Clean Ganga

Beawar: Women carry vessels to collect drinking water on a hot summer day in Beawar, Rajasthan, Thursday, June 6, 2019. (PTI Photo)(PTI6_6_2019_000083B)

जल संकट के कगार पर राजस्थान, कभी भी ख़त्म हो सकता है भूजल

राजस्थान सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 33 ज़िलों को भूजल के हिसाब से कुल 295 ब्लॉक में बांटा गया है, जिनमें से 184 ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में आ गए हैं. इसका मतलब है कि आधे से ज़्यादा राज्य में ज़मीनी पानी कभी भी समाप्त हो सकता है.

New Delhi: A view of foam-covered water, as a result of pollution, as seen from the banks of river Yamuna, near Kalindi Kunj in New Delhi, on Monday. According to the UN, the theme for World Water Day 2018, observed on March 22, is ‘Nature for Water’ – exploring nature-based solutions to the water challenges we face in the 21st century. PTI Photo by Ravi Choudhary(PTI3_21_2018_000117B)

पानी साफ करने के इंतजाम के अभाव में नदियां हो रहीं दूषित, कई राज्यों की स्थिति चिंताजनक

पर्यावरण मंत्रालय ने संसद में बताया कि केंद्रीय भूजल बोर्ड ने विभिन्न राज्यों में फ्लोराइड, आर्सेनिक, नाइट्रेट और आयरन सहित अन्य हानिकार​क धातुओं की भूजल में निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा पाए जाने की पुष्टि की है.

इलाहाबाद में गंगा नदी. (फोटो: रॉयटर्स)

बजट 2019: पिछले साल की तुलना में इस साल गंगा सफाई के बजट में 1500 करोड़ की कटौती

इस साल मई तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विभिन्न परियोजनाओं के लिए 28,451 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई, लेकिन उनमें से केवल 25 फीसदी राशि ही ख़र्च की जा सकी.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

गंगा नदी का पानी पीने और नहाने योग्य नहीं: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के हालिया आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक गंगा नदी का पानी पीने एवं नहाने योग्य नहीं है. बोर्ड द्वारा जारी एक मानचित्र में नदी में ‘कोलीफॉर्म’ जीवाणु का स्तर बहुत बढ़ा हुआ दिखाया गया है.

गंगा नदी (फोटो: रॉयटर्स)

गंगा में एक बूंद प्रदूषण भी चिंता का विषय है: एनजीटी

एनजीटी ने कहा, ‘गंगा की स्वच्छता को धन उगाही और व्यावसायिक व औद्योगिक धंधे के भेंट नहीं चढ़ाया जा सकता है. कोई व्यक्ति भी यदि गंगा को प्रदूषित करता है तो उसे कानून के अधीन दंडित किया जाना चाहिए.’

Varanasi Ghat Reuters

बीते पांच सालों में कितना बना-बिगड़ा बनारस

ग्राउंड रिपोर्ट: 2014 में वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद बने नरेंद्र मोदी एक बार फिर यहां से चुनावी मैदान में उतरे हैं. उनके कार्यकाल और बनारस में हुए बदलावों के बारे में क्या सोचती है बनारस की जनता?

Gopal Das

133 दिन से लापता संत गोपाल दास लौटे, कहा- क्या गंगा ने मोदी को नदी मैली करने के लिए बुलाया था

साक्षात्कार: गंगा सफाई के लिए लंबे समय तक अनशन करने वाले संत गोपाल दास पांच दिसंबर 2018 को लापता हो गए थे. करीब 133 दिन बाद पास वापस लौटने पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर उन्हें प्रताड़ित किया गया और एम्स प्रशासन ने अस्पताल से निकालकर उन्हें मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया था.

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द वायर बुलेटिन: नागरिकता के बारे में शिकायत के बाद गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा

गंगा सफाई के लिए मिली राशि पर मोदी सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये का ब्याज कमाने समेत दिनभर की महत्वपूर्ण खबरें

Narendra Modi Ganga Kumbh Insta Featured

मैली रही गंगा, लेकिन इससे जुड़े विज्ञापन पर मोदी सरकार ने ख़र्च किए करोड़ों रुपये

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: एक आरटीआई के जरिए पता चला है कि मोदी सरकार ने गंगा से जुड़े विज्ञापनों पर 2014 से लेकर 2018 के बीच 36.47 करोड़ रुपये ख़र्च किए.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi performing the Ganga Pujan, at Prayagraj, in Uttar Pradesh on December 16, 2018.
The Chief Minister of Uttar Pradesh, Shri Yogi Adityanath is also seen.

गंगा सफाई के लिए मिली राशि पर मोदी सरकार ने कमाया 100 करोड़ रुपये का ब्याज

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले मार्च 2014 तक गंगा सफाई के लिए बनी संस्था नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा को मिले अनुदान और विदेशी लोन पर सरकार को करीब सात करोड़ रुपये का ब्याज मिला था. लेकिन मार्च 2017 तक आते-आते यह राशि बढ़कर 107 करोड़ रुपये हो गई.

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द वायर बुलेटिन: क्लीन गंगा फंड की 80 फीसदी से अधिक राशि अब तक ख़र्च नहीं हुई

बिहार में एसडीएम से बदसलूकी पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज होने समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

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क्लीन गंगा फंड की 80 फीसदी से अधिक राशि अब तक ख़र्च नहीं हुई

द वायर द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली क्लीन गंगा फंड के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की समय पर बैठक नहीं होने की वजह से गंगा सफाई के लिए परियोजनाओं की स्वीकृति और पैसे ख़र्च नहीं हो पा रहे हैं.

प्रतीकात्मक फोटो पीटीआई

पर्यावरण को लेकर गंभीर नहीं पार्टियां, केवल सत्ता हासिल करने की होड़: जलपुरुष राजेंद्र सिंह

राजनेताओं के चहेते राहतकोष, जलप्रबंधन व जलवायु प्रबंधन योजना के नाम पर अपनी जेब भरते रहेंगे. ‘नमामि गंगे’ जैसी भ्रष्टाचारी प्रदूषण नियंत्रण योजनाएं बनाते रहेंगे. राजनैतिक दलों के घोषणापत्र दिखावा करके वोट लेने वाला भ्रमजाल फैलाते रहेंगे. जो जितना या ज्यादा झूठ सफाई से बोलेगा वो उतनी ही वोटों की कमाई अपने लिए कर लेगा.

Allahabad: Prime Minister Narendra Modi takes a holy dip at Sangam during Kumbh Mela, in Allahabad, Sunday, Feb 24, 2019. PTI Photos

झूठ बोलने और धोखा देने वालों को गंगा जी दंडित करती हैं: जलपुरुष राजेंद्र सिंह

साल 2014 में नरेंद्र मोदी ने कहा था, ‘मैं गंगा का बेटा हूं, गंगा ने मुझे बुलाया है. गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए काम करूंगा.’ पांच साल बीत गये, लेकिन इस सरकार ने गंगा जी की निर्मलता-अविरलता हेतु कुछ भी काम नहीं किया है. जैसे गंगा जी पहले मैली थीं, अब उससे भी ज्यादा मैली हो गई हैं.

Dheeraj Pic

नमामि गंगे के तहत श्मशान घाट बनाने में ख़र्च पर बतौर मंत्री उमा भारती ने उठाए थे सवाल

द वायर एक्सक्लूसिव: उमा भारती द्वारा इस दिशा में चिंता जाहिर करने के बावजूद मोदी सरकार ने घाट एवं श्मशान घाट से संबंधित योजनाओं के लिए 966 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है. ये राशि शुरुआत में आवंटित की गई धनराशि से दोगुनी से भी ज़्यादा है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi performing the Ganga Pujan, at Prayagraj, in Uttar Pradesh on December 16, 2018. The Chief Minister of Uttar Pradesh, Shri Yogi Adityanath is also seen.

गंगा सफाई के लिए बनी मंत्रालय स्तर की सर्वोच्च समिति की नहीं हो रही बैठक

कैग और भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति समेत कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा गंगा सफाई को लेकर चिंता जताने के बाद भी गंगा पर बनी समितियों की बैठक न करना नरेंद्र मोदी सरकार के गंगा सफाई के दावे पर सवालिया निशान खड़ा करता है.

Patna: Devotees take a holy dip in River Ganga on the first day of the Navratri festival in Patna, Wednesday, Oct 10, 2018. (PTI Photo) (PTI10_10_2018_000028B)

एनजीटी ने महत्वपूर्ण स्थलों पर गंगा जल की गुणवत्ता मासिक आधार पर सार्वजनिक करने को कहा

एनजीटी ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह भी बताने का निर्देश दिया है कि गंगा का पानी नहाने और पीने योग्य है या नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

गंगा सफाई के लिए बनी मोदी की अध्यक्षता वाली समिति की अब तक एक भी बैठक नहीं हुई

द वायर एक्सक्लूसिव: गंगा की सफाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय गंगा परिषद की आज तक एक भी बैठक नहीं हुई. नियम है कि परिषद की साल में एक बैठक ज़रूर होनी चाहिए.

गंगा नदी (फोटो: पीटीआई)

गंगा के लिए बिना कुछ किए प्रचार करने के मास्टर आदमी हैं मोदी: राजेंद्र सिंह

गंगा के लिए काम करने वाले मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह से धीरज मिश्रा की बातचीत.

संत गोपाल दास. (फोटो साभार: फेसबुक)

गंगा सफाई के लिए आंदोलन कर रहे संत गोपाल दास लापता, चार दिन बाद भी कोई जानकारी नहीं

संत गोपाल दास पिछले 24 जून से आंदोलनरत हैं और इस दौरान तबियत बिगड़ने पर उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. गोपाल दास के सहयोगियों का आरोप है कि वे लापता नहीं हुए हैं बल्कि उन्हें लापता कराया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल. (फोटो: पीटीआई)

पीएमओ में दो महीने तक पड़ी रहीं जीडी अग्रवाल की चिट्ठियां, नहीं हुई कार्रवाई: आरटीआई

पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल गंगा सफाई के लिए 112 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे. बीते 11 अक्टूबर को उनका निधन हो गया. गंगा को लेकर अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन बार पत्र लिखा था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

Haridwar: In this photo dated Oct 10, 2018, is seen environmentalist G D Agarwal, who was on fast unto death since June 22 for a clean River Ganga, being forcibly taken to the hospital after his health detriorated in Haridwar. Agarwal passed away on Thursday, Oct 11, 2018 at AIIMS Rishikesh following a heart attack. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000109)

प्रो. जीडी अग्रवाल के शव पर विवाद, हाईकोर्ट द्वारा अंतिम दर्शन का आदेश, सुप्रीम कोर्ट ने रोका

गंगा सफाई के लिए अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् प्रो. जीडी अग्रवाल के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को लेकर विवाद शुरू हो गया है. उन्होंने अपना शरीर एम्स को दान में दे दिया था. उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन को लेकर विवाद कोर्ट तक पहुंच गया है.

Haridwar: In this photo dated Oct 10, 2018, is seen environmentalist G D Agarwal, who was on fast unto death since June 22 for a clean River Ganga, being forcibly taken to the hospital after his health detriorated in Haridwar. Agarwal passed away on Thursday, Oct 11, 2018 at AIIMS Rishikesh following a heart attack. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000109)

सत्ताधीश ‘नमामि गंगे’ का सब्ज़बाग दिखाते रहे और प्रो. जीडी अग्रवाल की बलि चढ़ गई

पर्यावरणविद् प्रो. जीडी अग्रवाल ने 100 से ज़्यादा दिनों तक अपना अनशन जारी रखा तो सिर्फ इसलिए क्योंकि सरकारों की असंवेदनशीलता के बावजूद उनके दिलोदिमाग में लोकतंत्र को लेकर कोई न कोई उम्मीद ज़रूर बाकी रही होगी. उनके जाने का दुख इस अर्थ में कहीं ज़्यादा सालता है कि ऐसा अनशन के अस्त्र के प्रणेता महात्मा गांधी के जन्म के एक 150वें वर्ष में हुआ है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल. (फोटो: पीटीआई)

जीडी अग्रवाल के जीवित रहते मोदी ने उनके पत्र का नहीं दिया जवाब, अब दे रहे हैं श्रद्धांजलि

पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने छोटे भाई के रूप में संबोधित करते हुए गंगा सफाई के लिए तीन बार पत्र लिखा था. लेकिन उन्हें एक भी पत्र का कोई जवाब नहीं मिला.

Haridwar: In this photo dated Oct 10, 2018, is seen environmentalist G D Agarwal, who was on fast unto death since June 22 for a clean River Ganga, being forcibly taken to the hospital after his health detriorated in Haridwar. Agarwal passed away on Thursday, Oct 11, 2018 at AIIMS Rishikesh following a heart attack. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000109B)

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे जीडी अग्रवाल के वो तीन पत्र, जिसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया

पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल ने गंगा नदी की सफाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन बार पत्र लिखा था. लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.

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​जन गण मन की बात, एपिसोड 316: दिल्ली के स्कूल में हिंदू-मुस्लिम भेदभाव और जीडी अग्रवाल

जन गण मन की बात की 316वीं कड़ी में विनोद दुआ दिल्ली के एक स्कूल में हिंदू और मुस्लिम छात्रों को अलग-अलग बैठाने और पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल के निधन पर चर्चा कर रहे हैं.

Haridwar: Environmentalist G D Agarwal, who has been fasting for over 100 days for a clean River Ganga, being forcibly taken to the hospital after his health detriorated in Haridwar, Wednesday, Oct 10, 2018. (PTI Photo) (PTI10_10_2018_000143B)

गंगा सफाई को लेकर 112 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल का निधन

पिछले 22 जून से जीडी अग्रवाल गंगा सफाई की मांग को लेकर ‘आमरण अनशन’ पर बैठे हुए थे. उनकी मांग थी कि गंगा और इसकी सह-नदियों के आस-पास बन रहे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण को बंद किया जाए.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 315: नितिन गडकरी का बयान और जीडी अग्रवाल की भूख हड़ताल

जन गण मन की बात की 315वीं कड़ी में विनोद दुआ नितिन गडकरी के चुनावों में किए गए वादों पर बयान और गंगा एक्ट लाने के पक्ष में जीडी अग्रवाल के 110 दिनों से भूख हड़ताल पर चर्चा कर रहे हैं.

गंगा नदी (फोटो: रॉयटर्स)

वर्ल्ड वाइड फंड की रिपोर्ट में दावा, गंगा है दुनिया की सबसे संकटग्रस्त नदी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के गंगा सफाई को लेकर तमाम दावों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर के एनजीओ वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) का दावा है कि गंगा विश्व की सबसे अधिक संकटग्रस्त नदियों में से एक है क्योंकि लगभग सभी दूसरी भारतीय नदियों की तरह गंगा में लगातार पहले बाढ़ और फिर सूखे की स्थिति पैदा हो रही है.