Farmers

Nadia: A farmer prepares land for cultivation during Monsoon season, in Nadia district of West Bengal, Tuesday, July 9, 2019. (PTI Photo)(PTI7_9_2019_000060B)

कृषि मंत्रालय खुद ये मानता है कि एमएसपी बढ़ाने पर बाज़ार में विकृति आने का सीधा संबंध नहीं

द वायर द्वारा प्राप्त किए गए कृषि मंत्रालय के आंतरिक गोपनीय दस्तावेज़ों से पता चलता है कि सरकार ख़ुद ये स्वीकार करती है कि अधिक एमएसपी किसानों को कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थिति से निकालने के लिए ज़रूरी है. हालांकि इसके बावजूद केंद्र पिछले कई सालों से लागत का डेढ़ गुना दाम देने की मांग को दरकिनार करती आ रही है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

भाजपा शासित राज्यों समेत कई प्रदेशों ने की थी एमएसपी बढ़ाने की सिफ़ारिश, केंद्र ने ठुकराया

द वायर एक्सक्लूसिव: आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ बताते हैं कि महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों ने केंद्र द्वारा निर्धारित एमएसपी पर सहमति नहीं जताई थी. राज्यों ने अपने यहां की उत्पादन लागत के हिसाब से समर्थन मूल्य तय करने की सिफ़ारिश की थी, लेकिन केंद्र ने सभी प्रस्तावों को ख़ारिज कर दिया.

खेतों में उड़ती टिड्डियों के बीच किसान. (सभी फोटो: माधव शर्मा)

राजस्थान में टिड्डियों के हमले के बाद किसान सरकार की उदासीनता के शिकार

इन दिनों उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के 11 ज़िले और गुजरात के कुछ क्षेत्रों के किसान टिड्डियों के हमले से प्रभावित हैं. सरकारी अधिकारियों के अनुसार टिड्डियों के हमले से तक़रीबन 3.70 लाख हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो चुकी है.

(फोटो साभार: ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया)

बजट में पारदर्शिता को लेकर कई बड़े राज्य फिसड्डी, असम पहले नंबर पर, मणिपुर सबसे नीचे: रिपोर्ट

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों की तुलना में केंद्र का बजट ज़्यादा पारदर्शी होता है. हालांकि केंद्र स्तर पर भी अभी भी कई ज़रूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जाता है.

Research has shown that LGBTQ people face a higher risk of having mental health issues such as depression, anxiety, substance abuse, suicide and self-harm than heterosexuals. ― Picture by Gift Habeshaw/Unsplash via Reuters

2018 में किसानों से ज़्यादा बेरोज़गारों और स्वरोज़गार करने वालों ने की आत्महत्या: एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2018 में औसतन 35 बेरोज़गारों और स्वरोज़गार से जुड़े 36 लोगों ने हर दिन ख़ुदकुशी की. इस साल 12,936 बेरोज़गारों और स्वरोज़गार से जुड़े 13,149 लोगों ने ख़ुदकुशी की.

Nagaon: A farmer ploughs his field using bullocks at Bamuni village, in Nagaon, Tuesday, July 02, 2019. (PTI Photo) (PTI7_2_2019_000076B)

देश में पिछले 10 साल में माफ़ हुआ 4.7 लाख करोड़ रुपये का कृषि क़र्ज़

हालांकि किसानों की ये क़र्ज़ माफ़ी वास्तविकता के बजाय काग़ज़ों पर ही अधिक हुई हैं. इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक क़र्ज़ माफ़ नहीं किए जा सके हैं. सबसे ख़राब प्रदर्शन मध्य प्रदेश का रहा है. मध्य प्रदेश में महज़ 10 प्रतिशत क़र्ज़ माफ़ किए गए हैं.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/ Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

साल 2018 में 10,349 किसानों ने आत्महत्या की, महाराष्ट्र में सबसे ज़्यादा: एनसीआरबी

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, साल 2018 में किसान आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु दूसरे, पश्चिम बंगाल तीसरे, मध्य प्रदेश चौथे और कर्नाटक पांचवें स्थान पर है. इन पांच राज्यों में ही किसान आत्महत्या के करीब 51 फीसदी मामले दर्ज किए गए.

