Delhi High Court

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: रॉयटर्स)

अभिव्यक्ति की आज़ादी और मानवीय गरिमा में संतुलन को लेकर चिंतित: सुप्रीम कोर्ट

सुदर्शन टीवी के विवादित कार्यक्रम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में अदालत के मीडिया नियमन के प्रस्ताव पर केंद्र ने एक हलफनामे में कहा है कि अगर वे इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के लिए दिशानिर्देश देना ज़रूरी समझते हैं, तो समय की दरकार है कि ऐसा पहले डिजिटल मीडिया के लिए किया जाना चाहिए.

(फोटो: रॉयटर्स)

ऑनलाइन कक्षा के लिए ग़रीब बच्चों को उपकरण और इंटरनेट पैकेज मुहैया कराएं स्कूल: अदालत

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यदि एक स्कूल ख़ुद ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का फ़ैसला करता है तो उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि आर्थिक रूप से कमज़ोर और वंचित वर्ग के छात्रों के पास भी इसकी सुविधा उपलब्ध हो. ऐसा न करना डिजिटल भेदभाव के साथ शिक्षा के अधिकार क़ानून के प्रावधानों का उल्लंघन भी है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो: शोम बसु)

साल 2016 से जेएनयू प्रशासन के ख़िलाफ़ केस बढ़ने के कारण इसके क़ानूनी ख़र्च में इज़ाफ़ा: रिपोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, साल 2016-20 के दौरान जेएनयू प्रशासन के ख़िलाफ़ 183 केस दायर किए गए हैं. यह आंकड़ा साल 2011-15 के दौरान दर्ज मामलों की तुलना में चार गुना है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी (फोटो: विकिमीडिया)

दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने अदालत से चार महीने का वेतन देने का निर्देश देने की मांग की

दिल्ली हाईकोर्ट में दाख़िल याचिका में कहा गया है कि शिक्षकों के अलावा अन्य शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को भी मई, जून, जुलाई और अगस्त का वेतन नहीं मिला है. वेतन न मिलने की वजह से दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने तीन दिन की हड़ताल की घोषणा की है.

(फोटो साभार: ट्विटर/@@SureshChavhank)

सुप्रीम कोर्ट ने ‘यूपीएससी जिहाद’ कार्यक्रम को मुस्लिमों को बदनाम करने की कोशिश कहा, लगाई रोक

सुदर्शन न्यूज़ के बिंदास बोल कार्यक्रम के ‘नौकरशाही जिहाद’ एपिसोड के प्रसारण को रोकते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश की शीर्ष अदालत होने के नाते यह कहने की इजाज़त नहीं दे सकते कि मुस्लिम सिविल सेवाओं में घुसपैठ कर रहे हैं. और यह नहीं कहा जा सकता कि पत्रकार को ऐसा करने की पूरी आज़ादी है.

(बाएं से दाएं) जयति घोष, अपूर्वानंद, सीताराम येचुरी, राहुल रॉय और योगेंद्र यादव.

दिल्ली दंगा: पुलिस ने ‘षड्यंत्र’ का दायरा बढ़ाया, कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों का नाम घसीटा

दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपी छात्राओं के बयानों के सहारे दावा किया है कि योगेंद्र यादव, सीताराम येचुरी, जयती घोष, प्रोफेसर अपूर्वानंद जैसे लोगों ने सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को ‘किसी भी हद तक जाने को कहा था’ और सीएए-एनआरसी को मुस्लिम विरोधी बताकर समुदाय में नाराज़गी बढ़ाई. हालांकि पुलिस का कहना है कि इन लोगों के नाम बतौर आरोपी शामिल नहीं हैं.

(साभार: सुदर्शन न्यूज़/वीडियोग्रैब)

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने दी ‘यूपीएससी जिहाद’ वाले कार्यक्रम के प्रसारण की इजाज़त, अदालत ने भेजा नोटिस

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को सुदर्शन न्यूज़ के कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ के विवादित नौकरशाही जिहाद वाले एपिसोड के प्रसारण की अनुमति दी थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने इसके ख़िलाफ़ दायर हुई याचिका पर मंत्रालय से जवाब मांगा है.

