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यूपी: बाबरी मस्जिद मामले में सभी आरोपियों को बरी करने वाले जज को उप-लोकायुक्त बनाया

सुरेंद्र कुमार यादव ने 30 सितंबर 2020 को सीबीआई के विशेष जज के तौर पर सुनाए फैसले में 1992 बाबरी विध्वंस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती व कल्याण सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी किया था. अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें प्रदेश का तीसरा उप लोकायुक्त नियुक्त किया है.

इशरत जहां. (फाइल फोटो: पीटीआई)

आरोपी पुलिसवालों को बरी करने पर इशरत जहां की मां ने कहा- शुरू से एकतरफ़ा थी सुनवाई

2004 में 19 वर्षीय इशरत जहां की अहमदाबाद के बाहरी इलाके में हुई एक मुठभेड़ में मौत हो गई थी. मुठभेड़ को जांच में फ़र्ज़ी पाया गया था और सीबीआई ने सात पुलिस अधिकारियों को आरोपी बताया था. इनमें से तीन को बुधवार को आरोप मुक्त कर दिया गया. इससे पहले तीन अन्य आरोपी अधिकारी बरी किए जा चुके हैं, जबकि एक की बीते साल मौत हो गई थी.

इशरत जहां. (फाइल फोटो: पीटीआई)

इशरत जहां मुठभेड़: अदालत ने बाकी बचे तीन आरोपी पुलिसकर्मियों को भी आरोप मुक्त किया

साल 2004 में मुंबई के नज़दीक मुम्ब्रा की रहने वाली 19 वर्षीय इशरत जहां तीन अन्य लोगों के साथ अहमदाबाद के बाहरी इलाके में गुजरात पुलिस की मुठभेड़ में मारी गई थीं. जांच में ये मुठभेड़ फ़र्ज़ी निकली थी. मामले के तीन अन्य आरोपी पुलिसकर्मी- पीपी पांडेय, डीजी वंजारा, एनके अमीन पहले ही आरोपमुक्त किए जा चुके हैं, जबकि जेजी परमार की बीते साल मौत हो गई.

गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

हाईकोर्ट की फटकार के बाद सीबीआई-एसआईटी कहा- दाभोलकर-पानसरे हत्याकांड की दोबारा सुनवाई को तैयार

सीबीआई और एसआईटी ने कहा कि दोनों एजेंसियों ने बताया कि साल 2016 में उन्होंने दोनों मामलों में सुनवाई पर अंतरिम रोक का आग्रह किया था, क्योंकि तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई दोनों हत्याओं में मौका-ए-वारदात पर मिलीं गोलियों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही थी. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए उनसे पूछा था कि दोनों मामलों में कब तक तहक़ीक़ात पूरी हो सकती है.

इशरत जहां. (फाइल फोटो: पीटीआई)

इशरत जहां एनकाउंटर: तीन पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मुक़दमे की मंज़ूरी से गुजरात सरकार का इनकार

2004 के इशरत जहां फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत के निर्देश के बाद गुजरात सरकार से तीन आरोपी पुलिस अधिकारियों पर मुक़दमा चलाने की अनुमति मांगी थी, जिससे राज्य सरकार ने मना कर दिया.

New Delhi: Central Bureau of Investigation (CBI) logo at CBI HQ, in New Delhi, Thursday, June 20, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2019_000058B)

सीबीआई के पास जांच के 1,117 मामले लंबित, 18 मामले सात साल से ज़्यादा पुराने: सरकार

पिछले तीन वर्षों में सीआईबी ओर से दो​षसिद्धि की दर की भी जानकारी सरकार ने राज्यसभा में दी है. इसके अनुसार, 2018 में दो​षसिद्धि की दर 68 प्रतिशत, 2019 में दो​षसिद्धि की दर 69.19 प्रतिशत और 2020 में दो​षसिद्धि की दर 69.83 प्रतिशत रही है.

