Court

(फोटो: रॉयटर्स)

संदेह भले ही मज़बूत हो लेकिन वह सबूत की जगह नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने उड़ीसा हाईकोर्ट के एक निर्णय को बरक़रार रखते हुए कहा कि किसी भी आरोपी के ख़िलाफ़ सबूतों की कड़ी इतनी पूर्ण होनी चाहिए कि उसके ख़िलाफ़ आरोप को साबित किया जा सके. हाईकोर्ट ने बिजली का करंट देकर एक होमगार्ड की हत्या करने के दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.

मद्रास हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक/@Chennaiungalkaiyil)

भूख हड़ताल पर बैठना आत्महत्या की धारा के तहत अपराध नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने साल 2013 में भूख हड़ताल में भाग लेने वाले शख़्स के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने भूख हड़ताल पर बैठकर केवल विरोध किया है जो आईपीसी की धारा 309 के तहत अपराध नहीं बनता है. आईपीसी की धारा 309 के तहत आत्महत्या का प्रयास अपराध है.

सतीश शेट्टी के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन करते आरटीआई कार्यकर्ता. (फोटो:  वर्षा तोरगलकर)

महाराष्ट्र में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर सर्वाधिक जोखिम, 16 सालों में सोलह कार्यकर्ताओं की हत्या: रिपोर्ट

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक 36 मामलों में आरटीआई कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया गया. 41 अन्य को या तो प्रताड़ित किया गया या नतीजे भुगतने की धमकी दी गई. वहीं, पुख़्ता सबूत होने के बावजूद एक भी मामले में दोषियों को सज़ा नहीं हुई.

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मध्य प्रदेश: रैगिंग से तंग आकर आत्महत्या के मामले में चार छात्राओं को पांच साल की सज़ा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का मामला. रैगिंग से तंग आकर निजी कॉलेज की एक छात्रा ने सुसाइड नोट लिखकर घर के कमरे में साड़ी से फंदा लगाकर छह अगस्त 2013 को आत्महत्या कर ली थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी पर फेसबुक पोस्ट करने के कारण छात्र गिरफ़्तार

मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का है. पुलिस के अनुसार, गोरखपुर विश्वविद्यालय में एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चेहरे से छेड़छाड़ की थी और इसे आपत्तिजनक बना दिया था.

(फोटो साभार: IndiaRail Info)

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के भतीजे का अपहरण के चार महीने बाद भी पता नहीं चला, चार्जशीट दाख़िल

उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले की 23 वर्षीय युवती से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था. दिसंबर 2019 को जब वह मामले की सुनवाई के लिए अदालत जा रही थीं, तब ज़मानत पर छूटे बलात्कार के दो आरोपियों ने उन्हें जला दिया था. दिल्ली के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. अक्टूबर 2020 में युवती के भतीजे का अपहरण किया गया था.

विकिलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांज. (फोटो: रॉयटर्स)

ब्रिटेन: विकिलीक्स के सह-संस्थापक असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित करने से जज का इनकार

विकिलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे पर अमेरिका ने जासूसी के 17 आरोप लगाएं हैं, जबकि एक आरोप कंप्यूटर के दुरुपयोग का भी है. इन आरोपों में अधिकतम सज़ा 175 साल क़ैद है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हरियाणाः कोर्ट मैरिज करने जा रहे युवक-युवती की हत्या, ऑनर किलिंग की आशंका

यह मामला हरियाणा के रोहतक शहर का है. दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना में युवक का भाई घायल हो गया है. कहा जा रहा है कि युवती का परिवार इस शादी के ख़िलाफ़ था. पुलिस को शक है कि युवती के पिता ने ही दोनों की हत्या करवाई है.

