GDP

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (फोटो: पीटीआई)

पहली तिमाही में पांच फीसदी जीडीपी वृद्धि दर चौंकाने वाली: आरबीआई गवर्नर

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हर किसी ने आर्थिक वृद्धि का जो अनुमान जताया था, वह 5.5 प्रतिशत से कम नहीं था.

राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)

अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए दुष्प्रचार नहीं, ठोस नीति की ज़रूरत: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत ख़बरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की ज़रूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके.

New Delhi: Former prime minister Manmohan Singh addresses after 'Indira Gandhi Prize for Peace, Disarmament for 2017, and Development' was conferred upon him, in New Delhi, Monday, Nov. 19, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI11_19_2018_000202B)

मनमोहन सिंह ने कहा, लंबे समय तक आजादी का छिन जाना कोई छोटी-मोटी कीमत नहीं होती

जयपुर में एक निजी विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमें एक अच्छी तरह से सोची समझी रणनीति की जरूरत है.

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मीडिया बोल: मंदी के दौर में सत्ता का मोदी मंत्र कब तक?

वीडियो: मीडिया बोल के इस अंक में भारतीय अर्थव्यवस्था के गिरते स्तर पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश आर्थिक मामलों की विशेषज्ञ पत्रकार पूजा मेहरा, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की छात्रा आकृति भाटिया और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु के साथ चर्चा कर रहे हैं.

Bengaluru: Chairman of the State Finance Ministers Group and Bihar Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi speaks during a press conference after meeting with the group of ministers constituted to monitor and remove IT challenges faced in implementation of GST, in Bengaluru on Saturday, July 14, 2018. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI7_14_2018_000148B)

बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी ने कहा, सावन-भादो के महीने में हर साल रहती है मंदी

बिहार के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील मोदी ने कहा कि वैसे तो हर साल सावन-भादो में मंदी रहती है, लेकिन इस बार मंदी का ज्यादा शोर मचा कर कुछ लोग चुनावी पराजय की खीझ उतार रहे हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए प्रतिशोध की राजनीति छोड़ विशेषज्ञों की राय ले सरकार: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी केवल 5 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो इस ओर इशारा करती है कि हम एक लंबी मंदी के दौर में हैं. भारत में ज्यादा तेजी से वृद्धि करने की क्षमता है, लेकिन मोदी सरकार के चौतरफा कुप्रबंधन के चलते अर्थव्यवस्था में मंदी छा गई है.

A worker operates a hydraulic press machine at a workshop manufacturing flanges for automobiles in Mumbai, India, May 29, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर पांच फीसदी रही, पिछले छह सालों में सबसे कम

इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर इतनी कम थी. उस समय ये दर 4.9 फीसदी पर थी.

(फोटो: पीटीआई)

भारत का संप्रभु बॉन्ड से पैसा जुटाने का फैसला काफी जोख़िम भरा है

अगर केंद्र की मोदी सरकार को विदेशों से डॉलर में क़र्ज़ लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है तो इसके पीछे पिछले पांच वर्षों के दौरान पनपने वाले आर्थिक संकट का हाथ है.

People walk as a telecast of India's Finance Minister Nirmala Sitharaman presenting the budget is displayed inside the Bombay Stock Exchange (BSE) building in Mumbai, July 5, 2019. Image: Reuters/Francis Mascarenhas

बजट 2019 में महत्वाकांक्षाओं की कमी साफ दिखती है

जो लोग इस बजट से भाजपा के चुनावी वादों को पूरा करने के किसी रोडमैप की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें इस बजट में एक भी बड़ा विचार या कोई बड़ी पहल दिखाई नहीं दी. रोजगार सृजन और कृषि को फायदेमंद बनाने जैसे मसले पर चुप्पी हैरत में डालने वाली है.

People watch finance minister Nirmala Sitharaman as she delivers her Union Budget 2019-20 speech, at Vashi in Navi Mumbai, on July 5. Photo: PTI

बजट में दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीति नहीं दिखाई देती

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट काफी अच्छी-अच्छी बातें करता है, लेकिन जब एक बड़ी तस्वीर बनाने की कोशिश करते हैं, तो इसमें काफी दरारें दिखाई देती हैं.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman with MoS Anurag Thakur and others outside the North Block ahead of the presentation of Union Budget 2019-20 at Parliament, in New Delhi, Friday, July 05, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI7_5_2019_000014B)

वित्तमंत्री अगर ‘न्यू इंडिया’ में नई अर्थनीति का जोखिम उठा लेतीं तो बेहतर होता

जब तक भूमंडलीकरण की आर्थिक नीतियों में कोई निर्णायक परिवर्तन नहीं होता, भारत विश्वशक्ति बन जाए तो भी, सरकार का सारा बोझ ढोने वाले निचले तबके की यह नियति बनी ही रहने वाली है कि वह तलछट में रहकर विश्वपूंजीवाद के रिसाव से जीवनयापन करे.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman and MoS Anurag Thakur arrive at Parliament to present the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 05, 2019. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI7_5_2019_000064B)

400 करोड़ रुपये तक के सालाना कारोबार वाली कंपनियों का कॉरपोरेट टैक्स घटाकर 25 प्रतिशत किया गया

पहले 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों पर 25 प्रतिशत की दर से कॉरपोरेट कर लगता था. इसके अलावा दो से पांच करोड़ और पांच करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने वालों पर सरचार्ज बढ़ाया गया है.

Kolkata: People watch Finance Minister Nirmala Sitharaman tabling the Union Budget 2019-20, on TV sets at a showroom in Kolkata, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000071B)

बजट 2019: आवास ऋण के ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये तक की और छूट

सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भरता घटाने के लिए बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को कई तरह के प्रोत्साहन दिया है. इलेक्ट्रानिक वाहनों की खरीद को लेकर लिए गए कर्ज पर 1.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर आयकर छूट दिया जाएगा.

The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Smt. Nirmala Sitharaman departs from North Block to Rashtrapati Bhavan and Parliament House, along with the Minister of State for Finance and Corporate Affairs, Shri Anurag Singh Thakur and the senior officials to present the General Budget 2019-20, in New Delhi on July 05, 2019. PIB Photo

बजट 2019: पेट्रोल, डीजल पर उपकर में एक रुपये की बढ़ोतरी, सोना भी होगा महंगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में 400 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली कंपनियों को अब 25 प्रतिशत की दर से कारपोरेट कर देना होगा.

N Sitharaman ANI

LIVE बजट 2019: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट शुक्रवार को लोकसभा में पेश करते हुए कहा कि भारत की जनता ने जनादेश के माध्यम से हमारे देश के भविष्य के लिए अपने दो लक्ष्यों ‘राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि’ पर मुहर लगाई है.

Nirmala Sitharaman-ANI

बजट 2019ः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी नई सरकार का पहला पूर्ण बजट

नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश करेंगी. इस बार बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में नहीं रखकर लाल रंग की फाइल में रखा गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19: जीडीपी 7 फीसदी रहने का अनुमान, 5.8 फीसदी रहा राजकोषीय घाटा

पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 6.8 फीसदी पर थी. आर्थिक सर्वेक्षण में 2025 तक देश की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुने से अधिक कर 5,000 अरब डॉलर पर पहुंचाने की विस्तृत रूपरेखा पेश की गई है.

New Delhi: Chief Economic Advisor Arvind Subramanian addresses a press conference, in New Delhi, on Wednesday, June 20, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2018_000134B)

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने जीडीपी पर अरविंद सुब्रमण्यम के दावे को ख़ारिज किया

देश के पूर्व मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा था कि साल 2011-12 से 2016-17 के दौरान देश के जीडीपी आंकड़े को काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया. इस दौरान जीडीपी सात फीसदी नहीं, बल्कि 4.5 फीसदी बढ़ी है.

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2011-12 से 2016-17 के बीच में जीडीपी 7 फीसदी नहीं, बल्कि 4.5 फीसदी दर से बढ़ी: अरविंद सुब्रमण्यम

देश के पूर्व मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम का कहना है कि साल 2011-12 से 2016-17 के दौरान देश के जीडीपी आंकड़े को काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया. इस दौरान जीडीपी सात फीसदी नहीं, बल्कि 4.5 फीसदी की दर से बढ़ी है.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

अर्थव्यवस्था में जान फूंकना मोदी सरकार की सबसे बड़ी चुनौती होगी

देश की कमज़ोर अर्थव्यवस्था के बीच प्रचंड जनादेश हासिल करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष कई बड़ी आर्थिक चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

पांच साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंची जीडीपी वृद्धि दर, चीन से पिछड़ा भारत

वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 5.8 प्रतिशत रही जो चीन की जनवरी-मार्च 2019 को समाप्त तिमाही में 6.4 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले कम है. राष्ट्रीय आय पर सीएसओ के आंकड़े के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में पूरे साल के दौरान जीडीपी की वृद्धि दर भी घटकर पांच साल के न्यूनतम स्तर 6.8 प्रतिशत रही है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi at the silver jubilee celebration of National Human Right Commission, in New Delhi, Friday, Oct 12, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI10_12_2018_100099B)

साल भर में अनुमान से करीब दो लाख करोड़ रुपये बढ़ा राजकोषीय घाटा

कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2018 से फरवरी 2019 के दौरान राजकोषीय घाटा 8.51 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पूरे साल के लिए संशोधित बजट अनुमान 6.34 लाख करोड़ रुपये से 134.2 प्रतिशत अधिक है.

Bulletin 27th march

द वायर बुलेटिन: रघुराम राजन ने कहा, बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में

मोदी के खिलाफ़ 111 किसान, भाजपा द्वारा उनकी मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने के वादे समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में है: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर उपजे संदेह को दूर करने के लिए एक निष्पक्ष समूह की नियुक्ति पर जोर दिया है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing at the function to mark one-year of Himachal Pradesh Government, in Dharamshala, Himachal Pradesh on December 27, 2018.

क्या मोदी सरकार का आख़िरी बजट वास्तव में भारत की तरक्की की कहानी बयां करता है?

3000 करोड़ रुपये की मूर्ति, 1 लाख करोड़ रुपये की बुलेट ट्रेन उस देश की सबसे पहली ज़रूरतें हैं, जहां छह करोड़ बच्चे कुपोषित हैं, शिक्षकों के दस लाख पद ख़ाली हैं, सवा तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं और 20 करोड़ लोग रोज़ भूखे सोते हैं.

Devinder Sharma Facebook 1

किसान क़र्ज़ माफ़ी के ख़िलाफ़ शोर कॉर्पोरेट जगत के इशारे पर हो रहा है: कृषि विशेषज्ञ

कृषि मामलों के विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि किसान क़र्ज़ माफ़ी के हकदार हैं. इससे निश्चित तौर पर किसानों को राहत मिली है लेकिन यह थोड़ी ही है, किसानों के लिए देश में बहुत कुछ और करने की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई)

किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ देने पर चुप्पी

सरकार सरकारी बैंकों में एक लाख करोड़ रुपये क्यों डाल रही है? किसान का लोन माफ़ करने पर कहा जाता है कि फिर कोई लोन नहीं चुकाएगा. यही बात उद्योगपतियों के लिए क्यों नहीं कही जाती?

Demonetisation Notebandi Reuters

नोटबंदी से हुआ था जीडीपी वृद्धि दर को नुकसान: रिपोर्ट

अमेरिका के राष्ट्रीय आर्थिक शोध ब्यूरो द्वारा जारी एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि नोटबंदी के बाद 2016 में नवंबर-दिसंबर महीने के दौरान रोजगार सृजन में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

मैं ऐसा प्रधानमंत्री नहीं था जो मीडिया से बात करने में डरता हो: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वे नियमित तौर पर प्रेस से बात करते थे और हर विदेश यात्रा के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते थे. सिंह के इस बयान को मीडिया से बातचीत न करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है.

Surjit Bhalla, a member of Prime Minister Narendra Modi's Economic Advisory Council, poses for a picture after an interview with Reuters in New Delhi, October 17, 2017. REUTERS/Adnan Abidi/Files

अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला का प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद से इस्तीफ़ा

सुरजीत भल्ला का इस्तीफ़ा ऐसे समय में आया है जब बीते 15 महीनों में आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम समेत 3 अर्थशास्त्री सरकार का साथ छोड़ चुके हैं.

uday-kotak Reuters

कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी बोले, नोटबंदी की योजना बेहतर तरीके से बनाई जाती, तो नतीजा और होता

नोटबंदी के दो साल बाद प्रमुख बैंकर उदय कोटक ने 2000 रुपये का नोट लाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आप 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर रहे हैं, तो उससे बड़ा नोट लाने की क्या ज़रूरत थी?

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नोटबंदी-जीएसटी से अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी, मंदी झेलने को तैयार रहें: पूर्व आर्थिक सलाहकार

केंद्र की मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था इस समय संकट में है. उसे मंदी झेलने को तैयार रहना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई )

जीडीपी विकास के नए आंकड़ों पर भरोसा करना क्यों मुश्किल है

अर्थशास्त्र का नियम है कि ज़्यादा निवेश, बढ़ी हुई जीडीपी का कारण बनता है, ऐसे में निवेश-जीडीपी अनुपात में कमी आने के बावजूद जीडीपी में बढ़ोतरी कैसे हो सकती है?

Workers operate metal cutting machines inside a workshop at an industrial area in Mumbai, India, November 30, 2018. REUTERS/Francis Mascarenhas

दूसरी तिमाही में जीडीपी दर 7.1 प्रतिशत, तीन तिमाहियों में रही सबसे कम

देश की आर्थिक वृद्धि दर इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही ‘अप्रैल-जून’ में 8.2 प्रतिशत रही. पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही ‘जनवरी-मार्च’ में यह 7.7 प्रतिशत रही.

FILE PHOTO: A security personnel member stands guard at the entrance of the Reserve Bank of India (RBI) headquarters in Mumbai, India, August 2, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

रिज़र्व बैंक की प्रतिष्ठा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा सही हो: अरविंद सुब्रमण्यम

अपनी आने वाली किताब ‘ऑफ काउंसल: द चैलेंजेस ऑफ द मोदी-जेटली इकोनॉमी’ में पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि आईएलएंडएफएस की ताजा विफलता से न केवल वाणिज्यिक बल्कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां भी प्रभावित हुईं. इन विफलताओं के लिए रिज़र्व बैंक को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.

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पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार बोले, अर्थव्यवस्था के लिए झटका थी नोटबंदी

नोटबंदी के समय देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे अरविंद सुब्रमण्यम ने बताया कि नोटबंदी से पहले दर्ज हुई 8% की आर्थिक वृद्धि इस फैसले के बाद 6.8 % पर पहुंच गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी हुई.