dead bodies

कर्नाटक: कोविड-19 से जान गंवाने वालों के शव ‘अंतिम संस्कार’ के क़रीब डेढ़ साल बाद मिले

कर्नाटक के कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल का मामला. कोविड-19 की पहली लहर में पिछले साल जुलाई में जान गंवाने वाले दो लोगों के शव क़रीब डेढ़ साल से मुर्दाघर में पड़े हुए थे, जबकि उनके परिजनों को बताया गया था कि बंगलुरु महानगर पालिका द्वारा उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

गंगा में मिले शवों के मामले में सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- मानवाधिकार आयोग जाएं

एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कोरोना मृतकों के अधिकारों की रक्षा के लिए नीति बनाने, दाह संस्कार, कोविड प्रभावित शवों को दफनाने और एंबुलेंस सेवाओं के लिए अधिक शुल्क को नियंत्रित करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी.

उत्तर प्रदेशः इलाहाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे दफ़न शव बहकर ऊपर आए

इलाहाबाद में स्‍थानीय पत्रकारों के द्वारा 23 और 24 जून को शहर के विभिन्‍न घाटों पर मोबाइल से बनाए गए वीडियो और खींची गई तस्वीरों में नगर निगम की टीम को इन शवों को बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है. मेयर ने बताया है कि इस तरह मिले शवों का अंतिम संस्कार करवाया जा रहा है.

महाराष्ट्र: एक एंबुलेंस में 22 शवों को भरकर श्मशान ले जाने का मामला सामने आया

महाराष्ट्र के बीड ज़िले के अंबाजोगाई में स्थित स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण राजकीय मेडिकल कॉलेज का मामला. मेडिकल कॉलेज के डीन ने कहा कि अस्पताल प्रशासन के पास पर्याप्त एंबुलेंस नहीं हैं, जिसके कारण ऐसा हुआ. जिला प्रशासन को तीन एंबुलेंस मुहैया कराने के लिए पत्र लिखा गया है.

छत्तीसगढ़ः कोविड से जान गंवाने वालों के शव कचरा वाहन से श्मशान ले जाए गए

सोशल मीडिया पर सामने आए राजनांदगांव ज़िले के एक वीडियो में पीपीई किट पहने चार सफाई कर्मचारी कोरोना मृतकों के शव कचरा ढोने वाले वाहन में रख शवदाह गृह ले जाते दिख रहे हैं. राजनांदगांव सीएमएचओ का कहना है कि शव वाहन न होने पर ऐसा करना पड़ा. कचरा वाहन को साफ कर सैनिटाइज़ किया गया था.

Doctor Health Medicine Reuters

बिल को लेकर शव सौंपने से मना नहीं कर सकते निजी अस्पताल: दिल्ली सरकार

दिल्ली में निजी अस्पतालों की मनमानी रोकने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार ने एक मसौदे का प्रस्ताव रखा है जिसके अनुसार अस्पताल मरीजों से 50 प्रतिशत से ज़्यादा मुनाफ़ा नहीं वसूल पाएंगे.