Congress Manifesto

Right to Information. Illustration-The Wire

सभी राजनीतिक दलों को आरटीआई क़ानून को बचाने का संकल्प लेना चाहिए

केंद्र और राज्यों में सूचना आयोग स्वतंत्र होने चाहिए. रीढ़विहीन बाबुओं को यह अनुमति नहीं दी जानी चाहिए कि वे आयोग को भी रीढ़विहीन बना दें. लोकसभा चुनाव में उतर रहे राजनीतिक दलों को केंद्रीय सूचना आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए.

Media Bol 94

मीडिया बोल: चुनाव में कश्मीर- सत्ता का सच या नेता का झूठ

भाजपा और कांग्रेस दोनों के घोषणा-पत्र में कश्मीर को लेकर वादे किए गए हैं. जहां भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा, वहीं कांग्रेस ने कश्मीर समस्या के समाधान की बात की. मीडिया बोल की इस कड़ी में उर्मिलेश कश्मीर को लेकर किए इन वादों पर फिल्मकार संजय काक और वरिष्ठ पत्रकार सैयद नज़ाकत हसन से चर्चा कर रहे हैं.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi celebrating the Diwali with the jawans of  the Indian Army and BSF, in the Gurez Valley, near the Line of Control, in Jammu and Kashmir, on October 19, 2017.

भाजपा को आतंकवाद और राष्ट्रवाद पर गाल बजाना बंद करना चाहिए

कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र में आफ्स्पा और राजद्रोह क़ानून में बदलाव की बात कही है, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि आफ्स्पा में सुधार से सेना का मनोबल गिरेगा. सोचने वाली बात है कि अगर सैनिकों के अधिकारों पर यह सीमा तय हो कि किसी भी नागरिक को सिर्फ शक़ के बिना पर मारने, गायब करने या किसी महिला के साथ यौन हिंसा की शिक़ायत होने पर उन्हें क़ानूनी संरक्षण नहीं मिलेगा तो इसमें सेना का मनोबल कैसे गिरेगा?

New Delhi: Union Home Minister Rajnath Singh addresses the National Traders Conclave at Constitution Club, in New Delhi on Monday, July 23, 2018. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_23_2018_000049B)

हमारा बस चले तो ऐसा राजद्रोह क़ानून बनाएंगे कि लोगों की रूह कांप उठे: राजनाथ सिंह

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर राज्य के लिए अलग प्रधानमंत्री की उनकी मांग को लेकर हमला करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं इन नेताओं को बताना चाहता हूं कि यदि आप ऐसी मांगें जारी रखते हैं, तो हमारे पास संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.

Congress President Rahul Gandhi with senior party leaders Sonia Gandhi and Manmohan Singh release party's manifesto for Lok Sabha polls 2019 in New Delhi on 2 April 2019. (Photo | PTI)

कांग्रेस का घोषणा-पत्र: चाय पर चर्चा से भली आय पर चर्चा

कांग्रेस का घोषणा-पत्र कम से कम इस अर्थ में बहुत सार्थक है कि तात्कालिक रूप से ही सही, देश के राजनीतिक विमर्श की दशा व दिशा बदलने के संकेत मिल रहे हैं.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi, senior party leaders Sonia Gandhi, AK Antony and Congress General Secretary K C Venugopal release party's manifesto for Lok Sabha polls 2019, in New Delhi, Tuesday, April 02, 2019. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI4_2_2019_000041B)

कांग्रेस का घोषणा पत्र: राजद्रोह क़ानून ख़त्म होगा, मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ बनेगा क़ानून

कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए गरीबों को 72 हज़ार रुपये सालाना देने और किसानों के लिए अलग बजट के प्रावधान का वादा किया. पार्टी ने क़र्ज़ न चुका पाने वाले किसानों के ख़िलाफ़ फौजदारी नहीं, दीवानी अपराध का केस दर्ज करने की बात कही है.

Bhopal: Social activist Medha Patkar addresses a press conference to draw attention towards conservation of river Narmada and farmers’ issue during a Jan Adalat, in Bhopal on Monday, June 04, 2018. (PTI Photo) (PTI6_4_2018_000060B)

मध्य प्रदेश में भाजपा ने घोषणा पत्र में नर्मदा के विस्थापितों को शामिल ही नहीं किया: मेधा पाटकर

नर्मदा बचाओ आंदोलन की कार्यकर्ता मेधा पाटकर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस द्वारा जारी घोषणा पत्रों का विश्लेषण कर रही हैं.