Corona Lockdown

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: ‘सरकार रूपया का मदद देहलस लेकिन ओसे बेटी थोड़े न लौट के आई’

मुज़फ़्फ़रपुर और आसपास के क्षेत्रों में अमूमन अगस्त-सितंबर में चमकी बुखार का भीषण प्रकोप देखने को मिलता है, पर इस बार मामले भी कम आए और मौतें भी कम हुईं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बावजूद इसके बिहार को चमकी बुखार से निपटने के लिए अभी और तैयारी करनी होगी.

खाली पड़ा कुनौली बाजार. (सभी फोटो: मनोज सिंह)

सात महीनों से बंद भारत-नेपाल सीमा से बढ़ी लोगों की दुश्वारियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है

ग्राउंड रिपोर्ट: भारत-नेपाल सीमा बंद हुए सात महीने पूरे होने जा रहे हैं. पिछले दिनों नेपाली कैबिनेट ने एक महीने के लिए बंदी की अवधि फिर बढ़ा दी है. इतने लंबे समय तक सीमाएं बंद होने के कारण दोनों देशों के सीमावर्ती क़स्बों व गांवों में लोगों, ख़ासकर व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

(फोटोः रॉयटर्स)

एनएचआरसी की एडवाइज़री में सेक्स वर्कर्स ‘वीमेन ऐट वर्क’ के तौर पर सूचीबद्ध

एनएचआरसी की एडवाइज़री में कहा गया है कि सेक्स वर्कर्स को अनौपचारिक कामगार के तौर पर मान्यता दी जानी चाहिए और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए उन्हें अस्थायी दस्तावेज जारी किया जाना चाहिए. कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण इनकी दयनीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह क़दम उठाया गया है.

Chennai: Migrants arrive at Central Railway Station to board a Shramik Special train for West Bengal, during ongoing COVID-19 lockdown, in Chennai, Wednesday, June 3, 2020. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI03-06-2020_000261B)

लॉकडाउन में श्रमिकों के मौत का आंकड़ा सरकार ने इकट्ठा किया, फ़िर भी संसद को बताने से इनकार

द वायर द्वारा भारतीय रेल के 18 ज़ोन में दायर आरटीआई आवेदनों के तहत पता चला है कि श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वाले कम से कम 80 प्रवासी मज़दूरों की मौत हुई है. केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में ये जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद उसने संसद में इसे सार्वजनिक करने से मना कर दिया.

विशेष श्रमिक ट्रेन. (फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए रेलवे ने श्रमिकों से वसूला करोड़ों रुपये किराया

सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को दिए एक आदेश में कहा था कि ट्रेन या बस से यात्रा करने वाले किसी भी प्रवासी मज़दूर से किराया नहीं लिया जाएगा. आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार शीर्ष अदालत के निर्देशों के बावजूद रेलवे द्वारा श्रमिक ट्रेनों के यात्रियों से किराया लिया गया है.

भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और बांग्लादेश के विदेश सचिव मसूद बिन मोमेन. (फोटो: पीटीआई)

सीमा पर बीएसएफ और भारतीयों द्वारा कथित तौर पर बढ़ती हत्याओं पर बांग्लादेश ने चिंता जताई

भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला से मुलाकात के दौरान बांग्लादेश के विदेश सचिव मसूद बिन मोमेन ने लॉकडाउन के कारण प्रभावित बांग्लादेश के तबलीग सदस्यों और 25 बांग्लादेशी मछुआरों की जल्द वापसी का अनुरोध किया.

New Delhi: Migrants take refuge in a school while waiting for transport to reach their native places in different states, during the fifth phase of nationwide lockdown, in New Delhi, Saturday, June 6, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI06-06-2020_000124B)

भारत बीते 50 सालों की सबसे भयावह मानवीय त्रासदी के दौर में प्रवेश कर चुका है

अब जब देश में सारी व्यवस्थाएं धीरे-धीरे खुलने लगी हैं, तब ऐसा दिखाने की कोशिश हो रही है कि भूख और रोजी-रोटी की समस्या ख़त्म हो गई है. जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है.

