corona virus infection

Ghaziabad: Migrant workers walk on railway tracks after they couldnt find any transport to return to their native places, during a 21-day nationwide lockdown to limit the spread of coronavirus, in Ghaziabad, Thursday, March 26, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)

‘ग़रीबी का आलम ये है कि मेरे मरने के बाद परिवार पर मेरे अंतिम संस्कार भर का पैसा भी नहीं होगा’

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले के एक गांव के रहने वाले 50 वर्षीय भानु प्रकाश गुप्ता शाहजहांपुर के एक ढाबे में काम किया करते थे, पर लॉकडाउन में ढाबा बंद होने से काम छूटा और वे परिवार सहित गांव लौट गए. ग़रीबी और बेरोज़गारी से परेशान भानुप्रकाश ने 29 मई को ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी.

Allahabad: A group of migrants engage in a scuffle for packets of free food and water bottles distributed by railway officials during ongoing COVID-19 lockdown, at the railway station in Allahabad, Monday, June 1, 2020. (PTI Photo)(PTI01-06-2020 000217B)(PTI01-06-2020 000317B)

कोरोना वायरस संकट के कारण प्रवासी श्रमिकों की वापसी ग़रीबी और भेदभाव को बढ़ाएगी: जस्टिस रमण

जस्टिस एनवी रमण ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन सेमिनार में कहा कि इस वैश्विक महामारी ने हमारे सामने कई समस्याएं पैदा कर दी हैं. लॉकडाउन के कारण पारिवारिक हिंसा एवं बाल उत्पीड़न की घटनाएं भी बढ़ी हैं.

राजीव बजाज. (फोटो साभार: ट्विटर)

सख़्त लॉकडाउन से तबाह हुई अर्थव्यवस्था: उद्योगपति राजीव बजाज

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ बातचीत में उद्योगपति राजीव बजाज ने कहा कि कठोर और खामियों वाला लॉकडाउन यह सुनिश्चित करता है कि वायरस अभी भी मौजूद रहेगा. यानी आपने वायरस की समस्या को हल नहीं किया. संक्रमण के ग्राफ को समतल करने के बजाय जीडीपी के ग्राफ को समतल कर दिया गया.

Amritsar: Labourers work on the newly arrived wheat grain at a wholesale grain market in Amritsar, Tuesday, April 21, 2020. The Punjab State Agricultural Marketing Board has set up special guidelines and made arrangements for the procurement of wheat crop during the nationwide COVID-19 lockdown. (PTI Photo)   (PTI21-04-2020_000167B)

केंद्रीय कैबिनेट ने ‘एक राष्ट्र, एक कृषि बाजार’ बनाने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी

कैबिनेट ने साढ़े छह दशक पुराने आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दे दी ताकि अनाज, दलहन और प्याज सहित खाद्य वस्तुओं को नियमन के दायरे से बाहर किया जा सके.

New Delhi: Women carry free ration collected from a fair price shop during the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, in East Delhi,  Wednesday, May 6, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI06-05-2020_000169B)

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज: मई महीने में करीब 14.5 करोड़ लोगों को अतिरिक्त राशन नहीं मिला

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज से यह भी पता चलता है कि सरकार को अप्रैल और मई महीने में जितनी दाल बांटनी चाहिए थी, उसका सिर्फ 40 फीसदी ही बांटा गया है.

New Delhi: Migrants take rest at Yamuna Sports Complex, which is converted into a shelter home for people stranded in the National Capital due to lockdown, in New Delhi, Friday, May 29, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI29-05-2020_000177B)

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के सामुदायिक प्रसार की पुष्टि हो चुकी है: विशेषज्ञ

भारतीय लोक स्वास्थ्य संघ, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन और इंडियन एसोसिएशन ऑफ एपिडेमियोलॉजिस्ट्स के विशेषज्ञों द्वारा संकलित एक रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी गई है. विशेषज्ञों का क​हना है कि सरकार ने इस महामारी से निपटने के उपायों संबंधी निर्णय लेते समय महामारी विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली.

