Delhi Hospitals

(फोटो: रॉयटर्स)

निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज की लागत निर्धारित नहीं कर सकतेः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका दायर में कहा गया था कि निजी अस्पताल कोरोना इलाज के लिए अत्यधिक शुल्क वसूल रहे हैं, जिस पर लगाम लगाने के लिए इलाज की अधिकतम लागत तय की जानी चाहिए.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्लीः निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की नई दरें तय

दिल्ली सरकार के आदेश में कहा गया है कि सभी निजी अस्पतालों के लिए आइसोलेशन बेड की नई दर आठ से 10 हज़ार रुपये तय की गई है. बिना वेंटिलेटर के आईसीयू के बेड का शुल्क 13 से 15 हज़ार रुपये और वेंटिलेटर के साथ आईसीयू में बेड का शुल्क 15 से 18 हज़ार रुपये तय किया गया है.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली में 2,000 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव: रिपोर्ट

एक समाचार चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों में से 1,207 डॉक्टर और नर्स दिल्ली के नौ बड़े कोरोना अस्पतालों के हैं. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक कोरोना से संक्रमित हुए स्वास्थ्यकर्मियों का कोई आंकड़ा नहीं दिया है.

अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: उपराज्यपाल ने पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन का आदेश वापस लिया

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आदेश दिया था कि कोविड-19 के हर मरीज़ के लिए घर में क्वारंटीन की जगह पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रहना ज़रूरी होगा. इस पर दिल्ली सरकार का कहना था कि इससे पहले से ही दबाव झेल रही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बोझ बढ़ेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: गृह मंत्री द्वारा गठित समिति ने आइसोलेशन बेड व अन्य शुल्क तय करने की सिफ़ारिश की

समिति ने दिल्ली के किसी भी अस्पताल में कोरोना वायरस आइसोलेशन बेड का शुल्क 8,000 रुपये से 10,000 रुपये तथा वेंटिलेटर वाले आईसीयू बेड का शुल्क 15,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रतिदिन तय करने की सिफ़ारिश की है.

Srinagar: A health worker takes samples for swab test from a young girl arriving in Kashmir, during the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, in Srinagar, Thursday, May 7, 2020. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI07-05-2020 000190B)

केंद्र कोरोना जांच की अधिकतम कीमत तय करे, देश में कीमतों में एकरूपता होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में कोविड-19 जांच की अलग-अलग कीमतों पर संज्ञान लिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि कहीं 2,200 रुपये में कोरोना टेस्ट हो रहा है, तो कहीं 4,500 रुपये में, ऐसा नहीं होना चाहिए.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली में कोरोना जांच की कीमत घटाकर 2400 रुपये करने का निर्णय: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने कहा कि विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति के सुझाव के आधार पर ये निर्णय लिया गया है. इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार के पास रिपोर्ट भेजी गई है.

New Delhi: National Human Rights Commission (NHRC) team led by Latika Kalra visits Lok Nayak Jai Prakash (LNJP) Hospital, during ongoing nationwide COVID-19 lockdown, in New Delhi, Thursday, June 11, 2020. (PTI Photo)(PTI11-06-2020 000142B)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा, डॉक्टरों को प्रताड़ित करना और केस दर्ज करना बंद करें

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि डॉक्टर और नर्स इस समय कोविड-19 से जंग में हैं, लेकिन आप एफआईआर दायर करने में व्यस्त हैं. यदि आप अपने सैनिक के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करेंगे तो युद्ध कैसे जीतेंगे. बीते दिनों एक सरकारी अस्पताल के ख़राब हाल का वीडियो बनाने पर एक डॉक्टर के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया था.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah with Health Minister Harsh Vardhan (R) holds a meeting to discuss the COVID-19 situation in Delhi, at North Block in New Delhi, Sunday, June 14, 2020. The meeting comes in the wake of increasing number of coronavirus cases in Delhi, where the tally has reached nearly 39,000 cases and the death toll rose to over 1,200. (PTI Photo/ Shahbaz Khan)

दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग तीन गुना की जाएगी, बेड के लिए 500 रेल कोच दिए जाएंगे: अमित शाह

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में सस्ती दर पर कोरोना वायरस के इलाज कराने के संबंध में एक कमेटी बनाई है और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे किया जाएगा.

