Delhi riot

New Delhi: Charred remains of vehicles set ablaze by rioters during communal violence over the amended citizenship law, at Shivpuri area of north east Delhi, Thursday, Feb. 27, 2020.  (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI2_27_2020_000030B)

दिल्ली दंगा: यूएपीए व अन्य धाराओं के तहत 15 लोगों के ख़िलाफ़ 10,000 पन्नों की चार्जशीट दाख़िल

दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों के संबंध में 10,000 पन्नों की चार्जशीट दाख़िल की. इसमें 747 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया है और उनमें से 51 के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: नौ पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने पुलिस की जांच पर उठाए सवाल

आईपीएस अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर दंगे से जुड़े सभी मामले की दोबारा निष्पक्षता से जांच कराने का अनुरोध किया है. पत्र में कहा गया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे लोगों को इसमें फंसाना दुखद है. बिना किसी ठोस साक्ष्य के इन पर आरोप लगाना निष्पक्ष जांच के सभी सिद्धांतों का उल्लंघन है.

New Delhi: Jawaharlal Nehru University (JNU) student Umar Khalid speaks to the media moments after he was shot at, during an event at the Constitution Club in New Delhi on Monday, Aug 13, 2018. Khalid escaped unhurt. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_13_2018_000097B)

दिल्ली दंगा: उमर ख़ालिद यूएपीए क़ानून के तहत गिरफ़्तार

गिरफ़्तारी पर कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बयान जारी कर दिल्ली पुलिस की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस अपनी दुर्भावनापूर्ण जांच के ज़रिये उन्हें फंसा रही है.

उमर खालिद. (फोटो साभार: फेसबुक@MuhammedSalih)

उमर ख़ालिद ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, दंगे में फ़ंसाने की साज़िश का आरोप लगाया

जेएनयू के पूर्व छात्र कार्यकर्ता उमर ख़ालिद ने दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी उन्हें फ़ंसाने के लिए उनके परिचितों को डरा-धमकाकर फ़र्ज़ी बयान देने को मजबूर कर रहे हैं.

देवांगना कलीता. (फोटो साभार: ट्विटर)

कोर्ट में बोली दिल्ली पुलिस, भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार छात्रा के भाषण का वीडियो नहीं

दिल्ली पुलिस ने फरवरी में हुई हिंसा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेएनयू छात्रा देवांगना कलीता को गिरफ़्तार किया था. उनकी ज़मानत याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट के उनके कथित भड़काऊ भाषण के वीडियो मांगने पर पुलिस ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई वीडियो नहीं है.

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद. (फोटो साभार: यूट्यूब/Bytes Today)

दिल्ली दंगा: साज़िशों के जाल में प्रोफेसर अपूर्वानंद को फंसाने की कोशिशें

दिल्ली दंगों संबंधी मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद से पूछताछ के बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में दिल्ली पुलिस द्वारा लीक जानकारी के आधार पर उन्हें ‘दंगों का मास्टरमाइंड’ कहा गया. प्रामाणिक तथ्यों के बिना आ रही ऐसी ख़बरों का मक़सद केवल उनकी छवि धूमिल कर उनके ख़िलाफ़ माहौल बनाना लगता है.

Caravan-reporters

दिल्ली: सांप्रदायिक तनाव से जुड़ी घटना कवर कर रहे कारवां पत्रिका के पत्रकारों पर हमला

आरोप है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव से जुड़ी एक घटना कवर करने गए कारवां पत्रिका के तीन पत्रकारों पर भीड़ द्वारा हमला किया गया. उनसे मारपीट करने के साथ उन पर सांप्रदायिक टिप्पणियां की गईं और महिला पत्रकार का यौन उत्पीड़न किया गया. तीनों पत्रकारों ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस से शिकायत की है, लेकिन पुलिस ने अब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं की है.

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और राजनीतिक विचारक अपूर्वानंद.