Karad: Farmers plough their field as they sow soyabean at a field in Ghogaon village near Karad, Friday, July 5, 2019. Finance Minister Nirmala Sitharaman said the government will invest widely in agriculture infrastructure and support private entrepreneurship for value addition in farm sector. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000217B)

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के दो लाख रुपये तक कर्ज माफ करने की घोषणा की

इस योजना को महात्मा ज्योतिराव फुले ऋण माफी योजना कहा जाएगा. राज्य के खजाने पर इस कदम से कितना वित्तीय भार पड़ेगा, इस पर महाराष्ट्र सरकार ने अभी कुछ नहीं कहा.

Nadia: A farmer prepares land for cultivation during Monsoon season, in Nadia district of West Bengal, Tuesday, July 9, 2019. (PTI Photo)(PTI7_9_2019_000060B)

देश में प्रति कृषि परिवार की राष्ट्रीय मासिक औसत आय 6426 रुपये, हर दिन मात्र 214 रुपये

पंजाब में प्रति कृषि परिवार की मासिक औसत आय 18,059 रुपये है, जबकि हरियाणा में प्रति कृषि परिवार की मासिक औसत आय 14,434 रुपये, जम्मू कश्मीर में 12,683 रुपये और केरल में 11,888 रुपये है.

Chikmagalur: Labours sort onions in Chikmagalur, Karnataka, Saturday, Dec. 7, 2019. Onion prices continue to soar across the country. (PTI Photo) (PTI12_7_2019_000025B)

प्याज़ का भाव 165 रुपये किलो तक पहुंचा, आयातित प्याज़ 20 जनवरी तक आने की संभावना

देश के अधिकांश शहरों में प्याज़ के भाव 100 रुपये किलो के पार पहुंचे. प्याज के प्रमुख उत्पादक केंद्र महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार को इसकी दर 75 रुपये किलो थी.

Chennai: Defence Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference at Officers Training Academy (OTA), in Chennai, Saturday, Sept 29, 2018. (PTI Photo) (PTI9_29_2018_000115B)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- ‘मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जहां प्याज से मतलब नहीं रखते’

लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्याज के कम उत्पादन और बढ़ती कीमतों पर एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले के सवाल का जवाब दे रही थीं. इसी दौरान एक सांसद ने उन्हें बीच में टोकते हुए पूछा, ‘क्या आप प्याज खाती हैं?’

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा देने का प्रावधान नहीं: सरकार

राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई कार्यक्रम अमल में लाए जा रहे हैं लेकिन आत्महत्या करने वाले किसानों को मुआवजा देने का प्रावधान वर्तमान में चलाई जा रही किसी नीति में नहीं है.

**EDS: WITH PTI STORY** New Delhi: Lebourers sort onions at Azadpur Mandi, a major market of the Agriculture Produce Marketing Committee (APMC), in New Delhi, Sunday, Sept. 22, 2019. Onion prices are spiralling reportedly due to shortage of supply, and also amid reports of crop damage and delay in arrivals of new crop. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI9_22_2019_000022B)

देशभर में प्याज़ की ऊंची कीमत से राहत नहीं, पणजी में भाव 110 रुपये किलो पहुंचा

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज़ की कीमत 76 रुपये किलो, मुंबई में 92 रुपये किलो, कोलकाता में 100 रुपये किलो और चेन्नई में 80 रुपये किलो रही. बढ़ती कीमतों के बीच कई जगहों पर प्याज़ चोरी होने की घटनाएं भी सामने आई हैं.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

महाराष्ट्र: सरकारी रिपोर्ट में मराठवाड़ा के किसानों के लिए 2,904 करोड़ के मुआवजे की सिफारिश

महाराष्ट्र सरकार की एक रिपोर्ट में कहा गया कि बेमौसम बरसात से 44,33,549 किसान प्रभावित हुए और आठ जिलों में 41,49,175 हेक्टेयर जमीन पर फसल बर्बाद हुई.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

साल 2016 में 11,379 किसानों ने आत्महत्या की, केंद्र ने अंतत: जारी किए आंकड़े

किसान आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है. साल 2016 में इस राज्य में सर्वाधिक 3,661 किसानों ने आत्महत्या की. इससे पहले 2014 में यहां 4,004 और 2015 में 4,291 किसानों ने आत्महत्या की थी.

Amritsar: A man sorts onions at a wholesale vegetable market at Walla, on the outskirts of Amritsar, Wednesday, Nov. 6, 2019. The retail price of onions has risen by 45 per cent in the last one week to Rs 80/kg despite the central government's measures to boost supply and contain price rise. (PTI Photo)(PTI11_6_2019_000171B)

दिल्ली में प्याज़ 80 रुपये किलो, एक हफ्ते में 45 प्रतिशत बढ़े दाम

महाराष्ट्र जैसे प्याज़ उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के बाद इसकी आपूर्ति पर असर पड़ा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्याज़ की कीमतों में पिछले साल की तुलना में क़रीब तीन गुना वृद्धि हुई है. नवंबर 2018 में खुदरा बाज़ार में प्याज़ का भाव 30-35 रुपये किलो था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: बारिश से फसल बर्बाद, मराठवाड़ा में चार दिन में दस किसानों ने आत्महत्या की

मध्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में बेमौसम बारिश के चलते सोयाबीन, ज्वार, मक्का और कपास जैसी खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

प्याज 70-80 रुपये किलो पहुंची, स्टॉक की सीमा पर विचार कर रही है सरकार

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में पिछले सप्ताह प्याज की खुदरा कीमत 57 रुपये किलो रही. वहीं मुंबई में यह 56 रुपये, कोलकाता में 48 रुपये और चेन्नई में 34 रुपये किलो थी. गुरुग्राम और जम्मू में प्याज 60 रुपये किलो पर पहुंच गया है.

Kisan Protest

गन्ना बकाया भुगतान, क़र्ज़ माफ़ी जैसी मांगों को लेकर दिल्ली की ओर सैकड़ों किसानों ने निकाला मार्च

किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान संगठन के 11 प्रतिनिधियों को कृषि मंत्रालय ले जाया गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी हो जाती हैं तो वे लौट जाएंगे, नहीं तो वे दिल्ली की ओर मार्च करेंगे.

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हरियाणा भाजपा प्रमुख ने कहा, पार्टी में कभी जाति-बिरादरी की बात नहीं होती है

वीडियो: हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर द वायर के डिप्टी एडिटर गौरव विवेक भटनागर की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला से बातचीत.

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हरियाणा: योगेंद्र यादव ने कहा, मनोहरलाल जी को मनोहर कहानियां सुनाना बंद करना चाहिए

वीडियो: हरियाणा के 22 जिलों में से 13 जिलों में नौ दिन का जन-सरोकार अभियान पूरा करके लौटे स्वराज अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव से राज्य की पहली भाजपा सरकार, किसानों और महिलाओं की स्थिति, बेरोज़गारी समेत विभिन्न मुद्दों पर द वायर के डिप्टी एडिटर गौरव विवेक भटनागर की बातचीत.

नवंबर 2018 में घोषणापत्र जारी करती मध्य प्रदेश कांग्रेस. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या कांग्रेस के लिए उसका ‘वचन-पत्र’ अब गले की हड्डी बन गया है?

एक ओर कमलनाथ सरकार विधानसभा चुनावों से पहले जारी किए अपने ‘वचन-पत्र’ को ही सरकार चलाने का रोडमैप और वचनों के पूरे होने के दावे कर रही है, तो दूसरी ओर उन वचनों से सरोकार रखने वाले वर्ग अब सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने लगे हैं.

Beawar: Women carry vessels to collect drinking water on a hot summer day in Beawar, Rajasthan, Thursday, June 6, 2019. (PTI Photo)(PTI6_6_2019_000083B)

जल संकट के कगार पर राजस्थान, कभी भी ख़त्म हो सकता है भूजल

राजस्थान सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 33 ज़िलों को भूजल के हिसाब से कुल 295 ब्लॉक में बांटा गया है, जिनमें से 184 ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में आ गए हैं. इसका मतलब है कि आधे से ज़्यादा राज्य में ज़मीनी पानी कभी भी समाप्त हो सकता है.

