Economy

FILE PHOTO: A mannequin displays disposable face masks at a safety equipment store in the Brooklyn borough of New York City, U.S., March 26, 2020. REUTERS/Stephen Yang/File Photo

दूसरे विश्व युद्ध के बाद कोरोना वायरस महामारी सबसे बड़ी चुनौती: संयुक्त राष्ट्र महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि कोरोना वायरस भीषण वैश्विक संकट है, जो पूरी दुनिया में हर किसी के लिए ख़तरा है. दूसरी ओर इसके आर्थिक प्रभाव हैं, जिससे मंदी आएगी और ऐसी मंदी आएगी कि इतिहास में उसकी कोई मिसाल नहीं देखी गई होगी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को हो सकता है नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान

देश में लॉकडाउन के बाद विश्लेषकों द्वारा तैयार एक रिपोर्ट में कहा कि अनुमान है कि तीन सप्ताह के राष्ट्रव्यापी बंदी से ही 90 अरब डॉलर का नुकसान होगा. नोटबंदी और जीएसटी की दोहरी मार झेलने वाले असंगठित क्षेत्र पर इसका असर सर्वाधिक पड़ेगा.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

मोबाइल फोन पर जीएसटी 12 से बढ़ाकर 18 फीसदी किया गया, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें

जीएसटी परिषद की बैठक में साझा किए गए अप्रैल-फरवरी के आंकड़ों के अनुसार, संरक्षित राजस्व और राज्यों को होने वाले राजस्व के बीच राजस्व अंतर औसतन 14 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया है. इस वर्ष क्षतिपूर्ति उपकर के रूप में 80 हजार करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं, लेकिन राज्यों को 1.2 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं.

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवसः प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान को आठ साल की कार्यकर्ता ने ठुकराया

जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम ने कहा कि अगर सरकार मेरी आवाज़ नहीं सुन सकती तो आप मुझे इसमें शामिल नहीं करें. मुझे अन्य प्रेणादायक महिलाओं के साथ शामिल करने के लिए शुक्रिया लेकिन मैंने इस सम्मान को अस्वीकार करने का फैसला किया है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

आर्थिक विकास के मॉडल से आर्थिक निराशा वाला कलहपूर्ण बहुसंख्यक देश बन रहा भारत: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि साम्प्रदायिक हिंसा महात्मा गांधी के भारत पर एक धब्बा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिर्फ कथनी से ही नहीं, बल्कि करनी से भी राष्ट्र को विश्वास दिलाना चाहिए.

Job applicants wait in line at a technology job fair in Los Angeles. Photo: Reuters

बीते चार महीनों में फरवरी में सर्वाधिक रही बेरोज़गारी दर

भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक भारत की बेरोज़गारी दर फरवरी 2020 में 7.78 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो अक्टूबर 2019 के बाद से सबसे ज़्यादा है.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

सरकार अर्थव्यवस्था के बजाए राजनीतिक, समाजिक एजेंडे पर ज्यादा ध्यान दे रही: रघुराम राजन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की टिप्पणी इस संबंध में महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही जो करीब सात साल का न्यूनतम स्तर है.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश की आर्थिक वृद्धि दर दिसंबर तिमाही में घटकर 4.7 प्रतिशत रही

कांग्रेस ने मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर के 4.7 फीसदी रहने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि ‘करो-ना’ वायरस ने इस सरकार को पंगु बना दिया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

40 साल में पहली बार उपभोक्ता खर्च में आई कमी की रिपोर्ट जारी नहीं करेगा एनएसओ

यह पहली बार है जब केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर सर्वे पूरा होने के बाद एक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी नहीं करने का फैसला किया है. वहीं, सरकार ने रिपोर्ट को रद्द करने से पहले एनएससी से परामर्श नहीं किया था.

New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman during the post-budget press conference in New Delhi, Saturday, Feb. 1, 2020. Sitharaman presented the Union Budget 2020-21 in the Lok Sabha today. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI2_1_2020_000189B)

जीएसटी कर संग्रह में कमी की वजह से हो रही राज्यों को भुगतान में देरी: निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अभी राज्यों को 14 प्रतिशत क्षतिपूर्ति देने में देरी हो रही है… हम इसे समय पर नहीं दे पा रहे हैं. ऐसा कुछ नहीं है कि मैं फलाने राज्य को पसंद नहीं करती, इसीलिए मैं उस राज्य को हिस्सा नहीं दूंगी… लेकिन अगर राजस्व संग्रह कम रहता है, निश्चित रूप से राज्यों को मिलने वाली हिस्सेदारी कम होगी.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

क्या रिटेल सेक्टर में भी रोज़गार संकट आने वाला है?