New Delhi: Activist Shehla Rashid during opposition parties' protest, demanding the release of leaders detained in J&K, at Jantar Mantar in New Delhi, Thursday, Aug 22, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8_22_2019_000035B)

शहला राशिद के ख़िलाफ़ अपमानजनक और निजी सामग्री प्रकाशित करने से उनके पिता और मीडिया पर रोक

शहला राशिद, उनकी मां ज़ुबेदा अख़्तर और बहन अस्मा राशिद ने यह कहते हुए मुक़दमा दायर किया था कि उनके पिता अब्दुल राशिद शोरा झूठे और तुच्छ आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को कम करने का काम कर रहे हैं, जिसमें उन्हें राष्ट्रविरोधी कहना तक शामिल है. प्रतिवादियों में अब्दुल, कुछ मीडिया आउटलेट्स, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और गूगल शामिल हैं.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल. (फोटो: पीटीआई)

स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सोशल मीडिया की आज़ादी पर अंकुश नहीं लगना चाहिए: अटॉर्नी जनरल

आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में रिपब्लि​क टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को ज़मानत मिलने के संबंध में कथित आपत्तिजनक ट्वीट के लिए स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा और कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा के ख़िलाफ़ हाल ही में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मंज़ूरी दी है.

(फोटो साभार: IndiaRail Info)

उत्तर प्रदेश: उन्नाव में गैंगरेप के बाद जलाकर मार दी गई युवती के भतीजे का अपहरण

उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले की 23 वर्षीय युवती के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था. पिछले साल ​दिसंबर में जब मामले की सुनवाई के लिए युवती अदालत जा रही थी तो ज़मानत पर छूटे बलात्कार के दो आरोपियों ने तीन अन्य के साथ मिलकर ज़िंदा जला दिया था. अगले दिन युवती ने दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

New Delhi: A roadside vendor sells the Tricolors at a traffic signal ahead of the Independence Day, during Unlock 3.0, in New Delhi, Saturday, Aug 8, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI08-08-2020 000113B)

हम पराधीनता से स्वाधीनता तक पहुंच गए, पर स्वतंत्रता तक पहुंचना अभी बाकी है

पेरियार ने कहा था, ‘हमें यह मानना होगा कि स्वराज तभी संभव है, जब पर्याप्त आत्मसम्मान हो, अन्यथा यह अपने आप में संदिग्ध मसला है.’ भारतीय संविधान की उद्देशिका बताती है कि भारत अब एक संप्रभु और स्वाधीन राष्ट्र है, लेकिन इसे अभी ‘स्वतंत्र’ बनाया जाना बचा हुआ है.

नई दिल्ली का निज़ामुद्दीन मरकज इलाका. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संक्रमण की आपराधिक जवाबदेही तबलीग़ी जमात के माथे ही क्यों है?

डब्ल्यूएचओ कहता है कि नागरिकों का स्वास्थ्य सरकारों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है. लेकिन भारत सरकार के यात्राओं पर प्रतिबंध, हवाई अड्डों पर सबकी स्क्रीनिंग के निर्णय में हुई देरी पर बात नहीं हुई, न ही कोविड जांच की बेहद कम दर की बात उठी. जमात ने ग़लती की है पर क्या सरकारों को कभी उनकी नाकामियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा?

भाजपा के पूर्व नेता और विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (फोटोः पीटीआई)

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हत्या मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को 10 साल की सज़ा

कुलदीप सिंह सेंगर ने अदालत में जिरह के दौरान कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए, उनकी आंखों में तेजाब डाल दिया जाना चाहिए.

Lucknow: BJP MLA from Unnao Kuldip Singh Sengar, accused in a rape case, surrounded by media persons outside the office of the Senior Superintendent of Police in Lucknow on Wednesday night. PTI Photo by Nand Kumar(PTI4_12_2018_000001B)

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में कुलदीप सेंगर समेत सात दोषी क़रार

फैसला सुनाते हुए नई दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट ने कहा कि कुलदीप सेंगर का पीड़िता के पिता की हत्या करने का कोई इरादा नहीं था लेकिन पीड़िता के पिता को बर्बरातपूर्वक मारा गया. ये ट्रायल चुनौतीपूर्ण था. कुलदीप सिंह सेंगर ने खुद को बचाने के लिए तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया, लेकिन सीबीआई ने चुनौतीपूर्ण माहौल में अच्छा काम किया.