Children

Prayagraj: Migrants wait to board buses to reach their native places after arriving via special train, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Tuesday, May 26, 2020. (PTI Photo) (PTI26-05-2020 000040B)

कोरोना वायरस महामारी 2020 के अंत तक 8.6 करोड़ बच्चों को ग़रीबी में धकेल सकती है: रिपोर्ट

यूनिसेफ और मानवतावादी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रेन’ के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि यदि महामारी के कारण होने वाली वित्तीय कठिनाइयों से परिवारों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो कम और मध्यम आय वाले देशों में ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले बच्चों की कुल संख्या वर्ष के अंत तक 67.2 करोड़ तक पहुंच सकती है.

Mumbai: Migrant families from various states arrive at Lokmanya Tilak Terminus to board a train to reach their native places, during the ongoing nationwide COVID-19 lockdown, in Mumbai, Wednesday, May 20, 2020. (PTI Photo/Kunal Patil) (PTI20-05-2020_000182B)

लॉकडाउन: घर लौट रहे प्रवासियों के बच्चों की मुश्किलें; कोई भूख से तड़प रहा, कोई धूप से परेशान

कोरोना वायरस के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन के दौरान आजीविका खोने के बाद दूसरे राज्यों में फंसे मज़दूर अपने घर वापस लौटने के लिए हर दिन जद्दोजहद कर रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं के चलते हर रोज़ मारे जा सकते हैं छह हज़ार बच्चे: यूनिसेफ

यूनिसेफ ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित बच्चों को मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए 1.6 अरब डॉलर की मदद मांगी है.

फोटो: रॉयटर्स

पांच साल से छोटे करीब 50 फीसदी बच्चों को लॉकडाउन की वजह से नहीं लग सके टीके: सर्वे

चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) के अध्ययन के मुताबिक देश के सभी क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को बड़ा झटका लगा है. हाल ही में यूनिसेफ ने कहा था कि कोरोना वायरस की वजह से वर्तमान में 24 देशों ने टीकाकरण का काम रोक दिया गया है.

Lucknow: Muslim women stage a protest against CAA and NRC near the Ghantaghar in the old city area of Lukcnow, Saturday, Jan. 25, 2020. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI1_25_2020_000145B)

नागरिकता क़ानून: कानपुर में प्रदर्शनकारियों को नोटिस, दो लाख का श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश

कानपुर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पुरुष औरतों को नारेबाज़ी के लिए भड़का सकते हैं या फिर क़ानून व्यवस्था भंग कर सकते हैं. इसलिए नोटिस भेजकर बॉन्ड की राशि भरने को कहा गया है. लखनऊ के घंटाघर में धरनास्थल से बच्चों को हटाने का निर्देश. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

भारतीय जेलों में बंद 67 प्रतिशत कैदी विचाराधीन: एनसीआरबी रिपोर्ट

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, इन कैदियों में 1,649 महिलाएं भी हैं जो अपने 1,942 बच्चों के साथ जेल में रह रहीं हैं.

PTI8_20_2017_000156B

मध्य प्रदेश में 3 बच्चियां जलकर नहीं मरीं, व्यवस्था ने उनकी हत्या की है

यदि सरकारों ने बच्चों की प्रारंभिक देखरेख और सुरक्षा पर ध्यान दिया होता, तो आज राखी, मीनू और सीता ज़िंदा होतीं.

?????????????????????????????????????????????????????????

भारत में लगभग 29 लाख बच्चों को नहीं लग पाता खसरे का टीका: रिपोर्ट

पूरी दुनिया में खसरे की बीमारी से हर साल लगभग 90,000 बच्चों की जान चली जाती है, भारत नाइजीरिया के बाद दूसरे नंबर पर.

Passengers wait in queues to enter a railway station in Mumbai November 13, 2006. Hundreds of thousands of train commuters in India's financial hub were frisked on Monday in a massive drill to check the preparedness of a city that has faced repeated bomb attacks.  REUTERS/Punit Paranjpe  (INDIA)

दुनिया में 1.1 अरब लोगों की नहीं है कोई क़ानूनी पहचान: रिपोर्ट

विश्व बैंक के एक पहचान कार्यक्रम की रिपोर्ट में बताया गया है कि पहचान प्रमाण पत्र के बिना ज़िंदगी बिता रहे लोगों की बड़ी संख्या एशिया और अफ्रीकी महाद्वीप में है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

ख़राब हालात वाले सरकारी स्कूलों को निजी कंपनियों को सौंप देना चाहिए: नीति आयोग

नीति आयोग ने सिफारिश की है कि इस बात संभावना तलाशनी चाहिए कि क्या निजी क्षेत्र प्रति छात्र के आधार पर सार्वजनिक वित्त पोषित सरकारी स्कूल को अपना सकते हैं.

child reuters

आठ सालों में देश में पांच साल की उम्र से पहले ही हुई 1.13 करोड़ बच्चों की मौत

वर्ष 2008 से 15 के बीच हर घंटे औसतन 89 नवजात शिशुओं की मृत्यु होती रही है. 62.40 लाख नवजात शिशुओं की मृत्यु जन्म के 28 दिनों के भीतर हुई.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

46 फ़ीसदी कुपोषित बच्चों वाले उत्तर प्रदेश में सरकार मंदिरों में गाय के दूध का प्रसाद बांटेगी

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, एक साल तक के बच्चों की मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में टॉप पर है. बिहार के बाद सबसे ज़्यादा ठिगने बच्चे उत्तर प्रदेश में ही हैं.

Aradhna Varshil

धर्म का बोझ और बच्चे

आखिर जिन छोटे बच्चों को क़ानून वोट डालने का अधिकार नहीं देता, जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं देता, उन्हें आध्यात्मिकता के नाम पर इस तरह जान जोखिम में डालने की अनुमति कैसे दी जा सकती है?