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डीयू: बीए ऑनर्स पाठ्यक्रम से हटाई गईं तीन लेखकों की कृतियों को वापस लेने की मांग

दिल्ली विश्वविद्यालय शैक्षणिक परिषद ने पिछले महीने बीए के अंग्रेज़ी ऑनर्स पाठ्यक्रम में बदलावों को मंज़ूरी देते हुए महाश्वेता देवी की लघुकथा ‘द्रौपदी’ सहित दो दलित महिला लेखकों बामा और सुकीरथरिणी की कृतियों को हटा दिया था. इन्हें पाठ्यक्रम में वापस शामिल करने की मांग के साथ 1,150 से अधिक शिक्षाविदों, लेखकों और संगठनों ने संयुक्त बयान जारी किया है.

जेएनयू स्टोरीज़- द फर्स्ट फिफ्टी ईयर्स: विश्लेषण का नहीं, प्रतिरोध का दस्तावेज़

पुस्तक समीक्षा: जेएनयू स्टोरीज़- द फर्स्ट फिफ्टी ईयर्स इस संस्थान से ताल्लुक़ रखने वाले कई लेखकों के लघु निबंधों का संग्रह है, जिसे पढ़ने पर साफ पता चलेगा कि विश्वविद्यालय भी सांस लेते जीवंत संस्थान हैं और उनका भी गला घोंटा जा सकता है.

**EDS: TWITTER IMAGE RELEASED BY @JNUSUofficial , JAN. 5, 2020** New Delhi: Masked miscreants armed with sticks roaming around campus, at JNU, New Delhi, Sunday. (PTI Photo) (PTI1_5_2020_000172B)

2020 जेएनयू हिंसा मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुईः केंद्र सरकार

पांच जनवरी 2020 की रात कुछ नकाबपोशों ने जेएनयू कैंपस में घुसकर विभिन्न हॉस्टलों में तोड़फोड़ की थी. उपद्रवियों ने छात्रों और कुछ शिक्षकों को बर्बर तरीके से पीटा भी था. इस हिंसा में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष ओईशी घोष समेत 30 से अधिक लोग घायल हुए थे.

GN Saibaba PTI

उम्रक़ैद की सज़ा काट रहे जीएन साईबाबा को डीयू के कॉलेज से बर्ख़ास्त किया गया

2017 में ‘माओवादी संबंधों’ को लेकर दोषी ठहराए गए दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामलाल आनंद कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर जीएन साईबाबा नागपुर जेल में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे हैं. उनकी पत्नी वसंता का कहना है कि वे उनकी बर्ख़ास्तगी को अदालत में चुनौती देंगी.

दिल्ली: सेंट स्टीफेंस कॉलेज के स्टाफ ने छात्रों की मदद के लिए कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखा

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज के स्टाफ एसोसिएशन ने प्रिंसिपल को पत्र लिखकर छात्रों को वित्तीय सहायता देने और सभी तरह की छात्रवृत्तियां बांटने पर विचार करने के लिए समिति बनाने का आग्रह किया है.

जेएनयू हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने ख़ुद को क्लीन चिट दी

पांच जनवरी को जेएनयू परिसर में नक़ाबपोशों द्वारा हुए हमले के घटनाक्रम और स्थानीय पुलिस की लापरवाही को लेकर गठित दिल्ली पुलिस की एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उस दिन कैंपस में माहौल ठीक नहीं था, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई थी.

आत्महत्या करने वाली डीयू छात्रा को समय पर वज़ीफ़ा नहीं मिला था, हॉस्टल भी ख़ाली करवाया गया

तेलंगाना की रहने वाली दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज की एक छात्रा ने तीन नवंबर को हैदराबाद के अपने घर में आत्महत्या कर ली थी. कमज़ोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वे अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहती थीं और शिक्षा के बिना ज़िंदगी उन्हें मंज़ूर नहीं थी.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने अदालत से चार महीने का वेतन देने का निर्देश देने की मांग की

दिल्ली हाईकोर्ट में दाख़िल याचिका में कहा गया है कि शिक्षकों के अलावा अन्य शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को भी मई, जून, जुलाई और अगस्त का वेतन नहीं मिला है. वेतन न मिलने की वजह से दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने तीन दिन की हड़ताल की घोषणा की है.

दिल्ली विश्वविद्यालय की एडहॉक शिक्षक प्रिंसिपल पर जातिगत भेदभाव का आरोप क्यों लगा रही हैं?

दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में एडहॉक शिक्षक डॉ. ऋतु सिंह ने दावा किया है कि बीते अगस्त महीने में पढ़ाने के लिए उनकी जॉइनिंग हो गई थी, लेकिन जातिगत आधार पर उन्हें पढ़ाने से मना कर दिया गया. वहीं कॉलेज की प्रिंसिपल का कहना है कि अगर ऐसा है तो वे प्रमाण दिखाएं. विवाद के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीयू के कुलपति को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

ओपेन बुक-ऑनलाइन एक्ज़ाम और दृष्टिबाधित छात्रों की चुनौतियां

वीडियो: दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर व नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड की उपाध्यक्ष कुसुमलता मलिक ने डीयू की ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा पर सवाल उठाए हैं. सृष्टि श्रीवास्तव के साथ बातचीत में उन्होंने दृष्टिबाधित छात्रों की चिंताओं को साझा किया.

दिल्ली: डीयू की ओपन बुक परीक्षा के विरोध में दृष्टिहीन छात्र, हाईकोर्ट में याचिका दायर की

राष्ट्रीय दृष्टिहीन महासंघ ने कहा कि ओपन बुक परीक्षा के लिए दृष्टिहीन छात्रों के पास इंटरनेट या कंप्यूटर की सुविधाएं नहीं हैं, न ही वे ऑनलाइन परीक्षा के तकनीकी पहलुओं से परिचित हैं. महामारी के दौरान परीक्षा में लिखने के लिए उन्हें कोई राइटर भी नहीं मिल पाएगा.

दिल्ली विश्वविद्यालय के ओपन बुक एग्जाम मोड का विरोध क्यों हो रहा है?

दिल्ली विश्वविद्यालय ने घरेलू परीक्षाओं को ‘ओपन बुक एग्जाम’ मोड में लेने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए तकनीकी संसाधन अनिवार्य हैं. लेकिन असमान वर्गों से आने वाले छात्रों के पास ये संसाधन हैं, यह कैसे सुनिश्चित किया गया? अगर विश्वविद्यालय ने उन्हें दाखिले के समय लैपटॉप या स्मार्ट फोन मुहैया नहीं करवाया तो वह इनके आधार पर परीक्षा लेने की बात कैसे कर सकता है?

जेएनयू की एक सड़क का नाम ‘सावरकर मार्ग’ किया गया, छात्र संघ ने बताया शर्मनाक

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष ओईशी घोष ने कहा कि यह जेएनयू की विरासत के लिए शर्मनाक है कि इस विश्वविद्यालय में इस आदमी का नाम डाल दिया गया है.

दिल्ली में आईपीएल समेत सभी खेल आयोजन रद्द, जेएनयू में कक्षाएं स्थगित

इससे पहले दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर स्कूलों, कॉलेजों और सिनेमाघरों को 31 मार्च तक बंद करने की घोषणा की है.

जेएनयू हिंसा: एक महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर शिक्षकों का पुलिस हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखकर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है. शिक्षक संघ के अध्यक्ष डीके लोबियाल ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषी पकड़े नहीं जाएंगे तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.