आजकल रोज़गार उपलब्ध कराना एक शिगूफ़ा बन गया है. कोई भी बड़ा निवेशक जब कहीं निवेश करता है तो सबसे पहले यही बात करता है कि वो रोज़गार उपलब्ध कराएगा. होता कितना है ये पलट कर कभी नहीं देखा जाता.

Jaipur: Congress leader Rahul Gandhi addresses during the 'Yuva Akrosh Rally' at Albert Hall, Ramniwas Bagh, in  Jaipur, Tuesday, Jan. 28, 2020. (PTI Photo) (PTI1_28_2020_000081B)

एनआरसी, सीएए, एनपीआर की बात होगी, लेकिन मोदी बेरोज़गारी पर एक शब्द नहीं बोलते: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि वे किसी भी यूनिवर्सिटी में जाकर युवाओं के सवालों के जवाब दे दें. ये सवाल बेरोज़गारी, देश को बांटने, देश की छवि ख़राब करने से जुड़े हुए हैं. प्रधानमंत्री जवाब नहीं दे पाएंगे.

(फोटो: रॉयटर्स)

एक फीसदी के पास 70 फीसदी भारतीयों से चार गुना ज्यादा धन: ऑक्सफैम रिपोर्ट

ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट ‘टाइम टू केयर’ में कहा कि विश्व के 2153 अरबपतियों के पास विश्व की 60 फीसदी जनसंख्या के मुकाबले ज्यादा संपत्ति है. इसमें कहा गया है कि एक घरेलू कामकाजी महिला को किसी तकनीकी कंपनी के सीईओ के बराबर कमाने में 22 हजार 277 साल लग जाएंगे.

Nagaon: A farmer ploughs his field using bullocks at Bamuni village, in Nagaon, Tuesday, July 02, 2019. (PTI Photo) (PTI7_2_2019_000076B)

देश में पिछले 10 साल में माफ़ हुआ 4.7 लाख करोड़ रुपये का कृषि क़र्ज़

हालांकि किसानों की ये क़र्ज़ माफ़ी वास्तविकता के बजाय काग़ज़ों पर ही अधिक हुई हैं. इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक क़र्ज़ माफ़ नहीं किए जा सके हैं. सबसे ख़राब प्रदर्शन मध्य प्रदेश का रहा है. मध्य प्रदेश में महज़ 10 प्रतिशत क़र्ज़ माफ़ किए गए हैं.

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी.  (फोटो: ट्विटर/@INCIndia)

मोदी-संघ के ख़िलाफ़ लोकतंत्र की लड़ाई की अगुवाई राहुल गांधी नहीं कर सकते हैं

पिछले दो दशकों में कांग्रेस का इतनी गहराई तक ग़ैर-सांस्थानीकरण हो चुका है कि गांधी परिवार से बाहर जाकर विचार करने की इसकी सामूहिक क्षमता समाप्त हो गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ. (फोटो: ट्विटर/@GitaGopinath)

भारत की अर्थव्यवस्था गंभीर सुस्ती के दौर में, तत्काल नीतिगत कदमों की जरूरत: आईएमएफ

आईएमएफ एशिया और प्रशांत विभाग में भारत के लिए मिशन प्रमुख रानिल सलगादो ने कहा कि भारत के साथ मुख्य मुद्दा अर्थव्यवस्था में सुस्ती का है. इसकी वजह वित्तीय क्षेत्र का संकट है. इसमें सुधार उतना तेज नहीं होगा जितना हमने पहले सोचा था.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

खाने-पीने का सामान महंगा होने से थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 0.58 प्रतिशत पर पहुंची

प्याज सहित अन्य सब्जियों, दाल और मांस, मछली जैसी प्रोटीन वाली वस्तुओं के दाम चढ़ने से नवंबर माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई थी.

The Wire Business Report

द वायर बिज़नेस रिपोर्ट: कार्वी ब्रोकिंग घोटाले के बाद किस बात का ध्यान रखें निवेशक

वीडियो: द वायर बिज़नेस रिपोर्ट की इस कड़ी में मिताली मुखर्जी 5 पैसा कैपिटल के सीईओ प्रकश गर्गानी से बात कर रही हैं कि कैसे कार्वी ब्रोकिंग ने अपने रियल एस्टेट की सब्सिडिरी के लिए अपने ग्राहकों के शेयरों का इस्तेमाल किया.

