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नरेंद्र मोदी और आलोक वर्मा. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

सीबीआई विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सरकार की कार्रवाई जांच एजेंसी के हित में होनी चाहिए

कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच झगड़ा रातोंरात सामने आया, जिसकी वजह से सरकार को चयन समिति से परामर्श के बगैर ही निदेशक के अधिकार वापस लेने को विवश होना पड़ा हो. सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा मामले की सुनवाई पूरी. फैसला बाद में सुनाया जाएगा.

सीबीआई के वरिष्ठतम अधिकारी राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा. (फोटो साभार: पीटीआई/विकिपीडिया/फेसबुक)

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना बिल्लियों की तरह लड़ रहे थे, इसलिए छुट्टी पर भेजा गया: केंद्र

सीबीआई विवाद: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को कहा कि सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच लड़ाई से जांच एजेंसी की स्थिति हास्यास्पद हो गई थी.

सीबीआई के वरिष्ठतम अधिकारी राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा. (फोटो साभार: पीटीआई/विकिपीडिया/फेसबुक)

हाईकोर्ट का आदेश, आलोक वर्मा सीवीसी दफ्तर में अस्थाना से जुड़ी फाइलों का कर सकते हैं निरीक्षण

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ कार्रवाई के संबंध में सात दिसंबर तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है.

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सीबीआई विवाद: आलोक वर्मा का जवाब कथित तौर पर लीक होने से सुप्रीम कोर्ट नाराज़, सुनवाई टली

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, ‘हम आज सुनवाई नहीं कर रहे हैं. हमें नहीं लगता कि आप में से कोई भी सुनवाई के लायक है.’ अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी.

आलोक वर्मा. (फोटो: पीटीआई)

सीबीआई विवाद: आलोक वर्मा ने सीवीसी की रिपोर्ट पर उच्चतम न्यायालय में दाख़िल किया जवाब

बीते 16 नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि सीवीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में आलोक वर्मा पर कुछ ‘बहुत ही प्रतिकूल’ टिप्पणियां की हैं और वह कुछ आरोपों की आगे जांच करना चाहता है, जिसके लिए उसे और समय चाहिए.

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सीबीआई विवाद: आलोक वर्मा को नहीं मिली क्लीन चिट, सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी जांच पर मांगा जवाब

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर लगे आरोपों को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले में सीवीसी द्वारा कोर्ट को दी गई जांच रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को सौंप दिया और उनसे इस पर जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी.

(फोटो: पीटीआई)

सीबीआई विवाद: निदेशक आलोक वर्मा मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर लगे आरोपों पर अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सोमवार को सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की. हालांकि मुख्य न्यायाधीश ने इस बात पर आपत्ति जताई कि अगर रविवार दोपहर तक रजिस्ट्री खुली हुई थी तो जांच रिपोर्ट सौंपने में देरी क्यों हुई.

आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना. (फोटो साभार: फेसबुक/राकेश अस्थाना)

राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे सीबीआई अफसर ने अपने तबादले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

सीबीआई विवाद: बीते 24 अक्टूबर को एके बस्सी का पोर्ट ब्लेयर में तबादला कर दिया गया था. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से राकेश अस्थाना के खिलाफ एसआईटी जांच की मांग की है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

सरकार ने बदला फैसला, अब एनआरआई भी दायर कर सकते हैं आरटीआई

बीते आठ अगस्त को केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा था कि एनआरआई आरटीआई के दायरे में नहीं आते हैं. हालांकि इस पर सवाल उठने के बाद अब सरकार ने इस फैसले को वापस लिया और कहा कि एनआरआई आरटीआई दायर कर सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सीवीसी आलोक वर्मा के खिलाफ दो हफ्ते में जांच पूरी करे: सुप्रीम कोर्ट

सीबीआई विवाद: रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज एके पटनायक की निगरानी में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा ये जांच की जाएगी.

सीबीआई के वरिष्ठतम अधिकारी राकेश अस्थाना और आलोक वर्मा. (फोटो साभार: पीटीआई/विकिपीडिया/फेसबुक)

आलोक वर्मा अब भी सीबीआई निदेशक और राकेश अस्थाना विशेष निदेशक: सीबीआई

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के दो वरिष्ठतम अधिकारियों- आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद सीबीआई ने जारी किया बयान.

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आलोक वर्मा के घर के बाहर पकड़े गए आईबी अधिकारी नियमित गुप्त ड्यूटी पर थे: गृह मंत्रालय

सीबीआई विवाद: गुरुवार सुबह छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के घर के बाहर से चार आईबी अधिकारी पकड़े गए थे. आरोप है कि ये लोग वर्मा की जासूसी कर रहे थे.

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सीबीआई विवाद: वो सात महत्वपूर्ण मामले जिनकी जांच आलोक वर्मा कर रहे थे

छुट्टी पर भेजे जाने से पहले सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा राफेल सौदे से लेकर स्टर्लिंग बायोटेक जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर रहे थे. इनमें से एक मामला ऐसा है जिसमें प्रधानमंत्री के सचिव आरोपी हैं.

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सीबीआई विवाद: आलोक वर्मा के घर के बाहर से पकड़े गए आईबी के चार अधिकारी, पूछताछ जारी

आरोप है कि खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ये चारों शख्स सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के घर के बाहर जासूसी कर रहे थे.

नरेंद्र मोदी और आलोक वर्मा. (फोटो: पीटीआई/फेसबुक)

क्या क़ानून मोदी सरकार को सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को हटाने का अधिकार देता है?

सरकार का कहना है कि सीवीसी की सिफारिश के आधार पर आलोक वर्मा को हटाया गया है. हालांकि कानून के मुताबिक सीवीसी तब तक ऐसी सिफारिश नहीं कर सकती है जब तक की अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप दर्ज न किए गए हों.

