Crime Against Women in UP

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan

हाथरस मामलाः मथुरा की अदालत ने केरल के पत्रकार, तीन अन्य की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते पांच अक्टूबर को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार और तीन अन्य युवकों को गिरफ्तार किया था. चारों के ख़िलाफ़ राजद्रोह और आतंकवाद रोधी क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया ​है.

हाथरस जिले में स्थित युवती के गांव में तैनात पुलिस बल. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस मामलाः पत्रकार और सीएफआई के तीन सदस्यों पर राजद्रोह का एक अन्य मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के तीन सदस्यों को गिरफ़्तार किया था. इन पर राजद्रोह और यूएपीए के तहत पहले ही मामला दर्ज किया गया है.

हाथरस पीड़िता के परिवार के साथ भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

हाथरस मामला: ईडी ने भीम आर्मी-पीएफआई में संबंध और सौ करोड़ की फंडिंग के दावे को ख़ारिज किया

हाथरस गैंगरेप को लेकर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए पीएफआई द्वारा फंडिंग किए जाने के दावे किए गए थे. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने कहा है कि संगठन द्वारा 100 करोड़ रुपये की फंडिंग किए जाने की बात सच नहीं है.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan

हाथरस मामला: केरल के पत्रकार और तीन पर यूएपीए और राजद्रोह का मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार, दो सीएफआई सदस्यों और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ़्तार किया था. स्थानीय अदालत में पेश किए जाने के बाद इन सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

हाथरस पीड़िता के गांव में तैनात पुलिस बल. (फोटो: द वायर)

यूपी: हाथरस जा रहे पत्रकार को गिरफ़्तार करने के विरोध में आए पत्रकार संगठन, जल्द रिहाई की मांग

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को हाथरस जा रहे केरल के एक पत्रकार सिद्दीकी कप्पन समेत चार लोगों को गिरफ़्तार करते हुए उनके पीएफआई से जुड़े होने की बात कही थी. पत्रकार संगठनों ने कप्पन की अविलंब रिहाई की मांग करते हुए कहा है कि मीडिया को उसका काम करने से रोकने का प्रयास हो रहा है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस: सुप्रीम कोर्ट में बोली यूपी सरकार, हिंसा से बचने के लिए रात में अंतिम संस्कार किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस गैंगरेप मामले को असाधारण और चौंकाने वाला बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से कहा है कि मामले में गवाहों को किस प्रकार सुरक्षा दी जा रही है, इस बारे में वह हलफनामा दायर कर बताए. साथ ही अदालत ने पीड़ित परिवार तक वकील की पहुंच को लेकर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता के लिए न्याय मांगते हुए नई दिल्ली में हुआ एक प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

विरोधियों ने साज़िश के तहत भारत में जन्म लिया है, जिससे वे सरकार का विरोध कर सकें…

जनता के हर विरोध को अपराध ठहराया जा रहा है. वह दिन दूर नहीं है जब सरकार भारतीयों को यह बताएगी कि उनका बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ बोलना, किसानों का सरकार के ख़िलाफ़ खड़े होना, सब कुछ अंतरराष्ट्रीय साज़िश है. भारत में जन्म लेना भी एक षड्यंत्र घोषित किया जा सकता है.

(फोटोः पीटीआई)

हाथरस गैंगरेप: जातीय हिंसा भड़काने की साज़िश के आरोप में 21 एफ़आईआर दर्ज

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित युवती के गैंगरेप और मौत के मामले में यूपी पुलिस ने 21 एफ़आईआर दर्ज की है, जिसमें से छह हाथरस ज़िले में और बाकि बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर, इलाहाबाद, अयोध्‍या और लखनऊ में दर्ज की गई हैं. इस संबंध में विभिन्न शहरों से कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता के लिए न्याय मांगते हुए भोपाल  में हुआ एक प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: बलात्कार मामलों में न्याय की राह में पहला रोड़ा पुलिस का रवैया है

कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव और एसोसिएशन फॉर एडवोकेसी एंड लीगल इनिशिएटिव्स के एक साझा अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि यूपी में यौन हिंसा पीड़ित महिलाओं को शिकायत दर्ज करवाने के दौरान लगातार पुलिस के हाथों अपमान झेलना पड़ा और एफआईआर भी पहले प्रयास में दर्ज नहीं हुई.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

हाथरस गैंगरेप: यूपी पुलिस का दावा, योगी सरकार को बदनाम करने के लिए हुई अंतरराष्ट्रीय साज़िश

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस के चंदपा थाने में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ राजद्रोह सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज करते हुए दावा किया है कि 19 वर्षीय दलित युवती के साथ हुई हिंसा और कथित गैंगरेप मामले को लेकर उन्हें जाति आधारित दंगे भड़काने वाले एक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का पता चला है.

आरोपियों के समर्थन में हुई सभा. (फोटो साभार: ट्विटर/@Sumedhapal4)

हाथरस गैंगरेप: आरोपियों के समर्थन में कथित तौर पर उच्च जाति के लोगों ने सभा की

उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में भाजपा नेता राजवीर सिंह पहलवान के घर पर जुटे लोग. भाजपा नेता ने कहा कि बलात्कार नहीं हुआ है. अब सीबीआई उचित तरीके से जांच करेगी. हमें उन पर पूरा विश्वास है.

दिल्ली-नोएडा सीमा पर तैनात पुलिस. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस गैंगरेप: अलीगढ़ के अस्पताल की एमएलसी रिपोर्ट पुलिस के रेप न होने के दावे के उलट है

एक्सक्लूसिव: यूपी पुलिस ने दावा किया है कि हाथरस पीड़िता की एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार उनसे बलात्कार नहीं हुआ. हालांकि दिल्ली लाए जाने से पहले उन्हें अलीगढ़ के जिस अस्पताल में भर्ती किया गया था, वहां की मेडिको लीगल एग्जामिनेशन रिपोर्ट ‘वजाइनल पेनेट्रेशन’ और ज़बरदस्ती किए जाने की बात कहती है.

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय. (फोटो साभार: फेसबुक)

हाथरस गैंगरेप: भाजपा आईटी सेल प्रमुख ने युवती की पहचान उजागर करने वाला वीडियो ट्वीट किया

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने उत्तर प्रदेश के हाथरस की 19 वर्षीय दलित युवती के साथ बलात्कार नहीं होने की बात साबित करने के लिए उसका चेहरा दिखाने वाला एक वीडियो ट्वीट किया था. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष कहा है कि अगर वह रेप पीड़िता हैं, तब वीडियो शेयर किए जाने का मामला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और बिल्कुल ग़ैरक़ानूनी है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस: यह सिर्फ़ बेटी का मामला नहीं है…

हाथरस में जो हुआ वह जातीय श्रेष्ठता और उसके अधिकार के अहंकार का ही नतीजा है. इसका एक प्रमाण गांव के कथित उच्चजातीय समूह की प्रतिक्रिया है.

पीड़ित परिवार के घर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर)

हाथरस गैंगरेप: सीबीआई जांच के आदेश, राहुल और प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की

हाथरस ज़िला प्रशासन की ओर कहा गया है कि मामले की जांच करने के लिए गठित विशेष जांच दल ने अपनी आरंभिक जांच का काम पूरा कर लिया है और पीड़ित के गांव में मीडिया को प्रवेश की अनुमति दे दी गई है. उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर कहा कि दोषियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.