Emergency

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कश्मीर में पाबंदियों को लेकर इस्तीफा देने वाले आईएएस अधिकारी को ड्यूटी पर लौटने को कहा गया

दमन और दीव के कार्मिक विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर लिया जाता है, तब तक उन्हें निर्धारित काम करने होंगे.

जनवरी 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिल्वासा दौरे के दौरान कन्नन गोपीनाथन (दाएं से दूसरे). (फोटो: फेसबुक)

आईएएस अधिकारी ने दिया इस्तीफ़ा, कहा- जम्मू कश्मीर में अघोषित आपातकाल

केरल कैडर के आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने कहा कि आज से बीस साल बाद अगर लोग मुझसे पूछेंगे कि जब देश के एक हिस्से में आभासी आपातकाल लगा दिया गया था तब आप क्या कर रहे थे तब कम से कम मैं यह कह सकूंगा कि मैंने आईएएस से इस्तीफ़ा दे दिया था.

मैत्रीपाला सिरिसेना. (फोटो: रॉयटर्स)

श्रीलंका: राष्ट्रपति सिरिसेना ने फिर बढ़ाया आपातकाल, आतंकी हमले के बाद हुआ था लागू

बीते अप्रैल माह में श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में तीन गिरजाघरों और तीन होटलों का निशाना बनाते हुए किए गए धमाकों के 258 लोगों की मौत हो गई थी. इस सिलसिले में 10 महिलाओं सहित 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

India Gandhi Narendra Modi PTI Reuters featured

क्या मोदी ने भी वही क़ानून तोड़ा है, जिसके चलते इंदिरा गांधी को अयोग्य घोषित किया गया था?

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कथित तौर पर विभिन्न राज्यों के नौकरशाहों से उन जगहों के बारे में जानकारियां मांगी, जहां प्रधानमंत्री को चुनाव प्रचार के लिए जाना था. अगर यह साबित हो जाता है तो न केवल आदर्श आचार संहिता बल्कि जनप्रतिनिधि क़ानून का उल्लंघन होगा.

चौधरी चरण सिंह (फोटो: द वायर)

जब चौधरी चरण सिंह बोले- अगर मेरे दल का प्रत्याशी किसान-मज़दूरों से धोखा करता हो, तो वोट न देना

चुनावी बातें: चौधरी चरण सिंह ने एक चुनावी सभा में मतदाताओं से कहा था कि अगर उनकी पार्टी का प्रत्याशी चारित्रिक रूप से पतित हो या शराब पीता हो, तो वे उसे हराने में संकोच न करें.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and BJP senior leader LK Advani during BJP National Executive Meeting, in New Delhi, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI9_8_2018_000103B)

मोदी की भाजपा पर लिखे आडवाणी के ब्लॉग में इंदिरा के ख़िलाफ़ लिखे उनके लेखों की झलक है

भाजपा के संस्थापक ने विरोधियों को एंटी-नेशनल कहने पर आपत्ति जताई है, जो मोदी-शाह की रणनीति और अभियान का प्रमुख तत्व रहा है. ऐसा ही कुछ लालकृष्ण आडवाणी ने 1970 के दशक के मध्य में आपातकाल के समय जेल में बंद होने के दौरान भी लिखा था.

कमलनाथ, कांग्रेस सांसद (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश सरकार ने मीसाबंदी पेंशन योजना अस्थाई तौर पर बंद की, भाजपा ने की आलोचना

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान वर्ष 1975 से 1977 के बीच लगे आपातकाल के दौरान जेल में डाले गए लोगों को मीसाबंदी पेंशन योजना के तहत करीब 4000 लोगों को 25,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है.

Shirdi: Shiv Sena President Uddhav Thackeray speaks at a rally, in Shirdi, Sunday, Oct 21, 2018. (PTI Photo) (PTI10_21_2018_000214B)

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी कहा, ‘चौकीदार चोर है’

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लोगों की निजी ज़िंदगी में दख़ल देकर आपातकाल लागू करना चाहती है.

अरुण शौरी. (फोटो: पीटीआई)

मोदी सरकार में स्थितियां आपातकाल से भी बदतर: अरुण शौरी

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा, ‘1975 में बेहतर और निश्चित विपक्ष था. लेकिन आज विपक्ष बिखरा हुआ है. मैं कह सकता हूं कि इंदिरा और नरेंद्र मोदी के बीच अंतर यह है कि इंदिरा को अपने किए का पछतावा था.’

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी. (फोटो: रॉयटर्स)

‘आपातकाल’ और ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ इंदिरा गांधी की दो गंभीर गलतियां थीं: नटवर सिंह

अपनी नई किताब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नटवर सिंह ने लिखा है कि अक्सर इंदिरा गांधी को गंभीर और क्रूर बताया जाता है. कभी-कभार ही यह कहा गया कि वह सुंदर, गरिमामयी और शानदार इंसान के साथ एक विचारशील मानवतावादी एवं अध्ययन करने वाली महिला थीं.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 72nd Independence Day, in Delhi on August 15, 2018.

