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(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: गुजरात में शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को घंटों करना पड़ रहा इंतज़ार

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की वजह से गुजरात में मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. शवों की संख्या बढ़ने से लगातार इस्तेमाल के कारण गुजरात के सूरत शहर में कुछ शवदाह गृह में धातु की भट्ठियां पिघल रही हैं या उनमें दरार आ गई है. राज्य के अन्य शहरों में स्थित अंतिम संस्कार स्थल भी शवों की बढ़ती संख्या के कारण दबाव महसूस कर रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 पर गुजरात सरकार के दावे असलियत से विपरीत: हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका पर कहा कि लोग अब सोच रहे हैं कि वे भगवान की दया पर हैं. पीठ ने कहा कि लोगों में ‘विश्वास की कमी’ है. इससे पहले स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने कहा था कि प्रदेश ‘स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति’ की तरफ बढ़ रहा है.

इशरत जहां. (फाइल फोटो: पीटीआई)

आरोपी पुलिसवालों को बरी करने पर इशरत जहां की मां ने कहा- शुरू से एकतरफ़ा थी सुनवाई

2004 में 19 वर्षीय इशरत जहां की अहमदाबाद के बाहरी इलाके में हुई एक मुठभेड़ में मौत हो गई थी. मुठभेड़ को जांच में फ़र्ज़ी पाया गया था और सीबीआई ने सात पुलिस अधिकारियों को आरोपी बताया था. इनमें से तीन को बुधवार को आरोप मुक्त कर दिया गया. इससे पहले तीन अन्य आरोपी अधिकारी बरी किए जा चुके हैं, जबकि एक की बीते साल मौत हो गई थी.

इशरत जहां. (फाइल फोटो: पीटीआई)

इशरत जहां मुठभेड़: अदालत ने बाकी बचे तीन आरोपी पुलिसकर्मियों को भी आरोप मुक्त किया

साल 2004 में मुंबई के नज़दीक मुम्ब्रा की रहने वाली 19 वर्षीय इशरत जहां तीन अन्य लोगों के साथ अहमदाबाद के बाहरी इलाके में गुजरात पुलिस की मुठभेड़ में मारी गई थीं. जांच में ये मुठभेड़ फ़र्ज़ी निकली थी. मामले के तीन अन्य आरोपी पुलिसकर्मी- पीपी पांडेय, डीजी वंजारा, एनके अमीन पहले ही आरोपमुक्त किए जा चुके हैं, जबकि जेजी परमार की बीते साल मौत हो गई.

इशरत जहां. (फाइल फोटो: पीटीआई)

इशरत जहां एनकाउंटर: तीन पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मुक़दमे की मंज़ूरी से गुजरात सरकार का इनकार

2004 के इशरत जहां फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में सीबीआई ने विशेष अदालत के निर्देश के बाद गुजरात सरकार से तीन आरोपी पुलिस अधिकारियों पर मुक़दमा चलाने की अनुमति मांगी थी, जिससे राज्य सरकार ने मना कर दिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

गुजरात में दो वर्षों में 313 शेरों की मौत: वन मंत्री

गुजरात के वन मंत्री गणपत वसावा ने विधानसभा में बताया कि 313 शेरों में 23 की मौत अप्रा​कृतिक कारणों से हुई. उन्होंने कहा कि 2019 में 154 और 2020 में 159 शेरों की मौत हुई. इनमें 90 शेरनी, 71 शेर और 152 शावक शामिल हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (दाएं) और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल (बाएं). (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: पिछले दो साल में प्रतिदिन दो हत्याएं, चार बलात्कार और अपहरण की छह घटनाएं हुईं

गुजरात के गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2020 तक पिछले दो साल में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 1,944 हत्याएं, 3,095 बलात्कार, अपहरण के 4,829 मामले और आत्महत्या के 14,000 से अधिक मामले सामने आए हैं. इसके अलावा 198.30 करोड़ मूल्य की भारत में निर्मित विदेशी शराब की 15 करोड़ से अधिक बोतलें ज़ब्त की गई हैं.

नरेंद्र मोदी (फोटो साभारः वेबसाइट)

1974 में नरेंद्र मोदी ने आंदोलनजीवियों को सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतारा था…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि कुछ समय से देश में एक नई जमात पैदा हुई है, आंदोलनजीवी. वकीलों, छात्रों, मज़दूरों के आंदोलन में नज़र आएंगे, कभी पर्दे के पीछे, कभी आगे. ये पूरी टोली है जो आंदोलन के बिना जी नहीं सकते और आंदोलन से जीने के लिए रास्ते ढूंढते रहते हैं.

