Environment

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दिल्ली के पुनर्विकास के लिए मिली पर्यावरणीय अनुमतियां कई सवाल खड़े करती हैं

परियोजना को मिली स्वीकृतियां स्पष्ट दिखाती हैं कि इसके लिए गुड गवर्नेंस के कई सिद्धांतों से समझौता किया गया है.

Kochi: Rescue officials assist villagers out of a flooded area following heavy monsoon rainfall, near Kochi on Wednesday, Aug 15, 2018. (PTI Photo) (PTI8_15_2018_000266B)

केंद्र ने पर्यावरण पर गाडगिल कमेटी रिपोर्ट की जानकारी देने से मना किया था: पूर्व सूचना आयुक्त

पर्यावरणविद माधव गाडगिल ने 2011 में सौंपी एक रिपोर्ट में केरल में बाढ़ की आशंका जताई थी. पूर्व सूचना आयुक्त शैलेष गांधी ने बताया कि इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार ने देश के आर्थिक हितों पर प्रभाव का हवाला देते हुए आरटीआई के तहत सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया था.

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दिल्ली के पूर्वी किदवई नगर के पुनर्विकास का ख़ामियाज़ा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है

आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की पूर्वी किदवई नगर पुनर्विकास परियोजना के ख़िलाफ़ आस-पास के रहवासियों ने आवाज़ तो उठाई, लेकिन अब उन्हें बड़े पैमाने पर चल रही इस परियोजना से उपजी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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दिल्ली में हरे पेड़ों की कटाई का हल नए पौधे लगाना नहीं है

हरे पेड़ों को काटने के एवज में नए पेड़ लगाना ऐसी एजेंसियों का पसंदीदा हथियार है, जो समाज और पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान की कीमत पर भी विकास को बढ़ावा देना चाहती हैं. उनका मानना है कि पारिस्थितिकी बदलना शहरी विकास के वर्तमान तरीकों को बदलने से ज़्यादा आसान है.

(फोटो साभार: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा, ताजमहल की ख़ूबसूरती को बहाल करो या फिर इसे गिरा दो

पीठ ने ताजमहल और पेरिस में एफिल टावर के बीच तुलना करते हुए कहा कि यह स्मारक संभवत: ज़्यादा ख़ूबसूरत है, लेकिन भारत वहां के ताजमहल के मौजूदा हालातों की वजह से लगातार पर्यटक और विदेशी मुद्रा गंवा रहा है.

New Delhi: Activists from various environmental organisations display placards and hold a tree during a protest against cutting of trees in Nauroji Nagar area, in New Delhi on Sunday evening, June 24, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI6_24_2018_000133B)

क्या दिल्ली एक आवासीय परिसर के लिए हज़ारों पेड़ों की कटाई झेल सकती है: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने लगभग 17 हज़ार पेड़ों की कटाई पर चार जुलाई तक रोक लगाई. दक्षिण दिल्ली की छह कालोनियों- सरोजनी नगर, नौरोज़ी नगर, नेताजी नगर, त्यागराज नगर, मोहम्मदपुर और कस्तूरबा नगर के पुनर्विकास के लिए काटे जाने हैं पेड़.

Ratnagiri Protest Photo By Ruchira

महाराष्ट्र के कई गांवों में विश्व की ‘सबसे बड़ी रिफाइनरी परियोजना’ का विरोध क्यों हो रहा है

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार कोंकण की 720 किलोमीटर लंबी तट रेखा एक विशालकाय रिफाइनरी के लिए आदर्श जगह है. 15,000 एकड़ के क्षेत्र में प्रस्तावित इस रिफाइनरी पर काम शुरू होने की स्थिति में 17 गांवों के किसानों और मछुआरों का विस्थापन तय है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली में कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए काटे जाएंगे 14 हज़ार पेड़: सरकार

आवासीय एवं शहरी विकास मंत्रालय की पुनर्विकास योजना के तहत पेड़ काटे जाने की ख़बरों के जवाब में मंत्रालय की ओर से कहा गया कि मौजूदा 21,040 पेड़ों में से 14,031 पेड़ काटे जाने हैं.

कहलगांव रेलवे स्टेशन. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

क्या एनटीपीसी कहलगांव बिहार का ‘स्टरलाइट’ बनता जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्ट: नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन के कहलगांव स्थित थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली राख से आसपास के गांवों में रहने वाले लोग पिछले कई सालों से दमा, टीबी और फेफड़ों के संक्रमण जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 254: विश्व पर्यावरण दिवस और किसान आंदोलन

जन गण मन की बात की 254वीं कड़ी में विनोद दुआ विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश में बढ़ते प्रदूषण और विभिन्न मांगों को लेकर गांवबंद आंदोलन कर रहे किसानों पर चर्चा कर रहे हैं.

