Democracy

विधायक मंत्री न बनने पर दुखी हैं, मंत्री सीएम न बनने पर, सीएम दुखी कि पता नहीं कब तक रहेंगे: गडकरी

राजस्थान विधानसभा में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की राजस्थान इकाई द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हल्के अंदाज़ में कहा कि भाजपा अध्यक्ष रहते हुए उन्हें कोई भी ऐसा नहीं मिला जो दुखी न हो.

अधिनायकवादी सरकारें प्रभुत्व कायम करने के लिए झूठ पर निर्भर रहती हैंः जस्टिस चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने एक व्याख्यान के दौरान कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि लोकतंत्र में कोई राष्ट्र राजनीतिक कारणों से झूठ में लिप्त नहीं होगा. वियतनाम युद्ध में अमेरिका की भूमिका ‘पेंटागन पेपर्स’ के प्रकाशित होने तक सामने नहीं आई थी. कोरोना वायरस के संदर्भ में भी हमने देखा है कि दुनियाभर में देशों द्वारा संक्रमण दर और मौतों के आंकड़ों में हेरफेर करने की कोशिश की प्रवृत्ति सामने आई है.

राजस्थान में मुस्लिम भिखारी को पीटने के आरोपी ने क़ुबूला गुनाह

वीडियो: राजस्थान के अजमेर शहर में कानपुर के रहने वाले अशमन अली को उनके नाम और धर्म के कारण ही पीटा गया था. हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता ललित शर्मा ने उनके परिवार के साथ भी मारपीट की थी. इसके बावजूद पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है. द वायर से बातचीत में ललित शर्मा का दावा है कि वह किसी भी चीज़ से नहीं डरते. चूंकि उन्हें बजरंग दल के नेताओं और स्थानीय पुलिसकर्मियों का भी समर्थन प्राप्त है.

संविधान का अनुच्छेद-20: आत्म दोषारोपण से सुरक्षा

वीडियो: आपको किसी ऐसे अपराध के लिए सज़ा नहीं सुनाई जा सकती, जो अपराध था ही नहीं जब आपने उसे अंजाम दिया. इसी प्रकार से एक ही अपराध के लिए आपको दो बार सज़ा नहीं सुनाई जा सकती. आप पर ये दबाव भी नहीं बनाया जा सकता है कि आप अपने ही ख़िलाफ़ गवाही दें. आइए समझते है, भारत के संविधान का अनुच्छेद-20 को, जो इन तीनों बातों की संविधानिक सुरक्षा प्रदान करता है.

जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी देश के आदर्श नेता हैं: नितिन गडकरी

एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकतंत्र में विपक्ष की ज़रूरत पर बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र की गाड़ी के दो पहिए सत्तापक्ष और विपक्ष हैं. विपक्ष को मज़बूत होना चाहिए और सत्तापक्ष पर उसका अंकुश बना रहना चाहिए. नेहरू हमेशा वाजपेयी जी का सम्मान करते थे और कहते थे कि विपक्ष भी आवश्यक है.

तालिबान ने कहा- अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र नहीं, केवल शरिया क़ानून होगा

तालिबान के क़ब्ज़े में आने के बाद अफ़ग़ानिस्तान अब एक परिषद द्वारा शासित हो सकता है, जिसमें इस्लामी समूह के प्रमुख नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा प्रमुख होंगे.

काबुल में फंसे कश्मीरियों की भारत सरकार से अपील, कहा- भयावह स्थिति में, जल्द निकालें

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने काबुल के बख़्तार विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले कुलगाम के प्रोफेसरों को तत्काल निकालने के लिए विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन से बात की और कहा कि उनकी जल्द सुरक्षित वापसी होगी.

यूपी: तालिबान पर टिप्पणी करने के लिए सपा सांसद के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज

भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने संभल से सपा सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क, मोहम्मद मुकीम और चौधरी फैज़ान पर तालिबान के संबंध में भड़काऊ बयान देने को राजद्रोह बताते हुए शिकायत दर्ज कराई है. इसके बाद बर्क ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.