उत्तर प्रदेश का लखीमपुर रेलवे स्टेशन. (फोटो: indiarailinfo)

लॉकडाउन: बेरोजगारी से तंग आकर यूपी के 50 वर्षीय शख्स ने ट्रेन से कटकर जान दी

मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का है. लॉकडाउन से पहले एक रेस्टोरेंट में काम करने वाले 50 वर्षीय भानु प्रकाश गुप्ता की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें उन्होंने अपनी गरीबी और बेरोजगारी का जिक्र किया है. उनके परिवार में बूढ़ी मां, पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा हैं.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

लॉकडाउन: हैदराबाद से पैदल ही पश्चिम बंगाल लौट रहे प्रवासी मज़दूर की ओडिशा में मौत

एक अन्य घटना में उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ज़िले में दिल्ली से गांव लौटे एक प्रवासी मज़दूर की घर से कुछ दूरी पर मौत हो गई. गुजरात के राजकोट शहर में घर जाने के लिए बस का इंतज़ार कर रहे एक कृषि मज़दूर की मौत वाहन की चपेट में आ जाने से हो गई.

Banda

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में क्वारंटीन सेंटर से भागकर प्रवासी मज़दूर ने फांसी लगाई

पुलिस ने बताया कि 35 वर्षीय मज़दूर छह माह पहले गुजरात के सूरत में मज़दूरी करने चले गए थे. 20 मई को वापस आने पर उन्हें उनके गांव में बने सरकारी क्वारंटीन सेंटर में ठहराया गया था.

(फोटोः पीटीआई)

कोविड-19: आरटीआई कार्यकर्ता ने उपकरणों पर हुए ख़र्च का ब्योरा मांगा, स्वास्थ्य मंत्रालय का इनकार

मुंबई के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देकर कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए क़दमों, ख़रीदे गए उपकरणों एवं सामग्रियों के नाम तथा उन पर किए गए ख़र्च का ब्योरा मांगा था.

(फोटो:पीटीआई)

कोविड-19 जांच के लिए सरकार की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने गुजरात सरकार के उस आदेश के ख़िलाफ़ उच्च न्यायालय का रुख़ किया है, जिसके तहत निजी डॉक्टरों और अस्पतालों को नामित स्वास्थ्य अधिकारियों की मंज़ूरी के बिना कोविड-19 की जांच की अनुमति नहीं थी.

Prayagraj: Migrants wait to board buses to reach their native places after arriving via special train, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Tuesday, May 26, 2020. (PTI Photo) (PTI26-05-2020 000040B)

कोरोना वायरस महामारी 2020 के अंत तक 8.6 करोड़ बच्चों को ग़रीबी में धकेल सकती है: रिपोर्ट

यूनिसेफ और मानवतावादी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रेन’ के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि यदि महामारी के कारण होने वाली वित्तीय कठिनाइयों से परिवारों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो कम और मध्यम आय वाले देशों में ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले बच्चों की कुल संख्या वर्ष के अंत तक 67.2 करोड़ तक पहुंच सकती है.

इस घटना के विरोध में जोधपुर के मेडिकल कर्मचारी इंसाफ की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोरोना हॉटस्पॉट जोन में आने से एम्स जोधपुर ने अपने ही डॉक्टर की पत्नी को नहीं किया भर्ती

जोधपुर एम्स के वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी नरेश कुमार स्वामी कोरोना हॉटस्पॉट ज़ोन में रहते हैं. बीते 17 मई को रक्तस्राव के बाद वे अपनी गर्भवती पत्नी को एम्स ले गए थे. आरोप है कि अस्पताल ने कोविड-19 नीति का हवाला देते हुए भर्ती करने से मना कर दिया था. इलाज में देरी के चलते उनकी पत्नी का गर्भपात करना पड़ा.

(फोटो साभार: फेसबुक/Pinkalpesh N.)

गुजरात: कोविड मृतकों के परिजनों ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप

अहमदाबाद सिविल अस्पताल एशिया का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है. हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट ने सिविल अस्पताल को कालकोठरी से भी बदतर बताया था.

(फोटो: पीटीआई)

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मज़दूरों की मुश्किलों को लेकर गृह सचिव और रेलवे को एनएचआरसी का नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि राज्य ट्रेनों में सवार ग़रीब मज़दूरों के जीवन की रक्षा करने में विफल रहे हैं. आयोग ने केंद्रीय गृह सचिव, रेलवे और गुजरात और बिहार की सरकारों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में विस्तृत जवाब देने को कहा है.