farmer suicide

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी. (फोटो साभार: फेसबुक)

आंध्र प्रदेश: 2014-19 के बीच 1,513 किसानों ने की आत्महत्या, सिर्फ 319 परिवारों को मुआवजा मिला

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे आंकड़ों की पुष्टि करें और सभी हकदार पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

खरीफ 2019-20 की फसलों के एमएसपी में मामूली बढ़ोतरी, धान में सिर्फ 3.7 फीसदी की वृद्धि

केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 65 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार में 120 रुपये प्रति क्विंटल और रागी में 253 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है.

MS Swaminathan mssrf foundation

किसानों की आय बढ़ाने के लिए धान की फसल के हर हिस्से की मूल्यवृद्धि की ज़रूरत: स्वामीनाथन

भारत में हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन ने राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने की मांग की. इसके मुताबिक किसानों को लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र में चार सालों में 12 हज़ार से ज़्यादा किसानों ने आत्महत्या की

महाराष्ट्र के सहकारिता एवं पुनर्वास मंत्री सुभाष देशमुख ने विधानसभा में बताया कि साल 2015 से 2018 के दौरान जिन 12,021 किसानों ने आत्महत्या की, उनमें से 6,888 किसान सरकारी मदद पाने के योग्य थे.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

भारत के पास नहीं हैं सही और प्रामाणिक कृषि आंकड़े

कृषि क्षेत्र के बहुत सारे आंकड़े या तो उपलब्ध नहीं है या देरी से जारी किए गए हैं. अक्सर, यह आंकड़े, दूसरे आंकड़ों से मिलते जुलते नहीं हैं.

Cotton Farmers Reuters

महाराष्ट्र: कपास किसानों की कब्रगाह बन चुके पश्चिमी विदर्भ का चुनावी हाल

महाराष्ट्र के पश्चिमी विदर्भ की चार यवतमाल-वासिम, अकोला, बुलढाणा और अमरावती सीटों की स्थिति. महाराष्ट्र का यह वो क्षेत्र, जहां बुलेट ट्रेन की कोई चर्चा ही नहीं. नाराज काश्तकारों में किसान सम्मान योजना के प्रति भी ज़्यादा रुचि नहीं. भंवर जांगिड़ की रिपोर्ट.

योगी आदित्यनाथ (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिली राशि योगी आदित्यनाथ को भेज किसान ने मांगी इच्छामृत्यु

उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले के किसान का कहना है कि मुझ पर 35 लाख रुपये का क़र्ज़ है और अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मदद नहीं कर सकते तो कम से कम मुझे मरने की इज़ाज़त तो दे ही सकते हैं.

A worker prepares to package a milk from Holstein Friesian cows into retail sachets at the Som milk farm in the outskirts of Mogadishu, Somalia August 1, 2018.  Picture taken August 1, 2018.  REUTERS/Feisal Omar - RC16ABF2B6B0

जलवायु परिवर्तन के दायरे में दुग्ध उत्पादन भी, नहीं संभले तो अगले साल तक दिखने लगेगा असर

भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 तक चावल के उत्पादन में चार से छह प्रतिशत, आलू में 11 प्रतिशत, मक्का में 18 प्रतिशत और सरसों के उत्पादन में दो प्रतिशत तक की कमी संभावित है. इसके अलावा एक डिग्री सेल्सियस तक तापमान वृद्धि के साथ गेंहू की उपज में 60 लाख टन तक कमी आ सकती है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi being presented a "Plough" as symbol of farming at the launching ceremony of DD Kisan Channel, in New Delhi on May 26, 2015. 
The Union Minister for Agriculture, Shri Radha Mohan Singh is also seen.

कृषि को लेकर नीतियां बहुत हैं लेकिन किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर नहीं: संसदीय समिति

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने कहा कि सरकार टिकाऊ खेती के लिए पहल तो कर रही है लेकिन उसमें किसान केंद्र में नहीं है. स्थायी व्यवसाय के रूप में कृषि तभी बच सकती है जब किसानों को खुद को बचाए रखने का मौका दिया जाएगा.