ग्वालियर में पीईबी के प्रमुख का पुतला जलाकर प्रदर्शन करते छात्र. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

‘सालों के संघर्ष के बाद भर्ती परीक्षा हो, जिसमें फ़र्ज़ीवाड़ा हो जाए तो बेरोज़गार युवा क्या करेगा’

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में बीते महीने कृषि विभाग के पदाधिकारियों के 863 पदों पर भर्ती की परीक्षा हुई थी. परिणाम आने के बाद टॉपर्स छात्रों के एक ही कॉलेज-क्षेत्र-समुदाय से होने से लेकर एक जैसे प्राप्तांक और ग़लतियों संबंधी कई सवाल उठे, जिसे लेकर ग्वालियर एग्रीकल्चर कॉलेज के छात्र इसे दूसरा व्यापमं घोटाला कहते हुए क़रीब महीने भर से आंदोलनरत हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सेना भर्ती घोटाला: कर्नल रैंक के पांच अधिकारियों समेत 17 के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

सीबीआई ने सेवा चयन बोर्ड केंद्रों के ज़रिये सैन्य अफसरों की भर्ती में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सेना के 17 कर्मियों, अधिकारियों के संबंधियों समेत छह असैन्य लोगों के ख़िलाफ़ रिश्वत मांगने और रिश्वत दिलाने के आरोपों में मामला दर्ज किया है.

गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

एजेंसियां स्पष्ट करें कि कब तक दाभोलकर-पानसरे हत्याकांड की जांच पूरी हो जाएगी: हाईकोर्ट

महाराष्ट्र की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) कम्युनिस्ट नेता गोविंद पानसरे की हत्या की जांच कर रही है, जबकि अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता के रूप में चर्चित रहे नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामले की जांच की ज़िम्मेदारी सीबीआई को दी गई है. पुणे में दाभोलकर की हत्या साल 2013 में, जबकि कोल्हापुर में पानसरे की हत्या 2015 में कर दी गई थी.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

मध्य प्रदेश: व्यापमं मामले में चार पूर्व अधिकारियों सहित 33 के ख़िलाफ़ आरोप तय

सीबीआई की विशेष अदालत ने 2012 की मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनयम और आईटी एक्ट के तहत 17 उम्मीदवारों और 12 बिचौलियों सहित तैंतीस आरोपियों पर धोखाधड़ी, फ़र्ज़ी दस्तावेज़ गढ़ने, साज़िश रचने और कंप्यूटर डेटा में हेरफेर करने के आरोप लगाए हैं.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: छात्रों ने लगाया एक और व्यापमं घोटाले का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

आरोप है कि मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एक्ज़ामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित कृषि पदाधिकारियों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में एक ही क्षेत्र और समुदाय के 10 छात्रों ने टॉप किया है. सभी ने ग्वालियर के राजकीय कृषि कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की है. इन्हें परीक्षा में एक जैसे प्राप्तांक मिले हैं और सभी ने परीक्षा में ग़लतियां भी एक जैसी ही की हैं.

बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता. (फोटो साभार: फेसबुक)

टीआरपी मामला: अदालत ने बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को ज़मानत दी

2013 से 2019 तक ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के सीईओ रहे पार्थो दासगुप्ता को बीते साल दिसंबर में गिरफ़्तार किया गया था. दासगुप्ता पर पद का दुरुपयोग करने और रिपब्लिक टीवी चलाने वाली कंपनी एआरजी आउटलायर मीडिया एवं इसके प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी से साठगांठ कर टीआरपी में छेड़छाड़ करने का आरोप है.

हीरा कारोबारी नीरव मोदी और पंजाब नेशनल बैंक. (फोटो साभार: फेसबुक/रॉयटर्स)

पीएनबी घोटाला मामले में नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है: ब्रिटेन की अदालत

लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत ने कहा कि नीरव मोदी का भारत में प्रत्यर्पण मानवाधिकारों के अनुरूप है. हीरा कारोबारी नीरव मोदी साल 2018 में पंजाब नेशनल बैंक से 1400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जालसाज़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर भारत में वांछित हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ओडिशा: गैंगरेप के चलते सीएम को गंवानी पड़ी थी कुर्सी, उसका मुख्य आरोपी दो दशक बाद गिरफ़्तार

साल 1999 में ओडिशा की एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. उनका आरोप था कि छेड़छाड़ मामले में तत्कालीन एडवोकेट जनरल के ख़िलाफ़ दर्ज कराया गया केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए ऐसा किया गया था. उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री जेबी पटनायक पर एडवोकेट जनरल को बचाने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

New Delhi: Central Bureau of Investigation (CBI) logo at CBI HQ, in New Delhi, Thursday, June 20, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2019_000058B)

सीबीआई के पास 588 मामलों की जांच एक साल से अधिक समय से लंबित: सरकार

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उच्च सदन को बताया कि 31 दिसंबर 2019 तक सीबीआई के पास 711 ऐसे नियमित मामले थे, जिनकी जांच एक साल से अधिक समय तक लंबित थी. उन्होंने यह भी बताया कि 31 दिसंबर 2020 तक केंद्रीय जांच ब्यूरो में 1,374 पद रिक्त थे.