Delhi High Court

(फाइल फोटो: पीटीआई)

जामिया हिंसा: याचिकाकर्ताओं के जवाब में ‘गृह मंत्री’ पर हुई टिप्पणी पर सॉलिसिटर जनरल ने जताई आपत्ति

बीते साल दिसंबर में जामिया मिलिया इस्लामिया में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर हलफनामे के जवाब में याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान जैसे छात्रों को बेरहमी से पीटा, उससे लगता है कि उन्हें ऊपर से ऐसा करने का आदेश मिला था.

गौतम नवलखा. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: नवलखा मामले में एनआईए को रिकॉर्ड पेश करने संबंधी दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश निरस्त

भीमा कोरेगांव हिंसा में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा दिल्ली से मुंबई ले जाने के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए को दस्तावेज़ पेश करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह मामला हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. शीर्ष अदालत ने एनआईए के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट की टिप्पणी को भी रिकॉर्ड से हटा दिया है.

New Delhi: Delhi police vehicles are seen parked at admin block of JNU Campus in New Delhi, Monday, Jan. 13, 2020. A team of Delhi Police's Crime branch on Monday visited the Jawaharlal Nehru University and questioned three students, including Aishe Ghosh in connection with the January 5 violence on the varsity's campus. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI1_13_2020_000146B)

खाप पंचायत के ख़िलाफ़ शादी करने वाले दंपति को कोर्ट ने जेएनयू हॉस्टल में रहने की अनुमति दी

जेएनयू के एक पीएचडी छात्र ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि लॉकडाउन से कुछ दिन पहले ही वो अपनी पत्नी के साथ एक फील्ड-वर्क पर गए थे. वापस लौटने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन उन्हें दोबारा हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं दे रहा था.

A man carrying a child walks past security forces in a riot affected area following clashes between people demonstrating for and against a new citizenship law in New Delhi, February 27, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

अपने ही अधिकारी के ख़िलाफ़ गई दिल्ली पुलिस, ‘संवेदनशील’ बताकर दंगों की सूचना देने से इनकार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे को लेकर द वायर द्वारा दायर किए गए आरटीआई आवेदन पर अपीलीय अधिकारी द्वारा आदेश देने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने जानकारी देने से मना कर दिया. पुलिस ने सिर्फ़ गिरफ़्तार किए गए लोगों, दर्ज की गई एफआईआर, मृतकों एवं घायलों की संख्या की सूचना दी है.

तिहाड़ जेल, दिल्ली (फोटो: रायटर्स)

दिल्ली: महिला बंदी की शिकायत के बाद तिहाड़ प्रशासन ने माना, विदेशी क़ैदियों ने की जेल में हिंसा

तिहाड़ जेल में बंद पिंजड़ा तोड़ संगठन की नताशा नरवाल ने आरोप लगाया था कि जेल में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के चलते संपर्क माध्यम निषिद्ध कर दिए गए हैं. इसके जवाब में जेल के अधिकारियों ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि कुछ दिन पहले कई विदेशी क़ैदियों द्वारा हिंसा में 10 जेलकर्मियों समेत 25 लोग घायल हो गए थे.

घटना के बाद जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी लाइब्रेरी में बैठे छात्रों को लाठी से मारते दिख रहे थे. (साभार: ट्विटर/वीडियोग्रैब)

जामिया हिंसा: एनएचआरसी ने परिसर में पुलिसिया कार्रवाई के लिए छात्रों को ही ज़िम्मेदार ठहराया

15 दिसंबर 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों को बर्बरता से पीटने की घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इससे पहले विद्यार्थियों का सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन एक ‘ग़ैर क़ानूनी जमावड़ा’ था, जिसने पुलिसिया कार्रवाई को दावत दी.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों के 19 मामलों में पुलिस की दलील, आरोपी को ज़मानत देने से ग़लत संदेश जाएगा: रिपोर्ट

बीते 29 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगे के एक आरोपी को ज़मानत देते हुए पुलिस की इस दलील को ख़ारिज कर दी थी कि ज़मानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा. हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत का काम क़ानून के मुताबिक न्याय देना है, न कि समाज को संदेश देना.

फोटो: पीटीआई

डॉक्टरों-नर्सों के लिए दिए गए पीपीई किट का बेहतर उपयोग करना राज्यों की ज़िम्मेदारी: केंद्र

इससे प​हले कोरोना वायरस की रोकथाम में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास और क्वारंटीन सुविधा को लेकर उच्चतम न्यायालय में दाख़िल एक अन्य याचिका के जवाब में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि संक्रमण से बचाव की अंतिम ज़िम्मेदारी स्वास्थ्यकर्मियों की है.

(फोटो: पीटीआई)

पर्यावरण प्रभाव आकलन पर आपत्ति लेने के लिए समय बढ़ाने की मांग, कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

याचिकाकर्ता ने कहा है कि चूंकि कोविड-19 महामारी के चलते अभी भी बड़े शहरों में लॉकडाउन है, जिसके कारण यहां कि जनता अधिसूचना पर राय नहीं भेज पा रही है. इसके अलावा पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना को सिर्फ़ अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित किया गया है, जिससे एक बड़ी आबादी वैसे ही राय देने के दायरे से बाहर हो जाती है.

फोटो: पीटीआई

कोरोना वायरस: दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के ख़िलाफ़ केस में सभी कार्रवाइयों पर हाईकोर्ट की रोक

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल दिशा-निर्देशों के अनुरूप कोविड-19 मरीज़ों के नमूने लेने के लिए आरटी-पीसीआर ऐप का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, जबकि प्रयोगशालाओं के लिए यह अनिवार्य है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश- नॉर्थ एमसीडी 19 जून तक छह अस्पतालों के डॉक्टरों का वेतन दे

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले कस्तूरबा गांधी और हिंदू राव समेत अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा तीन महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिलने की शिकायतों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है.

(फोटो साभार: www.pmcares.gov.in)

पीएमओ ने हाईकोर्ट से कहा, पीएम केयर्स को आरटीआई के दायरे में लाने पर विचार नहीं किया जा सकता

दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रधानमंत्री कार्यालय के उस जवाब को चुनौती दी गई है, जिसमें उसने कहा था कि पीएम केयर्स फंड आरटीआई एक्ट के तहत पब्लिक अथॉरिटी नहीं है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

जामिया में घुसना ज़रूरी था क्योंकि दंगाई इसे ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे थे: दिल्ली पुलिस

पिछले साल 13 से 15 दिसंबर के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया के पास सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुईं घटनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं के जवाब में पुलिस ने कहा है कि हिंसा की घटनाएं कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित थीं.

(फोटो साभार: www.pmcares.gov.in)

पीएम केयर्स फंड की जानकारी आरटीआई के तहत मुहैया कराने के संबंध में याचिका दायर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को पीएम केयर्स फंड का गठन किया था. इस कोष से जुड़ी जानकारी देने के लिए कई आरटीआई आवेदन किए गए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा लगातार जानकारी देने से इनकार किया जा रहा है.

निदो की मौत के बाद गुवाहाटी में हुआ एक प्रदर्शन. (फाइल फोटो: पीटीआई)

निदो तानिया मामले के एक दोषी को दिल्ली हाईकोर्ट से ज़मानत मिली

2014 में अरुणाचल प्रदेश के एक पूर्व विधायक के बीस वर्षीय बेटे निदो की दिल्ली में हत्या कर दी गई थी, जिसके चार आरोपियों को बीते साल सितंबर में दोषी मानते हुए दस और सात साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.