फोटो: रॉयटर्स

19000 किलो आलू बेचने पर किसान को मिले 490 रुपये, नाराज़ होकर पूरा पैसा मोदी को भेजा

उत्तर प्रदेश में आगरा के किसान प्रदीप शर्मा ने फसल बीमा के संबंध में कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है. इससे पहले शर्मा ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जलवायु परिवर्तन से कृषि पर पड़ रहा बुरा प्रभाव, 23 प्रतिशत तक कम हो सकता है गेहूं का उत्पादन

विशेष रिपोर्ट: कृषि मंत्रालय ने वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसद की प्राक्कलन समिति को बताया कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, सरसों जैसी फसलों पर जलवायु परिवर्तन का काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता है. समिति ने इस समस्या को हल करने के लिए सरकार की कोशिशों को नाकाफी बताया है.

फोटो: रॉयटर्स

किसानों को नहीं मिल रही एमएसपी, औने-पौने दाम पर उपज बेचने को मजबूर

सभी फसलों के लिए एमएसपी निर्धारित नहीं की जाती है जिसकी वजह से टमाटर, प्याज और आलू जैसे उत्पादों की हालत बेहद ख़राब है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

नासिक: क़र्ज़ के कारण लगाई फांसी, आत्महत्या करने वाले किसानों का आंकड़ा 108 पर पहुंचा

महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के एक 28 वर्षीय किसान नीलेश धर्मराज हयालिज ने मौजे-वजीरखेड़े गांव में फांसी लगा ली. उनके ऊपर चार लाख रुपये का क़र्ज़ बकाया था.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi looks on during the launch of India Post Payments Bank (IPPB), in New Delhi on Saturday, Sept 1, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9 1 2018 000073B)

पीएमओ ने वापस लौटाया नाराज़ किसान का मनीऑर्डर, कहा- ऑनलाइन भेजो पैसे

महाराष्ट्र के किसान संजय साठे ने 750 किलो प्याज़ के महज़ 1,064 रुपये मिलने से नाराज़ होकर इसे मनीऑर्डर के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा था. पीएमओ ने इसे लेने से इनकार करते हुए उन्हें डिजिटल माध्यम से पैसे भेजने को कहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: कम दाम मिलने के कारण दो दिन में दो प्याज़ किसानों ने की आत्महत्या

प्याज़ की कम कीमत मिलने के कारण तात्याभाउ खैरनर और मनोज धोंडगे ने आत्महत्या कर ली. महाराष्ट्र से लगातार ये ख़बरे आ रही हैं कि प्याज के किसान अपने उत्पाद को कम दाम में बेचने को मजबूर हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: 2,657 किलो प्याज़ बेचने पर 6 रुपये की बचत, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा मुख्यमंत्री को भेजा

अहमदनगर ज़िले के एक किसान श्रेयस अभाले ने 2,657 किलो प्याज़ बेची तो उन्हें 2,916 रुपये मिले. मजदूरी और परिवहन पर आए ख़र्च के तौर पर 2,910 रुपये चुकाने के बाद किसान के पास मात्र छह रुपये बचे.

Onion Crop Reuters featured

महाराष्ट्र: 500 किलो प्याज़ बेचने पर मिले 216 रुपये, किसान ने मुख्यमंत्री को भेजे

नासिक की येओला तहसील में कृषि उत्पादन बाजार समिति में एक किसान ने 545 किलोग्राम प्याज़ 51 पैसे प्रति किलोग्राम के भाव से बेचा. किसान का कहना है कि क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति है. इस आय में कैसे घर चलाऊं, कैसे अपने क़र्ज़ चुकाऊं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: मंडी में कौड़ियों के भाव लहसुन-प्याज़, फसल फेंकने को मजबूर किसान

