Farmers Protest

तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन के 300 दिन पूरे

दिल्ली की सीमाओं पर कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन की अगुवाई रह रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से देश की खाद्य एवं कृषि प्रणाली पर उद्योग घरानों के क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज करा रहे हैं. उनकी मांगें स्पष्ट हैं, जिसकी जानकारी मोदी सरकार को है और जो हठपूर्वक किसानों की जायज़ मांगों को नहीं मानने पर अड़ी है.

राकेश टिकैत ‘डकैत’ हैं, किसानों का प्रदर्शन ‘सिखिस्तान’ से प्रभावित है: भाजपा सांसद

यूपी के बहराइच से भाजपा सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने कहा कि जो लोग कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे हैं, वे किसान नहीं हैं, बल्कि ‘सिखिस्तान’ और ‘पाकिस्तान’ समर्थित राजनीतिक दलों के लोग हैं. इससे पहले सोमवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भी किसानों के विरोध-प्रदर्शन को ‘प्रायोजित’ बताया था.

गणतंत्र दिवस हिंसा: दो साज़िशों की कहानी

जहां दिल्ली पुलिस का दावा है कि गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर रैली में शामिल किसानों ने लाल क़िले पर कब्ज़ा करने की साज़िश रची थी, वहीं इस मामले को लेकर गठित पंजाब विधानसभा की समिति का कहना है कि उस रोज़ हुई हिंसा पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को बदनाम करने के षड्यंत्र का नतीजा थी.

राजनीतिक दलों की कलह से प्रभावित नहीं होगा आंदोलन: संयुक्त किसान मोर्चा

पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारी मांगें माने जाने तक किसान आंदोलन मजबूती के साथ शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा. राजनीतिक दलों की आंतरिक कलह या दूसरे दलों के साथ झगड़े से आंदोलन प्रभावित नहीं होगा.

किसान आंदोलन: 27 सितंबर को ‘भारत बंद’ का आह्वान, संगठन ने कहा- शांतिपूर्ण रहेगा विरोध प्रदर्शन

चालीस से अधिक किसान संघों के निकाय संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि दिल्ली की सीमाओं पर लाखों किसान अपनी मर्ज़ी से विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें अलग-अलग राज्यों की पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वहां रहने के लिए मजबूर किया है.

ट्रैक्टरों की बिक्री में बढ़ोतरी गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की साज़िश का हिस्साः दिल्ली पुलिस

विवादित कृषि क़ानूनों को पूरी तरह रद्द करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान कई महीनों से दिल्ली की सीमाओं के साथ अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं. इस साल 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे.

किसानों के प्रदर्शन के ‘प्रतिकूल प्रभाव’ पर मानवाधिकार आयोग ने चार राज्यों को नोटिस भेजा

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों और पुलिस प्रमुखों को इस आरोप पर नोटिस भेजे हैं कि किसानों के जारी विरोध प्रदर्शनों से औद्योगिक इकाइयों और परिवहन पर ‘प्रतिकूल प्रभाव’ पड़ा है और आंदोलन स्थलों पर कोविड-19 सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया गया है.

सीएम ने किसानों से पंजाब की जगह दिल्ली की सीमाओं या हरियाणा में प्रदर्शन करने को कहा

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पंजाब में 113 स्थानों पर चल रहे किसानों के आंदोलन से राज्य का आर्थिक विकास बाधित हो रहा है. उनके बयान की विभिन्न दलों के नेताओं समेत किसानों ने आलोचना की है. किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि यह किसान संघों को तय करना है कि वे कहां विरोध प्रदर्शन करेंगे. वहीं हरियाणा के गृह मंत्री ने अनिल विज ने सिंह पर किसानों को भड़काने का आरोप लगाया.

करनाल: किसानों का धरना ख़त्म, लाठीचार्ज मामले के जांच के आदेश, तत्कालीन एसडीएम छुट्टी पर भेजे गए

हरियाणा के करनाल में बीते 28 अगस्त को भाजपा की बैठक का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था. किसानों के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात तत्कालीन करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा कैमरे के सामने पुलिस को कथित तौर पर किसानों के सिर फोड़ने का आदेश देते हुए नज़र आए थे. सिन्हा पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसान करनाल ज़िला मुख्यालय के बाहर धरना दे रहे थे.

हरियाणा सरकार ‘करनाल प्रकरण’ की जांच के लिए तैयार, किसान नेताओं पर भी हो सकती है कार्रवाई: विज

बीते 28 अगस्त को हुए लाठीचार्ज और आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा पर कार्रवाई की मांग को लेकर करनाल ज़िला मुख्यालय के बाहर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि किसी को भी जांच के बिना सिर्फ़ इसलिए सूली पर नहीं चढ़ाया जा सकता कि कोई इसकी मांग कर रहा है. 

करनाल के पूर्व एसडीएम पर कार्रवाई को लेकर सचिवालय के बाहर डटे किसान जारी रखेंगे धरना

हरियाणा के करनाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा कैमरे के सामने पुलिस से कथित तौर पर उनका सिर फोड़ने के लिए कहते हुए नज़र आए थे. किसानों ने कहा कि वे अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे. उनका कहना है कि पर्याप्त वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद हरियाणा सरकार आईएएस अधिकारी को निलंबित तक करने को तैयार नहीं है, उनके ख़िलाफ़ केवल एक मुक़दमा दर्ज कर छोड़ दिया.

मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत ने सांप्रदायिकता पर वो चोट की है, जिसकी देश को सख़्त ज़रूरत थी

किसान आंदोलन के अराजनीतिक होने को उसकी अतिरिक्त शक्ति के रूप में देखें, तो कह सकते हैं कि हिंदू-मुस्लिम सद्भाव की यह मुहिम राजनीतिक हानि-लाभ से जुड़ी न होने के कारण अधिक विश्वसनीय है और ज़्यादा उम्मीदें जगाती है.

कृषि क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट की समिति के सदस्य ने सीजेआई को लिखा- हमारी रिपोर्ट सार्वजनिक करें

तीन कृषि क़ानूनों पर विचार कर समाधान सुझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के सदस्य और शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घानवत ने अपने पत्र में कहा है कि उनकी रिपोर्ट में किसानों की सभी चिंताओं का हल निकाला गया है. यदि इन्हें लागू किया जाता है तो वे अपना आंदोलन ख़त्म कर देंगे.

मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत का असर सिर्फ़ उत्तर प्रदेश नहीं पूरे भारत पर पड़ेगा

वीडियो: संयुक्त किसान मोर्चा ने मुज़फ़्फ़रनगर की किसान महापंचायत से एक बार फिर अपने आंदोलन को धार देने का प्रयास किया. इस महापंचायत में किसानों का बड़ा हुजूम देख देखा गया. खासकर, पश्चिम उत्तर के किसान बड़ी तादाद में यहां पहुंचे. द वायर ने महापंचायत में शामिल किसानों से बात की.

किसान महापंचायत: टिकैत बोले, देश में ‘सेल फॉर इंडिया’ का बोर्ड लग चुका है, आंदोलन चलाने पड़ेंगे

उत्तर प्रदेश के अलावा कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले किसान आंदोलन तेज़ करने की रणनीति के तहत कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से मुज़फ़्फ़रनगर में महापंचायत का आयोजन किया गया. महापंचायत का जहां विपक्ष के नेताओं ने समर्थन किया है, वहीं भाजपा ने इसे चुनावी रैली क़रार दिया है. हालांकि भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि किसानों के साथ फ़िर से बातचीत शुरू करनी चाहिए.