Defence Minister Rajnath Singh

अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

अमेरिका के साथ हुए महत्वपूर्ण रक्षा समझौते, पोम्पिओ ने कहा- भारत के साथ खड़ा है अमेरिका

चीन के साथ चल रहे गतिरोध के बीच भारत और अमेरिका ने ‘टू प्लस टू’ वार्ता के तीसरे चरण के दौरान ‘बेसिक एक्सचेंज एंड को-ऑपरेशन एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, उपग्रह के गोपनीय डाटा और दोनों देशों के बीच अहम सूचना साझा करने की अनुमति होगी.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

गलवान झड़प के बाद भारत-चीन के रिश्ते गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं: एस.जयशंकर

न्यूयॉर्क में हुए एक कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत के समक्ष ‘बहुत गंभीर’ सुरक्षा चुनौती है.

Kullu: Army trucks move along the Manali-Leh highway, amid border tension between India and China, in Kullu district, Wednesday, Sept. 2, 2020. (PTI Photo)(PTI02-09-2020 000063B)

छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ न होने के सरकार के दावे में कितनी सच्चाई है?

केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है. सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है. चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

रक्षा मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

रक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई जाने वाली समितियां उनके उद्देश्य में सफल होती क्यों नहीं दिखतीं?

पिछले कई दशकों में रक्षा मंत्रालय ने कई सारे पैनल, समितियों, कार्यसमूहों और टास्क फोर्सों का गठन किया है, लेकिन कुछ को छोड़कर अधिकतर समितियों के सुझावों या सिफ़ारिशों का नाममात्र या कोई प्रभाव नहीं पड़ा है.

चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही के साथ राजनाथ सिंह की मुलाकात. (फोटो: ट्विटर/@ DefenceMinIndia)

लद्दाख में सीमाई तनाव के बीच चीनी रक्षा मंत्री से मिले राजनाथ सिंह, महत्वपूर्ण प्रगति के संकेत नहीं

मई की शुरुआत में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर विवाद बढ़ने के बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर की यह पहली बैठक थी. भारत और चीन के बीच पीछे हटने और तनाव कम करने पर सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ता जुलाई के मध्य से आगे नहीं बढ़ पाई है.

भारत के नए नक्शे में शामिल कालापानी का हिस्सा (बाएं). नेपाल के आधिकारिक नक्शे में भी शामिल कालापानी (दाएं). (फोटो: भारत का गृह मंत्रालय और नेपाल का सर्वेक्षण विभाग)

नेपाल के नए नक्शे को दोनों सदनों से मिली मंज़ूरी

नेपाल के राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शे में भारत के तीन क्षेत्रों लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को शामिल करने के लिए संविधान संशोधन के पक्ष में ऊपरी सदन के 57 मौजूद सदस्यों ने मतदान किया. विधेयक को क़ानून बनने के लिए अब राष्ट्रपति विद्या भंडारी की मंज़ूरी हासिल करनी होगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

लद्दाख सीमा विवाद: चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक सैन्य अधिकारी समेत तीन जवान शहीद

भारतीय सेना ने बताया है कि लद्दाख की गलवान घाटी सोमवार रात हिंसक टकराव में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. पिछले 45 सालों में भारत-चीन सीमा पर पहली बार सैनिकों की मौत का मामला सामने आया है.

भारत के नए नक्शे में शामिल कालापानी का हिस्सा (बाएं). नेपाल के आधिकारिक नक्शे में भी शामिल कालापानी (दाएं). (फोटो: भारत का गृह मंत्रालय और नेपाल का सर्वेक्षण विभाग)

नेपाल की निचली संसद ने पास किया नया नक्शा, भारत ने मानने से इनकार किया

विधेयक को अब नेपाल की नेशनल असेंबली में भेजा जाएगा, जहां से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति विद्या भंडारी की मंजूरी हासिल करनी होगी जिसके बाद यह क़ानून बनेगा. भारत ने कहा है कि यह लंबित सीमा मुद्दों का बातचीत के ज़रिये समाधान निकालने की हमारी वर्तमान समझ का भी उल्लंघन है.

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

पूर्वी लद्दाख में चीन के सैनिक अच्छी-खासी संख्या में आए हैं: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और चीन की सेनाओं के बीच लगभग एक महीने से चले आ रहे गतिरोध के संदर्भ में कहा कि चीन के सैनिक वहां तक आ गए हैं जिसको वे अपना क्षेत्र होने का दावा करते हैं, जबकि भारत का मानना है कि यह उसका क्षेत्र है. भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच छह जून को बैठक निर्धारित है.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली. (फोटो: पीटीआई)

भारत से आ रहा कोरोना वायरस संक्रमण चीन और इटली से अधिक घातक: नेपाल के प्रधानमंत्री

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के लिए देशव्यापी लॉकडाउन तोड़ने वाले व्यक्तियों और विशेष तौर पर उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया, जो भारत से नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली. (फोटो: रॉयटर्स)

विवादित हिस्से को किसी भी कीमत पर हासिल करके रहेंगे: नेपाल के प्रधानमंत्री

भारत और नेपाल दोनों लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा बताते हैं. हाल ही में जारी नए राजनीतिक मानचित्र में नेपाल ने इन हिस्सों को नेपाली क्षेत्र में दर्शाया है.

2019 में सिवि सोसायटी संगठन द्वारा लिपूलेख हिस्से के साथ जारी नेपाल का मानचित्र.

नेपाल कैबिनेट ने भारत के साथ विवादित हिस्से को नए मानचित्र में शामिल करने की मंजूरी दी

नेपाल कैबिनेट के नए राजनीतिक मानत्रिच में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाली क्षेत्र में दर्शाया गया है. भारत और नेपाल दोनों कालापानी को अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा बताते हैं.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

लिपूलेख दर्रे से गुजरने वाली सड़क के उद्घाटन पर नेपाल ने जताई आपत्ति, भारत ने खारिज किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लिपूलेख दर्रे को उत्तराखंड के धारचूला से जोड़ने वाली रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सर्कुलर लिंक रोड का उद्घाटन किया था.

Patna: Union Defence Minister and senior BJP leader Rajnath Singh speaks during the party's Jan Jagran programme on removal of Article 370, in Patna, Sunday, Sept. 22, 2019. (PTI Photo) (PTI9_22_2019_000057B)

फारूक, उमर और मुफ्ती की जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना करेंगे: राजनाथ सिंह

भाजपा की विचारधारा का जिक्र करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुसलमान जिगर का टुकड़ा है और सांप्रदायिक राजनीति का सवाल ही पैदा नहीं होता.

Demonstrators attend a protest march against the National Register of Citizens (NRC) and a new citizenship law, in Kolkata, December 19, 2019. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

गृह मंत्रालय ने संसद में दी सफाई, देशव्यापी एनआरसी लाने पर अभी कोई फैसला नहीं

देश के कई स्थानों पर संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने संसद में यह सफाई दी है.