अर्णब गोस्वामी और शशि थरूर. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली हाईकोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को फटकारा, कहा- मीडिया समानांतर सुनवाई नहीं कर सकता

सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में कथित अपमानजनक प्रसारण पर रोक लगाने की शशि थरूर की याचिका सुनते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने अर्णब गोस्वामी से कहा कि किसी आपराधिक मामले में जांच लंबित होने के दौरान मीडिया को समानांतर सुनवाई, किसी को दोषी कहने या निराधार दावे करने से बचना चाहिए.

मोहम्मद ज़ुबैर. (फोटो साभार: ट्विटर/@zoo_bear)

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक को राहत, अदालत ने कहा कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करे पुलिस

ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर द्वारा ऑनलाइन बहस के दौरान एक नाबालिग बच्ची की ब्लर की हुई तस्वीर पोस्ट करने पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की शिकायत पर उनके ख़िलाफ़ आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

खाद्य सुरक्षा क़ानून के तहत विशेष रूप से सक्षम लोगों को भी कम दाम में अनाज मिलना चाहिए: कोर्ट

एक जनहित याचिका में केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की गई थी कि कोविड-19 महामारी के दौर में विभिन्न खाद्य सुरक्षा तथा ग़रीबी उन्मूलन योजनाओं का लाभ विशेष रूप से सक्षम लोगों को भी दिया जाना चाहिए.

(साभार: सुदर्शन न्यूज़/वीडियोग्रैब)

सुदर्शन न्यूज़ के नफ़रत भरे प्रचार की निंदा करना ही काफ़ी नहीं है

नेताओं की हेट स्पीच, सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों के ज़रिये समाज में कट्टरता और नफ़रत भरे विचारों को बिल्कुल सामान्य तौर पर परोसा जा रहा है और ऐसा करने वालों में सुरेश चव्हाणके अकेले नहीं हैं.

Migrant workers and their families rest inside a shelter managed by Indian Red Cross Society volunteers, during a nationwide lockdown to slow the spreading of the coronavirus disease (COVID-19), in Faridabad, India, April 14, 2020. REUTERS/Danish Siddiqui

आश्रय गृहों में दो समय का भोजन पर्याप्त: दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा

दिल्ली की आप सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि आश्रय गृहों में एक दिन दो समय भोजन देना पर्याप्त है और वर्तमान आर्थिक हालात में वह इससे अधिक कुछ नहीं कर सकता.

देवांगना कलीता. (फोटो: अखिल कुमार)

दिल्ली दंगाः जेएनयू छात्रा और पिंजरा तोड़ सदस्य देवांगना कलीता को हाईकोर्ट से ज़मानत मिली

पिंजरा तोड़ की सदस्य देवांगना कलीता को दिल्ली दंगे संबंधी मामले में गिरफ़्तार किया गया था. ज़मानत मिलने के बाद भी उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा क्योंकि उन पर यूएपीए के तहत भी एक मामला दर्ज है.

(साभार: सुदर्शन न्यूज़/वीडियोग्रैब)

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुदर्शन न्यूज़ के ‘नौकरशाही जिहाद’ कार्यक्रम पर रोक लगाई

जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके के शो ‘बिंदास बोल’ के विवादित ‘यूपीएससी जिहाद’ एपिसोड पर रोक लगा दी है. इसका प्रसारण 28 अगस्त को रात आठ बजे होना था.

देवांगना कलीता. (फोटो साभार: ट्विटर)

कोर्ट में बोली दिल्ली पुलिस, भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार छात्रा के भाषण का वीडियो नहीं

दिल्ली पुलिस ने फरवरी में हुई हिंसा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेएनयू छात्रा देवांगना कलीता को गिरफ़्तार किया था. उनकी ज़मानत याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट के उनके कथित भड़काऊ भाषण के वीडियो मांगने पर पुलिस ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई वीडियो नहीं है.