Harassment

(फोटो: रॉयटर्स)

केरल: पादरी के ख़िलाफ़ वीडियो साझा करने पर शख़्स को प्रताड़ित किया गया, माफ़ी भी मांगनी पड़ी

केरल के ​कन्नूर ज़िले का मामला. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति बता रहा था कि कैंसर से पीड़ित उनके बच्चे के लिए मृत्यु पूर्व होने वाले एक धार्मिक संस्कार को करने से स्थानीय पादरी ने इनकार कर दिया था. इसकी वजह से उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया.

(फोटोः पीटीआई)

400 से अधिक शिक्षाविद, कार्यकर्ताओं ने नवदीप कौर और अन्य की गिरफ़्तारी की निंदा की

बयान में कहा गया है कि कई सरकारी एजेंसियों और राज्य सरकारों ने किसान, मज़दूर, शिक्षाविदों, पत्रकारों, कॉमेडियन और आम नागरिकों के अलावा युवा कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया और सिर्फ इसलिए मामला दर्ज किया क्योंकि ये लोग सरकार से असहमति जता रहे थे और लगातार उससे सवाल पूछ रहे थे.

(फोटो सभार: भारतीय रेलवे वेबसाइड)

मध्य प्रदेश: गर्भवती महिला से बदसलूकी, युवक को कंधे पर बैठाकर चलने के लिए मज़बूर किया

मामला गुना ज़िले का है. पांच महीने की गर्भवती महिला के पति द्वारा उसे छोड़ने के बाद उसके एक व्यक्ति के साथ रहने से नाराज़ ससुरालवालों ने उससे मारपीट की और कंधे पर एक युवक को बैठाकर तीन किलोमीटर तक नंगे पैर घुमाया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चार लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

नौदीप कौर की रिहाई की मांग लगातार की जा रही है. (फोटो: ट्विटर/@meenaharris)

हरियाणा: नवदीप कौर मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

नवदीप कौर मजदूर अधिकार संगठन की सदस्य हैं, जिन्हें 12 जनवरी को सोनीपत में एक औद्योगिक इकाई पर हुए प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार किया गया था. पुलिस ने उन पर हत्या के प्रयास और उगाही के आरोप में तीन मामले दर्ज किए हैं, जिनका कौर के परिजनों ने खंडन किया है.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

एक व्यक्ति द्वारा पीड़िता का मुंह बंद करना, बिना हाथापाई उसके कपड़े उतरना असंभवः हाईकोर्ट

बाॅम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ की जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के दो आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि पीड़िता की गवाही आरोपी को अपराधी ठहराने का भरोसा कायम नहीं करती है. इसी पीठ ने लड़की के वक्षस्थल को छूने के एक आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि ‘त्वचा से त्वचा’ का संपर्क नहीं हुआ था.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

नाबालिग का हाथ पकड़ना, पैंट की जिप खोलना पॉक्सो के तहत यौन हमला नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बीते 19 जनवरी को एक अन्य मामले में बाॅम्बे हाईकोर्ट की इसी पीठ ने अपने एक बेहद विवादित फैसले में कहा था कि त्वचा से त्वचा का संपर्क हुए बिना नाबालिग पीड़िता का स्तन स्पर्श करना, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (पॉक्सो) के तहत यौन हमला नहीं कहा जा सकता. इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगा चुका है.

(फोटोः पीटीआई)

यौन उत्पीड़न पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करे महाराष्ट्र सरकार: एनसीपीसीआर

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से बरी करने के फ़ैसले को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ख़तरनाक बताया है, वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि वे इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा.

(इलस्ट्रेशन: एलिज़ा बख़्त)

शारीरिक तौर पर अक्षम महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा पर आंकड़ों को अलग रखा जाएः अधिकार कार्यकर्ता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 90 से अधिक लोगों, अधिकार कार्यकर्ताओं और संगठनों ने पत्र लिख कर कहा कि शारीरिक तौर पर अक्षम लड़कियों और महिलाओं के यौन उत्पीड़न की घटनाओं के काफी संख्या में दर्ज मामले होने के बावजूद एनसीआरबी इस तरह की हिंसा पर अलग से आंकड़े नहीं रखता है.

