Chief Minister Yogi Adityanath

(फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेश: कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से आ रहे लोगों की अनिवार्य जांच के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों, होली सहित अन्य पर्वों तथा पंचायत चुनाव के मद्देनज़र सभी ज़िलों को अत्यधिक सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया है. किसी भी प्रकार का जुलूस प्रशासन की अनुमति के बाद ही निकाला जा सकेगा. सुरक्षित दूरी का पालन कराने और सार्वजनिक स्थान पर मास्‍क लगाने जैसे दिशा निर्देशों का पालन कराने का निर्देश दिया है.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: सेप्टिक टैंक के लिए खोदे गड्ढे में गिरे किशोर को बचाने की कोशिश में पांच की मौत

घटना आगरा ज़िले के फतेहाबाद में हुई, जहां एक किशोर सेप्टिक टैंक के लिए बनाए गए गड्ढे में गिर गया था, जिसे बचाने के लिए उसके तीन भाइयों समेत चार लोग गड्ढे में उतरे और बेहोश हो गए. जिला प्रशासन के अनुसार मौत की वजह टैंक से निकलने वाली ज़हरीली गैस हो सकती है.

योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

प्रदर्शनकारियों से नुकसान की वसूली के लिए उत्तर प्रदेश विधान परिषद में भी विधेयक पारित

लोक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली विधेयक के तहत यदि कोई भी प्रदर्शनकारी सरकारी या निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने का दोषी पाया जाता है तो उसे एक साल की सज़ा या 5,000 रुपये से एक लाख तक के जुर्माने का सामना करना होगा.

हत्या के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी का रिश्तेदार ललित शर्मा. (फोटो साभार: ट्विटर/@hathraspolice)

उत्तर प्रदेश: ज़मानत पर छूटे छेड़छाड़ के आरोपी ने कथित तौर पर युवती के पिता की हत्या की

उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले का मामला है. पुलिस ने बताया कि जिस आदमी की मौत हुई है. उन्होंने जुलाई, 2018 में मुख्य आरोपी गौरव शर्मा के ख़िलाफ़ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया था. आरोपी जेल गया था, लेकिन उसके एक महीने बाद से वह ज़मानत पर है. हत्या के संबंध में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है.

(फोटो साभार: एएनआई)

उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर में ज़हरीली शराब पीने से पांच की मौत, 16 लोग बीमार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले के सिकंदराबाद क्षेत्र का मामला है. मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. मामले में सिकंदराबाद के थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों और आबकारी निरीक्षक, प्रधान आबकारी सिपाही तथा दो अन्‍य आबकारी सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है.

उत्तर प्रदेश के दिगंबर जैन कॉलेज में जैन प्रतिमा के पास इकट्ठा एबीवीपी कार्यकर्ता. (वीडियो स्क्रीनग्रैब: @djohninc)

उत्तर प्रदेश: जैन प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वाले एबीवीपी के चार कार्यकर्ताओं की सदस्यता रद्द

बीते 22 दिसंबर को बड़ौत के दिगंबर जैन कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चार सदस्यों ने श्रुतदेवी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसके बाद संगठन ने माफ़ी मांगी थी. इन चारों के ख़िलाफ़ दंगा करने सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

अयोध्या स्थित केएस साकेत डिग्री कॉलेज. (फोटो साभार: फेसबुक)

अयोध्या: प्रिंसिपल ने ‘ले के रहेंगे आज़ादी’ को देशविरोधी बताया, छात्रों पर राजद्रोह का केस

उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में स्थित केएस साकेत डिग्री कॉलेज का मामला. कॉलेज प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि 16 दिसंबर को परिसर में ‘ले के रहेंगे आजादी’ जैसे अभद्र और देशविरोधी नारे लगाए गए. छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव न कराए जाने का विरोध कर रहे थे.