Ali Raza, 21, a scrap worker breaks a computer apart in order to retrieve metal to be used for soldering wires at a makeshift workshop in Karachi April 20, 2011.  REUTERS/Athar Hussain (PAKISTAN - Tags: SOCIETY BUSINESS)

ई-कचरा पैदा करने वाले दुनिया के पांच शीर्ष देशों में भारत: रिपोर्ट

ई-कचरे की वैश्विक मात्रा साल 2016 में 4.47 करोड़ टन थी जो 2021 तक 5.52 करोड़ टन तक पहुंचने की संभावना है. भारत में करीब 20 लाख टन सालाना ई-कचरा पैदा होता है.

(फोटो: रॉयटर्स)

पर्यावरण को लेकर हमारी उधार की समझ ने इसे अंतहीन क्षति पहुंचाई है

आज भी जब हम बच्चों को जंगल की कहानी सुनाते हैं तो उसमें पेड़, पौधे, घास, जानवर, शेर, शिकार, नदी, सब होता है पर जो नहीं होता वो है मनुष्य. जिसने सदियों से जंगल को उर्वर बनाए रखा, सहेजकर रखा और दोनों के बीच ऐसा तादात्म्य बनाया कि हिंदुस्तान की संस्कृति में इसे प्राथमिक स्थान मिला.

Water Crisis Reuters

इस दौर में हमारी राजनीति ज़्यादा गिरी है कि भूजल, तय कर पाना कठिन है

विश्व जल दिवस: दीवारें खड़ी करने से समुद्र पीछे हट जाएगा, तटबंद बना देने से बाढ़ रुक जाएगी, बाहर से अनाज मंगवाकर बांट देने से अकाल दूर हो जाएगा. बुरे विचारों की ऐसी बाढ़ से, अच्छे विचारों के ऐसे ही अकाल से, हमारा यह जल संकट बढ़ा है.

Kaziranga: Rhinos and buffalos take shelter at a high land  in the flooded Kaziranga National Park in Assam on Wednesday. PTI Photo    (PTI7_12_2017_000263B)

पर्यावरण को यह छूट कभी हासिल नहीं रही कि वह किसी हुकूमत की राह का रोड़ा बने

पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के अभिजात्य और शासक वर्गों में पर्यावरण और सामाजिक-नागरिक प्रतिरोध के केंद्र के रूप में सघन वन्य इलाक़ों को नकारात्मक रूप से देखने की प्रवृत्ति मिलती है.

yogi tajmahal

सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा, ताज क्षेत्र में चमड़ा उद्योग और होटल क्यों बन रहे हैं?

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने योगी सरकार को 17वीं सदी के इस स्मारक के संरक्षण के बारे में चार सप्ताह के भीतर दृष्टिपत्र पेश करने का निर्देश दिया.

जयराम रमेश. (फाइल फोटो: पीटीआई)

उद्योगों के पक्ष में पर्यावरण क़ानूनों को कमज़ोर कर रहा है केंद्र: जयराम रमेश

पूर्व पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी पर्यावरण संरक्षण के बारे में जो उपदेश देते हैं, उसका पालन नहीं करते.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

वातावरण में स्थायी तौर पर बढ़ते कार्बन की मात्रा ख़तरनाक: वैज्ञानिक

प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. सोनकर ने कहा, लोगों में यह गलत धारणा है कि मास्क पहन लेने अथवा घर में एयर प्यूरीफायर लगा लेने से वे ख़ुद को सुरक्षित कर पा रहे हैं.

(फोटो साभार: विकिपीडिया कॉमंस)

अब एक​ दिन में सिर्फ 50 हज़ार तीर्थयात्री कर पाएंगे वैष्णोदेवी के दर्शन

एनजीटी ने तय की सीमा. मंदिर तक पहुंचने वाले नए मार्ग पर घोड़ों और खच्चरों को जाने की इजाज़त नहीं होगी बल्कि इन पशुओं को धीरे-धीरे पुराने मार्ग से भी हटाया जाएगा.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 148: कांग्रेस बनती भाजपा और दिल्ली में प्रदूषण

जन गण मन की बात की 148वीं कड़ी में विनोद दुआ भाजपा के कांग्रेस में तब्दील होने और दिल्ली में प्रदूषण पर चर्चा कर रहे हैं.

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जंतर मंतर: सरकार को विरोध की आवाज़ भी ध्वनि प्रदूषण लगती है

वीडियो: दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले धरना-प्रदर्शनों पर एनजीटी द्वारा रोक लगाए जाने को लेकर वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत.

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वीडियो: दिल्ली नगर निगम चुनाव पर योगेंद्र यादव से बातचीत

स्वराज इंडिया पार्टी के संस्थापक सदस्य योगेंद्र यादव, गौरव विवेक भटनागर को बता रहे हैं कि उनकी पार्टी एकमात्र ऐसी है जो पर्यावरण के मुद्दे पर दिल्ली नगर निगम का चुनाव लड़ रही है.