बिलासपुर उज्जवला गृह (फोटो सभार: एनजीओ shivmangalwel.org)

बिलासपुर: आश्रय गृह उत्पीड़न मामले में प्रबंधक गिरफ़्तार, बलात्कार का मामला दर्ज

बिलासपुर में ग़ैर सरकारी संगठन शिव मंगल शिक्षण समिति द्वारा संचालित उज्जवला गृह की तीन महिलाओं ने यहां के कर्मचारियों पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए बयान में एक ने प्रबंधक जितेंद्र मौर्य द्वारा बलात्कार की बात कही है.

बिलासपुर उज्जवला गृह (फोटो सभार: एनजीओ shivmangalwel.org)

छत्तीसगढ़: आश्रय गृह के कर्मचारियों पर तीन महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले का मामला है. गैर सरकारी संगठन शिव मंगल शिक्षण समिति द्वारा संचालित उज्जवला गृह की तीन महिलाओं ने कर्मचारियों पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. हालांकि आश्रय गृह के संचालक ने आरोपों से इनकार किया है.

(फोटो साभार: IndiaRail Info)

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के भतीजे का अपहरण के चार महीने बाद भी पता नहीं चला, चार्जशीट दाख़िल

उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले की 23 वर्षीय युवती से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था. दिसंबर 2019 को जब वह मामले की सुनवाई के लिए अदालत जा रही थीं, तब ज़मानत पर छूटे बलात्कार के दो आरोपियों ने उन्हें जला दिया था. दिल्ली के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. अक्टूबर 2020 में युवती के भतीजे का अपहरण किया गया था.

(फोटोः नेविल जावेरी/फ्लिकर)

उत्तर प्रदेश: जान से मारने की धमकी के बाद दलित परिवार ने कथित तौर पर गांव का घर छोड़ा

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले का मामला. आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी. कथित रूप से सरकारी हैंडपंप छू लेने के आरोप में बीते 25 दिसंबर को दबंगों ने दलित परिवार के कुछ सदस्यों की पिटाई की थी. पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वास्तविक घटना छिपाकर मामूली धाराओं में केस दर्ज किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

बिहार: पंचायत द्वारा कथित तौर पर थूक चाटने पर मजबूर किए जाने के बाद युवक ने आत्महत्या की

मामला बिहार के कैमूर ज़िले का मामला है. युवक पर एक लड़की को परेशान करने का आरोप लगा था, जिससे वह कथित तौर पर प्रेम करता था. मृतक के पिता ने लड़की के परिवारवालों और पंचायत के सदस्यों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज कराई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

क्या महिलाओं की सुरक्षा उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में भी है?

उन्नाव ज़िले की बांगरमऊ विधानसभा सीट पर 3 नवंबर को उपचुनाव है. यह सीट नाबालिग के बलात्कार के दोषी पाए गए विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सदस्यता रद्द होने पर ख़ाली हुई थी. महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ते अपराधों के बीच यहां हुई एक चुनावी सभा में मुख्यमंत्री के भाषण से उनकी सुरक्षा की बात नदारद रही.

(फोटो साभार: IndiaRail Info)

उत्तर प्रदेश: उन्नाव में गैंगरेप के बाद जलाकर मार दी गई युवती के भतीजे का अपहरण

उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले की 23 वर्षीय युवती के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था. पिछले साल ​दिसंबर में जब मामले की सुनवाई के लिए युवती अदालत जा रही थी तो ज़मानत पर छूटे बलात्कार के दो आरोपियों ने तीन अन्य के साथ मिलकर ज़िंदा जला दिया था. अगले दिन युवती ने दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था.