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(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकारों ने किसानों को अपनी नीतियों के चलते बदतर हालत में ला दिया है: किसान मंच

राष्ट्रीय किसान मंच ने कहा कि उद्योगपतियों के व्यापार के लिए सरकारों ने सिंगल विंडो की व्यवस्था कर दी लेकिन किसानों को नलकूप के कनेक्शन के लिए दर-दर भटकने को छोड़ दिया है.

bullet train reuters

गुजरात में बुलेट ट्रेन के लिए भू-अधिग्रहण प्रक्रिया के ख़िलाफ़ किसानों का प्रदर्शन

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर आयोजित मीटिंग में शामिल किसानों ने दावा किया कि बैठक का एजेंडा और उद्देश्य स्पष्ट नहीं है. अधिकारी इसे दूसरी बैठक बता रहे हैं जबकि किसी को पता ही नहीं है कि पहली मीटिंग कब हुई थी.

(फोटो साभार: ट्विटर/एएनआई)

महाराष्ट्र: 91 किसानों ने पत्र लिखकर सरकार से मांगी इच्छामृत्यु

किसानों का कहना है कि उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. साथ ही, सरकार ने हाईवे बनाने के लिए अधिग्रहीत की गई उनकी ज़मीन का भी पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया है.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

बिहार के बटाईदार किसानों की सुध क्यों नहीं ले रही सरकार

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में किसान आत्महत्या की घटनाएं कम होने का मतलब यह कतई नहीं कि यहां के किसान खेती कर मालामाल हो रहे हैं. कृषि संकट के मामले में बिहार की तस्वीर भी दूसरे राज्यों की तरह भयावह है.

सरदार सरोवर डैम (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: किसानों को सिंचाई के लिए मिलना बंद हुआ नर्मदा का पानी

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात के लिए बेहद महत्वपूर्ण बांध का जलस्तर 105.50 मीटर के बहुत नाजुक स्तर पर पहुंच गया है.

Vinod Dua

​जन गण मन की बात, एपिसोड 208: महाराष्ट्र में किसानों का प्रदर्शन और प्रमोद मुतालिक

जन गण मन की बात 208वीं कड़ी में विनोद दुआ महाराष्ट्र में किसानों के प्रदर्शन और 2009 में हुई मेंगलुरु पब हिंसा मामले में श्रीराम सेना के प्रमोद मुतालिक के बरी होने पर चर्चा कर रहे हैं.

Mumbai: Farmers of All Indian Kisan Sabha (AIKS) march from Nashik to Mumbai to gherao Vidhan Bhawan on March 12, demanding a loan waiver, in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad (PTI3_11_2018_000147B)

क़र्ज़माफ़ी की मांग लेकर मुंबई पहुंचे हज़ारों किसान, मुख्यमंत्री ने बनाई 6 मंत्रियों की समिति

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर सकारात्मक है सरकार. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ़ महाराष्ट्र के नहीं, पूरे देश के किसानों का मुद्दा.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: पूर्ण ऋणमाफी के लिए 25,000 किसानों ने निकाला मार्च

किसान ऋण माफी के साथ ही बिजली के बिल माफ़ करने की भी मांग कर रहे हैं. नासिक से मुंबई तक की यह किसान यात्रा मंगलवार से शुरू हुई. मुंबई पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे किसान.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा पूरा नहीं किया तो अगले चुनाव में सरकार बदल देंगे: किसान यूनियन

भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि किसानों की स्थिति पहले कभी इतनी दयनीय नहीं थी. सरकार को महज़ 24 फसलों का ही नहीं बल्कि सारी फसलों का एमएसपी निर्धारित करना चाहिए.

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किसानों के मुक़ाबले उद्योग जगत पर नौ गुना ज़्यादा एनपीए: आरटीआई

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, किसानों का एनपीए 66,176 करोड़ है, तो उद्योगों का एनपीए 5,67,148 करोड़ रुपये है. कुल एनपीए में निजी बैंकों के मुक़ाबले सार्वजनिक बैंकों का एनपीए आठ गुना ज़्यादा है.

Narmada: Prime Minister Narendra Modi offers prayers to Narmada River during the inauguration of Sardar Sarovar Dam at Kevadiya in Narmada district on Sunday. PTI Photo (PTI9_17_2017_000072B)

गुजरात के चार ज़िलों के किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिलेगा नर्मदा का पानी

गुजरात की भाजपा सरकार ने 15 फरवरी से राज्य के चार ज़िलों- सुरेंद्रनगर, बोताड, भावनगर और अहमदाबाद में नर्मदा के पानी पर रोक लगाई. इससे पहले यह समयसीमा 15 मार्च थी.

