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कश्मीर: सीआरपीएफ की गोली से मज़दूर की मौत, परिवार ने कहा- जानबूझकर की गई हत्या

शोपियां जिले में हुई इस घटना में मारे गए व्यक्ति की पहचान शाहिद अहमद राथर के रूप में हुई है, जो एक दिहाड़ी मज़दूर थे. सीआरपीएफ ने दावा किया है कि आतंकियों की ओर से हुई गोलीबारी का जवाब देते वक़्त यह वाक़या हुआ. घटना पर घाटी के मुख्यधारा के दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया और विधानसभा चुनाव के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होगा: अमित शाह

कश्मीर के विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इस टिप्पणी पर हैरानी जताई और कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में दिए उनके बयान ‘दिल जीतकर दिल्ली और जम्मू कश्मीर के अंतराल को पाटना होगा’ का हवाला देते हुए कहा कि सूबे के दर्जे को कमज़ोर करके दिलों को नहीं जीता जा सकता है.

कश्मीर: सीआरपीएफ की गोली से शख़्स की मौत, परिवार ने कहा- मामला दबाना चाहती है पुलिस

सात अक्टूबर को अनंतनाग में एक सीमा चौकी के पास रुकने का संकेत देने के बावजूद एक कार के न रुकने पर सीआरपीएफ जवानों ने गोलियां चला दीं, जिसमें परवेज़ अहमद नाम के एक शख़्स की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी सहमति के बिना ही शव दफ़ना दिया. परवेज़ के परिवार के साथ घाटी के कई नेताओं ने इस घटना की जांच की मांग की है.

छत्तीसगढ़: जांच रिपोर्ट में कहा गया कि 2013 की मुठभेड़ में मारे गए नक्सली नहीं, निहत्थे आदिवासी थे

छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले के एडेसमेट्टा गांव में साल 2013 में सीआरपीएफ की कोबरा इकाई द्वारा की गई फायरिंग में आठ लोग मारे गए थे, जिसमें से चार नाबालिग थे. सुरक्षाबलों ने दावा किया था कि वे नक्सली थे. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस वीके अग्रवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस मुठभेड़ को ‘एक ग़लती’ बताया है.

झारखंड: सुरक्षाबलों की गोली से युवक की मौत का आरोप, पुलिस ने इनकार किया

झारखंड के लातेहार ज़िले के एक गांव में बीते 12 जून को एक नक्सल अभियान पर निकली सुरक्षा बलों की टीम का सामना स्थानीय परपंरा के तहत शिकार पर निकले आदिवासियों के समूह से हो गया था. इस दौरान सुरक्षाबलों की गोलीबारी में एक आदिवासी की मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों ने पहले गोली चलाई, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने एकतरफ़ा कार्रवाई की.

छत्तीसगढ़: बस्तर के एक सुदूर गांव में इंसाफ की आस में रखा है एक शव

दंतेवाड़ा और बीजापुर ज़िले के पहाड़ी सिरे पर बसे गमपुर के नौजवान बदरू माडवी को बीते साल जन मिलिशिया कमांडर बताते हुए एनकाउंटर करने का दावा किया गया था. बदरू के परिजनों और ग्रामीणों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए न्याय की लड़ाई के प्रतीक के तौर पर उनका शव संरक्षित करके रखा हुआ है.

छत्तीसगढ़: नक्सलियों ने बीजापुर से अपहृत पुलिस अधिकारी की हत्या की

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने अपहृत पुलिस अधिकारी मुरली ताती के शव के पास एक पर्चा भी रखा था, जिसमें ताती को जन अदालत में सजा दिए जाने की बात कही गई है. बीते 21 अप्रैल को नक्सलियों ने बीजापुर ज़िले के पालनार क्षेत्र से मुरली ताती का अपहरण कर लिया था. पालनार ताती का गृह ग्राम है. वह बस्तर ज़िले के जगदलपुर में तैनात थे.

तीन सालों में 131 आत्महत्याओं के बाद सीआरपीएफ ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी वर्कशॉप शुरू की

सीआरपीएफ ने पहली बार मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ रहे जवानों की मदद के लिए कदम उठाया है. बताया गया है कि यहां जवानों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी भावनाओं और प्रतिक्रियाओं को अच्छी तरह समझ पाएं और परिवार एवं फोर्स के साथ बेहतर संबंध स्थापित कर पाएं.

छत्तीसगढ़ में जवानों की शहादत के लिए अफ़सरों की अक्षमता और झूठा अहंकार ज़िम्मेदार है

नक्सल समस्या केवल ‘पुलिस समस्या’ नहीं है जो केवल बल प्रयोग से हल हो जाए- इसके अनेक जटिल पहलू हैं. सरकार को अपना झूठा अहंकार त्यागकर उन पहलुओं को भी संबोधित करना चाहिए.

छत्तीसगढ़ः नक्सलियों ने बंधक बनाए गए सीआरपीएफ जवान को रिहा किया

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में तीन अप्रैल को नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमले के बाद कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मिन्हास को बंधक बना लिया था. उनकी रिहाई के लिए नक्सलियों ने कुछ शर्तें रखी थीं, लेकिन गुरुवार को उन्हें बिना किसी शर्त के रिहा कर दिया गया.

सीआरपीएफ ने यौन उत्पीड़न के आरोप में मुख्य खेल अधिकारी और कोच को निलंबित किया

केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने मुख्य खेल अधिकारी डीआईजी खजान सिंह और कोच इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह को महिलाकर्मियों के यौन उत्पीड़न का दोषी पाया था. एक महिला कॉन्स्टेबल ने बीते दिसंबर में दिल्ली के एक थाने में बलात्कार का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था.

पुलिस की प्रताड़ना के ख़िलाफ़ बिहार चुनाव का बहिष्कार करेंगे कैमूर ज़िले 108 आदिवासी गांव

मामला बिहार के कैमूर ज़िले का है. इलाके को टाइगर रिज़र्व न घोषित किए जाने सहित कई अन्य मांगों को लेकर बीते सितंबर महीने में विरोध प्रदर्शन करने वाले हज़ारों आदिवासियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और गोलीबारी की थी. इस संबंध में दिल्ली से गई एक चार सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट जारी की है.

कोविड-19: केंद्रीय सुरक्षा बलों में संक्रमण के 36,000 से अधिक मामले,128 जवानों की मौत

बीएसएफ देश की सीमा की रक्षा करने वाले सबसे बड़ा बल है और इसमें लगभग 2.5 लाख कर्मचारी हैं. इसमें अब तक संक्रमण के 10,636 मामले सामने आए हैं. इसके बाद सबसे बड़े अर्द्धसैनिक बल सीआरपीएफ में संक्रमण के 10,602 और सीआईएसएफ में 6,466 मामले सामने आए हैं.

केंद्रीय सशस्त्र बलों में एक लाख से अधिक पद ख़ाली: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि सबसे अधिक 28,926 पद बीएसएफ में ख़ाली हैं. इसके बाद दूसरे स्थान पर सीआरपीएफ में 26,506 और तीसरे स्थान पर सीआईएसएफ में 23,906 पद ख़ाली हैं.

साल 2017 से 2019 के बीच अर्धसैनिक बलों के 4,132 जवानों की ड्यूटी के दौरान मौत हुई: सरकार

इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने संसद में ये भी बताया कि मृतक जवानों के आश्रितों को अनुकंपा नौकरी देने के नियम के तहत इन तीन सालों में कुल 3,676 लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें से 1,600 लोगों की नियुक्ति की गई है.