राज्य की सबसे बड़ी नीमच मंडी में प्याज़ 50 पैसे प्रति किलोग्राम और लहसुन 2 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिका. मंडी सचिव का कहना है कि किसान बेहतर गुणवत्ता का माल लेकर मंडी आएंगे तो बेहतर दाम मिलेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

750 किलो प्याज़ बेचने पर मिले महज़ 1064 रुपये, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा नरेंद्र मोदी को भेजा

महाराष्ट्र के संजय साठे नाम के एक किसान को अपना 750 किलो प्याज़ मात्र 1.40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचनी पड़ी. इससे नाराज़ किसान ने पूरा पैसा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आपदा राहत कोष में दान कर दिया.

New Delhi: All India Kisan Sangharsh Coordination Committee (AIKSCC) members and farmers arrive for a two-day rally to press for their demands, including debt relief and remunerative prices for their produce, at Ramlila Maidan in New Delhi, Thursday, Nov. 29, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_29_2018_000077B)

दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश भर के किसान बोले- अयोध्या नहीं, क़र्ज़ माफ़ी

गुरुवार को रामलीला मैदान में देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों ने कहा कि उन्हें राम मंदिर या राम मूर्ति के बजाय क़र्ज़ माफ़ी और अपने उत्पादों का लाभकारी मूल्य चाहिए.

New Delhi: All India Kisan Sangharsh Coordination Committee (AIKSCC) members and farmers arrive for a two-day rally to press for their demands, including debt relief and remunerative prices for their produce, in New Delhi, Thursday, Nov. 29, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_29_2018_000075B)

‘किसनवा के भेजले मौत के करीब भईया, देसवा क फूटल नसीब भईया’

देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान अपनी मांगों के साथ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. इनकी मुख्य मांग है कि उनका कर्ज़ा माफ़ किया जाए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर उन्हें फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिया किया जाए.

कृषि मामलों के जानकार और पत्रकार पी. साईनाथ. (फोटो: द वायर)

संसद का दरवाज़ा खोलिए, अब किसान देश को संबोधित करेगा: पी. साईनाथ

वीडियो: देश के किसान एक बार फिर विभिन्न मांगों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं. उनकी मांगों और समस्याओं पर कृषि मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ से धीरज मिश्रा की बातचीत.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र में मई के ​आख़िर तक 1092 किसान ने की आत्महत्या

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के क्षेत्र विदर्भ में सबसे ज़्यादा किसानों ने आत्महत्या की है. पिछले पांच महीने में विदर्भ में 504 किसानों ने आत्महत्या की.

किसान शंकर चायरे भाउराव. (फोटो साभार: http://twocircles.net)

विदर्भ में किसान ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में मोदी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया

परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसान की मौत का ज़िम्मेदार ठहराते हुए उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज करने की भी मांग की.

Farmers-Agricuture-India-PTI

देश के प्रति कृषि परिवार पर औसत 47 हज़ार रुपये का क़र्ज़: केंद्र सरकार

लोकसभा में कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया कि साल 2014 से 2016 के दौरान ऋण, दिवालियापन एवं अन्य कारणों से क़रीब 36 हज़ार किसानों एवं कृषि श्रमिकों ने आत्महत्या की.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

बिहार के बटाईदार किसानों की सुध क्यों नहीं ले रही सरकार

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में किसान आत्महत्या की घटनाएं कम होने का मतलब यह कतई नहीं कि यहां के किसान खेती कर मालामाल हो रहे हैं. कृषि संकट के मामले में बिहार की तस्वीर भी दूसरे राज्यों की तरह भयावह है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

वर्ष 2016 के बाद किसानों की आत्महत्या का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं: सरकार

कृषि राज्यमंत्री ने बताया कि कृषि ऋण के कारण किसानों की आत्महत्या के बारे में वर्ष 2016 के बाद से कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि गृह मंत्रालय ने अभी तक इसके बारे में रिपोर्ट प्रकाशित नहीं किया है.

