Firozabad Police

Bengaluru: Union Textiles Minister & BJP leader Smriti Irani gestures during an intellectual meet in Bengaluru, Sunday, Feb 10, 2019. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI2_10_2019_000200B)

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में प्रोफ़ेसर गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद का मामला. बीते सात मार्च को एसआरके महाविद्यालय के इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर शहरयार अली ने हुमा नक़वी नामक महिला द्वारा फेसबुक पर पोस्ट की गई केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की तस्वीर पर कथित रूप से अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद भाजपा नेता की तहरीर पर उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था.

यूपी: मोदी-शाह को लेकर आपत्तिजनक वॉट्सऐप पोस्ट के आरोप में चार के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मामला उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद का है. स्थानीय भाजपा नेता ने पुलिस से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि एक वॉट्सऐप ग्रुप में किए जा रहे पोस्ट लोगों की भावनाओं को भड़का सकते हैं.

नागरिकता कानून: एक और मौत के साथ फिरोजाबाद में प्रदर्शन के दौरान मरने वालों की संख्या सात हुई

बीते 20 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से घायल होने वाले 26 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर मोहम्मद अबरार की रविवार रात मौत हो गई. इससे पहले फिरोजाबाद में छह लोगों की मौत हुई थी.

सीएए: यूपी में प्रदर्शन के बाद गोली के जख्म के साथ इलाज के लिए दिल्ली आए तीन लोगों की मौत

इससे पहले विवादित नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में देश भर में 25 लोगों की मौत हो चुकी थी. इसमें से कम से कम 18 लोगों की मौत अकेले उत्तर प्रदेश में हुई थी.

नागरिकता क़ानून: ‘पुलिस ने सीधे सिर में गोली मारी ताकि वे बच न सकें’

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के दौरान घायल मोहम्मद शफ़ीक़ नई दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि बीते 20 दिसंबर को काम से घर लौटने के दौरान पुलिस ने उनके सिर में गोली मार दी थी.

नागरिकता क़ानून: पुलिस की गोली, ज़िंदगी और मौत के बीच झूलता मोहम्मद शफ़ीक़

वीडियो: उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के दौरान घायल मोहम्मद शफ़ीक़ नई दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि बीते 20 दिसंबर को काम से घर लौटने के दौरान पुलिस ने उनके सिर में गोली मार दी थी. विशाल जायसवाल की परिजनों से बातचीत.