Child Marriage

बाल विवाह के चलते विश्व में रोज़ 60 व दक्षिण एशिया में 6 से अधिक लड़कियों की मौत: रिपोर्ट

सेव द चिल्ड्रन द्वारा ‘ग्लोबल गर्लहुड रिपोर्ट 2021: संकट में लड़कियों के अधिकार’ में कहा गया है कि बाल विवाह के कारण गर्भधारण और बच्चे को जन्म देने की वजह से हर साल तक़रीबन 22,000 लड़कियों की मौत हो रही है.

राजस्थान: गहलोत सरकार ने वापस लिया विवादित विवाह पंजीकरण संशोधन क़ानून

राजस्थान अनिवार्य विवाह पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2021 को लेकर चिंता ज़ाहिर की गई थी कि यह बाल विवाह को वैध कर देगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस विधेयक को अध्ययन के लिए क़ानूनविदों को दिया जाएगा और उनकी सलाह के आधार पर इसे आगे बढ़ाने या न बढ़ाने का फ़ैसला किया जाएगा.

कोविड-19 के दौरान भारत में हर दिन बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के 350 से अधिक मामले दर्ज किए गए

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों को विश्लेषण कर चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) ने कहा कि हालांकि बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों की कुल संख्या में गिरावट आई है, लेकिन बाल विवाह के मामलों में 50 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है, जबकि एक वर्ष में ऑनलाइन दुर्व्यवहार के मामलों में 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

राजस्थान का विवाह पंजीकरण संशोधन विधेयक बाल विवाह को वैध ठहराता है: एनसीपीसीआर

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र को पत्र लिखकर कहा कि वह इस बात से आशंकित है कि विवाह पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2021 नाबालिगों के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शिक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है.

राजस्थान: विवाह पंजीकरण क़ानून में संशोधन, भाजपा ने बाल विवाह को जायज़ ठहराने का आरोप लगाया

भाजपा ने राजस्थान अनिवार्य विवाह पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2021 को काला क़ानून बताते हुए दावा किया कि इससे बाल विवाह वैध हो जाएंगे. हालांकि राजस्थान की कांग्रेस सरकार का कहना है कि क़ानून के तहत सिर्फ़ पंजीकरण की अनुमति दी गई है, इसका मतलब ये नहीं कि शादियां वैध हो जाएंगी.

विश्व में कुल बाल वधुओं में से आधी भारत सहित पांच देशों में: यूनिसेफ

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूनिसेफ के रिपोर्ट के मुताबिक, दशक के अंत से पहले एक करोड़ अतिरिक्त बाल विवाह हो सकते हैं. इससे इस प्रथा को कम करने की वर्षों की प्रगति को ख़तरा उत्पन्न हो सकता है. दुनिया में आज अनुमानित 65 करोड़ लड़कियों और महिलाओं का विवाह बचपन में हुआ है. इनमें से आधी संख्या बांग्लादेश, ब्राज़ील, इथियोपिया, भारत और नाइज़ीरिया में है.

बिहार, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा में 40 फ़ीसदी महिलाओं का विवाह 18 साल से कम उम्र में हुआ: सर्वे

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के सर्वे से पता चला है कि आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल में 15 वर्ष से 19 वर्ष की आयुवर्ग में सबसे ज़्यादा संख्या में महिलाएं या तो मां बन चुकी थीं या गर्भवती थीं.

महिलाओं की शादी की उम्र बढ़ाने के लिए दिए जा रहे तर्क निराधार और विवेकहीन हैं

केंद्र सरकार द्वारा लड़कियों की शादी की क़ानूनन उम्र 18 से बढ़ाकर 21 करने के लिए कम उम्र की मांओं और उनके शिशु की सेहत से जुड़ी समस्याओं को वजह बताया जा रहा है. पर उनकी ख़राब सेहत की मूल वजह ग़रीबी और कुपोषण है. अगर वे ग़रीब और कुपोषित ही रहती हैं, तो शादी की उम्र बदलने पर भी ये समस्याएं बनी रहेंगी.

::STANDALONE PHOTO PACKAGE:: Udaipur: Shanta (10), Meena (15), Champa (12) and Pushpa (16) in a light mood after a friendly match at village Mota Bhata in Udaipur. An NGO, Vikalp Sansthan, is training girls of this Bhil tribe in volleyball; in an attempt to try and pull them out of their homes and making them comfortable not just in the open fields of the village area but also with their own selves. The girls from this extremely remote area of Rajasthan have found a means of self expression through this simple game. International Women's Day observed on March 8th, has 'Press for Progress', which promotes gender parity as it theme this year. PTI Photo by Rohit Jain(PTI3_7_2018_000136B)

सरकार ने लड़कियों के लिए शादी की न्यूनतम उम्र में बदलाव के संकेत दिए

स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र पर पुनर्विचार करने के लिए एक समिति गठित की है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेगी. वर्तमान में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है.

साल 2018 में देश में बाल विवाह के 501 मामले सामने आए: केंद्र सरकार

साल 2016 से 2018 के बीच देश में बाल विवाह के आंकड़ों में बढ़ोतरी. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि 2016 में बाल विवाह के 326, 2017 में 395 और 2018 में 501 मामले दर्ज किए गए.

वर्ष 2013 से 2017 के बीच बाल विवाह के क़रीब 1,500 मामले सामने आए: सरकार

महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बाल विवाह से जुड़े पांच वर्षों का आंकड़ा प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार ऐसे मामलों की सर्वाधिक संख्या वर्ष 2017 में थी, जब 395 ऐसे विवाह हुए.

भारत में 32 फीसदी लड़कियां 15-19 साल की उम्र में बनीं मां: रिपोर्ट

एनसीपीसीआर और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से पेश की रिपोर्ट के मुताबिक बाल विवाह के संदर्भ में राजस्थान, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम, बिहार और झारखंड के कई जिलों पर विशेष नीतिगत ध्यान देने की जरूरत है.

बाल विवाह पीड़िताओं ने पत्र से बताई व्यथा, हैदराबाद हाईकोर्ट ने पत्र को पीआईएल में बदला

हाईकोर्ट ने कहा कि उनके लिए कोई आश्रय गृह नहीं हैं इसलिए बाल विवाह की क़ैद से मुक्त होने के बाद भी वे अपने ससुराल जाने के लिए बाध्य होती हैं. जहां उन्हें हिंसा और अत्याचार सहना पड़ता है.