farmers suicide

An automated tractor is seen working on a field during a trial in Xinghua, Jiangsu province, China October 29, 2018. Picture taken October 29, 2018. REUTERS/Hallie Gu

उत्तर प्रदेश: फ़सल नष्ट होने से कथित तौर पर परेशान किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की

उत्तर प्रदेश के महोबा ज़िले का मामला. अधिकारियों ने परिजनों के हवाले से बताया कि किसान पर साहूकारों का तीन लाख रुपये क़र्ज़ भी था.

Patiala: Farmers stage a protest against new farm law in Patiala, Sunday, Jan. 31, 2021. (PTI Photo) by Rajesh Sachar(PTI01_31_2021_000251B)

कृषि क़ानून: हरियाणा सरकार ने कहा, दिल्ली से सटी सीमाओं पर विभिन्न कारणों से 68 लोगों की मौत हुई

दो कांग्रेस विधायकों द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में कहा कि अब तक हरियाणा से मृत प्रदर्शनकारियों के परिजनों को नौकरी और वित्तीय सहायता देने के लिए राज्य सरकार के विचारार्थ कोई प्रस्ताव नहीं है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कृषि क़ानून रद्द करने को कथित तौर पर अपनी अंतिम इच्छा बताकर टिकरी बॉर्डर के पास किसान ने जान दी

पुलिस ने बताया कि किसान द्वारा कथित तौर पर छोड़े गए सुसाइड नोट में उनके द्वारा उठाए गए इस क़दम के लिए तीन कृषि क़ानूनों को जिम्मेदार ठहराया गया है. उन्होंने इसमें यह भी कहा है कि केंद्र को इन क़ानूनों को निरस्त करके उनकी आख़िरी इच्छा पूरी करनी चाहिए.

(फोटो: पीटीआई)

आंदोलन के 100 दिन पर किसानों ने कहा, कृषि क़ानून वापस नहीं लिए तो चुनाव में झेलना पड़ेगा ग़ुस्सा

दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के 100 दिन पूरा होने पर खिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि अगर सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती है तो पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसका असर देखने को मिलेगा.

(फोटो साभार: फेसबुक)

छत्तीसगढ़ सरकार ने बताया, बीते 10 महीने में राज्य के 141 किसानों ने आत्महत्या की

छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने यह जानकारी दी. हालांकि इस जवाब से असंतोष जताते हुए विपक्षी भाजपा के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए.

New Delhi: Farmers at Ghazipur border during the ongoing agitation over farm reform laws, in New Delhi, Wednesday, Feb. 3, 2021.  (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02_03_2021_000067B)

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को पत्र लिख गिरफ़्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग की

केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इसके बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

New Delhi: Farmers at KMP Expressway during their chakka jam protest as part of the ongoing agitation over new farm laws, near New Delhi, Saturday, Feb. 6, 2021. (PT Photo/Shahbaz Khan) )(PTI02 06 2021 000137B)

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान 248 किसानों की मौत हुई: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से ​दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकतर मौतें दिल का दौरा पड़ने, ठंड की वजह से बीमारी और दुर्घटनाओं से हुई हैं. ये आंकड़े 26 नवंबर 2020 से इस साल 20 फरवरी के बीच इकट्ठा किए गए हैं.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

सरकार को किसानों की चिंताओं का शोषण करने का अधिकार नहीं: आत्महत्या कर चुके किसानों की पत्नियां

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आत्महत्या कर चुके किसानों की पत्नियों का एक दल कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली में तकरीबन दो महीने से ​प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करने यहां पहुंचा है.

New Delhi: An ambulance goes past protestors' tents at Ghazipur border during the farmers' protest against the Centre's new farm laws, in New Delhi. (PTI)

किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर पर ज़हरीला पदार्थ खाने वाले किसान की मौत

मृतक किसान की पहचान 42 वर्षीय जय भगवान राणा के तौर पर हुई है. वह हरियाणा के रोहतक ज़िले के रहने वाले थे. केंद्र के विरोध में एक महीने से ज़्यादा समय से चल रहे किसान आंदोलन के दौरान अब तक कम से कम पांच लोग दिल्ली के विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर आत्महत्या कर चुके हैं.

New Delhi: Farmers at Singhu border during their ongoing protest march Delhi Chalo against Centres new farm laws, in New Delhi, Sunday, Nov. 29, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI29-11-2020 000032B)

आंदोलन स्थल पर एक किसान ने जान दी, अब तक चार लोग कर चुके हैं आत्महत्या

मृतक किसान की पहचान 39 वर्षीय किसान अमरिंदर सिंह के रूप में हुई. वह पंजाब में फतेहगढ़ साहिब के मचराई कलां गांव के रहने वाले थे. केंद्र के तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग पर किसान एक महीने से अधिक समय से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

New Delhi: An ambulance goes past protestors' tents at Ghazipur border during the farmers' protest against the Centre's new farm laws, in New Delhi. (PTI)

किसान आंदोलन: किसान ने कथित रूप से ख़ुदकुशी की, प्रदर्शन स्थलों पर तीसरी आत्महत्या

ग़ाज़ीपुर में उत्तर प्रदेश-दिल्ली सीमा पर बने प्रदर्शन स्थल की घटना. मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले में बिलासपुर निवासी किसान सरदार कश्मीर सिंह के रूप में हुई. अपने कथित सुसाइड नोट में उन्होंने कहा है कि आंदोलन के दौरान पंजाब के कई लोगों की मौत हुई, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से किसी ने भी बलिदान नहीं दिया.

बीसी पाटिल (फोटो साभारः फेसबुक)

कर्नाटक के कृषि मंत्री ने कहा, आत्महत्या करने वाले किसान कायर होते हैं

कांग्रेस और जेडीएस के नेताओं ने कृषि मंत्री बीसी पाटिल के इस बयान की आलोचना की है. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि किसान स्वाभिमान और सम्मान के साथ जन्म लेते हैं. जब उन्हें चरम परिस्थितियों की ओर ढकेल दिया जाता है तो वे अपना जीवन ख़त्म करने के लिए बाध्य हो जाते हैं.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/ Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

क़र्ज़ माफ़ी के बावजूद महाराष्ट्र में सर्वाधिक किसानों ने आत्महत्या की

एनसीआरबी के मुताबिक, साल 2019 में देश भर के कुल 10,281 किसानों ने आत्महत्या की थी. इसमें से 3,927 किसान आत्महत्या के मामले महाराष्ट्र के हैं. आंकड़ों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में राज्य में हर साल 3500 से अधिक किसान अपनी जान दे देते हैं.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/ Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

साल 2019 में 42,480 किसानों और दिहाड़ी मजदूरों ने आत्महत्या की: एनसीआरबी

साल 2018 के मुकाबले किसानों की आत्महत्या में मामूली गिरावट आई है, जबकि दिहाड़ी कामगारों की आत्महत्या में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: विकिपीडिया)

उत्तर प्रदेश में ग़रीबी से परेशान एक और किसान ने फ़ांसी लगाकर जान दी

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले के असोथर क्षेत्र में हुई घटना. ललितपुर ज़िले में हुई एक अन्य घटना में कथित तौर पर पत्नी को 100 रुपये न दे पाने की वजह से एक व्यक्ति ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली है.