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निकायों, रेलवे, बैंक कर्मचारियों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार की सर्वाधिक शिकायतें मिलीं: सीवीसी

केंद्रीय सतर्कता आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसे साल 2019 में विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के ख़िलाफ़ 81,494 शिकायतें मिलीं, जिनमें 16,291 शिकायतें दिल्ली के स्थानीय निकायों के ख़िलाफ़ थीं.

New Delhi: Central Bureau of Investigation (CBI) logo at CBI HQ, in New Delhi, Thursday, June 20, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2019_000058B)

सीबीआई भ्रष्टाचार से संबंधित 678 मामलों की जांच कर रही है: केंद्रीय सर्तकता आयोग

सीवीसी की एक हालिया रिपोर्ट हाल ही में संपन्न मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई के पास भ्रष्टाचार से संबंधित 6,226 मामलों की सुनवाई लंबित है और इनमें से 182 मामलों की सुनवाई तो 20 साल से भी अधिक समय से लंबित है.

जस्टिस अरुण मिश्रा.

जस्टिस अरुण मिश्रा के न्यायिक परंपराओं की अनदेखी की वजह उनका रूढ़िवादी नज़रिया है

जस्टिस अरुण मिश्रा द्वारा प्रार्थनास्थलों पर सरकार की नीति, अश्लीलता और लैंगिक न्याय को लेकर दिए गए फ़ैसले क़ानूनी पहलुओं से ज़्यादा उनके निजी मूल्यों पर आधारित नज़र आते हैं.

जस्टिस अरुण मिश्रा (फोटो: पीटीआई/रॉयटर्स)

जस्टिस अरुण मिश्रा के सुप्रीम कोर्ट के सबसे प्रभावशाली जज बनने की कहानी

भारत के राजनीतिक तौर पर सर्वाधिक संवेदनशील मामलों को अनिवार्य रूप से जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ को ही भेजा जाता था और देश के सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम जज इसकी वजह जानने के लिए इतिहास में पहली बार मीडिया के सामने आए थे.

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केंद्र के विभाग भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच रिपोर्ट समय पर भेजें: सीवीसी

केंद्रीय सतर्कता आयोग ने केंद्र सरकार के सभी मुख्य सतर्कता अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा है कि भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच रिपोर्ट भेजने की समयसीमा का सख़्ती से पालन किया जाना चाहिए और यदि इसका उल्लंघन किया जाता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा.

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सरकारी विभाग भ्रष्टाचार की ज़्यादातर शिकायतों की समय पर जांच नहीं कर रहे: सीवीसी

केंद्रीय सतर्कता आयोग ने मुख्य सतर्कता अधिकारियों को जारी किए आदेश में आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई ज़्यादातर शिकायतों की समय पर जांच न होने की बात कहते हुए कार्रवाई की स्थिति को तुरंत आयोग के पोर्टल पर अपडेट करने को कहा है.

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी. (फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रपति के सचिव संजय कोठारी केंद्रीय सतर्कता आयुक्त नियुक्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय चयन समिति ने फरवरी में राष्ट्रपति के सचिव संजय कोठारी के नाम की अनुशंसा की थी. उस समय कांग्रेस ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति के लिए अपनाई प्रक्रिया को ‘गैरकानूनी और असंवैधानिक’ बताया था और फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की थी.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई द्वारा राकेश अस्थाना को दी गई क्लीन चिट को कोर्ट ने स्वीकार किया

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने कहा कि अस्थाना और सीबीआई के डीएसपी देवेन्द्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई बनाम सीबीआई: अस्थाना का मनोवैज्ञानिक, लाई डिटेक्टर टेस्ट न कराने पर सीबीआई की खिंचाई

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने एजेंसी के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर रिश्वतखोरी के मामले की शुरुआत में जांच करने वाले अधिकारी अजय कुमार बस्सी को 28 फरवरी को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया.

Kothari-Julka

मोदी सरकार ने नए सीवीसी और सीआईसी की नियुक्ति की, चयन प्रक्रिया पर उठ रहे कई सवाल

आलम ये है कि चयन समिति के एक सदस्य वित्त सचिव राजीव कुमार ने भी सीवीसी पद के लिए आवेदन किया था और उन्हें इसके लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को रिश्वत मामले में क्लीन चिट मिली

सीबीआई ने साथ ही रॉ प्रमुख एसके गोयल को मामले में पाक साफ करार दिया है जो इस मामले में जांच के घेरे में थे. सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को भी एजेंसी से क्लीन चिट मिल गई जिन्हें 2018 में गिरफ्तार किया गया था और जिन्हें बाद में जमानत मिल गई थी.

New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman during the post-budget press conference in New Delhi, Saturday, Feb. 1, 2020. Sitharaman presented the Union Budget 2020-21 in the Lok Sabha today. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI2_1_2020_000189B)

बजट 2020: सीबीआई और सीवीसी के बजट में मामूली वृद्धि, लोकपाल को 74 करोड़ रुपये का प्रावधान

लोकपाल को वर्तमान वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 101.29 करोड़ रुपये दिए गए थे, जिसे कम करके 18.01 करोड़ रुपये कर दिया गया है. वित्त वर्ष 2019-2020 में सीबीआई को 781.01 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. यह राशि बाद में घटाकर 798 करोड़ रुपये कर दी गई थी.

New Delhi: Central Bureau of Investigation (CBI) logo at CBI HQ, in New Delhi, Thursday, June 20, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2019_000058B)

सीबीआई को सैकड़ों कथित भ्रष्ट सांसदों, नौकरशाहों पर मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी मिलने का इंतज़ार

इस सूची में लोकसभा के तीन मौजूदा सदस्यों समेत 130 से ज़्यादा लोगों का नाम शामिल है. सीबीआई सबसे ज़्यादा नौ मामलों के लिए केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की मंज़ूरी मिलने का इंतज़ार कर रही है.

केवी चौधरी. (फोटो: पीटीआई)

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पूर्व सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी को बनाया स्वतंत्र निदेशक

पिछले साल सीबीआई में पूर्व निदेशक आलोक वर्मा और पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच हुए विवाद के साथ कई अन्य मामलों के कारण पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी का चार साल का कार्यकाल विवादों से भरा रहा था.

राकेश अस्थाना (फोटो: पीटीआई)

राकेश अस्थाना रिश्वत मामले की जांच दो महीने में पूरी करे सीबीआई: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ कथित रिश्वत लेने के मामले की जांच पूरी करने के लिए सीबीआई को दी गई समयसीमा तीसरी बार बढ़ाते हुए कहा कि इसके बाद और वक़्त नहीं दिया जाएगा.