caste discrimination

Coimbatore: Rescue work being carried out at the site of the wall collapse in Nadur village of Mettupalayam taluk, near Coimbatore, Monday, Dec. 2, 2019. Seventeen people were killed in the incident on Sunday night after the compound wall of three tile roofed houses collapsed on them, reportedly due to rains. (PTI Photo)   (PTI12_2_2019_000107B)

तमिलनाडु: जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए 3,000 दलितों ने इस्लाम अपनाने की बात कही

तमिलनाडु के नादुर गांव में दो दिसंबर को दीवार गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई थी. उस दीवार को एक व्यक्ति खुद के घर को दलितों से अलग करने के लिए बनाया था. उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होने से दलित समुदाय के लोगों ने यह फैसला लिया है.

मद्रास हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक/@Chennaiungalkaiyil)

ऐसा लग रहा है सरकार ख़ुद जाति के आधार पर विभाजन को बढ़ावा दे रही है: मद्रास हाईकोर्ट

तमिलनाडु के वेल्लोर ज़िले में दलितों के एक श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते को बाधित किए जाने के मामले का हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. रास्ता बाधित किए जाने से समुदाय के लोग अपने संबंधियों के शव को एक नदी पर स्थित पुल से नीचे गिराने के लिए मजबूर हैं.

Vellore Tamilnadu

तमिलनाडु: सवर्णों के खेत से रास्ता न देने के चलते पुल से गिराकर किया दलित के शव का अंतिम संस्कार

वेल्लोर जिले के वनियमबाडी में एक दलित के शव को रस्सी की मदद से पुल से लटकाकर नीचे पहुंचाया गया, जिससे नदी के किनारे उसका दाह संस्कार किया जा सके. घटना का वीडियो सोशल मीडिया में आने के बाद दलितों को अंतिम संस्कार के लिए जमीन आवंटित हुई

Moradabad

मुरादाबादः दलितों के बाल काटने से इनकार करने पर तीन मुस्लिम नाइयों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह का जातिगत भेदभाव कई सालों से होता आ रहा है, जिसे रोकने के लिए उन्होंने शिकायत दर्ज की थी. आरोपी नाइयों में से एक का कहना है कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं.

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चोल वंश के राजा पर टिप्पणी करने के चलते तमिल फिल्मकार पा रंजीत पर केस दर्ज

काला और कबाली फिल्म बनाने वाले पा रंजीत ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में चोल वंश के राजा को जातिवादी बताया था और कहा था कि वो समय दलितों के लिए एक काला दौर था.

Kullu Himachal Pradesh Map

हिमाचल प्रदेश: श्मशान गृह से भगाए जाने पर दलित परिवार ने जंगल में किया वृद्धा का अंतिम संस्कार

मामला हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का है. कुल्लू के उपायुक्त यूनुस ने कहा कि हम सही सूचना हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. मनाली के एसडीएम और डीसीपी से इस मामले को देखने के लिए कहा गया है.

Mumbai: A top angle view of the Mumbai city, Wednesday, Oct 17, 2018. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI10_17_2018_000055B)

देश के उच्च जाति के हिंदू सबसे अमीर, कुल संपत्ति के 41% के मालिक: रिपोर्ट

जेएनयू, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी और भारतीय दलित अध्ययन संस्थान द्वारा दो साल तक किए एक अध्ययन में सामने आया है कि देश की कुल संपत्ति का 41 प्रतिशत हिंदू उच्च जातियों और 3.7 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के हिंदुओं के पास है.

Faiyaz Interview Featured

‘दलित समाज में वंचित है तो सिनेमा में भी वंचित होगा’

दलित मुद्दों पर फिल्म बनाने में आने वाली चुनौतियों पर स्वतंत्र फिल्मकार पवन के श्रीवास्तव से बात कर रहे हैं द वायर के फैयाज़ अहमद वजीह.

भीमा कोरेगांव हिंसा के ख़िलाफ़ मुंबई में दलित समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन (फोटो: पीटीआई)

2016 में दलितों के ख़िलाफ़ जातिगत भेदभाव के 40 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज हुए

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने सदन में बताया कि 2015 के मुक़ाबले 2016 में दलितों के ख़िलाफ़ जातिगत भेदभाव के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है.

साभार: राधाकृष्ण प्रकाशन

क्या ‘जूठन’ पाठ्यक्रमों से बाहर कर दी जाएगी?

हिमाचल विश्वविद्यालय में ओम प्रकाश वाल्मीकि की ‘जूठन’ बीते 3 सालों से पढ़ाई जा रही थी, तब भावनाएं अचानक कहां से आहत हो गईं? क्या इसका ताल्लुक़ राज्य में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन से है?

निर्मला यादव. (फोटो साभार: एनडीटीवी इंडिया)

जाति छिपाने के आरोप में वैज्ञानिक ने रसोइए के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया

जाति छिपाने का आरोप नकारते हुए महिला रसोइए ने भी मौसम विभाग की वैज्ञानिक के ख़िलाफ़ केस किया.

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क्यों आईआईएम में वंचित समुदाय से आने वाले शिक्षकों के लिए जगह नहीं है?

एक सर्वे के अनुसार, देश के छह आईआईएम में जुलाई 2015 तक कुल 233 शिक्षक थे. इनमें से सिर्फ़ दो अनुसूचित जाति और पांच अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं. अनुसूचित जनजाति से कोई भी शिक्षक यहां नहीं था.

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कॉरपोरेट इंडिया के हाशिये पर दलित स्त्रियां

गुज़रते वक़्त के साथ भले ही कंपनियों के भीतर ‘स्त्रीवाद’ के प्रति जागरूकता बढ़ती नज़र आ रही है, लेकिन कुल मिलाकर कॉरपोरेट सेक्टर जाति की हक़ीक़त और कार्यस्थल पर पड़ने वाले इसके प्रभावों से मुंह चुराता दिखता है.