दिल्ली दंगा: प्रोफेसर अपूर्वानंद से पुलिस ने पांच घंटे पूछताछ की, मोबाइल ज़ब्त

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने बताया कि दिल्ली दंगों के मामले में उनसे पूछताछ की गई. उन्होंने यह भी कहा कि यह परेशान करने वाली बात है कि एक ऐसा सिद्धांत रचा जा रहा है जहां प्रदर्शनकारियों को ही हिंसा का स्रोत बताया जा रहा है. उम्मीद करता हूं कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और न्यायसंगत हो.

उमर खालिद. (फोटो साभार: फेसबुक@MuhammedSalih)

दिल्ली दंगा: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से पूछताछ, मोबाइल ज़ब्त

दिल्ली पुलिस ने फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों की कथित साज़िश को लेकर उमर खालिद पर गंभीर आरोप लगाए हैं. खालिद ने सभी आरोपों को ख़ारिज़ करते हुए कहा कि दंगों के लिए वास्तव में ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के बजाय सांप्रदायिक सद्भाव के लिए काम करने वाले संगठनों और व्यक्तियों को फंसाया जा रहा है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: एलजी के आदेश पर पैरवी के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता समेत छह वकील नियुक्त

दिल्ली सरकार ने इससे पहले दिल्ली पुलिस द्वारा सुझाए गए वकीलों के नामों को स्वीकार करने से मना कर दिया था. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरकार के आदेश को ख़ारिज करते हुए पुलिस द्वारा भेजे गए वकीलों के नाम स्वीकार करने को कहा.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली सरकार ने पुलिस का प्रस्ताव ख़ारिज किया

दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में वकीलों की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव को नामंज़ूर करते हुए कहा कि दंगा मामले में पुलिस की जांच को अदालत ने निष्पक्ष नहीं पाया है, इसलिए पुलिस के पैनल को मंज़ूरी दी गई, तो मामलों की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी.

गुलफिशा फातिमा. (फोटो साभार: ट्विटर)

दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ़्तार छात्रा की रिहाई के लिए नागरिकों ने अपील की

दिल्ली दंगों के संबंध में गिरफ़्तार गुलफ़िशा फातिमा बीते सौ दिन से ज़्यादा समय से तिहाड़ जेल में हैं. नागरिक समाज के सदस्यों, शिक्षाविदों, लेखकों समेत 450 से अधिक लोगों ने उन्हें छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस महामारी का फायदा उठाकर प्रदर्शनकारियों को ग़ैर-क़ानूनी ढंग से गिरफ़्तार कर रही है.

दिल्ली हिंसा: कई केस फ्री में लड़ने वाले एक वकील, क्यों उठा रहे हैं जांच पर सवाल?

वीडियो: फरवरी में हुए दिल्ली दंगे से जुड़े क़रीब 50 केस वकील अब्दुल गफ़्फ़ार अकेले लड़ रहे हैं. इनमें से लगभग आधे के लिए वह फीस भी नहीं ले रहे. दिल्ली दंगों में हो रही जांच और गिरफ़्तारियों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. अब्दुल गफ़्फ़ार का भी मानना है कि जांच में सबूतों से पहले एक नैरेटिव सेट करने का प्रयास किया जा रहा है.

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दिल्ली दंगों का सच: पुलिस चार्जशीट बनाम अल्पसंख्यक आयोग

वीडियो: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोग मारे गए थे. दिल्ली पुलिस ने जून में अदालत में दायर कई चार्जशीट में दावा किया है कि यह सांप्रदायिक हिंसा नरेंद्र मोदी सरकार को बदनाम करने की साज़िश का नतीजा थी. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के वकील एमआर शमशाद से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

New Delhi: Security personnel conduct patrolling as they walk past Bhagirathi Vihar area of the riot-affected north east Delhi, Wednesday, Feb. 26, 2020. At least 22 people have lost their lives in the communal violence over the amended citizenship law as police struggled to check the rioters who ran amok on streets, burning and looting shops, pelting stones and thrashing people. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_26_2020_000141B)

दिल्ली चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के भड़काऊ भाषण के बाद दंगे हुए: अल्पसंख्यक आयोग रिपोर्ट

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा के भाषण के बाद दंगे शुरू हुए थे लेकिन अब तक उनके ख़िलाफ़ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है.