Covid19

Nagpur: Labourers wearing face masks look through the windows of a building where they are sheltered, during ongoing COVID-19 lockdown in Nagpur, Thursday, April 23, 2020. (PTI Photo) (PTI23-04-2020_000182B)

क्या बिहार में कोरोना से ज़्यादा मौतें क्वारंटीन सेंटर्स में हुई हैं?

बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार शाम तक राज्य में कोरोना संक्रमण से 25 मौतें हुई हैं. सरकार द्वारा क्वारंटीन सेंटर्स में हुई मौतों के बारे में कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब तक 10 ज़िलों के क्वारंटीन सेंटर्स में 20 से अधिक जानें जा चुकी हैं.

(फोटोः पीटीआई)

भारत अभी कोरोना वायरस के उच्चतम स्तर से दूर है: आईसीएमआर

आईसीएमआर की विशेषज्ञ डॉ. निवेदिता गुप्ता ने कहा है कि महामारी पर लगाम लगाने के लिए भारत के कद़म प्रभावी रहे हैं और इससे मृत्यु दर में कमी आने में मदद मिली है. हम अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं.

Bhopal: Thermal screening of migrant workers being conducted after they arrive from Nashik by a special train at Misrod railway station, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Bhopal, Saturday, May 02, 2020. This is the first special train that has reached Bhopal after the Centres announcement to run such services to facilitate the stranded workers. (PTI Photo) (PTI02-05-2020 000022B)

बिहार लौटने वाले लोगों को अब क्वारंटीन नहीं करेगी सरकार, विपक्ष ने की आलोचना

15 जून के बाद बिहार में क्वारंटीन सेंटर्स को बंद किया जाएगा. साथ ही रेलवे स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग भी बंद की जाएगी. राज्य सरकार का फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में कोरोना संक्रमण के 3,872 पॉजिटिव मामलों में से 2,743 लोग वे हैं जो तीन मई के बाद दूसरे राज्यों से लौटे हैं.

New Delhi: Migrants take rest at Yamuna Sports Complex, which is converted into a shelter home for people stranded in the National Capital due to lockdown, in New Delhi, Friday, May 29, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI29-05-2020_000177B)

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के सामुदायिक प्रसार की पुष्टि हो चुकी है: विशेषज्ञ

भारतीय लोक स्वास्थ्य संघ, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन और इंडियन एसोसिएशन ऑफ एपिडेमियोलॉजिस्ट्स के विशेषज्ञों द्वारा संकलित एक रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी गई है. विशेषज्ञों का क​हना है कि सरकार ने इस महामारी से निपटने के उपायों संबंधी निर्णय लेते समय महामारी विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली.

(फोटो: रॉयटर्स)

गुजरात: अस्पताल ने कोरोना संदिग्ध का पहले शव भेजा, अंतिम संस्कार के बाद कहा- मरीज़ की हालत स्थिर

यह अहमदाबाद सिविल अस्पताल के गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट का मामला है. अस्पताल की ओर से बाद में कहा गया कि कहा गया है कि मरीज़ जीवित नहीं है. जिस कर्मचारी ने परिजनों से संपर्क किया था वह मरीज़ की अपडेटेड स्थिति से वाक़िफ़ नहीं था.

गुजरात हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

पीठ में बदलाव के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने कहा- सरकार की आलोचना से मरे हुए वापस नहीं आएंगे

इससे पहले कोरोना वायरस को लेकर हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि सरकार द्वारा संचालित अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हालत दयनीय और कालकोठरी से भी बदतर है. बदलाव के बाद पीठ ने नाराज़गी ज़ाहिर की कि महामारी से निपटने को लेकर सरकार के बारे में की गईं अदालत की हालिया टिप्पणियों का ग़लत मंशा से दुरुपयोग किया गया.