Karad: Bullock carts loaded with sugarcane move towards a sugar mill, in Karad, Maharashtra, Monday, Nov 05, 2018. (PTI Photo)(PTI11_5_2018_000061B)

सरकार ने नहीं बढ़ाया गन्ने का न्यूनतम मूल्य, किसानों को 275 रुपये प्रति क्विंटल ही मिलेगा दाम

मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में विपणन वर्ष 2019-20 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य को यथावत रखने का फैसला किया गया. यह वह भाव है जो मिल मालिक किसानों को देते हैं.

Karad: Farmers plough their field as they sow soyabean at a field in Ghogaon village near Karad, Friday, July 5, 2019. Finance Minister Nirmala Sitharaman said the government will invest widely in agriculture infrastructure and support private entrepreneurship for value addition in farm sector. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000217B)

क्या किसानों को इस बजट से छलावे के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ?

साल 2019-20 का कृषि बजट करीब एक लाख 30 हज़ार करोड़ रुपये है, जो कुल बजट का केवल 4.6 फीसदी है. इसमें से 75,000 करोड़ रुपये पीएम-किसान योजना के लिए आवंटित किए गए हैं. इस तरह अन्य कृषि योजनाओं के लिए सिर्फ 55,000 करोड़ रुपये ही बचते हैं.

Media Bol

मीडिया बोल: बजट में किसानों और नौजवानों को क्या मिला?

मीडिया बोल की इस कड़ी में बजट पर वरिष्ठ पत्रकार नितिन सेठी, बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार की राजनीतिक संपादक अदिति फड़नीस और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश.

People walk as a telecast of India's Finance Minister Nirmala Sitharaman presenting the budget is displayed inside the Bombay Stock Exchange (BSE) building in Mumbai, July 5, 2019. Image: Reuters/Francis Mascarenhas

बजट 2019 में महत्वाकांक्षाओं की कमी साफ दिखती है

जो लोग इस बजट से भाजपा के चुनावी वादों को पूरा करने के किसी रोडमैप की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें इस बजट में एक भी बड़ा विचार या कोई बड़ी पहल दिखाई नहीं दी. रोजगार सृजन और कृषि को फायदेमंद बनाने जैसे मसले पर चुप्पी हैरत में डालने वाली है.

People watch finance minister Nirmala Sitharaman as she delivers her Union Budget 2019-20 speech, at Vashi in Navi Mumbai, on July 5. Photo: PTI

बजट में दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीति नहीं दिखाई देती

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट काफी अच्छी-अच्छी बातें करता है, लेकिन जब एक बड़ी तस्वीर बनाने की कोशिश करते हैं, तो इसमें काफी दरारें दिखाई देती हैं.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman with MoS Anurag Thakur and others outside the North Block ahead of the presentation of Union Budget 2019-20 at Parliament, in New Delhi, Friday, July 05, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI7_5_2019_000014B)

वित्तमंत्री अगर ‘न्यू इंडिया’ में नई अर्थनीति का जोखिम उठा लेतीं तो बेहतर होता

जब तक भूमंडलीकरण की आर्थिक नीतियों में कोई निर्णायक परिवर्तन नहीं होता, भारत विश्वशक्ति बन जाए तो भी, सरकार का सारा बोझ ढोने वाले निचले तबके की यह नियति बनी ही रहने वाली है कि वह तलछट में रहकर विश्वपूंजीवाद के रिसाव से जीवनयापन करे.

The President, Shri Ram Nath Kovind presenting the Padma Shri Award to Shri Daitari Naik, at the Civil Investiture Ceremony-II, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on March 16, 2019.

पद्मश्री पाने के बाद नहीं मिल रहा काम, लौटाना चाहता हूं सम्मान: दैतारी नायक

दैतारी नायक का कहना है कि जब से उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला है, लोग उनकी प्रतिष्ठा का हवाला देकर उनसे कोई काम कराने को तैयार नहीं हैं. वह चींटियों के अंडे खाने को मजबूर हैं. ओडिशा के तालबैतरणी गांव के रहने वाले नायक को पहाड़ खोदकर नहर बनाने के लिए पद्मश्री सम्मान से इसी साल नवाज़ा गया था.