Central Information Commission

(फोटो: रॉयटर्स/पीआईबी)

दस्तावेज़ दर्शाते हैं कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति में मनमानी बरती गई, बिना आवेदन एक का चयन

विशेष रिपोर्ट: पिछले साल नवंबर महीने में मुख्य सूचना आयुक्त और तीन सूचना आयुक्तों की नियुक्ति हुई थी. इससे जुड़े दस्तावेज़ दर्शाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद सर्च कमेटी ने बिना स्पष्ट प्रक्रिया और मानक के नामों को शॉर्टलिस्ट किया था. प्रधानमंत्री पर दो किताब लिख चुके पत्रकार को बिना आवेदन के सूचना आयुक्त बना दिया गया.

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चुनावी बॉन्ड से राजनीतिक दलों को दान देने वालों का खुलासा करने में कोई जनहित नहीं: सीआईसी

सूचना के अधिकार कानून के तहत चुनावी बॉन्ड बेचने के लिए निर्धारित भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं के बहीखातों से इन बॉन्ड को ख़रीदने वालों और इन्हें प्राप्त करने वालों की जानकारी मांगी गई थी. एसबीआई द्वारा जानकारी दिए जाने से इनकार करने के बाद केंद्रीय सूचना आयोग का रुख़ किया गया था.

सीआईसी. (फोटो साभार: पीआईबी)

सीआईसी ने सीबीआई से कहा, सिर्फ़ छूट वाली धारा का ज़िक्र कर सूचना देने से मना नहीं कर सकते

एक मामले की सुनवाई करते हुए सीआईसी ने कहा कि जांच एजेंसी को सूचना देने से इनकार करते वक्त ठोस कारण देना चाहिए कि ऐसा करने से जांच या आरोपी के खिलाफ मुकदमे पर कैसे असर पड़ सकता है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में यशवर्धन सिन्हा को सीआईसी की शपथ दिलाई. (फोटो साभार: ट्विटर)

यशवर्धन कुमार सिन्हा बने नए सीआईसी, तीन सूचना आयुक्तों ने भी ली शपथ

सूचना आयोग में अब भी तीन सूचना आयुक्तों के पद ख़ाली हैं. सूचना का अधिकार क़ानून के तहत मुख्य सूचना आयुक्त के साथ इस संस्था में कुल 10 सूचना आयुक्त होने चाहिए.

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर. (फोटो: पीटीआई)

सीआईसी ने केंद्र द्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान ज़ब्त सामग्री की सूची जारी न करने को मंज़ूरी दी

1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकियों को निकालने के लिए सेना द्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था. एक आरटीआई आवेदन में केंद्रीय गृह मंत्रालय से उस सामान की सूची और वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी जो इस कार्रवाई में ज़ब्त किया गया था, जिससे मंत्रालय ने इनकार कर दिया.

(फोटो साभार: सतर्क नागरिक संगठन)

भारत में आरटीआई क़ानून आने के बाद पिछले 15 वर्षों में कितना बदलाव हुआ

सूचना का अधिकार क़ानून के 15 साल पूरे होने के मौके पर ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में कम से कम 3.33 करोड़ आवेदन दायर हुए. सूचना आयोग समय पर वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित नहीं कर रहे. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद देश भर के सूचना आयोगों में 38 पद ख़ाली हैं, जो इस क़ानून के लिए बड़ा झटका है.

सीआईसी. (फोटो साभार: पीआईबी)

छह साल में पांचवीं बार केंद्रीय सूचना आयोग के अध्यक्ष का पद ख़ाली

साल 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से एक भी बार ऐसा नहीं हुआ है कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति में देरी न हुई हो. कई बार आरटीआई कार्यकर्ताओं को अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा है.

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स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना अस्पतालों के बारे में सभी जानकारी 15 दिन के भीतर अपलोड करे: सीआईसी

सीआईसी ने कहा कि इस मामले के तथ्यों और सभी स्टेकहोल्डर्स द्वारा आयोग के सामने पेश किए गए जवाबों से पता चलता है कि कोरोना महामारी से संबंधित बेहद जरूरी जानकारी को मंत्रालय के किसी भी विभाग द्वारा मुहैया नहीं कराया जा सका है.

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फंसे श्रमिकों की सूचना न देने से सीआईसी नाराज़, श्रम मंत्रालय को डेटा अपडेट करने को कहा

आरटीआई आवेदन दायर कर देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे श्रमिकों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई थी. केंद्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय ने इस जानकारी का खुलासा करने से मना करते हुए कहा था कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है.

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा. (फोटो: पीटीआई)

सीआईसी ने लवासा की असहमतियों को सार्वजनिक न करने के चुनाव आयोग के फैसले को बरकार रखा

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने लोकसभा चुनाव के दौरान पांच मौकों पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह को चुनाव आयोग द्वारा दी गई क्लीन चिट का विरोध किया था.

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केंद्रीय सूचना आयुक्त का पद फिर हुआ खाली, कुल पांच रिक्तियां, 34,500 मामले लंबित

साल 2014 के बाद से ये चौथा मौका है जब फिर से मुख्य सूचना आयुक्त का पद खाली हुआ है लेकिन अभी तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई है. आयोग में कुल पांच पद खाली हैं जिसमें से चार पद नवंबर 2018 से खाली पड़े हुए हैं.

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चंदा देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की मांग करने वालों के नाम बताए केंद्र: सीआईसी

इस विषय को लेकर दायर किए गए आरटीआई आवेदन पर सही से कार्रवाई नहीं करने को लेकर सीआईसी ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग, आर्थिक कार्य विभाग तथा राजस्व विभाग और चुनाव आयोग को कारण बताओं नोटिस जारी किया है.

(फोटो: पीटीआई/विकिपीडिया)

सीजेआई के इस दावे में कितनी सच्चाई है कि आरटीआई का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए हो रहा है?

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दावा किया कि आरटीआई का इस्तेमाल लोग ब्लैकमेलिंग के लिए कर रहे हैं. हालांकि ख़ुद केंद्र सरकार ने पिछले साल लोकसभा में बताया था कि बड़े स्तर पर आरटीआई के दुरुपयोग का कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

केंद्र और राज्य सरकारें तीन महीने के भीतर सूचना आयुक्त नियुक्त करें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देते हैं कि नियुक्तियां करना शुरू कर दें. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह दो हफ्ते के भीतर उस खोज समिति के सदस्यों के नाम सरकारी वेबसाइट पर डालें, जिन्हें सीआईसी के सूचना आयुक्त चुनने की ज़िम्मेदारी दी गई है.

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सीबीआई भ्रष्टाचार मामलों में सूचना से इनकार के लिए आरटीआई में छूट की आड़ नहीं ले सकती: सीआईसी

सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सहमत है और सूचना देने से इनकार के लिए आरटीआई कानून की धारा 24 का सहारा नहीं लिया जा सकता है.