dr bhimrao ambedkar

The Prime Minister, Shri Narendra Modi launching the “Gram Uday se Bharat Uday” Abhiyan, in Mhow, Madhya Pradesh on April 14, 2016. 
The Union Minister for Social Justice and Empowerment, Shri Thaawar Chand Gehlot, the Chief Minister of Madhya Pradesh, Shri Shivraj Singh Chouhan and other dignitaries are also seen.

क्या ‘ग्राम उदय से भारत उदय अभियान’ सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित रह गया?

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों में सामाजिक सद्भावना को बढ़ाना, फसल बीमा योजना, मृदा कार्ड आदि के बारे में जानकारी देकर कृषि को बढ़ावा देना था.

(फोटो: द वायर)

आज के समय में जाति के विरोध में कोई भी आंदोलन होता नहीं दिखता: आनंद तेलतुम्बड़े

आंबेडकर जयंती के मौके पर लेखक तेलतुम्बड़े ने कहा, ‘आंबेडकर को हर कोई अपने अपने ढंग से समझता है. आज के समय में हर राजनीतिक दल उन्हें अपना बताने की कोशिश में हैं लेकिन आंबेडकर के विचारों पर कोई नहीं चलना चाहता.’

संजू देवी द्वारा पहनाया गया आंबेडकर की प्रतिमा को भगवा वस्त्र (फोटो: ट्विटर)

उत्तर प्रदेश: भाजपा विधायक ने आंबेडकर की प्रतिमा को दूध से नहलाया, तिलक लगाया, भगवा पहनाया

टांडा से भाजपा विधायक संजू देवी के आंबेडकर की प्रतिमा को भगवा पहनाने पर हुआ विवाद. विधायक बोलीं, भगवा सामान्य रंग, इसे राजनीति से न जोड़ें.

Ambedkar featured

उत्तर प्रदेश: बदलेगा बाबा साहेब आंबेडकर का नाम, जोड़ा जाएगा पिता का नाम ‘रामजी’ भी

प्रमुख सचिव द्वारा जारी निर्देश में दर्ज है कि संविधान की आठवीं सूची में डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम ‘डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर’ लिखा हुआ है. राज्य सरकार के समस्त अभिलेखों में अब उनका सही नाम दर्ज होगा.

Lucknow: BSP supremo Mayawati addresses a press conference at her residence in Lucknow on Saturday. PTI Photo by Nand Kumar  (PTI3_24_2018_000088B)

‘मुंह में राम बगल में छुरी’ वाली कहावत चरितार्थ कर रही है भाजपा और मोदी सरकार: मायावती

बसपा प्रमुख ने कहा, ‘राज्यसभा चुनाव परिणाम के बावजूद सपा-बसपा के बीच जारी तालमेल से भाजपा के लोग बहुत बुरी तरह परेशान हैं. मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि हमारी यह नजदीकी, अपने स्वार्थ के लिए नहीं है. यह जनहित में है.’

PTI5_21_2017_000125B

भीम आर्मी रावण को नहीं, आंबेडकर को आंदोलन का हिस्सा बनाए

भले ही भीम आर्मी की कोई हिंसक गतिविधि न हो, पर प्रतिक्रियावादी हिंदुओं में यह हिंसक प्रतिक्रांति को और भी ज़्यादा हवा देगी. इससे समानता स्थापित होने वाली नहीं है.

On 20 May 1951, Dr. Ambedkar addressed a conference on the occasion of Buddha Jayanti organised at Ambedkar Bhawan, Delhi. The Guest of Honour was the then Ambassador of France in India. Shankaranand Shastri is seen on the right in the photograph.

जब तक हिंदू सामाजिक व्यवस्था बनी रहेगी, अस्पृश्यों के प्रति भेदभाव भी बना रहेगा: डॉ. आंबेडकर

भेदभाव का मूल हिंदुओं के हृदयों में बसे हुए उस भय में निहित है कि मुक्त समाज में अस्पृश्य अपनी निर्दिष्ट स्थिति से ऊपर उठ जाएंगे और हिंदू सामाजिक व्यवस्था के लिए ख़तरा बन जाएंगे.