(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से रेलवे ने कमाए 429 करोड़ रुपये

एक आरटीआई आवेदन के जवाब में मिले आंकड़ों के अनुसार 29 जून तक 4,615 ट्रेनें चलीं और रेलवे ने इनसे 428 करोड़ रुपये कमाए. इसके साथ ही जुलाई में 13 ट्रेनें चलाने से रेलवे को एक करोड़ रुपये की आमदनी हुई.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: क्या नीतीश सरकार की लापरवाही का नतीजा बिहार की जनता भुगत रही है

मार्च में जब देश में कोविड संक्रमण की शुरुआत हुई, तब बिहार में बहुत कम मामले सामने आए थे, लेकिन अब आलम यह है कि राज्य में संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र दोबारा लॉकडाउन लगाना पड़ा है और मुख्यमंत्री के परिजनों से लेकर कई ज़िलों के प्रशासनिक अधिकारी तक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.

Prayagraj: A railway staff member distributes food packets among migrants sitting in Shramik Special train to reach their native places, during ongoing COVID-19 lockdown, at Prayagraj Railway Station, Sunday, May 31, 2020. (PTI Photo)(PTI31-05-2020_000074B)

श्रमिक ट्रेनों में हुई मौतों का डेटा तैयार कर रहा है रेलवे, सौ के पार जा सकता है आंकड़ा

लॉकडाउन के दौरान मज़दूरों को उनके घर ले जा रहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में हुई मुसाफ़िरों की मौतों की आलोचना के बाद रेलवे ने अधिकतर मामलों में मृतकों की पुरानी बीमारियों और उनकी शारीरिक अवस्था को ज़िम्मेदार ठहराया था.

Gurugram: Migrants wait to board a bus for Bihar at Tau Devi Lal Stadium, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Gurugram, Tuesday, June 2, 2020. (PTI Photo)(PTI02-06-2020_000216B)

कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने ईमानदार कोशिश नहीं की

कोरोना से बिगड़ती स्थितियों को संभालने में केंद्र सरकार की सारी नीतियां फेल हो चुकी हैं. सरकार की इस विफलता का ख़ामियाज़ा कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

भोपाल में कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों में 75 प्रतिशत गैस पीड़ित: रिपोर्ट

भोपाल गैस पीड़ितों के लिए काम रहे चार एनजीओ ने शहर में कोविड-19 से हुई मौतों पर जारी रिपोर्ट में बताया है कि 11 जून तक भोपाल में कोरोना से 60 मौतें हुई थीं, जिनमें से 48 गैस पीड़ित थे.

(फोटो: द वायर)

लॉकडाउन के दौरान 55 पत्रकारों को मिली धमकियां, मुक़दमे और गिरफ़्तारी: रिपोर्ट

कोविड-19 महामारी के दौरान मीडिया को लेकर जारी राइट्स एंड रिस्क एनालिसिस ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार 25 मार्च से 31 मई, 2020 के बीच विभिन्न पत्रकारों के ख़िलाफ़ 22 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कम से कम 10 को गिरफ़्तार किया गया. इस अवधि में मीडियाकर्मियों पर सर्वाधिक 11 हमले उत्तर प्रदेश में हुए.

People are seen inside a temporary quarantine centre, during an extended nationwide lockdown to slow the spread of the coronavirus disease (COVID-19), in Kolkata, India, April 15, 2020. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच क्वारंटीन सेंटर क्यों बंद कर रही है बिहार सरकार?

बीते सप्ताह बिहार सरकार ने 15 जून के बाद से सभी प्रखंड स्तरीय क्वारंटीन सेंटर्स को बंद करने का आदेश दिया है. दूसरे राज्यों से आ रहे कामगारों में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लिए गए सरकार के इस फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं. कहा जा रहा है कि इन सेंटर्स की फंड संबंधी गड़बड़ियों के चलते यह निर्णय लिया गया है.

ओडिशा जनसंवाद रैली में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना से लड़ाई में हमसे गलती हुई होगी लेकिन विपक्ष ने क्या किया: अमित शाह

ओडिशा के लिए एक डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक राष्ट्र, एक जन और एक मन’ के साथ कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया जिसकी वजह से आज भारत, दुनिया में अच्छी स्थिति में है.