Gorakhpur Encephalitis

New Delhi: Paediatrician Kafeel Khan addresses a press conference in New Delhi, Saturday, Sept.  28, 2019.Two years after over 60 children died in less than a week at the BRD Medical College, Uttar Pradesh government inquiry has given a clean chit to paediatrician Khan who was arrested after the tragedy.(PTI Photo/ Shahbaz Khan)(PTI9_28_2019_000123B)

उत्तर प्रदेश सरकार ने कफील खान के खिलाफ एक और जांच का आदेश दिया

राज्य के प्रमुख सचिव ने कहा, चंद रोज पहले से डॉ. कफील खान जिन बिंदुओं पर क्लीन चिट मिलने का दावा कर रहे हैं, उन बिंदुओं पर जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है. इसलिए क्लीन चिट की बात बेमानी है.

Lucknow: Kafeel Khan, an accused in the BRD Medical Hospital case involving the death of children, speaks at a press conference in Lucknow on Sunday, June 17, 2018. (PTI Photo) (PTI6_17_2018_000100B)

गोरखपुर ऑक्सीजन कांडः निलंबित डॉ. कफ़ील ख़ान विभागीय जांच में आरोपमुक्त

यह मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल अस्पताल का है, जहां अगस्त 2017 में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से एक हफ्ते में 60 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी. इस मामले में डॉ. कफ़ील ख़ान को दोषी ठहराया गया था.

Muzaffarpur: A woman carrying a child showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) arrives at Shri Krishna Medical College and hospital for treatment, in Muzaffarpur, Sunday, June 16, 2019. With one more death of a child on Sunday morning, the death toll in the district rose to 83 this month. (PTI Photo) (PTI6_16_2019_000043B)

साल दर साल काल के गाल में समाते बच्चे और गाल बजाते नेता

सोमवार को मुज़फ़्फ़रपुर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कई योजनाओं की घोषणा की, तो उन्हें 2014 में की गई घोषणाओं के बारे में ध्यान दिलाया गया, जिस पर वह असहज हो गए. दरअसल वे पांच साल पूर्व की गई अपनी ही घोषणाएं फिर से दोहरा रहे थे जो अब तक या तो अमल में ही नहीं आ सकी हैं या आधी-अधूरी हैं.

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गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इंसेफलाइटिस से मौतों में ‘चमत्कारिक’ कमी का सच क्या है?

उत्तर प्रदेश सरकार यदि इंसेफलाइटिस से मौतों में कमी आने का दावा कर रही है तो उसे पिछले पांच वर्षों का अगस्त महीने तक गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या और मौतों की रिपोर्ट जारी करनी चाहिए.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत आंतरिक राजनीति के कारण हुई थी: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का कहना है कि बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई थी.

(फोटो साभार: एएनआई)

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में छह महीनों में 1049 बच्चों की मौत

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में साल 2017 में छह महीनों में 1,201 बच्चों की मौत हुई थी. दोनों वर्ष के आंकड़ों से पता चलता है कि नियोनेटल डेथ में कमी आई है जबकि इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत बढ़ गई है.

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज़ों के परिजन. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में अक्टूबर के 15 दिनों में 231 बच्चों की मौत

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का दौर जारी है. अगस्त महीने में बच्चों की मौतों को स्वभाविक बताने वाले यूपी सरकार के मंत्री अब इस बारे में चुप्पी साध गए हैं.

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बाल मृत्युदर के मामले में भारत पहले, नाइजीरिया दूसरे और कांगो तीसरे नंबर पर

मेडिकल जर्नल ‘लैंसेट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में पांच वर्ष से कम आयु के 9 लाख बच्चों की मृत्यु भारत में हुई जो दुनिया में सबसे ज़्यादा है.

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गोरखपुर अस्पताल में पिछले 72 घंटे में 61 बच्चों की मौत, इस महीने 290 जानें गईं

योगी आदित्यनाथ बोले, ‘कहीं ऐसा ना हो कि लोग अपने बच्चों के दो साल के होते ही सरकार के भरोसे छोड़ दें कि सरकार उनका पालन पोषण करे.’

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गोरखपुर: बच्चों की मौत पर आई रिपोर्ट में ऑक्सीजन संकट का ज़िक्र तक नहीं

जब मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी की ख़बरें छप रही थीं, उसी दौरान मुख्यमंत्री, कमिश्नर, डीएम, चिकित्सा सचिव, स्वास्थ्य सचिव सबका दौरा हुआ. क्या बड़े लोगों को बचाया जा रहा है?

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थाने में जन्माष्टमी मनाते मुख्यमंत्री और गोरखपुर में दम तोड़ते ‘गोपाल’

जन्माष्टमी पर योगी आदित्यनाथ के बयान ने सोचने के लिए मजबूर कर दिया. कंस की याद आई जिसने अपनी बहन देवकी की सभी संतानों को मार डाला था.

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हाईकोर्ट ने योगी सरकार से पूछा, बच्चों की मौत की असली वजह बताओ

कोर्ट ने कहा, ‘ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, सही तथ्य सामने आने चाहिए, जिससे इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों. कोर्ट के आदेश से पहले मौत के कारणों पर सरकार का जवाब आना ज़रूरी है.’

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गोरखपुर में पिछले तीन दिन में इंसेफलाइटिस से 39 और बच्चों की मौत

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 67 बच्चों की मौत पर एक तरफ हंगामा जारी है, दूसरी ओर पिछले तीन दिनों में 39 और बच्चों की मौत हो चुकी है.