सफाईकर्मियों की नियुक्ति को लेकर भदोही में धरने पर बैठे अभ्यर्थी. (फोटो: ट्विटर/@vshankarsingh)

उत्तर प्रदेश: भदोही में 64 दिनों से आंदोलनरत सफ़ाईकर्मी, 12 साल में एक भी नियुक्ति नहीं हुई

साल 2008 में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सफ़ाईकर्मियों की भर्ती शुरू हुई थी, लेकिन भदोही ज़िले में चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण प्रक्रिया रोक दी गई थी. अभ्यर्थियों द्वारा फ़िर इलाहाबाद हाईकोर्ट याचिका दायर की गई. जिसके बाद साल 2014 में शासन ने इस प्रक्रिया को निरस्त कर चयन पर रोक लगा दी थी.

योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: किसान नेताओं पर किसानों को भड़काने का आरोप, 50 लाख रुपये का बॉन्ड भरने का नोटिस

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, भाकियू नेताओं सहित किसान नेता किसानों को उकसा रहे हैं व झूठी ख़बरें फैला रहे हैं, जिससे इलाके में शांति भंग हो सकती है. नेताओं ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वे बैठकों के माध्यम से लोगों को नए कृषि क़ानून समझा रहे हैं. उन्होंने बॉन्ड भरने के नोटिस को उत्पीड़न क़रार दिया है.

Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath talks on a phone during an event, in Lucknow on Monday, Aug 6, 2018. (PTI Photo) (PTI8_6_2018_000127B)

पुलिस पर हमले के आरोपी भाजपा नेताओं और अन्य के ख़िलाफ़ योगी सरकार ने केस वापस लिया

साल 2007 में दो सड़क दुर्घटनाओं में आठ लोगों की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर हमला करने और पुलिस की एक जीप जला देने के मामले में 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें भाजपा नेता और रामपुर में मिलक नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष दीक्षा गंगवार और उनके पति नरेंद्र सिंह गंगवार भी शामिल थे.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

मुख्यमंत्री को धमकी देने के आरोप में 15 वर्षीय बच्चे को यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया

उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले का मामला. पुलिस ने कहा है कि नाबालिग को लखनऊ में एक जुवेनाइल होम में रखा गया है. नाबालिग पर डायल 112 हेल्पलाइन नंबर पर वॉट्सऐप के ज़रिये धमकी भरा संदेश भेजने का आरोप है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: बलात्कार की कथित फ़र्ज़ी ख़बर चलाने के आरोप में दो पत्रकारों पर एफआईआर

उत्तर प्रदेश फतेहपुर ज़िले के एक गांव में बीते 16 नवंबर को दो नाबालिग दलित बहनों के शव एक तालाब में मिले थे. पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि दोनों की मौत डूबने से हुई, जबकि परिजन इस रिपोर्ट को ग़लत ठहरा रहे हैं. पत्रकारों ने उनके साथ बलात्कार होने का दावा किया था.

(फोटो: द वायर)

मोदी सरकार प्रेस की आज़ादी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध, इसकी आवाज़ कुचलने वालों के ख़िलाफ़: अमित शाह

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शीर्ष नेताओं ने स्वतंत्र प्रेस को ‘लोकतंत्र की आत्मा’ बताया और कहा कि प्रेस की आज़ादी पर किसी भी प्रकार का हमला राष्ट्रीय हितों के लिए नुकसानदेह है और हर किसी को इसका विरोध करना चाहिए.

(फोटो साभार: IndiaRail Info)

उत्तर प्रदेश: संदिग्ध परिस्थितियों में पत्रकार की मौत, आरोपी महिला दरोगा और सिपाही निलंबित

12 नवंबर को उन्नाव में 22 वर्षीय पत्रकार सूरज पांडेय का शव रेल पटरियों के पास मिला था. उनकी मां की तहरीर पर एक महिला दरोगा और सिपाही के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

प्रेस की आज़ादी पर एडिटर्स गिल्ड ने योगी आदित्यनाथ को लिखा, जेल में बंद पत्रकारों को छोड़ने को कहा

योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में एडिटर्स गिल्ड ने कहा कि मुंबई में एक संपादक की गिरफ़्तारी पर उन्होंने प्रेस की स्वतंत्रता की बात उठाकर सही किया, लेकिन उत्तर प्रदेश में पत्रकारों को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने की और भी तकलीफदेह घटनाएं हुई हैं, साथ ही पत्रकारों को उनका काम करने से रोका गया है.