देश में संविधान लागू है और क़ानून अपना काम कर रहा है

रोजगार नहीं है. उत्पादन घट गया है. किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नसीब नहीं हो रहा है. हेल्थ सर्विस चौपट हो चली है. शिक्षा-व्यवस्था डांवाडोल है. मुस्लिम ख़ामोश हो गया है. दलित चुपचाप है लेकिन आवाज़ नहीं उठनी चाहिए क्योंकि देश में क़ानून अपना काम कर रहा है.

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का निधन

आपातकाल के दौरान इसका विरोध करने की वजह से जेल गए. तकरीबन 15 किताबें लिखने वाले कुलदीप नैयर तमाम प्रतिष्ठित अख़बारों के संपादक रह चुके थे.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addressing the nation from the ramparts of the historic Red Fort on the occasion of the 71st Independence Day, in New Delhi on Tuesday. PTI Photo / PIB (PTI8_15_2017_000059B) *** Local Caption ***

15 अगस्त 1975 ​के लाल क़िले और 15 अगस्त 2018 के लाल क़िले का फ़र्क़

इमरजेंसी लगाकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘नए भारत’ का उद्घोष किया था. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘न्यू इंडिया’ का ऐलान करेंगे.

Media Bol 56

मीडिया बोल, एपिसोड 56: आपातकाल की याद, सर्जिकल स्ट्राइक और विपक्ष से लड़ता मीडिया

मीडिया बोल की 56वीं कड़ी में उर्मिलेश आपातकाल और सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो को लेकर विपक्ष पर हमलावर हो रहे मीडिया पर चर्चा कर रहे हैं.

Student Protest Reuters

सरकार चाहती है देश का युवा समझे कि प्रतिरोध करना राष्ट्रद्रोह और ग़ैर-लोकतांत्रिक है

हमारी राष्ट्रीय राजनीति और भाजपा कांग्रेस विरोधी आंदोलन यानी प्रतिरोध का ही नतीजा हैं, लेकिन इसके बारे में कोई बात नहीं करता. ख़ुद भाजपा भी नहीं. वे चाहते हैं कि हम इमरजेंसी के बारे में जानें लेकिन उतना, जितने से उन्हें नुकसान न पहुंचे.

Modi NCERT collage

सीबीएसई की किताब में भाजपा सांप्रदायिक पार्टी, गोधरा कांड के समय मोदी ने नहीं निभाया राजधर्म

शायद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को सीबीएसई के पाठ्यक्रम की सही जानकारी नहीं है तभी वो आपातकाल के पाठ को पाठ्यक्रम में शामिल करवाने की बात कर रहे हैं. दरअसल, सीबीएसई की 12वीं कक्षा की किताब ‘स्वतंत्र भारत में राजनीति’ में आपातकाल, 1984 के दंगों, बाबरी ध्वंस, गोधरा कांड और हिंदुत्व की विस्तार से व्याख्या की गई है.

मराठी लेखक विनय हार्दिकर. (फोटो साभार: फेसबुक/
Rajeev Basargekar)

लेखक ने आपातकाल में जेल में रहने को लेकर महाराष्ट्र सरकार से पेंशन लेने से किया इनकार

मराठी लेखक विनय हार्दिकर ने सवाल उठाया कि आपातकाल के दौरान जेल में डाल दिए गए लोगों की तुलना में आरएसएस के कार्यकर्ता अधिक थे. क्या सरकार उन्हें नकद पुरस्कार देना चाहती है.

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कोबरापोस्ट स्टिंग: दो बांग्ला अख़बारों का हिंदुत्ववादी प्रोपेगेंडा से इनकार

जब कोबरापोस्ट के स्टिंग में देश के प्रमुख मीडिया संस्थान बिकने को बेताब दिखे, वहीं पश्चिम बंगाल के बर्तमान पत्रिका और दैनिक संबाद अख़बारों ने कोबरापोस्ट की पेशकश यह कहते हुए ठुकरा दी कि इस तरह का कंटेंट प्रकाशित करना कंपनी पॉलिसी और संस्थान की आत्मा के ख़िलाफ़ है.

श्रीलंका में हुए सांप्रदायिक हिंसा के बाद जलाया गया घर. (फोटो: रॉयटर्स)

सांप्रदायिक हिंसा के बाद श्रीलंका में लगाया गया आपातकाल हटा

बीते छह मार्च को कैंडी और अम्पारा जिलों में हुए बौधों और मुस्लिमों के बीच हुई हिंसा के बाद 10 दिनों के लिए श्रीलंका में आपातकाल घोषित कर दिया था.