Rajkot: Firefighters inside the ICU of a designated COVID-19 hospital where the fire broke out today, in Rajkot, Friday, Nov. 27, 2020. Five COVID-19 patients died in the incident. (PTI Photo)(PTI27-11-2020 000061B)

गुजरात: पुलिस स्टेशन में स्टिंग ऑपरेशन करने के आरोप में चार पत्रकारों पर केस दर्ज

बीते 26 नवंबर को गुजरात के राजकोट शहर के एक कोविड-19 अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से पांच मरीज़ों की मौत हो गई थी. गुजराती के दिव्य भास्कर ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अस्पताल में आग लगने के संबंध में गिरफ़्तार तीन लोगों को वीआईपी सुविधाएं मुहैया कराई गईं.

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मास्क नहीं पहनने वालों से सामुदायिक सेवा कराने के गुजरात हाईकोर्ट के आदेश पर रोक

गुजरात हाईकोर्ट ने दो दिसंबर को मास्क नहीं पहनने वालों को कोविड-19 केयर सेंटर पर अनिवार्य सामुदायिक सेवा का आदेश देते हुए इस संबंध में राज्य सरकार को एक अधिसूचना जारी करने के लिए निर्देश दिया था.

A woman wears a protective mask next to a sign urging to wear face coverings at a store, as the spread of the coronavirus disease (COVID-19) continues, in London, Britain July 24, 2020. REUTERS/Simon Dawson

सुप्रीम कोर्ट ने मास्क न पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं करने पर जताया ऐतराज़

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने संबंधी दिशानिर्देशों का लगभग सभी राज्यों में पालन नहीं किया जा रहा. राजनीतिक, धार्मिक सहित समारोहों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उचित तंत्र नहीं है.

Rajkot: Firefighters inside the ICU of a designated COVID-19 hospital where the fire broke out today, in Rajkot, Friday, Nov. 27, 2020. Five COVID-19 patients died in the incident. (PTI Photo)(PTI27-11-2020 000061B)

गुजरात कोविड अस्पताल आग: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राज्य को तथ्यों को दबाना नहीं चाहिए

बीते 26 नवंबर को गुजरात के राजकोट में कोविड-19 अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से पांच मरीजों की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए थे. 27 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए गुजरात सरकार से रिपोर्ट मांगी थी.

Kevadiya: Final touches being given to the Statue of Unity at Kevadiya Colony, about 200 kilometers from Ahmadabad, Thursday, October 18, 2018. The Statue of Unity, a 182-meters tall tribute to Indian freedom fighter Sardar Vallabhbhai Patel, will be inaugurated on Oct. 31 and is slated to be the world's tallest statue. (PTI Photo/Santosh Hirlekar) (PTI10_18_2018_000076B)

गुजरात: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के गांवों के आदिवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया

आदिवासियों ने हाल ही में लागू हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र विकास और पर्यटन प्रशासन अधिनियम को रद्द करने की मांग की, जो गुजरात सरकार को प्रतिमा के आसपास के क्षेत्र में किसी भी विकास परियोजना के लिए इन गांवों में भूमि अधिग्रहित करने की शक्ति देता है.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश की पहली बुलेट ट्रेन में पांच साल की देरी संभव, 2028 तक शुरू हो सकता है संचालन: रिपोर्ट

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जापान की कंपनियों की कम हिस्सेदारी, बोली लगाने वालों की अनुचित दर के चलते टेंडर रद्द होने जैसी वजहों से बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी हो रही है. वहीं, रेलवे की ओर से कहा गया है कि परियोजना में अच्छी प्रगति हुई है और अगले तीन से छह महीने में इसके पूरा होने की समयसीमा का पता चलेगा.

(फोटो साभार: फेसबुक)

आपराधिक मामले में वकील को ग़लत तरीके से फंसाए जाने पर गुजरात सरकार को एनएचआरसी का नोटिस

गुजरात के सूरत ज़िले की पुलिस ने एक वकील बिलाल काग़ज़ी और सात अन्य पर बीते साल 12 अगस्त को हत्या के प्रयास और अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया था. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस संबंध में गुजरात के मुख्य सचिव से चार हफ़्ते में जवाब देने को कहा है.