मध्य प्रदेश के कृषिमंत्री बालकृष्ण पाटीदार. (फोटो साभार: न्यूज़ 18)

ओलावृष्टि पर मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा, हनुमान चालीसा पढ़ने से किसानों को राहत मिलेगी

एक वीडियो में पूर्व भाजपा विधायक रमेश सक्सेना कथित तौर पर किसानों को यह सुझाव देते नज़र आए थे, जिसका मध्य प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री बालकृष्ण पाटीदार ने समर्थन किया है.

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा एक जुमले से ज़्यादा कुछ नहीं

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों पर कृषि विशेषज्ञों को संदेह है. उनके अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा काफ़ी नहीं, यह भी देखा जाना ज़रूरी है कि बहुत थोड़े किसानों की पहुंच एमएसपी तक है.

मध्य प्रदेश के बेतूल ज़िले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाजपा को वोट न देने की शपथ ली है. (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

मध्य प्रदेश: ‘हम जनविरोधी भाजपा को वोट नहीं करेंगे’

मध्य प्रदेश के इटारसी में छात्र-छात्राओं द्वारा भाजपा को वोट न करने की शपथ लेने से शुरू हुआ सिलसिला पूरे राज्य में जारी है. प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से भाजपा को वोट न करने की शपथ लेने की ख़बरें आ रही हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

‘बजट में किसानों को गुमराह ही नहीं किया बल्कि धोखा भी दिया गया है’

वीडियो: इस साल के बजट में कृषि और किसानों को लेकर की गई घोषणाओं पर कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा से द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु की बातचीत.

बीते रविवार को राजस्थान के बूंदी ज़िले के छापरदा गांव में फसलों के लिए पानी की मांग को लेकर किसानों ने पेड़ों से उल्टा लटक कर प्रदर्शन किया. (फोटो साभार: पत्रिका)

राजस्थान: फसलों के लिए पानी की मांग को लेकर पेड़ों से उल्टा लटक किसान कर रहे प्रदर्शन

राजस्थान के बूं​दी ज़िले के किसानों का कहना है कि कई बार प्रशासन से नहर का पानी पहुंचाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. फसलों को पानी की ज़रूरत है. अगर पानी नहीं मिला तो वे सूख जाएंगी.

फोटो: रॉयटर्स

पर्याप्त ख़रीद व्यवस्था की कमी से सभी फसलों को एमएसपी के दायरे में लाना मुश्किल: कृषि विशेषज्ञ

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रावधान तभी लाभकारी होगा जब किसान अपनी उपज उपयुक्त माध्यम से बेचे. देश में अधिक खाद्य उत्पादन के बावजूद किसानों को उनकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

सरकार ने किसानों को बेवकूफ़ बनाया, मार्च में 180 किसान संगठन करेंगे प्रदर्शन: योगेंद्र यादव

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य फसल उत्पादन लागत का डेढ़ गुना तक बढ़ाने के प्रस्ताव में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों की अनदेखी के चलते किसान संगठनों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

बजट किसानों को चकमा देने के लिए होगा, वादे लबालब और नतीजे ठनठन

आपके मुल्क में अक्टूबर से लेकर आधी जनवरी तक एक फिल्म को लेकर बहस हुई है. साढ़े तीन महीने बहस चली. नौकरी पर इतनी लंबी बहस हुई? बेहतर है आप भी सैलरी की नौकरी छोड़ हिंदू-मुस्लिम डिबेट की नौकरी कर लीजिए.

फोटो: पीटीआई

मोदी सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या दर में 45 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा: कांग्रेस

कांग्रेस बोली, पिछले 3 सालों में 38 हज़ार किसानों ने आत्महत्या की है. 35 किसान हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं. सरकार ने किसानों की जगह अमीरों का क़र्ज़ माफ़ किया.

फोटो: रॉयटर्स

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब में क़र्ज़ में डूबे चार किसानों ने आत्महत्या की

राष्ट्रीय किसान मंच ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार किसान विरोधी है, किसानों के मुद्दे उठाने से रोक रही है. पंजाब में सर्वाधिक किसान आत्महत्याएं पूर्व मुख्यमंत्री बादल के गृह ज़िले में.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

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2017 में ज़्यादातर देशों की जीडीपी बढ़ी, बेरोज़गारी घटी लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ

2017 को एक ऐसे साल के तौर पर याद किया जाएगा, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने ही हाथों भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे जीडीपी में तीव्र गिरावट आयी और पहले से ही नए रोज़गार निर्माण की ख़राब स्थिति और बदतर हुई.

