Donald Trump

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे से जुड़े दो वॉट्सऐप ग्रुप और दिल्ली पुलिस के दोहरे मानक

दिल्ली दंगा मामले में सामने आए दो वॉट्सऐप ग्रुप में से एक ‘हिंदू कट्टर एकता ग्रुप’ है, जहां ‘मुल्लों को मारने’ के दावे किए गए हैं. दूसरी ओर दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप में सीएए विरोधी प्रदर्शन, हिंसा न करने और संविधान में भरोसा रखने की बातें हुई हैं. दिल्ली पुलिस ने दूसरे ग्रुप के कई सदस्यों को दंगों का साज़िशकर्ता बताया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका: अदालत ने टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप प्रशासन के आदेश पर रोक लगाई

एप्पल और गूगल ऐपस्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध न होने के लिए टिकटॉक पर लगाया गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का यह प्रतिबंध रविवार रात 12 बजे से प्रभावी होने वाला था.

उमर खालिद, डोनाल्ड ट्रंप और कपिल मिश्रा. (फोटो: रॉयटर्स/फेसबुक)

दिल्ली दंगा: ट्रंप क्रोनोलॉजी पर हुई चूक के बाद दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट का रुख बदला

दिल्ली दंगा मामले में दायर एक चार्जशीट में दावा किया गया था कि 8 जनवरी को हुई एक बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय हिंसा की योजना बनाई गई थी. पिछले दिनों एक अन्य आरोपपत्र में पुलिस ने इसे हटाते हुए कहा है कि सीएए विरोधी प्रदर्शन 2019 आम चुनाव में भाजपा की जीत से खोई ज़मीन पाने के लिए बड़े पैमाने दंगे करवाने की ‘आतंकी साज़िश’ का हिस्सा थे.

अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में आयोजित नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: ट्विटर/@PIB_India)

फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के समय उनके दल की कोरोना जांच नहीं हुई थी: विदेश मंत्रालय

राज्यसभा में विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24-25 फरवरी को गुजरात में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम के लिए भारत दौरे पर आए थे, तब कोविड-19 जांच अनिवार्य नहीं थी. भारत के सभी हवाई अड्डों पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की अनिवार्य जांच चार मार्च से शुरू की गई थी.

(फोटो साभार: फेसबुक)

अमेरिका: प्रतिबंध से बचने के लिए टिकटॉक ने ट्रंप प्रशासन के ख़िलाफ़ मुक़दमा किया

अमेरिका ने शुक्रवार को चीनी स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप वीचैट और टिकटॉक को 20 सितंबर, 2020 से डाउनलोड करने से रोकने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. हालांकि शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक के अमेरिका में काम करते रहने के लिए एक सौदे का समर्थन किया है.

जो बाइडेन और कमला हैरिस. (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी से बाइडेन राष्ट्रपति और कमला हैरिस उपराष्ट्रपति प्रत्याशी घोषित

भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस ने अमेरिकी उप-राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी स्वीकार कर ली है और इसी के साथ वह किसी प्रमुख राजनीतिक पार्टी से इस अहम राष्ट्रीय पद का टिकट पाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी और पहली अश्वेत महिला बन गई हैं.

कमला हैरिस. (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका: जो बाइडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना

नवंबर, 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन के जीतने पर कमला हैरिस उप-राष्ट्रपति बनने वाली पहली अमेरिकी महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उप-राष्ट्रपति भी.

The messenger app WeChat and short-video app TikTok are seen near China and U.S. flags in this illustration picture taken August 7, 2020. REUTERS/Florence Lo/Illustration

अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए

अमेरिका में टिकटॉक और वीचैट जैसे चीनी ऐप पर 45 दिनों में लागू होगा प्रतिबंध. भारत टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश है. भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए यह प्रतिबंध लगाया था.

मार्च महीने में इटली के मिलान में मालपेंसा एयरपोर्ट पर क्यूबाई डॉक्टर्स का दल. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 संकट के दौरान मिसाल बनकर उभरा क्यूबा

एक ऐसे समय में जब विकसित कहे जाने वाले देशों में कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ती जा रही है, अस्पतालों से महज़ मरीज़ों की ही नहीं बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के गुजरने ख़बर आना अपवाद नहीं रहा, क्यूबा सरीखे छोटे-से मुल्क़ ने इससे निपटने में अपनी गहरी छाप छोड़ी है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ट्रंप ने एच-1बी और अन्य वीज़ा पर साल के अंत तक रोक लगाई, भारतीय आईटी पेशेवर होंगे प्रभावित

एच-1बी वीज़ा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को नियुक्त करने की अनुमति देता है. अमेरिका में होने वाले चुनाव के मद्देनज़र अमेरिकी कामगारों के लिए नौकरियां सुरक्षित रखने के मक़सद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह क़दम उठाया गया है. गूगल के सीआईओ सुंदर पिचाई ने इस फैसले पर निराशा जताई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

लद्दाख सीमा विवाद: चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में एक सैन्य अधिकारी समेत तीन जवान शहीद

भारतीय सेना ने बताया है कि लद्दाख की गलवान घाटी सोमवार रात हिंसक टकराव में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. पिछले 45 सालों में भारत-चीन सीमा पर पहली बार सैनिकों की मौत का मामला सामने आया है.

जॉर्ज फ्लॉयड (दाएं) और दिल्ली हिंसा के दौरान घायल युवक. (साभार: ट्विटर/वीडियोग्रैब)

भारत में आम नागरिकों के साथ होने वाले पुलिसिया अत्याचार सामूहिक आक्रोश की वजह क्यों नहीं हैं?

पुलिस की बर्बरता से हम सभी को फ़र्क़ पड़ना चाहिए, भले ही निजी तौर पर हमारे साथ ऐसा न हुआ हो. ये हमारी व्यवस्था का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसे बदलना चाहिए और पूरी ताक़त से मिलकर ज़ाहिर की गई जनभावना ही ऐसा कर सकती है.

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सानारो. (फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिका के बाद ब्राजील ने दी डब्ल्यूएचओ छोड़ने की धमकी

कोरोना वायरस महामारी से संबंधित जानकारी छिपाने के लिए चीन के साथ कथित तौर पर मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सभी संबंध तोड़ लिए थे.

Protesters hold placards as they rally against the death in Minneapolis police custody of George Floyd, in the Manhattan borough of New York City, U.S., June 2, 2020. REUTERS/Jeenah Moon

अमेरिका में चल रहा विरोध प्रदर्शन भारतवासियों के लिए आईना है और चुनौती भी

जब विरोध होता है तो व्यवस्था की ओर से उपदेश दिया जाता है कि संवाद की स्थितियां बनानी चाहिए. यह बोझ भी प्रदर्शनकारियों पर ही डाल दिया जाता है कि वे संवाद कायम करें. क्या शोषण तर्क और संवाद के सहारे चलता है? विरोध से अराजकता फैलने का आरोप लगाते समय लोग भूल जाते हैं कि जो विरोध करने को बाध्य हुए हैं, उनके जीवन में अराजकता के अलावा शायद ही कुछ है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडेहनम ग्रेब्रेयेसुस. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में महत्वपूर्ण जानकारी देने में चीन ने देरी की थी: रिपोर्ट

आंतरिक दस्तावेजों से इस बात का खुलासा हुआ है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठकों में चीन की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर सूचना और प्रतिस्पर्धा पर सख्त नियंत्रण को काफी हद तक दोष दिया गया था. हालांकि संगठन सार्वजनिक रूप से कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने के लिए चीन की लगातार सराहना करता रहा है.