सरकार ने लोकतंत्र सूचकांक में भारत की रैंकिंग के सवाल को स्वीकारने से किया था इनकार: रिपोर्ट

तृणमूल कांग्रेस सांसद शांता छेत्री ने इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट के लोकतंत्र सूचकांक में भारत की स्थिति पर सवाल उठाया था. इस सूचकांक ने भारत को ‘त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र’ की श्रेणी में रखा गया था. केंद्रीय कानून मंत्रालय ने इसे लेकर तर्क दिया था कि ये सवाल ‘बेहद संवेदनशील प्रकृति’ का है, इसलिए इसे अस्वीकार किया जाए. इससे पहले सरकार ने राज्यसभा में पेगासस को लेकर पूछे गए एक सवाल को अस्वीकार करने के लिए कहा था.

‘हमें आज़ादी तो मिल गई है पर पता नहीं कि उसका करना क्या है’

आज़ादी के 74 साल: हमारी हालत अब भी उस पक्षी जैसी है, जो लंबी क़ैद के बाद पिंजरे में से आज़ाद तो हो गया हो, पर उसे नहीं पता कि इस आज़ादी का करना क्या है. उसके पास पंख हैं पर ये सिर्फ उस सीमा में ही रहना चाहता है जो उसके लिए निर्धारित की गई है.

मुस्लिम विरोधी घृणा का एक संगठन तंत्र है और उससे हममें से ज़्यादा को कोई ऐतराज़ नहीं

मुसलमान विरोधी घृणा से मुक्ति फ़ौरी राष्ट्रीय काम है. इसमें पहले ही 70 साल की देर हो चुकी है. अब और देर नहीं की जा सकती. अगस्त के महीने में यह नहीं हो सकता कि चीखें भारत के आसमान को ढंक लें: मुझे बचाओ और आप स्वाधीनता के बैंड बाजे के शोर से उन चीखों को दबा दें. स्वाधीनता का ऐसा पतन हमें क़बूल नहीं होना चाहिए.

हमारा संविधान: अनुच्छेद-19 (1) (6) व्यापार, व्यवसाय और व्यापार या पेशा का अधिकार

वीडियो: क्या कुछ व्यापारों पर सरकार एकाधिकार कर सकती है? क्या शराब का व्यापार, मूल अधिकार माना जा सकता है? क्या कोई व्यक्ति पटाखे बनाने की फैक्ट्री को मूल अधिकार के रूप में मांग कर सकता है? क्या शैक्षणिक संस्थान चलाने वाले व्यापार कर रहे है? इन सभी सवालों पर हमारा संविधान क्या कहता है समझा रही हैं सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अवनि बंसल.

ओलंपिक में भारत की जीत के प्रति उदासीन क्यों रहा कश्मीर? 

जिस दिन अख़बार और टीवी चैनल जेवलिन थ्रो में एथलीट नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने के ब्योरे छाप रहे थे, जिस दिन नीरज के पहले कोच नसीम अहमद उन्हें याद कर रहे थे, उसी दिन दिल्ली में सैकड़ों लोग भारत के नसीम अहमद जैसे नाम वालों को काट डालने के नारे लगा रहे थे और हिंदुओं को उनका क़त्लेआम करने का उकसावा दे रहे थे. 

जंतर मंतर पर हिंदुत्व हिंसक भीड़ का जमावड़ा, पत्रकार पर भी हमला

वीडियो: बीते आठ अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ नामक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रत्यक्ष तौर पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया गया था. सोशल मीडिया पर वायरल कार्यक्रम के एक कथित वीडियो में मुस्लिमों की हत्या का आह्वान किया गया था. इस मुद्दे पर केरल के पूर्व डीआईजी एनसी अस्थाना, द वायर के रिपोर्टर याक़ूत अली, नेशनल दस्तक के रिपोर्टर अनमोल प्रीतम और आलीशान जाफ़री से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने चर्चा की.

खुले विचारों वाले नागरिकों से लोकतंत्र मज़बूत होता है: अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन

भारतीय नेतृत्व के साथ बैठकों से पहले नागरिक संस्थाओं के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के सार्वजनिक कार्यक्रम में किसानों के प्रदर्शन, प्रेस की स्वतंत्रता, सीएए, अल्पसंख्यकों के अधिकार और चीन की आक्रमकता को लेकर चिंता व्यक्त की और अफगानिस्तान की स्थिति जैसे मुद्दे उठाए गए.