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: कोरोना वॉर्ड में ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों को अपनी तस्वीरें भेजने के आदेश पर विवाद

लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुछ डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह का आदेश दिखाता है कि जिन डॉक्टरों को कोरोना वॉरियर्स कहा जा रहा है, उन पर प्रशासन वास्तव में विश्वास ही नहीं करता.

(फोटोः पीटीआई)

मनरेगा के तहत सरकार को अतिरिक्त तीन लाख करोड़ रुपये खर्च करना चाहिए: अर्थशास्त्री अरुण कुमार

जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर और वर्तमान में इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइसेंस के चेयरमैन प्रोफेसर अरुण कुमार का कहना है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन से उत्पन्न प्रवासी मजदूरों की समस्या सरकार की गलत नीतियों और असंतुलित विकास का नतीजा है.

(फोटोः रॉयटर्स)

देखभाल के लिए दिल्ली से मुंबई पहुंची मां को बेटे ने घर से निकाला

रेलवे अधिकारियों को 68 साल की एक महिला अकेले मुंबई के बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन के बाहर बैठी हुई मिली थीं. उन्होंने बताया कि चार महीने पहले बीमार बेटे की देखभाल के लिए दिल्ली से आई थीं और अब बेटे ने सामान समेत उन्हें घर से निकाल दिया है.

पटना हाईकोर्ट (फोटोः पीटीआई)

बिहारः शराब पीने-बेचने पर गिरफ़्तार लोगों को पीएम केयर्स फंड में पैसे जमा कराने पर ज़मानत

पटना हाईकोर्ट ने शराबबंदी से संबंधित कई जमानत याचिकाओं की सुनवाई करते हुए बरामद की गई शराब की राशि के बराबर पैसा पीएम केयर्स फंड में जमा कराने के बाद जमानत दिए जाने का आदेश दिया.

कोरोना वायरस के मद्देनज़र लॉकडाउन के दौरान नई दिल्ली (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: कंटेनमेंट ज़ोन में 30 जून तक लॉकडाउन, ग़ैर कंटेनमेंट ज़ोन में आठ जून से ढील

ग़ैर कंटेनमेंट ज़ोन में आठ जून से रेस्तरां, शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थान खुलेंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय इसके लिए दिशानिर्देश जारी करेगा. सरकार ने लॉकडाउन 5.0 को ‘अनलॉक-1’ का नाम दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मेरठ: बंदर ले भागे कोरोना वायरस का टेस्ट सैंपल

यह घटना मेरठ मेडिकल कॉलेज की है. बंदरों ने स्वास्थ्यकर्मियों से ये सैंपल छीन लिए थे. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि बंदरों के एक समूह ने जो सैंपल छीना था, वह कोरोना की जांच के लिए नहीं था.

कोलकाता में डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान स्वास्थ्य कर्मी (फोटो: पीटीआई)

कर्नाटकः कांग्रेस ने पीपीई किट ख़रीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सलीम अहमद का कहना है कि कुछ मंत्रियों पर अपने निकट सहयोगियों की कंपनियों के लिए पीपीई किट और अन्य मेडिकल उपकरणों की सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट लेने के आरोप हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही की वृद्धि दर घटकर 3.1 फीसदी

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 11 साल के निचले स्तर 4.2 फीसदी पर पहुंच गई है.

Sonipat: A migrant waits for a means of transport to travel to his native place during the fourth phase of the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, at Kundali Industrial Area in Sonipat, Monday, May 18, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI18-05-2020_000211B)

क्या दिल्ली से लेकर गुजरात तक हाईकोर्ट की पीठ में बदलाव का उद्देश्य सरकारों को बचाना है?

कोरोना महामारी को लेकर अस्पतालों की दयनीय हालत और राज्य की स्वास्थ्य अव्यस्थताओं पर गुजरात सरकार को फटकार लगाने वाली हाईकोर्ट की पीठ में अचानक बदलाव किए जाने से एक बार फिर ‘मास्टर ऑफ रोस्टर’ की भूमिका सवालों के घेरे में है.