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हमारा संविधान: अनुच्छेद-15 भेदभाव के ख़िलाफ़ निषेध

वीडियो: भारत में धर्म, कुल, जाति, लिंग, जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. संविधान का अनुच्छेद 15 क्या कहता है? कैसे न्यायालयों ने भेदभाव करने वाले बहुत सारे क़ानूनों को ग़ैर-संविधानिक क़रार दिया.

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दलितों को इंसान समझे जाने का अभी भी इंतज़ार है: यशिका दत्त

वीडियो: हाल ही में यशिका दत्त को उनकी अंग्रेज़ी संस्मरणात्मक किताब ‘कमिंग आउट ऐज़ अ दलित’ के लिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यशिका दत्त से दामिनी यादव की बातचीत.

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‘जब सभ कर दोउ हाथ पग दोउ नैन दोउ कान, रविदास पृथक कइसे भये हिंदू औ मूसलमान’

संत कवियों की लंबी परंपरा में एक रविदास ही ऐसे हैं जो श्रम को ईश्वर बताकर ऐसे राज्य की कल्पना करते हैं, जो भारतीय संविधान के समता, स्वतंत्रता, न्याय व बंधुत्व पर आधारित अवधारणा के अनुरूप है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

गुजरात: दलित व्यक्ति की बारात में शामिल लोगों पर पथराव, नौ के ख़िलाफ़ प्राथमिकी

गुजरात के अरवल्ली ज़िले का मामला है. पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बारात में शामिल दलित पुरुषों और महिलाओं के परंपरागत साफा पहनने पर आपत्ति जताई थी. राजपूत समुदाय के नौ लोगों के ख़िलाफ़ दंगा, हमला, आपराधिक धमकी देने और एससी/एसटी एक्ट के तहत के तहत मामला दर्ज किया गया है.

एमएस गोलवलकर (फोटोः विकीमीडिया कॉमन्स)

गोलवरकर संबंधी ट्वीट पर संस्कृति मंत्रालय ने कहा- किसी विचारधारा को चुप कराने में विश्वास नहीं

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 19 फरवरी को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से हिंदुत्ववादी विचारक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख एमएस गोलवलकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें महान विचारक बताया था. इस ट्वीट की तमाम लोगों ने आलोचना की थी.

आरएसएस के पूर्व प्रमुख एमएस गोलवलकर (फोटो साभारः ट्विटर)

हिटलर और जाति समर्थक गोलवलकर की जयंती पर संस्कृति मंत्रालय ने किया ट्वीट, हुई कड़ी आलोचना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख रहे एमएस गोलवलकर के विचारों को ज़्यादातर लोकतंत्र के ख़िलाफ़ माना जाता है. संघ प्रमुख मोहन भागवत ख़ुद एक कार्यक्रम के दौरान उनसे दूरी बनाते नज़र आए थे.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली सरकार के सर्वे में खुलासा- दो लाख से अधिक बच्चे स्कूली शिक्षा से वंचित

दिल्ली सरकार ने 2018 से 2019 के बीच लगभग एक करोड़ से अधिक लोगों पर सर्वे किया गया. पूर्वी दिल्ली के मंडावली में जुलाई 2018 में तीन नाबालिग लड़कियों की कथित भुखमरी से मौत के बाद राज्य सरकार ने यह सर्वे कराने का आदेश दिया था.

दुकानदार नासिर. (फोटो: वीडियोग्रैब)

उत्तर प्रदेश: ‘ठाकुर’ लिखा जूता बेचने पर मुस्लिम विक्रेता गिरफ़्तार, विवाद के बाद रिहा

मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है. हिंदुत्ववादी संगठन बजरंग दल के संयोजक ने दुकानदार नासिर पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था. वहीं, ठाकुर फुटवियर कंपनी के मालिक ने कहा कि यह नाम उनके दादाजी से जुड़ा है. किसी राजनीति के लिए नहीं बदलेंगे.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

क्यों भारतीय जेलें मनु के बनाए जाति नियमों से चल रही हैं

कई राज्यों की जेलों के मैनुअल कारागार के अंदर किए जाने वाले कामों का निर्धारण जाति के आधार पर करने की बात कहते हैं.

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अ सूटेबल बॉय: मुहब्बत और बदलते वक़्त की सुरीली दास्तान

वीडियो: हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई ‘अ सूटेबल बॉय’ छह एपिसोड की एक बीबीसी टेलीविज़न ड्रामा मिनिसीरिज़ है, जिसे मीरा नायर ने डायरेक्ट किया है. ये वेब सीरिज़ इसी नाम से 1993 में आए विक्रम सेठ के उपन्यास पर आधारित है.

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डोम जाति के लिए मरघट बन गया है बिहार, बुनियादी सुविधाओं से हैं कोसों दूर

वीडियो: डोम समुदाय बिहार और देश के सबसे पिछड़े समुदायों में से एक है. पूर्वी चंपारण ज़िले की ढाका विधानसभा के रहने वाले ऐसे ही कुछ लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में मीना कोटवाल ने बात की.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस: यह सिर्फ़ बेटी का मामला नहीं है…

हाथरस में जो हुआ वह जातीय श्रेष्ठता और उसके अधिकार के अहंकार का ही नतीजा है. इसका एक प्रमाण गांव के कथित उच्चजातीय समूह की प्रतिक्रिया है.

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

एससी एसटी क़ानून के तहत लाया गया राजस्थान पुलिस का सर्कुलर विधिसम्मत क्यों है

राजस्थान पुलिस के सर्कुलर में कहा गया है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अभियुक्त को सीआरपीसी की धारा 41 ए का लाभ दिया जाना अधिनियम की मूल भावना के विपरीत है और इसके उद्देश्य को विफल करता है. कई समूहों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है.

वकील और कार्यकर्ता देवजी माहेश्वरी. (फोटो साभारः फेसबुक)

गुजरातः पुलिस का दावा- ब्राह्मण विरोधी फेसबुक पोस्ट को लेकर हुई दलित वकील की हत्या

कच्छ ज़िले के एक कार्यकर्ता और वकील देवजी माहेश्वरी की बीते शुक्रवार को हत्या कर दी गई थी. पुलिस के अनुसार ब्राह्मणवाद की आलोचना पर उनकी फेसबुक पोस्ट के कारण आरोपी ने उन्हें कई बार धमकाया था. मामले में नौ लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हुई है, जिनमें से पांच को गिरफ़्तार कर लिया गया है.