(फोटो: पीटीआई)

नाराज़ किसानों और बेरोज़गारी के चलते भाजपा को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा: गुजरात मुख्य सचिव

गुजरात सरकार के मुख्य सचिव जेएन सिंह ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य और युवाओं को रोजगार मिलता तो भाजपा के ख़िलाफ़ वोटिंग नहीं होती.

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योगी सरकार बोली- दोगुनी आय के लिए दस लाख किसानों को प्रशिक्षित किया, किसान बोले- जुमलेबाज़ी है

यूपी सरकार का दावा, किसान पाठशाला के ज़रिये दस लाख किसानों को शिक्षित किया. किसानों ने कहा- व्यावहारिक स्तर पर कार्यक्रम हुआ ही नहीं, केवल कागजों तक सीमित है.

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पिछले 17 साल में महाराष्ट्र में 26,339 किसानों ने की आत्महत्या

राजस्व मंत्री ने विधानसभा में कहा, आत्महत्या करने वाले कुल किसानों में से 12,805 किसानों ने क़र्ज़, बंजर ज़मीन और ऋण के भुगतान को लेकर दबाव के चलते यह क़दम उठाया.

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार. (फोटो: रॉयटर्स)

मोदी ने देश को तबाह कर दिया है और प्रधानमंत्री पद की गरिमा कम की है: शरद पवार

पूर्व कृषि मंत्री ने कहा, मनमोहन सिंह पर ऐसे आरोप लगाते हुए मोदी को शर्म आनी चाहिए. किसानों से कहा, सरकार को बिजली बिल और दूसरे बकाये का भुगतान न करें.

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देश को न मोदी चाहिए, न राहुल: अन्ना हजारे

अन्ना बोले, दोनों उद्योगपतियों के हिसाब से काम करते हैं. इस बार किसान के हित में सोचने वाली सरकार चाहिए. देश में 22 साल में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

नाना पटोले (फोटो: फेसबुक)

राजनीतिक फायदे के लिए ओबीसी कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं मोदी: पटोले

लोकसभा और भाजपा से इस्तीफा दे चुके नाना पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री से ओबीसी मंत्रालय की मांग करने पर उन्होंने चिल्लाते हुए कहा कि ओबीसी को इसकी ज़रूरत नहीं.

नाना पटोले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: लोकसभा वेबसाइट/पीटीआई)

मैं गुजरात जाकर जनता को प्रधानमंत्री की असलियत बताऊंगा: नाना पटोले

लोकसभा और भाजपा से इस्तीफ़ा देने के बाद पटोले ने कहा भाजपा में लोकतंत्र बिल्कुल नहीं. नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सवाल सुनना पसंद नहीं.

Yashwant Sinha The Wire YouTube

किसानों की मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन स्थल नहीं छोड़ेंगे: सिन्हा

भाजपा नेता यशवंत सिन्हा को सोमवार शाम विदर्भ के किसानों के प्रति राज्य सरकार की बेरुख़ी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते वक़्त हिरासत में लिया गया था.

Patidar Reuters

उत्तरी गुजरात के गांवों में पाटीदारों का गुस्सा बिगाड़ सकता है भाजपा का खेल

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा शासन से उपजे मोहभंग के कारण तेज़ मिजाज़ पाटीदारों ने अब आर्थिक मोर्चे पर इसकी नाक़ामियों को सामने रखना शुरू कर दिया है.

दिल्ली के संसद मार्ग पर देश भर के 184 किसान संगठनों की ओर से दो दिवसीय किसान मुक्ति संसद लगाई गई. (फोटो: कृष्णकांत/द वायर)

कॉरपोरेट की क़र्ज़माफ़ी से विकास होता है, किसानों की क़र्ज़माफ़ी विकास-विरोधी है

भाषणों में पूरी राजनीति और सरकार किसानों-ग़रीबों को समर्पित है लेकिन किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य से भी कम पर बेचने को मजबूर है.

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गांधी के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष तक भारत किसानों का क़ब्रगाह बन गया है

देश भर के किसान एकजुट होकर लड़ रहे हैं तो दूसरी ओर पूरे देश में किसान आत्महत्याएं भी जारी हैं. महाराष्ट्र में क़र्ज़ माफ़ी के बाद 5 महीने में 1,020 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.