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी.  (फोटो: ट्विटर/@INCIndia)

मैं ‘राहुल सावरकर’ नहीं राहुल गांधी हूं, सच्चाई के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा: राहुल गांधी

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘भारत बचाओ रैली’ में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि आज देश में अंधेर नगरी, चौपट राजा जैसा माहौल है और पूरा देश पूछ रहा है कि सबका साथ, सबका विकास कहां है?

A vendor sells vegetables at a retail market in Kolkata, India, December 12, 2018. Photo Reuters Rupak De Chowdhuri

खुदरा मुद्रास्फीति दर 40 महीने के उच्चतम स्तर पर, औद्योगिक उत्पादन 3.8 फीसदी गिरा

बिजली, खनन और विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के कारण औद्योगिक उत्पादन अक्टूबर महीने में 3.8 प्रतिशत घट गया. एक साल पहले इसी माह में इसमें 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे. (फोटो साभार: फेसबुक)

जीडीपी को रामायण-महाभारत नहीं मान लेना चाहिए, यह भविष्य में महत्वपूर्ण नहीं रहेगा: भाजपा सांसद

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में यह बात ऐसे समय कही है जब चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत पर रह गई है. बीते छह सालों में आर्थिक वृद्धि की यह सबसे धीमी गति है.

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मोदी की आलोचना गुनाह है; मोदी के मंत्रियों का राहुल बजाज पर हमला

बजाज समूह के चेयरमैन राहुल बजाज ने एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कहा कि जब यूपीए सरकार सत्ता में थी, तो हम किसी की भी आलोचना कर सकते थे. अब हम अगर आपकी खुले तौर पर आलोचना करें तो यह यकीन नहीं है कि आप इसे पसंद करेंगे. इस बारे में चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

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राहुल बजाज ने अमित शाह से कहा- देश में डर का माहौल, लोग आलोचना करने से डरते हैं

बजाज समूह के चेयरमैन राहुल बजाज ने इकोनॉमिक टाइम्स के एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कहा कि जब यूपीए सरकार सत्ता में थी, तो हम किसी की भी आलोचना कर सकते थे. अब हम अगर आपकी खुले तौर पर आलोचना करें तो इतना विश्वास नहीं है कि आप इसे पसंद करेंगे.

Mumbai: Congress senior leader and former prime minister Manmohan Singh addresses a press conference, in Mumbai, Thursday, Oct. 17, 2019. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI10_17_2019_000071A)

अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक, हालिया जीडीपी आंकड़े पूरी तरह अस्वीकार्य: मनमोहन सिंह

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रहने को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नाकाफ़ी बताया. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है लेकिन हमारे समाज की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है.

(फोटो: रॉयटर्स)

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.5 प्रतिशत रही आर्थिक वृद्धि दर, छह साल में सबसे कम

एनएसओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में गिरावट और कृषि क्षेत्र में पिछले साल के मुकाबले कमज़ोर प्रदर्शन से वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रह गई. बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह सात प्रतिशत थी.

C. Rangarajan. Photo PTI

5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सवाल ही नहीं है: पूर्व आरबीआई गवर्नर सी. रंगराजन

गुजरात के अहमदाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रंगराजन ने कहा कि विकसित देश की परिभाषा ऐसे देश से है जिसकी प्रति व्यक्ति आय 12,000 डॉलर सालाना हो. अगर हम नौ फीसदी की दर से विकास करे तब भी इसे हासिल करने में 22 साल लगेंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

ग्रामीण मांग में कमी के कारण 40 साल में पहली बार उपभोक्ताओं की खर्च सीमा घटी: रिपोर्ट

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की एक लीक रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भारतीय द्वारा एक महीने में खर्च की जाने वाली औसत राशि साल 2017-18 में 3.7 फीसदी कम होकर 1446 रुपये रह गई है, जो कि साल 2011-12 में 1501 रुपये थी.

A worker operates a hydraulic press machine at a workshop manufacturing flanges for automobiles in Mumbai, India, May 29, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

सितंबर महीने में 4.3 फीसदी की कम हो गया औद्योगिक उत्पादन, आठ साल की सबसे बड़ी गिरावट

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन 20.7 प्रतिशत घटा जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 6.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. वहीं, विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 3.9 प्रतिशत, बिजली क्षेत्र का उत्पादन 2.6 प्रतिशत घट गया.

(फोटो: द वायर)

आर्थिक सुस्ती को लेकर शिवसेना का सरकार पर तंज़, इतना सन्नाटा क्यों है भाई..?

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में फिल्म शोले के इस डायलॉग से देश में आर्थिक सुस्ती और त्योहारों के मौके पर बाज़ारों से ग़ायब रौनक के लिए सरकार के नोटबंदी और ग़लत तरीके से जीएसटी को लागू करने को ज़िम्मेदार बताया है.