नई दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय. (फोटो: रॉयटर्स)

आलोक वर्मा को हटाकर मोदी सरकार ने सीबीआई की आज़ादी में आख़िरी कील ठोंक दी: कांग्रेस

सीबीआई विवाद: सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर है. इनका आरोप है कि राकेश अस्थाना को बचाने और राफेल सौदे की जांच से बचने के लिए सरकार ने ऐसा क़दम उठाया.

Prashant Bhushan, a senior lawyer, speaks with the media after a verdict on right to privacy outside the Supreme Court in New Delhi, India August 24, 2017. REUTERS/Adnan Abidi

राफेल सौदे की जांच से बचने के लिए आलोक वर्मा को हटाया, ये मोदी का सीबीआईगेट है: प्रशांत भूषण

सीबीआई विवाद: वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का कहना है कि सीबीआई नवनियुक्त अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव के ख़िलाफ़ गंभीर शिकायतें हैं. निदेशक आलोक वर्मा ने उन्हें सीबीआई से हटाने के लिए और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की थी.

(फोटो: पीटीआई)

सीबीआई विवाद: विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ जांच कर रहे 13 अफ़सरों का तबादला

सीबीआई के डिप्टी एसपी एके बस्सी का अंडमान व निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में तबादला कर दिया गया है. वहीं एडिशनल एसपी एसएस गम का तबादला कर सीबीआई जबलपुर भेज दिया गया है.

(फोटो: पीटीआई/द वायर)

छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और ​विशेष निदेशक राकेश अस्थाना

सीबीआई मुख्यालय स्थित निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के दफ़्तरों को सील किया गया. संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किया गया.

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सीबीआई विवाद मोदी के ‘गुड गवर्नेंस’ के दावे की पोल खोलता है

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के भीतर हो रही जूतमपैजार भ्रष्टाचार के बदनुमा चेहरे को सामने लाने के साथ राजनीतिक नेतृत्व के शीर्ष स्तर पर सवाल खड़े करती है.

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क्या सिविल सेवा में लैटरल एंट्री की पहल ही पेशेवरों की कमी ख़त्म करने का सबसे बेहतर तरीका है?

ज़्यादातर वरिष्ठ नौकरशाहों का कहना है कि नरेंद्र मोदी सरकार को लैटरल एंट्री के संबंध में और ज़्यादा स्पष्टीकरण देने की ज़रूरत है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली. (फोटो: पीटीआई)

मंत्रालयों-विभागों में ‘लैटरल एंट्री’ संस्थाओं के भगवाकरण का प्रयास: वीरप्पा मोइली

प्रशासनिक सुधार आयोग के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि यह जल्दबाज़ी में उठाया गया कदम है. मोदी सरकार की घोषणा में पारदर्शिता की कमी है. उसने लैटरल एंट्री की घोषणा की लेकिन कोई नीति पेश नहीं की.

The IAS Probationers calls on the Prime Minister, Shri Narendra Modi, in New Delhi on February 16, 2015. 
	The Minister of State for Development of North Eastern Region (I/C), Prime Minister’s Office, Personnel, Public Grievances & Pensions, Department of Atomic Energy, Department of Space, Dr. Jitendra Singh is also seen.

आईएएस लैटरल एंट्री: असली सवाल तो सरकार की नीयत का है

लैटरल एंट्री को लेकर उठ रहे असुविधाजनक सवालों पर सरकार ने जो रुख अपना रखा है, उससे अभी से लगने लगा है कि यह व्यवस्था इतनी पारदर्शी नहीं होने जा रही कि इससे संबंधी सरकार की नीति और नीयत को सवालों से परे माना जा सके.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing at the 11th Civil Services Day function, in New Delhi on April 21, 2017.

आईएएस लैटरल एंट्री: नौकरशाही में बदलाव के नाम पर मोदी सरकार का नया स्टंट

संयुक्त सचिव स्तर के दस पेशेवर लोगों को सरकार में शामिल करने का ख़्याल सरकार के आख़िरी साल में क्यों आया जबकि इस तरह के सुझाव पहले की कई कमेटियों की रिपोर्ट में दर्ज हैं.

Episode 38

हम भी भारत, एपिसोड 38: यूपीएससी के बिना संयुक्त सचिवों की नियुक्ति

हम भी भारत की 38वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी मोदी सरकार द्वारा संयुक्त सचिव स्तर के दस पदों के लिए बिना लोकसेवा आयोग की परीक्षा के नियुक्तियों के आवेदन आमंत्रित करने पर पूर्व आईएएस अधिकारी सुंदर बुर्रा और हार्ड न्यूज़ पत्रिका के संपादक संजय कपूर से चर्चा कर रही हैं.

दिल्ली स्थित एम्स. (फोटो साभार: फेसबुक)

सीवीसी ने एम्स में भ्रष्टाचार के मामले बंद किए: ह्विसिलब्लोअर संजीव चतुर्वेदी

भारतीय वन सेवा के अधिकारी और ह्विसिलब्लोअर के अनुसार, भ्रष्टाचार के मामलों में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.

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गुजरात दंगों की जांच के लिए बनी एसआईटी के सदस्य रहे वाईसी मोदी होंगे एनआईए प्रमुख

30 अक्टूबर को मोदी राष्ट्रीय जांच एजेंसी के नए महानिदेशक का पद संभालेंगे, वह शरद कुमार की जगह लेंगे.

An Indian national flag flutters on top of the Indian parliament building in New Delhi

भ्रष्टाचार के आरोपी 39 आईएएस अधिकारी जांच के घेरे में

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन अधिकारियों के अलावा केंद्रीय सचिवालय सेवा के 29 अधिकारी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.