Employment Data

भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल. (फोटो: साभार: फेसबुक)

बड़ी संख्या में सरकारी नौकरी पैदा करना मुश्किल: भाजपा प्रवक्ता

भाजपा के आर्थिक मामलों के प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि भारत में नए रोज़गार चाहने वालों की संख्या बहुत अधिक है. इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को नई सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती. इसीलिए हमारा ज़ोर उद्यमिता और स्व-रोज़गार पर है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi gestures during the CSIR's Shanti Swarup Bhatnagar Prize for Science and Technology 2016-2018 ceremony in New Delhi, Thursday, Feb 28, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI2_28_2019_000105B)

श्रम ब्यूरो को मुद्रा योजना के तहत रोज़गार के आंकड़ों की दोबारा जांच का आदेश

श्रम ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पिछले तीन साल में केवल 1.12 करोड़ रोज़गार ही पैदा किए जा सके.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

लोकसभा चुनाव: मध्य प्रदेश के 61.91 प्रतिशत मतदाताओं ने रोज़गार को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

लोकसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले चुनावों पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉमर्स द्वारा हाल ही में जारी किये गये राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यह खुलासा किया गया है.

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पिछले छह साल में रोजगार की तलाश करने वाली ग्रामीण महिलाओं की संख्या में 2.8 करोड़ की कमी आई

साल 2004-05 से अब तक पांच करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं राष्ट्रीय बाजार की नौकरियां छोड़ चुकी हैं. ये आंकड़े एनएसएसओ की पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) 2017-18 की रिपोर्ट पर आधारित हैं जिन्हें जारी करने पर मोदी सरकार ने रोक लगा दी है.

Baska: Farmers plant paddy saplings in a field at Boglamari, in Baska district of Assam on Wednesday, July 11, 2018. (PTI Photo) (PTI7_11_2018_000049B)

2011 से 2018 तक में करीब तीन करोड़ खेतिहर मज़दूरों का रोज़गार छिना: एनएसएसओ रिपोर्ट

एनएसएसओ द्वारा साल 2017-2018 में किए गए सर्वेक्षण से ये पता चला है कि 2011-12 से लेकर 2017-18 के बीच खेत में काम करने वाले अस्थायी मजदूरों में 40 फीसदी की गिरावट आई है. खात बात ये है कि सरकार ने इस सर्वेक्षण को जारी करने से मना कर दिया है.

फोटो: रॉयटर्स

25 साल में पहली बार देश में घटी पुरुष कामगारों की संख्या: रिपोर्ट

एनएसएसओ की रिपोर्ट के अनुसार 1993-94 के बाद 2017-18 देश में पुरुष कामगारों की संख्या में गिरावट आई है, साथ ही 2011-12 की तुलना में रोज़गार अवसर बहुत कम हुए हैं. यह एनएसएसओ की वही रिपोर्ट है, जिसे केंद्र सरकार ने हाल ही में जारी होने से रोका था.

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द वायर बुलेटिन: जम्मू-कश्मीर में पुलिस हिरासत में स्कूल प्रिंसिपल की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी लंदन में गिरफ़्तार समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

A labourer carries bricks at a brick factory on the eve of May Day or Labour Day on the outskirts of Agartala, India, April 30, 2015. (Photo by Jayanta Dey/Reuters)

108 अर्थशास्त्रियों ने सरकारी आंकड़ों में राजनीतिक दख़ल पर चिंता जताई

देश-विदेश की शीर्ष वित्तीय संस्थाओं से जुड़े अर्थशास्त्रियों ने कहा कि वित्तीय आंकड़े नीतियां बनाने और जनता की भलाई के लिए महत्वपूर्ण है. इसलिए ज़रूरी है कि इन आंकड़ों को इकठ्ठा और प्रसारित करने वाली संस्थाएं राजनीतिक हस्तक्षेप का शिकार न हों और इनकी विश्वसनीयता बनी रहे.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing at the Business and Community event, at Marina Bay Sands Convention Centre, in Singapore on May 31, 2018.

मुद्रा योजना के तहत मिले रोज़गार के आंकड़े चुनाव के बाद जारी करेगी मोदी सरकार

आगामी लोकसभा चुनावों से पहले रोज़गार को लेकर यह तीसरी रिपोर्ट है जिसे मोदी सरकार ने दबा दिया है. इससे पहले उसने बेरोज़गारी पर एनएसएसओ की रिपोर्ट और श्रम ब्यूरो की नौकरियों और बेरोज़गारी से जुड़ी छठवीं सालाना रिपोर्ट को भी जारी होने से रोक दिया था.

Job applicants wait in line at a technology job fair in Los Angeles. Photo: Reuters

2016 के बाद इस साल फरवरी में सबसे अधिक रही बेरोज़गारी दर: रिपोर्ट

भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल फरवरी में बेरोज़गारी दर 7.2 फीसदी हो गई जो कि सितंबर 2016 के बाद सबसे अधिक है. पिछले साल फरवरी में यह आंकड़ा 5.9 फीसदी था.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

एनएसएसओ रिपोर्ट पर किरकिरी के बाद सरकार मुद्रा योजना से मिले रोज़गार के आंकड़ों को पेश करेगी

नीति आयोग ने गुरुवार को श्रम मंत्रालय से सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू करने और 27 फरवरी को इसके निष्कर्षों को पेश करने को कहा ताकि इसे मार्च के पहले सप्ताह में साझा किया जा सके.

Jammu: Special Police Officers (SPO) applicants stand in a queue to submit their forms at Police line, in Jammu, Thursday, Sept 20, 2018. (PTI Photo)(PTI9_20_2018_000028B)

मोदी सरकार को आईना दिखाते बेरोज़गारी के आंकड़े

वीडियो: राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की रिपोर्ट में सामने आया है कि देश में बीते 45 सालों में 2017-18 में सबसे अधिक बेरोज़गारी रही है. रोज़गार की स्थिति पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु का नज़रिया.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

पिछले 45 सालों की तुलना में साल 2017-18 में सबसे अधिक रही बेरोजगारी: रिपोर्ट

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय ने ये आंकड़े जुलाई 2017 से जून 2018 के बीच जुटाए हैं. नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद देश में रोजगार की स्थिति पर आया यह पहला सर्वेक्षण है.

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मोदी सरकार पर रोज़गार और जीडीपी के आंकड़े छिपाने का आरोप, सांख्यिकी आयोग के दो सस्दयों का इस्तीफ़ा

राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग से इस्तीफ़ा देते हुए कार्यकारी अध्यक्ष पीसी मोहनन ने कहा कि सरकार आयोग के काम को गंभीरता से नहीं ले रही है और सदस्यों की सलाह को नज़रअंदाज़ कर रही है.

New Delhi: Union Minister for Railways, Coal and Finance Piyush Goyal addresses a press conference after the Cabinet meeting in New Delhi on Wednesday, June 13, 2018. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI6_13_2018_000147B)

रोज़गार के मौके बढ़े हैं लेकिन आंकड़ों का सही हिसाब नहीं लग पा रहा: पीयूष गोयल

एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘आंकड़े रोज़गार में बढ़ोतरी को दिखानें में असमर्थ हैं. युवाओं को भविष्य के लिए कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी निर्माता बनने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.’

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मोदी सरकार के पास रोज़गार वृद्धि का नहीं है कोई आंकड़ा, संसदीय समिति करेगी खुलासा

भाजपा के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति के सामने मोदी सरकार नौकरियों के संंबंध में कोई वास्तविक और विश्वसनीय आंकड़ा नहीं पेश कर पाई है. ये रिपोर्ट 2019 के लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले सदन में पेश की जाएगी.