CAA Protest

A man carrying a child walks past security forces in a riot affected area following clashes between people demonstrating for and against a new citizenship law in New Delhi, February 27, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

अपने ही अधिकारी के ख़िलाफ़ गई दिल्ली पुलिस, ‘संवेदनशील’ बताकर दंगों की सूचना देने से इनकार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे को लेकर द वायर द्वारा दायर किए गए आरटीआई आवेदन पर अपीलीय अधिकारी द्वारा आदेश देने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने जानकारी देने से मना कर दिया. पुलिस ने सिर्फ़ गिरफ़्तार किए गए लोगों, दर्ज की गई एफआईआर, मृतकों एवं घायलों की संख्या की सूचना दी है.

New Delhi: A man folds his hands as security personnel conduct patrolling in Bhagirathi Vihar area of the riot-affected north east Delhi, Wednesday, Feb. 26, 2020. At least 22 people have lost their lives in the communal violence over the amended citizenship law as police struggled to check the rioters who ran amok on streets, burning and looting shops, pelting stones and thrashing people. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_26_2020_000187B)

दिल्ली दंगा: ‘पहले दंगाइयों ने घर और दुकान लूट ली, अब केस वापस लेने का दबाव डाला जा रहा’

इस साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीड़ित रेडीमेड कपड़ा व्यापारी निसार अहमद ने हाईकोर्ट याचिका दायर कर आरोप लगाया है पुलिस उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं कर रही है और आरोपियों द्वारा उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों के 19 मामलों में पुलिस की दलील, आरोपी को ज़मानत देने से ग़लत संदेश जाएगा: रिपोर्ट

बीते 29 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगे के एक आरोपी को ज़मानत देते हुए पुलिस की इस दलील को ख़ारिज कर दी थी कि ज़मानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा. हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत का काम क़ानून के मुताबिक न्याय देना है, न कि समाज को संदेश देना.

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गर्भवती सफ़ूरा ज़रगर को न्याय के मंदिर में इंसाफ़ नहीं

वीडियो: दिल्ली पुलिस ने अप्रैल की शुरुआत में जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफ़ूरा ज़रगर को दिल्ली हिंसा से जुड़े एक मामले में गिरफ़्तार किया था. 27 वर्षीय सफ़ूरा 21 हफ्ते की गर्भवती हैं और पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर से पीड़ित हैं. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है. इस मुद्दे पर सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

एनआईए ने गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए कहा- आरोपी ने सोशल मीडिया पर लाल सलाम, कॉमरेड लिखा था

एनआईए ने असम के किसान नेता अखिल गोगोई और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ दायर चार्जशीट में ये कहा है. गोगोई के संगठन ने आरोप लगाया है कि एनआईए उनके सदस्यों को माओवादी ठहराने की कोशिश कर रही है.

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दिल्ली हिंसा मामले में स्क्रिप्ट पहले ही लिखी गई, अब बस किरदार तलाश रही है पुलिस

वीडियो: लॉकडाउन के दौरान दिल्ली दंगों के षड्यंत्र रचने के आरोप में कई छात्रों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से अधिकतर छात्र सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में शामिल थे. छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया है.

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अमित शाह क्रोनोलॉजी का नया क्रम: अब निशाने पर सीएए आंदोलनकारी

वीडियो: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के तीन महीने बाद पुलिस सिलसिलेवार ढंग से लोगों को गिरफ़्तार कर रही है. इनमें अधिकतर लोगों ने सीएए के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण आंदोलन किया था. द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन की दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद और राज्यसभा सदस्य मनोज झा से बातचीत.

जामिया छात्र आसिफ इकबाल तन्हा. (फोटो: फेसबुक)

दिल्ली हिंसा: जामिया के एक और छात्र को यूएपीए के तहत आरोपी बनाया गया

इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया के 24 वर्षीय छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

क्वारंटीन सेंटर की बदहाली दिखाने पर उत्तर प्रदेश में पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का है. एक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार रविंद्र सक्सेना को सरकारी काम में बाधा डालने, आपदा प्रबंधन और हरिजन एक्ट आदि के तहत आरोपी बनाया गया है.

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‘उमर ख़ालिद व जामिया छात्रों के ख़िलाफ़ आतंकवाद निरोधक क़ानून का ग़लत इस्तेमाल किया जा रहा है’

वीडियो: उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली पुलिस ने उमर ख़ालिद समेत जामिया के छात्रों पर यूएपीए कानून के तहत मामला दर्ज किया है. इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से चर्चा कर रही है द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

New Delhi: Jawaharlal Nehru University (JNU) student Umar Khalid speaks to the media moments after he was shot at, during an event at the Constitution Club in New Delhi on Monday, Aug 13, 2018. Khalid escaped unhurt. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_13_2018_000097B)

दिल्ली दंगा: उमर खालिद और जामिया के छात्रों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज

छात्रों पर देशद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने और दंगे करने का भी मामला दर्ज किया गया है.

New Delhi: Vehicles set ablaze as protestors throw brick-bats during clashes between a group of anti-CAA protestors and supporters of the new citizenship act, at Jafrabad in north-east Delhi, Monday, Feb. 24, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI2_24_2020_000218B) *** Local Caption ***

क्या दिल्ली पुलिस दिल्ली दंगों में मारे गए लोगों की जानकारी छिपा रही है?

एक आरटीआई आवेदन के जवाब में दिल्ली पुलिस ने बताया है कि फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में 23 लोगों की मौत हुई है. इससे पहले गृह मंत्रालय ने संसद में कहा था कि इस हिंसा में 52 जानें गई हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगों से जुड़ी सूचना देने से पुलिस का इनकार, कहा- इससे व्यक्ति की जान को ख़तरा

उत्तर-पूर्वी ​दिल्ली में हुए दंगे को लेकर पुलिस पर उठ रहे सवालों को लेकर द वायर ने सूचना का अधिकार के तहत कई आवेदन दायर कर इस दौरान पुलिस द्वारा लिए गए फैसले और उनके द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी थी.

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दिल्ली दंगा: ‘लॉकडाउन के कारण शिव विहार वापस आए, पर इन जले घरों से डर लगता है’

वीडियो: बीते फरवरी में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की वजह से शिव विहार के कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा था. ये राहत कैंप में रह रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस के चलते ये कैंप खाली करा दिए गए हैं. अब इन परिवारों को वापस शिव विहार लौटना पड़ा है.

A general view of a relief camp, which was set after people fled their homes with their families following Hindu-Muslim clashes triggered by a new citizenship law in Mustafabad in the riot-affected northeast of Delhi, India, March 3, 2020. Reuters/Anushree Fadnvis

दिल्ली दंगा: हाईकोर्ट ने सरकार से बेघरों के लिए आवास एवं भोजन उपलब्ध कराने को कहा

बीते फरवरी महीने नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे.