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महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ टिप्पणी मामले में कालीचरण महाराज को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कालीचरण के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मामले दर्ज किए गए हैं. पुणे की एक अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

मैं किसी से उसका मज़हब छीनना नहीं चाहता… सिर्फ़ सीने में दबी नफ़रत छीन लेना चाहता हूं

विभाजन या इतिहास के किसी भी कांटेदार खंडहर में फंसे जिस्मों को भूलकर, अगर सत्ताधारियों के लिबास में नज़र आने वाले सितम-ज़रीफ़ ख़ुदाओं के जाल को नहीं तोड़ा गया तो मरने वाले की ज़बान पर भी ख़ुदा का नाम होगा और मारने वाले की ज़बान पर भी ख़ुदा का नाम होगा.

महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ बयान मामले में वर्धा पुलिस ने कालीचरण महाराज को गिरफ़्तार किया

रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कालीचरण के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मामले दर्ज किए गए हैं. पुणे पुलिस ने एक अन्य कार्यक्रम में कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में बीते सप्ताह उन्हें गिरफ़्तार किया था, जिसमें कोर्ट ने सात जनवरी को उन्हें ज़मानत दे दी थी.

भड़काऊ भाषण मामला: पुणे पुलिस ने कालीचरण महाराज को हिरासत में लिया

पुणे पुलिस ने धार्मिक नेता कालीचरण महाराज, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे, कैप्टन (रिटा.) दिगेंद्र कुमार और अन्य के ख़िलाफ़ एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया था. कालीचरण पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दो मामले दर्ज किए गए हैं.

मध्य प्रदेश: ‘गोडसे ज़िंदाबाद’ नारेबाज़ी का वीडियो आने के बाद कालीचरण के 50 समर्थकों पर केस दर्ज

कालीचरण महाराज को छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘धर्म संसद’ में महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में 30 दिसंबर 2021 को रायपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया था. उनकी ज़मानत याचिका एक अदालत ने ख़ारिज कर दी है. उनके समर्थन में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि संतों के प्रति ‘थोड़ा-सा लिबरल’ रहा जाना चाहिए.

छत्तीसगढ़ः रायपुर की धर्म संसद में हुआ हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए हथियार उठाने का आह्वान

हरिद्वार में कई अखाड़ों ने मिलकर 28 दिसंबर को 21 धार्मिक नेताओं की एक कोर समिति का गठन किया है. धार्मिक नेताओं ने बताया कि उन्होंने भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ में बदलने के अपने अभियान को तेज़ करने का भी फ़ैसला किया है. अब आगे इस तरह की तीन और धर्म संसद अलीगढ़, कुरुक्षेत्र और शिमला में होंगी.

महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोपी कालीचरण महाराज गिरफ़्तार

छत्तीगढ़ की रायपुर पुलिस ने बताया कि कालीचरण महाराज को मध्य प्रदेश के खजुराहो शहर के पास से गिरफ़्तार किया गया है. रायपुर में बीते 26 दिसंबर को दो दिवसीय ‘धर्म संसद’ कार्यक्रम में कालीचरण महाराज ने अपने भाषण के दौरान राष्ट्रपिता के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रशंसा की थी.

महाराष्ट्र: गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ कथित भड़काऊ भाषण का केस

धार्मिक नेता कालीचरण महाराज पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दो मामले दर्ज किए गए हैं. पुणे पुलिस ने एक कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में कालीचरण, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे और चार अन्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. एकबोटे भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी हैं.

गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी: कालीचरण महाराज ने कहा, अपने बयान पर कोई अफ़सोस नहीं

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो दिवसीय ‘धर्म संसद’ कार्यक्रम में महात्मा गांधी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए हिंदू धार्मिक नेता कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है. केस दर्ज होने के बाद उन्होंने कहा है कि वह गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते हैं और सच बोलने की सज़ा मौत है तो वह उन्हें मंजूर है.

छत्तीसगढ़: हिंदू धार्मिक नेता के बाद सरकारी अधिकारी ने गांधी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की

छत्तीसगढ़ शासन ने रायपुर ज़िले के सहायक खाद्य अधिकारी संजय दुबे को निलंबित कर दिया गया है. इससे पहले रायपुर में दो दिवसीय ‘धर्म संसद’ कार्यक्रम में महात्मा गांधी पर हिंदू धार्मिक नेता कालीचरण महाराज ने कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी. रायपुर में केस दर्ज होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने कालीचरण के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

छत्तीसगढ़: ‘धर्म संसद’ में महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए गोडसे की सराहना, केस दर्ज

रायपुर में 25-26 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय ‘धर्म संसद’ में 20 हिंदू धर्मगुरुओं ने शिरकत की थी. इस दौरान ‘सनातनी हिंदुओं से हथियार उठाने की’ अपील की गई और ‘हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए तैयार रहने’ को भी कहा गया.

मोदी और उनका हिंदुत्व ब्रिटिश राज और उसकी नीतियों के साक्षात वंशज हैं…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनेक नीतियां अंग्रेजों के साम्राज्यवादी शासन से निकली हैं और उनसे असंतोष ज़ाहिर करने वालों को एक ख़तरे के तौर पर देखती हैं, ठीक वैसे ही जैसे अंग्रेज़ देखा करते थे.

जिन्ना के ‘महिमामंडन’ के सवाल पर भाजपा के खाने के दांत और हैं, दिखाने के और

अगर जिन्ना, जो कम से कम 1937 तक देश के साझा स्वतंत्रता संघर्ष का हिस्सा थे, की प्रशंसा करना अपराध है तो हमारे निकटवर्ती अतीत में भाजपा के कई बड़े नेता ऐसे अपराध कर चुके हैं.

क्या वेरियर एल्विन के महात्मा गांधी से दूर जाने की वजह उनका आदिवासियों के क़रीब जाना था

ब्रिटिश मूल के एंथ्रोपोलॉजिस्ट वेरियर एल्विन ऑक्सफोर्ड से पढ़ाई ख़त्म कर एक ईसाई मिशनरी के रूप में भारत आए थे. 1928 में वे पहली बार महात्मा गांधी को सुनकर उनसे काफी प्रभावित हुए और उनके निकट आ गए. गांधी उन्हें अपना पुत्र मानने लगे थे, लेकिन जैसे-जैसे एल्विन आदिवासियों के क़रीब आने लगे, उनके और गांधी के बीच दूरियां बढ़ गईं.

हिंदुस्तान में चल रही भाषाई सियासत पर गांधी का क्या नज़रिया था…

महात्मा गांधी का मानना था कि अगर हमें अवाम तक अपनी पहुंच क़ायम करनी है तो उन तक उनकी भाषा के माध्यम से ही पहुंचा जा सकता है. इसलिए वे आसान भाषा के हामी थे जो आसानी से अधिक से अधिक लोगों की समझ में आ सके. लिहाज़ा गांधी हिंदी और उर्दू की साझी शक्ल में हिंदुस्तानी की वकालत किया करते थे.