Hansraj Gangaram Ahir

(फोटो साभार: ट्विटर)

नोएडा पोलिंग बूथ पर बंटे नमो फूड पैकेट्स

नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्णा ने कहा कि पुलिसकर्मियों के बीच बांटे गए फूड पैकेट किसी राजनीतिक दल ने नहीं दिया उन्हें नमो फूड शॉप से खरीदा गया.

मणिपुर के इंफाल में मतदान करने के लिए मतदान केंद्र के बाहर खड़े लोग. (फोटो साभार: एएनआई)

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 91 सीटों पर मतदान शुरू

पहले चरण में आंध्र प्रदेश की 175, सिक्किम की 32 और ओडिशा की 28 विधानसभा सीटों पर भी मतदान हो रहा है. पहले चरण के मतदान में केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, नितिन गडकरी, हंसराज अहीर, किरण रिजीजू, कांग्रेस की रेणुका चौधरी, एआईएमआईएम के असदउद्दीन ओवैसी जैसे प्रमुख नेताओं की राजनीतिक किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः 2014 से 2018 के बीच शहीद होने वाले जवानों की संख्या 94 फीसदी बढ़ी

लोकसभा में सरकार द्वारा दिए आंकड़ों के अनुसार बीते चार सालों से अधिक समय में जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों की घटनाओं में 177 फीसदी से अधिक का इज़ाफा हुआ है. साल 2014 में राज्य में आतंकवाद की 222 घटनाएं हुई थीं जबकि 2018 में यह संख्या 614 रही.

Yogi Adityanath Tweet

योगी आदित्यनाथ के इस दावे में कितनी सच्चाई है कि उनके कार्यकाल में कोई दंगा नहीं हुआ?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर दावा किया कि उनके दो साल के शासन में कोई दंगा नहीं हुआ है. हालांकि सरकारी रिपोर्ट बताती है कि सिर्फ साल 2017 में ही उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा की कुल 195 घटनाएं हुई हैं. इस दौरान 44 लोगों की मौत हो गई और 542 लोग घायल हुए.

Aurangabad: A police personnel looks as fire is set ablaze due to a communal riot that escalated due to clamping illegal water connection in a religious place in Moti Karanja area of Aurangabad on Friday. PTI Photo (PTI5_12_2018_000047B)

आरटीआई से खुलासा, 2004 से 2017 के बीच सांप्रदायिक हिंसा में 1600 से अधिक लोगों की मौत

गृह मंत्रालय ने बताया कि भारत में साल 2004 से 2017 के बीच सांप्रदायिक हिंसा की 10,399 घटनाएं हुईं. इसमें 1,605 लोग मारे गए और 30,723 लोग घायल हुए.

Communalism_Reuters

2014 से 2017 तक सांप्रदायिक हिंसा की 2,920 घटनाएं, 389 लोगों की मौत

सांप्रदायिक हिंसा की सबसे ज़्यादा घटनाएं उत्तर प्रदेश में हुईं. यहां 2014 से लेकर 2017 तक में 645 मामले सामने आए जिसमें 121 लोग मारे गए. ये आंकड़ा सभी राज्यों में मारे गए लोगों का लगभग 32 प्रतिशत है.

indian-parliament

कट्टरपंथ वैश्विक चुनौती बनकर उभरा है: केंद्र सरकार

गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने राज्यसभा में कहा कि आतंकवादी संगठन कट्टरपंथ को फैलाने के लिए विभिन्न मंचों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

साल 2014 से 2016 के बीच 26,500 छात्र-छात्राओं ने की आत्महत्या: सरकार

राज्यसभा में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2015 और 2016 में महाराष्ट्र में सर्वाधिक छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है.