्ली पुलिस भी शामिल हैं. रिक्त पदों में से 3,075 ग्रुप 'ए', 15,861 ग्रुप 'बी' में और 95,309 ग्रुप 'सी' में हैं. 

पिछले पांच वर्षों में सशस्त्र बल के 50,000 से अधिक कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी: गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एक संसदीय पैनल को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में सबसे ज़्यादा 2022 में 11,884 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी है. इस अवधि के दौरान सबसे अधिक नौकरी बीएसएफ से छोड़ी गई. 

गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया, अर्धसैनिक बलों में 83,000 पद ख़ाली

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा को बताया कि देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में 29,283, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 19,987  और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में 19,475 कर्मियों की कमी है.

अर्धसैनिक बलों में भर्ती: परीक्षा पास करने के बावजूद हज़ारों अभ्यर्थियों को नहीं मिली नौकरी

विशेष रिपोर्ट: अर्धसैनिक बलों के लगातार दो भर्ती चक्रों- 2015 और 2018 में केंद्र सरकार ने बिना कारण बताए हज़ारों सीटों को खाली छोड़ दिया. रिपोर्टर्स कलेक्टिव की पड़ताल में सामने आया है कि भर्ती की पेचीदा बनाई जा रही प्रक्रिया के कारण हर साल नौकरी के लिए पात्र हज़ारों युवाओं के सपने टूट रहे हैं.

अदालत ने सीएपीएफ के सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने वित्त मंत्रालय की 2003 की एक अधिसूचना और पेंशन तथा पेंशनभोगी कल्याण विभाग के 2020 के एक कार्यालयीन पत्र को ख़ारिज कर दिया, जिनमें 1 जनवरी, 2004 के विज्ञापनों के अनुरूप केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों में नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के लाभ से वंचित रखा गया है.

बंगाल: रेप के आरोप में दो बीएसएफ जवान गिरफ़्तार, टीएमसी ने गृह मंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए

बीते सप्ताह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना ज़िले में बगदा सीमा चौकी के निकट भारत से अवैध रूप से बांग्लादेश जा रही एक महिला से बलात्कार के आरोप में सीमा सुरक्षा बल के दो जवानों को गिरफ़्तार किया गया है. सत्तारूढ़ टीएमसी ने उक्त घटना को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर निशाना साधा है.

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 84,405 पद ख़ाली, दिल्ली पुलिस में क़रीब 12,000 रिक्तियां: केंद्र

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सर्वाधिक 29,985 पद सीआरपीएफ में रिक्त हैं, जबकि बीएसएफ में 19,254 और एसएसबी में 11,402 पद ख़ाली हैं. इसके अलावा सीआईएसएफ में 10,918, असम राइफल्स में 9,659 और आईटीबीपी में 3,187 रिक्तियां हैं.

कांगो: यूएन-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान शांति मिशन में शामिल दो बीएसएफ कर्मियों की मौत

संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत कांगो में तैनात सीमा सुरक्षा बल दो कर्मियों की 26 जुलाई को हिंसक प्रदर्शनों के दौरान मौत हो गई. दोनों राजस्थान के रहने वाले थे. पूर्वी कांगो में संयुक्त राष्ट्र मिशन के ख़िलाफ़ दो दिनों से चल रहे प्रदर्शनों में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है और 50 लोग घायल हुए हैं.

देश में पिछले दस सालों में अर्द्धसैनिक बलों के 1,205 कर्मियों ने ख़ुदकुशी की

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि पिछले एक दशक में अर्द्धसैनिक बलों के 1,205 जवानों ने आत्महत्या की है, जिनमें सर्वाधिक मामले वर्ष 2021 में आए.

पंजाब: अमृतसर शिविर में बीएसएफ़ कॉन्स्टेबल ने की फायरिंग, पांच जवानों की मौत

यह घटना पंजाब के सीमावर्ती शहर अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अटारी-वाघा सीमा चौकी के क़रीब स्थित खासा इलाके में बीएसएफ़ के 144वीं बटालियन के परिसर में हुई. इस दौरान गोलीबारी करने वाले जवान की भी मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अपने काम के घंटों को लेकर ग़ुस्से में था.

सी-प्लेन की सवारी से बर्लिन स्टेशन तक नरेंद्र मोदी ने कई बार सुरक्षा प्रोटोकॉल को धता बताया है

पंजाब में हुई कथित सुरक्षा चूक की जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन यह प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल में उल्लंघन की पहली घटना नहीं है. पूर्व एसपीजी अधिकारियों का कहना है कि आखिरी फैसला नरेंद्र मोदी ही लेते हैं और अक्सर सुरक्षा के तय कार्यक्रमों को अंगूठा दिखा देते हैं.

प्रधानमंत्री का हर विरोध उनकी सुरक्षा के लिए ख़तरा क्यों है

प्रधानमंत्री की ख़ासियत है कि जब-जब वे अप्रिय स्थिति में पड़ते हैं किसी न किसी तरह उनकी जान को ख़तरा पैदा हो जाता है. जब से वे मुख्यमंत्री हुए तब से अब तक कुछ समय के बाद उनकी हत्या की साज़िश की कहानी कही जाने लगती है. लोग गिरफ़्तार किए जाते हैं, पर कुछ साबित नहीं होता. फिर एक रोज़ नए ख़तरे की कहानी सामने आ जाती है.

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक को क्या चुनावी ‘इवेंट’ में बदला जा रहा है

सुरक्षा में चूक को लेकर ख़ुद प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी जिस तरह उसी क्षण से इस घटना को सनसनीखेज़ बनाकर राजनीतिक लाभ उठाने में लग गए हैं, उससे ज़ाहिर है कि वे घटना की गंभीरता को लेकर कम और उससे मुमकिन चुनावी फायदे के बारे में ज़्यादा गंभीर हैं.

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