New Delhi: Suspected COVID-19 patients wait to be admitted after being shifted from Dr. Baba Saheb Ambedkar hospital to LNJP hospital, during the ongoing COVID-19 lockdown, in New Delhi, Tuesday, June 9, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI09-06-2020 000227B)

दिल्ली: कोरोना मरीज़ों के परिवारों का आरोप, जीटीबी अस्पताल में नहीं हो रही उचित देखरेख

जीटीबी अस्पताल कोविड-19 के लिए अधिकृत अस्पताल है, जहां भर्ती कोरोना संक्रमितों के परिजनों का कहना है कि स्टाफ बमुश्किल ही मरीज़ों के वॉर्ड में जाता है. खाने-पीने से लेकर शौचालय जाने तक में मदद के लिए मरीज़ अपने परिवार पर निर्भर है.

New Delhi: National Human Rights Commission (NHRC) team led by Latika Kalra visits Lok Nayak Jai Prakash (LNJP) Hospital, during ongoing nationwide COVID-19 lockdown, in New Delhi, Thursday, June 11, 2020. (PTI Photo)(PTI11-06-2020 000161B)

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कोविड-19 प्रबंधन की भयावह स्थिति, दिल्ली समेत चार राज्यों को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 मरीजों का उचित इलाज और शवों का सम्मानित ढंग से प्रबंधन करने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा है कि विभिन्न राज्यों में कोरोना की चिंताजनक स्थिति है और लोगों के साथ जानवरों से बदतर सलूक किया जा रहा है. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से भी इस मामले में जवाब मांगा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई

हर दिन कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल क्या है

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक दिल्ली में कुल 57,709 बेड हैं, जबकि दिल्ली सरकार ने कहा है कि जुलाई अंत तक उन्हें 80,000 बेड की ज़रूरत पड़ेगी. कोरोना से लड़ने के लिए सिर्फ़ बेड ही पर्याप्त नहीं होंगे, इसके लिए बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों की भी ज़रूरत होगी.

फोटो: पीटीआई

दिल्ली: कोविड-19 संबंधी अव्यवस्थाओं पर एनएचआरसी ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस भेजा

दिल्ली में कोविड मरीज़ों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने की कांग्रेस नेता अजय माकन की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एनएचआरसी ने कहा है कि वह समझते हैं कि यह मरीज़ों-डॉक्टरों, सरकारी एजेंसियों आदि सभी के लिए अप्रत्याशित स्थिति है, लेकिन हरसंभव प्रयास किए बिना नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता.

Hyderabad: An ICMR team conducts surveillance in the view of COVID-19 outbreak at Balapur in Hyderabad, Sunday, May 31, 2020. (PTI Photo) (PTI31-05-2020 000052B)

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच सरकारों का ज़ोर टेस्ट कम करने पर क्यों है?

बीते मार्च महीने में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कहा था कि अगर हमें पता ही नहीं होगा कि कौन संक्रमित है तो हम इस महामारी को नहीं रोक सकते. उन्होंने कोरोना वायरस से बचने के लिए अधिक से अधिक टेस्ट करने की ज़रूरत पर बल दिया था, लेकिन वर्तमान में भारत में डब्ल्यूएचओ की इस सलाह के उलट होता दिख रहा है.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

मुंबईः अस्पताल से ग़ायब हुआ कोरोना संक्रमित का शव, जांच शुरू

यह मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल का मामला है. पारिवारिक विवाद में एक युवक की हत्या कर दी गई थी, जिनके शव की कोरोना जांच में उसे संक्रमित पाया गया. अस्पताल को शक़ है कि ग़लती से शव किसी और को सौंप दिया गया है.