सरदार सरोवर डैम (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: किसानों को सिंचाई के लिए मिलना बंद हुआ नर्मदा का पानी

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात के लिए बेहद महत्वपूर्ण बांध का जलस्तर 105.50 मीटर के बहुत नाजुक स्तर पर पहुंच गया है.

Narmada: Prime Minister Narendra Modi offers prayers to Narmada River during the inauguration of Sardar Sarovar Dam at Kevadiya in Narmada district on Sunday. PTI Photo (PTI9_17_2017_000072B)

गुजरात के चार ज़िलों के किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिलेगा नर्मदा का पानी

गुजरात की भाजपा सरकार ने 15 फरवरी से राज्य के चार ज़िलों- सुरेंद्रनगर, बोताड, भावनगर और अहमदाबाद में नर्मदा के पानी पर रोक लगाई. इससे पहले यह समयसीमा 15 मार्च थी.

Farmers Draught India Reuters 1

उत्तर प्रदेश और झारखंड में दो किसानों ने की ख़ुदकुशी

गिरीडीह के मज़दूर बेटे ने पिता को भेजा पैसा, बैंक ने क़र्ज़ में एडजस्ट किया, आहत पिता ने फांसी लगाई. बांदा में क़र्ज़ से परेशान युवक ने ख़ुद को गोली मारी.

A farmer throws water after making a canal to irrigate his field in Kolkata, India, May 12, 2016. REUTERS/Rupak De Chowdhuri####################RUPAK DE CHOWDHURI

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा में तीन किसानों ने की ख़ुदकुशी

कर्ज़ से परेशान किसानों की आत्महत्या के मामले थमते नहीं दिख रहे हैं. विभिन्न राज्यों के किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 71st Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2017.

प्रधानमंत्री किसानों से ऐसा वादा कर रहे हैं जिसे पूरा करना संभव नहीं

मोदी जी ने मनमोहन सिंह के लिए कहा था, ‘जिस देश के किसान ख़ुदकुशी कर रहे हैं वहां के सत्ताधारी लोगों को नींद कैसे आ सकती है?’ अब पता नहीं उन्हें नींद कैसे आती होगी.

PTI6_23_2017_000199B

क्या खेती करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता?

खेती से जुड़े किसी भी काम को अकुशल श्रम माना जाता है. क्या मिट्टी की पहचान के साथ फसल तय करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता? बीज अंकुरित होगा या नहीं, यह जांचना गैर-तकनीकी काम है? कौन से उर्वरक-खाद डालना है, कब डालना है, क्या यह विशेषज्ञता का काम नहीं है?

pipli live

व्यवस्था ‘नत्था’ से किसानी छुड़ाकर मज़दूरी कराना चाहती है

‘पीपली लाइव’ किसान और मीडिया के चित्रण के जरिये भूमंडलीकरण की प्रक्रिया और उसके दुष्परिणामों की गहरी पड़ताल करता है. सिनेमा का व्यंग्यात्मक रुख राज्य और समाज के रवैये की भी पोल खोलता है.

kisan mukti yatra

‘यह कृषि प्रधान देश है, जहां पर किसान मरने के लिए है और बाक़ी सब लूट कर खाने के लिए’

छह जुलाई को मध्य प्रदेश के मंदसौर से किसान मुक्ति यात्रा की शुरुआत होगी जो कई राज्यों से होते हुए 18 जुलाई को दिल्ली पहुंचेगी.

India Farmers PTI

‘किसानों की क़र्ज़ माफ़ी से अर्थव्यवस्था बिगड़ती है, चंद घरानों का अरबों माफ़ करने से संवरती है’

सरकार को इसपर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि अगर हम अपना कृषि क्षेत्र नहीं बचा पाए तो अर्थव्यवस्था भी नहीं बचा पाएंगे.