Opposition supporters protest against the government's delay in releasing their jailed leaders, including former president Mohamed Nasheed, despite a Supreme Court order, in Male, Maldives, February 4, 2018. REUTERS/Stringer

राजनीतिक गतिरोध के बीच मालदीव में आपातकाल, पूर्व राष्ट्रपति व सुप्रीम कोर्ट के दो जज गिरफ़्तार

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत से सैन्य हस्तक्षेप की मांग की. भारत और चीन ने अपने नागरिकों से मालदीव की यात्रा टालने को कहा है. अमेरिका ने राष्ट्रपति से क़ानून का सम्मान करने की अपील की.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस (फोटो: पीटीआई)

संविधान, लोकतंत्र और सेना के बाद संघ के चलते ही देश सुरक्षित है: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज

आरएसएस प्रशिक्षण शिविर में पूर्व जज केटी थॉमस ने कहा, ‘अगर किसी संगठन को आपातकाल से देश को मुक्त कराने के लिए क्रेडिट दिया जाना चाहिए, तो मैं आरएसएस को दूंगा.’

(फोटो साभार: यूट्यूब)

आपातकाल पर बनी डॉक्यूमेंट्री को सेंसर बोर्ड ने प्रमाण पत्र देने से इनकार किया

फिल्म निर्देशक ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आपातकाल के दौरान हिरासत में लिए गए पीड़ितों के साक्षात्कारों के साथ पुलिस अत्याचार के तरीकों पर बात की गई है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णनवीस. (फोटो: पीटीआई)

क्या सरकार के ख़िलाफ़ लड़ने वालों को स्वतंत्रता सेनानी कहा जा सकता है?

आपातकाल के दौरान जेल जाने वालों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिए जाने के महाराष्ट्र की भाजपा सरकार के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है.

साभार: competitionzenith.blogspot.in

जब जेपी के जीवित रहते हुए संसद ने उन्हें श्रद्धांजलि दे दी थी…

गैरकांग्रेसवाद का सिद्धांत भले ही डाॅ. राममनोहर लोहिया ने दिया था लेकिन उसकी बिना पर कांग्रेस की केंद्र की सत्ता से पहली बेदखली 1977 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के तत्वावधान में ही संभव हुई.

जयप्रकाश नारायण. (जन्म: 11 अक्टूबर 1902  मृत्यु: 08 October 1979)

कहते हैं उनको जयप्रकाश जो नहीं मरण से डरता है…

पुण्यतिथि विशेष: आपातकाल की चर्चा तब तक पूरी नहीं होती जब तक स्वाधीनता संग्राम सेनानी और प्रसिद्ध समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की चर्चा न की जाए.

Gujrat Riot Reuters

वह चुनाव अभियान जिसने सांप्रदायिक राजनीति को बदल दिया

वर्ष 2002 में नरेंद्र मोदी के पहले राजनीतिक चुनाव प्रचार ने सबकुछ बदल दिया. पहली बार किसी पार्टी के नेता और उसके मुख्य चुनाव प्रचारक ने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरा प्रचार अभियान चलाया.

Indira Gandi Book Sagrika Ghosh

‘इंदिरा गांधी ने महाराजाओं के विशेषाधिकार तो ख़त्म किए लेकिन राजनीति में नए महाराजा बना दिए’

साक्षात्कार: वरिष्ठ पत्रकार सागरिका घोष से उनकी नई क़िताब ‘इंदिरा: इंडियाज़ मोस्ट पावरफुल प्राइम मिनिस्टर’ पर मीनाक्षी तिवारी से बातचीत.

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सेकुलर भारत की याद दिलाती है अमर अकबर एंथनी

एक अलग भारत और उसके केंद्रीय मूल्यों को याद कराने के लिए फिल्म अमर अकबर एंथनी बुरा विचार नहीं है. यह आज के नौजवानों को यह बतलाएगा कि भारत हमेशा से वैसा नहीं था, जैसा कि आज है.

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आपातकाल के 42 सालों के बाद एक बार फिर भारत का लोकतंत्र ख़तरे में है

‘एक ऐसी सरकार जो ‘सबका विकास’ के वादे पर सत्ता में आई थी, अब समाज के सबसे कमज़ोर लोगों को सुरक्षा देने को लेकर अनिच्छुक नज़र आ रही है.’

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जन गण मन की बात, एपिसोड 74: भीड़ द्वारा पीट​​​​-पीटकर नागरिकों की हो रही हत्याएं और जीएसटी

जन गण मन की बात की 74वीं कड़ी में विनोद दुआ भीड़ द्वारा पीट​​​​-पीटकर नागरिकों की हो रही हत्याओं और जीएसटी पर चर्चा कर रहे हैं.

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जो हम पर ईमान ना लाए चुनवा दो दीवारों में…

‘गाय, ट्रिपल तलाक, सेना, कश्मीर और पाकिस्तान को ज़ेरे-बहस लाकर सरकार अपनी नाकामी को छिपाने की कोशिश कर रही है. सरकार के सभी वादे झूठे साबित हुए हैं. आपको अच्छे दिन के बजाय बुरे दिन दे दिए गए हैं.’