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गुजरात चुनाव: एक ही सवाल बार-बार, कहां गईं नौकरियां-कहां है रोज़गार

राज्य के मौजूदा राजनीतिक विमर्श में रोज़गार और नौकरी को लेकर उठी आवाज़ें दब-सी गयी हैं. पूरा चुनाव प्रचार षड्यंत्रों की उल्टी-सीधी दास्तानों और ध्रुवीकरण पर आधारित हो गया है.

राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (फोटो: फेसबुक)

रोज़गार और निवेश पर झूठे आंकड़े पेश कर रही है भाजपा सरकार: सचिन पायलट

राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने वसुंधरा राजे सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 5 साल में 15 लाख रोज़गार के वादे में से अब तक सिर्फ़ 89 हजार सीधी भर्तियां की गईं.

Applicants look at job offers displayed on a glass window of a recruitment agency in Manila in this October 9, 2010 file photo.   REUTERS/Cheryl Ravelo/File Photo

रोज़गार सृजन नहीं हुआ तो भावी पीढ़ी माफ़ नहीं करेगी: श्रम मंत्री

श्रम सचिव एम. सत्यवती ने कहा, हर साल एक करोड़ युवा रोज़गार चाहने वालों में शामिल होते हैं. दुर्भाग्य से नौकरी पाने के लिए कई युवाओं में ज़रूरी कौशल नहीं होता.

Jammu: Vaishno Devi pilgrims showing demonetized 500 and 1000 rupees notes in Jammu on Wednesday. PTI Photo  (PTI11_9_2016_000308A)

नोटबंदी: जनवरी से अप्रैल के बीच 15 लाख नौकरियां चली गईं

रविशंकर प्रसाद कह रहे नोटबंदी से देह व्यापार में कमी आई. जल्दी ही कोई दावा कर देगा कि नोटबंदी से चर्मरोग और गंजापन भी दूर होने लगा है.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

वृद्धि दर के हिसाब से रोज़गार सृजन नहीं हो रहा: केयर रेटिंग्स

घरेलू रेटिंग एजेंसी ने पिछले पांच साल का अध्ययन कर बताया, 7 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ रोज़गार मात्र 1 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा.

NIti Aayog Reuters

नौकरियों में वृद्धि धीमी है लेकिन रोज़गार विहीन वृद्धि की बात सही नहीं है: नीति आयोग

नीति आयोग से जुड़ी संस्था का कहना है, ‘रोज़गार की समस्या बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी के उपयोग और उपयुक्त कौशल की कमी की वजह से है.’

New Delhi: Opposition leaders Ghulam Nabi Azad of Congress, Derek O’Brien of TMC and JD (U) rebel leader Sharad Yadav addressing the media to observe November 8 as Black Day to protest note ban, in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Atul Yadav  (PTI10_24_2017_000040A)

नोटबंदी: आठ नवंबर को विपक्ष मनाएगा काला दिवस, देश भर में होंगे प्रदर्शन

कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा, मनमोहन सिंह ने नोटबंदी के कारण जीडीपी में दो प्रतिशत कमी आने की आशंका जताई थी, वह सही साबित हुई.

MK Venu Amit Singh

‘किसानों के छोटे क़र्ज़ से दिक्कत है, उन उद्योगपतियों से नहीं जो हज़ारों करोड़ का लोन डकार जाते हैं’

कृषि, रोज़गार और महंगाई समेत दूसरे आर्थिक मसलों पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से अमित सिंह की बातचीत.

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures on stage during a community reception at SAP Center in San Jose, California September 27, 2015. REUTERS/Stephen Lam

आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के तीन साल में अर्थव्यवस्था के अच्छे दिन नहीं आए

मोदी यह समझाने की कितनी भी कोशिश करें कि उनके आने से बदलाव आया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों में सरकार प्रगति करने के लिए जूझती नज़र आ रही है.

job reuters

ऐतिहासिक रोज़गार संकट से आंखें चुरा रही है मोदी सरकार

विधानसभा चुनावों में विभाजनकारी और भावनात्मक मुद्दों पर भाजपा को मिल रही जीत ने सरकार में यह भाव भरने का काम किया है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी सब बढ़िया है.

फोटो: पीटीआई

एक छोटी सी नौकरी का तलबगार हूं मैं, उनसे कुछ और जो मांगूं तो गुनहगार हूं मैं…

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर छिड़ा ट्विटर वॉर, ट्रेंड कर रहा है ‘अच्छे दिन नौकरी बिन’ और तीन साल गोलमाल.

Vinod Dua Ep 24 a

जन की बात: यूपी में अवैध स्लॉटर हाउस पर रोक और वित्त विधेयक, एपिसोड 24

जन की बात की 24वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध स्लॉटर हाउसों पर रोक और वित्त विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं.