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दिल्ली यूनिवर्सिटी (फोटो: विकिमीडिया)

लंबित वेतन को लेकर अदालत ने कहा, डीयू शिक्षकों को परेशान होते हुए नहीं छोड़ा जा सकता

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ ने दिल्ली सरकार के 16 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सरकार द्वारा पूर्ण वित्तपोषित 12 महाविद्यालयों को 1500 से अधिक ​शिक्षकों एवं शिक्षण कर्मचारियों का वेतन छात्र निधि से भुगतान करने कहा गया था.

(फोटो: ट्विटर/@aishe_ghosh)

जेएनयू की एक सड़क का नाम ‘सावरकर मार्ग’ किया गया, छात्र संघ ने बताया शर्मनाक

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष ओईशी घोष ने कहा कि यह जेएनयू की विरासत के लिए शर्मनाक है कि इस विश्वविद्यालय में इस आदमी का नाम डाल दिया गया है.

दिल्ली यूनिवर्सिटी (फोटो: विकिमीडिया)

विरोध प्रदर्शन करने वाले 24 घंटे पहले आयोजन की सूचना दें: दिल्ली विश्वविद्यालय

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रॉक्टर द्वारा जारी किए गए एक नोटिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन करने वाले आयोजकों को कार्यक्रम की जानकारी, वक्ताओं की सूची, प्रतिभागियों की अपेक्षित संख्या जैसी अन्य जानकारियां प्रस्तुत करनी होगी.

दिल्ली विश्वविद्यालय में सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह के साथ लगी वीर सावरकर की मूर्ति. (फोटो: एएनआई)

दिल्ली विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने बोस और भगत सिंह के साथ लगाई सावरकर की मूर्ति, विवाद

दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य छात्र संगठन एनएसयूआई और आइसा ने विरोध करते हुए कहा है कि सावरकर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह के समकक्ष नहीं रखा जा सकता. उन्होंने 24 घंटों के भीतर मूर्तियां नहीं हटाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की धमकी दी.

एबीवीपी नेता अंकिव बैसोया (फोटो साभार: फेसबुक)

फ़र्ज़ी ​डिग्री को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष के ख़िलाफ़ केस दर्ज

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बैसोया ने फ़र्ज़ी डिग्री विवाद को लेकर 15 नवंबर को इस्तीफ़ा दे दिया था. दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव कराने से इनकार किया.

एबीवीपी नेता अंकिव बैसोया (फोटो साभार: फेसबुक)

फ़र्ज़ी डिग्री: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बैसोया एबीवीपी से निलंबित

एबीवीपी ने ​छात्रसंघ अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने को कहा. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष अंकिव बैसोया की तिरुवल्‍लुवर विश्वविद्यालय से बीए डिग्री को एनएसयूआई ने फ़र्ज़ी डिग्री बताकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

Ankit Baisoya ABVP DUSU facebook

तिरुवल्लुवर विश्वविद्यालय ने कहा, डुसू अध्यक्ष अंकिव बैसोया हमारे यहां का छात्र नहीं

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया है कि जो प्रमाण पत्र अंकिव बैसोया ने दिल्ली विश्वविद्यालय में पेश किया था वो फ़र्ज़ी है, इस यूनिवर्सिटी का नहीं है. अंकिव किसी भी तरह से विश्वविद्यालय के छात्र नहीं रहे हैं.

डीयू छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुसीद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ (फोटो: पीटीआई)

डुसू चुनाव में एनएसयूआई उम्मीदवार का आपराधिक रिकॉर्ड छुपाना गंभीर: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने एबीवीपी उम्मीदवार रजत चौधरी की याचिका पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय और नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुसीद को नोटिस जारी किया है.

Episode TN Final

हम भी भारत, एपिसोड 01: छात्र राजनीति और देश

हम भी भारत की पहली कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी देश में छात्र राजनीति की दशा​-दिशा पर जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शहला राशिद, एबीवीपी की जाह्नवी ओझा और पत्रकार सृष्टि श्रीवास्तव से चर्चा कर रही हैं.

(रामजस कॉलेज में इस साल फरवरी में एक सेमिनार को लेकर हिंसक झड़प हो गई थी. इसके बाद छात्रों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया था. (फोटो: पीटीआई)

रामजस विवाद: अदालत ने कहा, विश्वविद्यालय में नारेबाज़ी करना अभिव्यक्ति की आज़ादी में आता है

दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत ने कहा छात्रों का इकट्ठा होकर नारेबाज़ी करना अभिव्यक्ति की आज़ादी में आता है और इससे ये साफ़ नहीं होता कि उनका मक़सद फ़साद फैलाना था.

(रामजस कॉलेज में इस साल फरवरी में एक सेमिनार को लेकर हिंसक झड़प हो गई थी. इसके बाद छात्रों ने कई दिनों तक प्रदर्शन किया था. (फोटो: पीटीआई)

क्या रामजस विवाद के बाद डीयू के विभिन्न कॉलेजों में अघोषित सेंसरशिप लागू है?

दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में सभा, वाद-विवाद और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रबंधन की अनुमति मिलने में विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.

Ramjas College PTI

जिनके पास सत्ता है वो ‘बात के बदले लात’ की संस्कृति चलाना चाहते हैं

कश्मीर में लोकतंत्र कमज़ोर है इसलिए अफ़ज़ल गुरु को शहीद बताने वालों के साथ सरकार चला कर उसे मजबूत करना है और दिल्ली में लोकतंत्र बहुत मजबूत है इसलिए सेमिनार में गुंडागर्दी कर के इसे कमज़ोर करना है.

फोटो : पीआईबी

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और फिर उसे चुप कराओ!

अच्छा होता केंद्र सरकार शैक्षिक परिसरों में खुलापन क़ायम करने का प्रयास करती. गुंडा तत्वों, उत्पात मचाने वालों और गुरमेहर को हत्या व रेप आदि की धमकी देने वालों की मुस्तैदी से धरपकड़ की जाती.