Delhi Union Of Journalists

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउन: समाचार पत्र संगठन ने कहा- केंद्र और राज्यों पर विज्ञापन के करोड़ों रुपये बकाया

पत्रकार संगठनों ने लॉकडाउन के दौरान सभी बर्ख़ास्तगी नोटिसों को निलंबित करने, वेतन कटौती वापस लेने, बिना वेतन छुट्टी पर भेजे जाने संबंधी नोटिस निलंबित रखने का निर्देश देने के लिए एक जनहित याचिका दाख़िल की है. इसके बचाव में इंडियन न्यूज़पेपर सोसायटी और न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने हफ़लनामा दायर किया है.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman with MoS Anurag Thakur and others outside the North Block ahead of the presentation of Union Budget 2019-20 at Parliament, in New Delhi, Friday, July 05, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI7_5_2019_000014B)

एडिटर्स गिल्ड ने की वित्त मंत्रालय में मीडिया पर पाबंदी की आलोचना, कहा- वापस लें आदेश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि सभी मीडियाकर्मियों को मंत्रालय में प्रवेश से पहले अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी वरना उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

नॉर्थ ब्लॉक. (फोटो साभार: वीकिमीडिया कॉमन्स)

अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद ही वित्त मंत्रालय में प्रवेश कर सकेंगे पत्रकार: केंद्र

बजट पेश होने से कुछ दिन पहले गोपनीयता बनाए रखने के लिए वित्त मंत्रालय में पत्रकारों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है, लेकिन बजट पारित होने के बाद ये पाबंदी हटा ली जाती है. हालांकि, इस बार ऐसा नहीं किया गया.

Press Trust Of India

पीटीआई से 297 लोगों को नौकरी से निकालने के ख़िलाफ़ आए पत्रकार संगठन

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा देश भर से करीब 300 कर्मचारियों की ‘अवैध छंटनी’ के विरोध में पीटीआई एम्प्लॉइज फेडरेशन ने संस्थान के सीईओ वेंकी वेंकटेश को पत्र लिखा है. वहीं दिल्ली पत्रकार यूनियन ने श्रम मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस पर संज्ञान लेने का आग्रह किया है.