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मोदी सरकार में भारत निर्वाचित अधिनायकवाद में तब्दील हो गया है: कांग्रेस कार्य समिति

कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से कहा गया है कि मीडिया को झूठे मामलों में फंसाकर और छापे मारकर अपने वश में करने के लिए धमकाया गया. ग़ैर-सरकारी संगठनों को धमकाया गया और उनकी कल्याणकारी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई. लोगों की आवाज़ दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का व्यापक रूप से दुरुपयोग किया गया है.

नए यथार्थ को स्वीकार करते हुए बुनियादी मूल्यों पर टिके रहकर ही कांग्रेस दोबारा खड़ी हो सकती है

कांग्रेस अब भी राष्ट्रीय राजनीति में मायने रखती है, लेकिन उसे वक़्त के हिसाब से ख़ुद को नया रूप देते हुए धर्मनिरपेक्षता पर ध्यान केंद्रित करना होगा.

क्या गांधी परिवार कांग्रेस अध्यक्ष पद से दूर रह सकता है…

गांधी परिवार मौजूदा स्थिति में कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ना नहीं चाहता क्योंकि राजनीतिक रूप से यह परिवार बहुत कमज़ोर स्थिति में हैं और अगर इस वक़्त पार्टी हाथ से निकल गई, तो इसके परिणाम दूरगामी होंगे.

कोविड संकट के चलते कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव अस्थायी तौर पर स्थगित

कांग्रेस कार्य समिति ने महामारी के हालात सुधरने तक जून में प्रस्तावित पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव को अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया है. वहीं पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि हालिया चुनावी विफलताओं की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जो जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

दिल्ली कांग्रेस ने प्रस्ताव पारित कर राहुल गांधी से पार्टी अध्यक्ष बनने का अनुरोध किया

बीते दिनों कांग्रेस ने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद कहा था कि इस जून में पार्टी का नया अध्यक्ष निर्वाचित होगा. अब दिल्ली कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के अलावा दो अन्य प्रस्तावों में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग की गई.

कार्य समिति की बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा- जून 2021 में निर्वाचित होगा नया अध्यक्ष

पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में वॉट्सऐप चैट, कृषि क़ानूनों और कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ टीकाकरण के मुद्दों को लेकर तीन अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए गए.

सोनिया गांधी ने पत्र लिखने वाले 23 नेताओं के साथ की बैठक, राहुल की वापसी के संकेत नहीं

कांग्रेस का पूर्ण अध्यक्ष चुनने के लिए चुनाव से पहले अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की. बीते अगस्त माह में लिखे गए इस पत्र में पूर्णकालिक एवं ज़मीनी स्तर पर सक्रिय अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग की गई थी.

कांग्रेस में व्यापक बदलाव, ग़ुलाम नबी आज़ाद और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पांच महासचिव हटाए गए

कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के लिए पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में से कई लोगों का क़द छोटा कर दिया गया. पत्र लिखने वाले नेताओं मनीष तिवारी और शशि थरूर को भी फ़िलहाल कोई नई ज़िम्मेदारी नहीं दी गई है. प्रियंका गांधी को अब पूरे उत्तर प्रदेश के प्रभारी का ज़िम्मा आधिकारिक रूप से सौंप दिया गया है.

यूपी कांग्रेस के निष्कासित नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखा- परिवार के मोह से निकलकर संगठन चलाएं

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के निष्काषित नेताओं के पत्र लिखने वाले दिन ही पार्टी ने प्रदेश के लिए सात महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है. इनमें उन नेताओं को जगह नहीं मिली है, जो कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल थे.

हमारे पत्र की किसी मांग पर चर्चा न हुई, हम पर हमला हुआ तो कोई साथ न आया: कपिल सिब्बल

पार्टी में व्यापक बदलाव लाने की मांग करते हुए सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल कपिल सिब्बल ने कहा है कांग्रेस ने हमेशा भाजपा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने संविधान का उल्लंघन किया है और लोकतंत्र की जड़ों को तबाह किया है. हम यही चाहते हैं कि हमारी पार्टी के संविधान का पालन किया जाए.

नेतृत्व परिवर्तन की मंशा से नहीं लिखा पत्र, ग़लत अर्थ निकाला गया: जितिन प्रसाद

कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि इसे लिखने का मक़सद नेतृत्व को कमतर दिखाना नहीं था. इसे बस यह सुझाव देने के इरादे से लिखा गया था कि कैसे पार्टी को फिर से खड़ा किया जाए और मज़बूती दी जाए.

कांग्रेस अगले 50 साल तक विपक्ष में रहना चाहती है तो पार्टी के भीतर चुनाव की ज़रूरत नहीं: आज़ाद

कांग्रेस में व्यापक बदलाव और पूर्णकालिक पार्टी अध्यक्ष चुनने की मांग को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वालों में से एक जितिन प्रसाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर लखीमपुर खीरी ज़िला इकाई ने प्रस्ताव पारित किया है. इस पर कपिल सिब्बल ने कहा है कि कांग्रेस को अपने लोगों पर नहीं, बल्कि भाजपा पर सर्जिकल स्ट्राइक करने की ज़रूरत है.

क्या कांग्रेस में वे बदलाव मुमकिन हैं, जिनकी मांग पार्टी के 23 नेताओं ने की है

कांग्रेस में आमूलचूल परिवर्तन की मांग के लिए पार्टी के 23 नेताओं ने पत्र लिखा, जिसके बाद कार्य समिति की बैठक में अगले छह महीने में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करने की बात कही गई. जानकारों का कहना है कि पार्टी ने घिसा-पिटा रवैया अपनाया. उनके पास बदलाव लाने का एक बेहतरीन मौक़ा था, जिसे उन्होंने फिर गंवा दिया.

कांग्रेस को टूटने से कौन बचाएगा?

वीडियो: बीते दिनों कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग की थी. इसके बाद कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में फैसला लिया गया कि सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी और अगले छह महीने में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. इस मुद्दे पर राजनीतिक विश्लेषक प्रो. नीरा चंढोक से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

अगला अध्यक्ष चुने जाने तक सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में फैसला लिया गया कि सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी और अगले छह महीने में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. पार्टी में उस वक्त सियासी तूफान आ गया था, जब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को वरिष्ठ नेताओं की ओर से पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई थी.