Covid19

चीनः वुहान में फिर लौटा कोरोना, कई शहरों में बड़े पैमाने पर टेस्ट प्रक्रिया शुरू

चीन के वुहान शहर में दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद इस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया.

कर्नाटकः माहवारी में महिलाओं कोविड टीका न लगाने का आरोप, प्रशासन ने इनकार किया

कर्नाटक के रायचूर, बेलगावी और बीदर ज़िलों के टीकाकरण केंद्रों से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां केंद्रों पर मौजूद स्टाफकर्मी माहवारी के दौरान यहां आने वाली महिलाओं को बिना टीका लगाए वापस भेज दिया. उनका कहना था कि ऐसे में टीका लगाने से महिलाओं में नकारात्मक प्रभाव सामने आते हैं.

कोविड से मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मदद के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाएं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत आर्थिक मदद की एक निश्चित राशि तय करने का निर्देश केंद्र को नहीं दे सकती लेकिन सरकार कोविड-19 से मारे गए लोगों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक मदद की राशि का न्यूनतम मानदंड हर पहलू को ध्यान में रखते हुए निर्धारित कर सकती है. इससे पहले वायरस से जान गंवा चुके लोगों के परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवज़ा देने की मांग पर केंद्र ने असमर्थता जताई थी.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

गंगा में मिले शवों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- मानवाधिकार आयोग जाएं

एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कोरोना मृतकों के अधिकारों की रक्षा के लिए नीति बनाने, दाह संस्कार, कोविड प्रभावित शवों को दफनाने और एंबुलेंस सेवाओं के लिए अधिक शुल्क को नियंत्रित करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी.

सुनवाई से इनकार करना एक आरोपी को दिए गए अधिकार और स्वतंत्रता का उल्लंघन है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष एक वर्ष से अधिक समय तक एक आरोपी की ज़मानत याचिका को सूचीबद्ध नहीं किए जाने पर हैरानी जताते हुए कहा कि महामारी के दौरान जब अदालतें सभी मामलों को सुनने और विचार करने का प्रयास कर रही हैं, ऐसे में ज़मानत के लिए इस तरह के आवेदन का सूचीबद्ध न होना, न्याय प्रशासन की हार है.

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- कोविड-19 से हुईं प्रत्येक मौत पर नहीं दे सकते चार लाख का मुआवज़ा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा है कि कोविड-19 से जान गंवा चुके हर व्यक्ति के परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान नहीं कराई जा सकती, क्योंकि आपदा प्रबंधन क़ानून में केवल भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में ही मुआवज़े का प्रावधान है. सरकार ने शीर्ष अदालत को कार्यकारी नीतियों से दूर रहने के अपने पहले के फैसले की भी याद दिलाई और कहा कि न्यायपालिका केंद्र की ओर से निर्णय नहीं ले सकती है.

कोरोना की तीसरी लहर में वयस्कों की तुलना में बच्चों को कम ख़तरा: डब्ल्यूएचओ-एम्स सर्वे

डब्ल्यूएचओ और एम्स के ताज़ा सीरो प्रिवलेंस अध्ययन के अनुसार सार्स-सीओवी-2 की सीरो पॉजिटिविटी दर वयस्क आबादी की तुलना में बच्चों में अधिक है इसलिए ऐसी संभावना नहीं है कि भविष्य में कोविड-19 का मौजूदा स्वरूप दो साल और इससे अधिक उम्र के बच्चों को तुलनात्मक रूप से अधिक प्रभावित करेगा.

तमिलनाडु में सरकारी आंकड़ों से कई गुना अधिक है कोविड-19 से हुई मौतों की संख्या: एनजीओ

चेन्नई के एक ग़ैर सरकारी संगठन अरप्पोर इयक्कम ने छह अस्पतालों के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट में दावा किया कि इस साल अप्रैल और मई में सरकार के 863 मौतों के आंकड़े के मुकाबले राज्य में मृत्यु दर 13.5 गुना अधिक रही है.

वैक्सीन वितरण में असमानता: निजी क्षेत्र के लिए निर्धारित कोटे का 50 फीसदी नौ अस्पतालों ने खरीदा

मई महीने में केंद्र द्वारा वैक्सीन पॉलिसी में संशोधन किए जाने और इसे बाज़ार के लिए खोलने के बाद वैक्सीन की कुल 1.20 करोड़ खुराक में से 60.57 लाख नौ निजी अस्पतालों ने खरीदी हैं. बाकी पचास फीसदी टीके भी अधिकतर शहरों में बने 300 अस्पतालों द्वारा खरीदे गए हैं.

संसदीय समिति की चेतावनी के बावजूद अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या क्यों घटाई गई: प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी से युद्ध जीत लेने की घोषणा कर रहे थे, उसी समय देश में ऑक्सीजन, आईसीयू एवं वेंटिलेटर बेडों की संख्या कम की जा रही थी, लेकिन झूठे प्रचार में लिप्त सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया.

आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार को जितने टीके मिले, उससे 6.95 करोड़ अधिक वितरित किए: आरटीआई कार्यकर्ता

आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश बत्रा ने अपने आवेदनों पर आए केंद्र के जवाबों और सरकार द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारी की तुलना करते हुए सवाल किया है कि यह कैसे संभव है कि 2 मई तक केंद्र ने केवल 16.23 करोड़ टीके प्राप्त किए थे, पर तब उसके द्वारा 23.18 करोड़ टीकों की खुराक वितरित या आपूर्ति की बात कही गई थी.

मुंबईः कोरोना के 90 फीसदी मामले हाई-राइज़ अपार्टमेंट्स में

मुंबई में कोरोना के लगभग 87,000 सक्रिय मामले हैं जिनमें से 90 फीसदी से अधिक मामले गगनचुंबी इमारतों में हैं जबकि 10 फीसदी झुग्गी-झोपड़ियों से हैं. शहर में कोरोना की पहली लहर में झुग्गी-झोपड़ी सर्वाधिक प्रभावित रहे थे.

कोई भी सरकार नागरिकों को बुनियादी स्वास्थ्य अधिकार से वंचित नहीं कर सकती: हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कई निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य, मौलिक अधिकार होने के अलावा बुनियादी मानवाधिकार भी है, जिसे कोई भी लोकप्रिय सरकार नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती है. सामाजिक न्याय एवं समानता में स्वास्थ्य का अपना एक स्थान है और यह सभी के लिए सुलभ होना चाहिए.

वाराणसी में कोरोना मौतों को लेकर राज्य सरकार और नगर निगम के आंकड़ों में अंतर

पिछले हफ़्ते से वाराणसी नगर निगम के रिकॉर्ड और राज्य सरकार के आधिकारिक बुलेटिन के बीच गंभीर विसंगतियां नज़र आ रही हैं. बीते 13 अप्रैल को प्रशासन ने अपने कोरोना बुलेटिन में बताया कि वाराणसी में तीन मौतें हुई हैं, लेकिन नगर निगम के आंकड़े दर्शाते हैं कि हरिश्चंद्र घाट पर नौ कोरोना शवों को जलाया गया था.

गुजरात: अस्पताल ने कोविड-19 के संदिग्ध मरीज़ का शव देने से इनकार किया, जांच के आदेश

गुजरात के वलसाड ज़िले के वापी स्थित एक कोविड-19 अस्पताल का मामला. परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन ने बिल बकाया होने की वजह से शव को सौंपने से मना कर दिया. शव के बदले में उनकी कार ज़ब्त कर ली गई थी. डीएम ने कोरोना मरीज़ों का इलाज करने के लिए अस्पताल को दी गई अनुमति रद्द कर दी है.