Farm Bills

(फोटो: रॉयटर्स)

केंद्र ने अदालत को बताया, गणतंत्र दिवस हिंसा के संबंध में 19 लोग गिरफ़्तार, 25 केस दर्ज

विवादित कृषि कानूनों को पूरी तरह रद्द करने की मांग को लेकर हज़ारों किसान क़रीब तीन महीने से दिल्ली की सीमाओं के साथ अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे.

New Delhi: Farmers at Ghazipur border during the ongoing agitation over farm reform laws, in New Delhi, Wednesday, Feb. 3, 2021.  (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02_03_2021_000067B)

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को पत्र लिख गिरफ़्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग की

केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इसके बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

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पंजाब में किसानों का सैलाब, शामली में मोदी के मंत्री का घोर विरोध

वीडियो: किसान आंदोलन अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, देश के तमाम हिस्सों से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं जो इस बात की तस्दीक़ कर रही हैं. सारे किसान एकजुट हो गए हैं और उन्होंने ये फैसला कर लिया है कि जब तक तीनो कृषि क़ानून वापस नहीं होंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

(फोटो: पीटीआई)

भाजपा को चुकानी पड़ सकती है किसान आंदोलन की भारी राजनीतिक कीमत

वीडियो: पश्चिमी उत्तर प्रदेश अब किसान आंदोलन का केंद्र बनता जा रहा है. इसकी वजह कमज़ोर पड़ती ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी है, जिसकी स्वायत्तता को केंद्र के तीन नए कृषि क़ानूनों द्वारा छीनने की कोशिश की जा रही है.

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क्या अब किसानों को धमकाने-पीटने पर उतर आई है भाजपा?

वीडियो: किसान आंदोलन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफ़ी मज़बूत हो गया है. इस इलाके में जाट और मुस्लिम किसान एक हो गए हैं. मुज़फ़्फ़रनगर में भाजपा के ख़िलाफ़ किसानों के अंदर ग़ुस्सा देखा जा सकता है. वहां के पूरे राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं.

जोरावर सिंह. (फोटो साभार: ट्विटर)

दिल्ली: 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के बाद से 75 साल के किसान लापता, बेटी तलाश में जुटी

75 वर्षीय किसान जोरावर सिंह पंजाब में पिछले साल एक अक्टूबर से शुरू हुए रेल रोको अभियान के बाद से ही किसान आंदोलन से जुड़े हुए थे. नवंबर से वह दिल्ली आ गए थे. जोरावर भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के सदस्य थे और प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए लोगों को इकट्ठा करते थे.

(फोटो साभार: ट्विटर)

दिल्ली पुलिस ने आंदोलनरत किसानों को हटने की चेतावनी वाले पोस्टर लगाए, किसानों ने निंदा की

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ पिछले क़रीब तीन महीने से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसानों के आंदोलन का नेतृत्व सामूहिक निकाय ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ की ओर से कहा गया है कि वह पुलिस के इस क़दम का विरोध करता है, क्योंकि किसान अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं. मोर्चा ने किसानों से शांतिपूर्वक अपना प्रदर्शन जारी रखने की अपील की.

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वी.एम. सिंह (फोटो: पीटीआई)

यूपी के किसान मांगें पूरी होने तक उपवास रखेंगे, प्रधानमंत्री को संदेश भेजते रहेंगे: किसान नेता

राष्ट्रीय किसान मज़दूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि देश में ज़्यादातर किसान लघु या सीमांत हैं. वे दिल्ली जाकर प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते हैं. ऐसे में वे अपने गांवों में रहकर खेतों और मवेशियों की देखभाल करते हुए प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं.

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किसान महापंचायत: कृषि प्रदर्शन में ग्रामीणों ने अर्थव्यवस्था का मुद्दा उठाया

वीडियो: हरियाणा और उत्तर प्रदेश में तेज़ी से किसान महापंचायत अपना विस्तार कर रही हैं, जहां खुलकर सत्ता की नीतियों के बारे में चर्चा की जा रही है और किसानों को कृषि क़ानून और इससे जुड़े पहलुओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. इस बारे में बता रहे हैं द वायर के पॉलिटिकल अफेयर्स एडिटर अजॉय आशीर्वाद.

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में आयोजित किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में इकट्ठा किसान. (फोटो: पीटीआई)

किसानों को मनाने पश्चिमी यूपी पहुंचे भाजपा नेताओं को झेलना पड़ा गुस्सा, ट्रैक्टर लगाकर रोका काफ़िला

राज्य में ज़िला पंचायत चुनावों से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा से जुड़े किसान नेताओं को किसानों के बीच जाकर कृषि क़ानूनों संबंधी ‘भ्रांतियां’ दूर करने की ज़िम्मेदारी दी है. हालांकि शामली क्षेत्र में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान और भाजपा के अन्य नेताओं को किसानों की ख़ासी नाराज़गी झेलनी पड़ी.

New Delhi: Farmers at KMP Expressway during their chakka jam protest as part of the ongoing agitation over new farm laws, near New Delhi, Saturday, Feb. 6, 2021. (PT Photo/Shahbaz Khan) )(PTI02 06 2021 000137B)

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान 248 किसानों की मौत हुई: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से ​दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकतर मौतें दिल का दौरा पड़ने, ठंड की वजह से बीमारी और दुर्घटनाओं से हुई हैं. ये आंकड़े 26 नवंबर 2020 से इस साल 20 फरवरी के बीच इकट्ठा किए गए हैं.

Bathinda: Farmers block a road during their chakka jam protest as part of the ongoing agitation over new farm laws, in Bathinda, Saturday, Feb. 6, 2021. (PT Photo)(PTI02 06 2021 000134B)

किसानों ने आंदोलन तेज़ करने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की

किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि 23 फरवरी को ‘पगड़ी संभाल दिवस’ और 24 फरवरी को ‘दमन विरोधी दिवस’ मनाया जाएगा. इस दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि किसानों का सम्मान किया जाए और उनके ख़िलाफ़ कोई दमनकारी कार्रवाई न की जाए.

(फोटो: पीटीआई)

किसान आंदोलन: पंजाब और हरियाणा में रिलायंस जियो के उपभोक्ताओं में गिरावट आई

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2020 में पंजाब और हरियाणा में रिलायंस जियो के उपभोक्ताओं में काफी कमी आई है. इसके अलावा इसी महीने में जियो एकमात्र ऐसी बड़ी कंपनी रही, जिसके उपभोक्ता कम हुए हैं.

26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान किसानों और पुलिस का आमना-सामना. (फोटो: पीटीआई)

असंतुष्टों को चुप कराने के लिए राजद्रोह क़ानून नहीं लगा सकते: दिल्ली कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने फेसबुक पर किसान आंदोलन से जुड़ा कथित फ़र्ज़ी वीडियो डालने के एक मामले की सुनवाई में कहा कि शांति-व्यवस्था क़ायम रखने के लिए सरकार के पास राजद्रोह क़ानून एक शक्तिशाली औजार है पर इसे उपद्रवियों को क़ाबू करने के बहाने असंतुष्टों को चुप कराने के लिए लागू नहीं किया जा सकता.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर. (फोटो: पीटीआई)

कृषि क़ानूनों के प्रचार अभियान पर केंद्र ने चार महीनों में क़रीब आठ करोड़ रुपये ख़र्चे

कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर राज्यसभा में बताया कि सितंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच उनके मंत्रालय द्वारा कृषि क़ानूनों से संबंधित मुद्दों पर विज्ञापन जारी करने के लिए 7,25,57,246 रुपये का भुगतान किया गया है.