Gandhi

Pakistani Rangers and Indian Border Security Force personnel (obscured) lower the flags of the two countries during a daily flag lowering ceremony at the India-Pakistan joint border at Wagah, December 14, 2006. REUTERS/Mian Khursheed/Files

आज़ादी या बंटवारा?

आज़ादी के 72 साल: विभाजन का भय धीरे-धीरे आज़ादी के विचार को विस्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. ये हालात अपने भीतर काफी बड़े ख़तरे की आहट थामे हुए हैं.

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क्या हिंदुत्ववादियों का भारतीय मुसलमानों को लेकर फैलाया गया झूठ हक़ीक़त में बदल सकता है

2014 के बाद से बिना किसी प्रमाण के देश के मुसलमानों को हिंदू-विरोधी और धार्मिक रूप से कट्टरपंथी बताया जा रहा है. लेकिन डर है कि अगले पांच सालों में उनमें से कुछ ऐसे चुनाव कर सकते हैं, जो उनके समुदाय के बारे में गढ़े गए झूठ को वास्तविकता में बदल देंगे.

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बदहवास भारत में भाषा का भसान

जो गांधी के विचारों के समर्थक और शांति के पैरोकार हैं, ख़ुद एक दिमाग़ी बुखार में गिरफ़्तार हैं. हिंसा हमारा स्वभाव हो गई है. हम हमला करने का पहला मौका छोड़ना नहीं चाहते. पढ़ने-सुनने के लिए जो समय और धीरज चाहिए, हमने वह जानबूझकर गंवा दिया है.

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जब मंटो जलियांवाला बाग़ में घंटों बैठकर अंग्रेज़ी हुकूमत के तख़्तापलट के सपने देखा करते थे

जलियांवाला बाग़ नरसंहार ने मंटो को बदल दिया था. मंटो तब सात साल के थे, जब बाग़ का ख़ूनी दृश्य देखा और उसको कहीं अपने भीतर महसूस किया. बचपन की ये कैफ़ियत उनके परिपक्व होने तक भी नहीं निकल पाई. इसके बहुत बाद में जब वे अपने साहित्यिक जीवन की पहली कहानी ‘तमाशा’ लिख रहे थे, तब शायद उसी यातना से गुज़र रहे थे.

Mahatma Gandhi

अपूर्वानंद की मास्टरक्लास: क्या गांधी मुस्लिमपरस्त थे?

मास्टरक्लास में प्रो. अपूर्वानंद देश में मुसलमानों की नागरिकता पर उठ रहे सवाल और महात्मा गांधी के नज़रिये पर इतिहासकार सुधीर चंद्रा से चर्चा कर रहे हैं.

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अपूर्वानंद की मास्टरक्लास: क्या गांधी हार गए हैं?

अमेरिकी पत्रकार व लेखक विंसेंट शीन की महात्मा गांधी से मुलाकात और गणतंत्र दिवस पर इतिहासकार सुधीर चंद्रा से प्रो. अपूर्वानंद की बातचीत.

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अमित शाह की तुलना मुहम्मद अली जिन्ना से की जा सकती है: रामचंद्र गुहा

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा कि कुछ मायने में अमित शाह की तुलना जिन्ना से की जा सकती है. शाह कहते हैं, ‘जो भी हो मैं चुनाव जीतूंगा’ और जिन्ना कहते थे कि ‘जो भी हो मैं पाकिस्तान लेकर रहूंगा चाहे इसके लिए लाशें बिछ जाएं.’

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‘भारत की राष्ट्रीयता किसी एक भाषा या एक धर्म पर आधारित नहीं है’

7 जून 2018 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर मुख्यालय पर हुए समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा दिया गया पूरा भाषण.

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क्या गांधीजी वाकई कांग्रेस को भंग करना चाहते थे?

ऐसा लगता है कि यह दावा बार-बार इसलिए किया जाता है ताकि यह सिद्ध किया जा सके कि अपने अंतिम दिनों में गांधीजी कांग्रेस और उसके नेताओं से दूर हो गए थे.

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पांडेय बेचन शर्मा: वह ‘युग’ भले ही प्रेमचंद का था, लेकिन लोक में ‘उग्र’ की ही धाक थी

जन्मदिन विशेष: जब कलावादी आलोचकों ने ‘उग्र’ की कहानियों को अश्लील, घासलेटी और कलाविहीन कहा, तब उनका जवाब था कि अगर सत्य को ज्यों का त्यों चित्रित कर देने में कोई कला हो सकती है तो मेरी इन कहानियों में भी कला है

महात्मा गांधी. (फोटो: रॉयटर्स)

गांधी की हत्या से संबंधित रिकॉर्ड तक सहज पहुंच सुनिश्चित हो: सूचना आयुक्त

एक आरटीआई आवेदन पर सूचना आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय अभिलेखागार की वेबसाइट पर महात्मा गांधी से जुड़े दस्तावेज़ आसानी से मिलने मुश्किल हैं.

दलित समाजशास्त्री और लेखक कांचा इलैया (फोटो: फेसबुक)

भावनाएं आहत करने के आरोप में लेखक कांचा इलैया के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

पु​स्तक के ज़रिये कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में हैदराबाद पुलिस ने कांचा इलैया के विरुद्ध मामला दर्ज किया है.

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आज अगर लोहिया होते तो गैर-भाजपावाद का आह्वान करते

लोहिया ने नेहरू जैसे प्रधानमंत्री को यह कहकर निरुत्तर कर दिया था कि आम आदमी तीन आने रोज़ पर गुज़र करता है, जबकि प्रधानमंत्री पर रोज़ाना 25 हज़ार रुपये ख़र्च होते हैं.

कांचा इलैया और उनकी किताब (फोटो साभार: फेसबुक)

‘क्या आर्य-वैश्यों के पास कोई ऐसा अर्थशास्त्री नहीं है, जो मेरी किताब पर तर्क कर सके?’

साक्षात्कार: लेखक और चिंतक कांचा इलैया शेपहर्ड अपनी किताब ‘पोस्ट-हिंदू इंडिया’ के लिए विवादों में हैं. उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है. उनसे बातचीत.

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हम गांधी के लायक कब होंगे?

गांधी गाय को माता मानते हुए भी उसकी रक्षा के लिए इंसान को मारने से इनकार करते हैं. उनके ही देश में गोरक्षकों ने पीट-पीट कर मारने का आंदोलन चला रखा है.

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हिंसा की राह पर चलने वाले किसी व्यक्ति या समूह को बख़्शा नहीं जाएगा: मोदी

आकाशवाणी पर प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी.

Olga Beach: Prime Minister Narendra Modi with his Israeli counterpart Benjamin Netanyahu at the Olga Beach in Israel on Thursday. PTI Photo/ PIB(PTI7_6_2017_000103B)

इज़रायल नीति में बदलाव से क्या ​हासिल होगा?

मैं यह नहीं कहना चाहता कि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को कभी इज़रायल नहीं जाना चाहिए. लेकिन ये यात्रा कुछ इस तरह से हुई जैसे अरब कहीं है ही नहीं और फिलिस्तीनी देश बस एक मिथक है. उस पवित्र ज़मीन की एकमात्र हकीकत इज़रायल, इज़रायल और सिर्फ इज़रायल है.

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खोखली भावनाओं की भ्रष्ट श्रद्धांजलि है ‘चंपारण सत्याग्रह’ का शताब्दी समारोह

आज़ादी के बाद किसान अपनी समस्याओं के निदान के लिए गांधी के बताए सत्याग्रह के मार्ग पर चल रहे हैं, पर सरकारों के लिए इसका कोई अर्थ नहीं रह गया है.

इलाहाबाद में कांग्रेस सेवादल के सदस्यों के साथ जवाहरलाल नेहरू. (साभार: विकीपीडिया)

कभी जिससे अंग्रेज़ डरा करते थे, कांग्रेस का वह सेवादल अपनी आख़िरी सांसें गिन रहा है

ऐसे समय में जब कांग्रेस रास्ता खोज रही है, उसे अपने संगठन की ओर देखना चाहिए और उस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करना चाहिए, जिसे 1969 के बाद लगातार ख़त्म किया जाता रहा है.

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सभ्य समाज में मूल अधिकारों के लिए बंदूकों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए: गांधी

इतिहासकार सुधीर चंद्र ने अपनी किताब ‘गांधी: एक असंभव संभावना ‘में गांधी के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला है.