Haridwar

उत्तराखंड: कुंभ मेले में फ़र्ज़ी कोविड ​जांच घोटाले के मामले में उत्तराखंड के दो अधिकारी निलंबित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर मेला अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर और तत्कालीन प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डॉ. एनके त्यागी को निलंबित कर दिया गया. जांच समिति ने पाया कि अधिकारियों की हरिद्वार में कुंभ मेले के दौरान नकली रैपिड एंटीजन जांच करने में शामिल कंपनियों के साथ मिलीभगत की थी.

उत्तराखंड: ईडी ने कुंभ के दौरान फ़र्ज़ी कोविड जांच में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया

हरिद्वार में एक से 30 अप्रैल तक कुंभ के आयोजन के दौरान निजी लैब द्वारा कोरोना टेस्ट की फ़र्ज़ी रिपोर्ट जारी करने का मामला सामने आया था. ईडी ने कहा कि इन प्रयोगशालाओं द्वारा झूठी निगेटिव रिपोर्ट के कारण, उस समय हरिद्वार में संक्रमण दर 0.18 प्रतिशत दिखाया गया जबकि वास्तव में वह 5.3 प्रतिशत था.

ओलंपिक में हार के बाद हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार पर की गई जातिगत टिप्पणी

बुधवार को ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के अर्जेंटीना से हारने के कुछ देर बाद कथित ऊंची जाति के दो लोगों ने हरिद्वार के एक गांव में रहने वाले हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार पर जातिगत टिप्पणियां कीं. पुलिस ने बताया कि एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

अदालत ने केरल सरकार से बकरीद पर कोविड पाबंदियों में तीन दिन छूट देने पर जवाब मांगा

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 17 जुलाई को पाबंदियों में रियायत की घोषणा करते हुए 21 जुलाई को मनाए जाने वाले बकरीद के मद्देनज़र आवश्यक वस्तुओं के साथ कई अन्य तरह की दुकानों को भी 18, 19 और 20 जुलाई को सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक खुले रखने की अनुमति दी है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार ज़िले में बूचड़खानों पर लगी रोक पर उठाया सवाल

इस साल मार्च में उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार ज़िले को बूचड़खानों से मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया था और बूचड़खानों के लिए जारी अनापत्ति पत्रों को भी रद्द कर दिया था. अदालत ने कहा कि सभ्यता का आकलन केवल इस बात से किया जा सकता है कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है और हरिद्वार में इस पाबंदी से सवाल उठता है कि राज्य किस हद तक नागरिकों के विकल्पों को तय कर सकता है.

उत्तराखंड के बाद उत्तर प्रदेश में भी नहीं होगी वार्षिक कांवड़ यात्रा

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने कोरोना महामारी के दौरान यात्रा के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कांवड़ यात्रा पर पुनर्विचार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को 19 जुलाई तक सूचित करने के लिए कहा था. अतिरिक्त मुख्‍य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने कहा कि राज्य सरकार ने कांवड़ संघों से अपील की थी और वे सभी इस साल यात्रा बंद रखने पर सहमत हो गए हैं. पिछले साल भी महामारी के फैलने के बाद की गई इसी तरह की अपील के बाद यात्रा को रद्द कर दिया गया था.

जीवन के अधिकार का हवाला देते हुए कोर्ट ने यूपी सरकार से कांवड़ यात्रा पर पुनर्विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक बात पूरी तरह से साफ़ है कि हम कोविड-19 महामारी के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश सरकार को 100 फ़ीसदी उपस्थिति के साथ कांवड़ यात्रा आयोजित करने की अनुमति नहीं दे सकते. हम सभी भारत के नागरिक हैं. यह स्वतः संज्ञान मामला इसलिए लिया गया है, क्योंकि अनुच्छेद 21 हम सभी पर लागू होता है. यह हम सभी की सुरक्षा के लिए है.

कोरोना के मद्देनज़र उत्तराखंड ने लगातार दूसरे साल रद्द की कांवड़ यात्रा, यूपी में मंज़ूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मानव जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कांवड़ यात्रा रद्द करने का निर्णय लिया गया है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कांवड़ यात्रा को मंज़ूरी देने के उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के फ़ैसले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन को नोटिस जारी किया है.

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा पर रोक के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंची राज्य सरकार

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोविड-19 के बीच चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर असंतोष ज़ाहिर करते हुए इस पर रोक लगा दी थी. सरकार ने कहा है कि अदालत ने ‘ग़लत तरीके’ से रोक लगाई है.

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा रद्द, हाईकोर्ट ने कहा- एक और तबाही को न्योता नहीं दे सकते

हाईकोर्ट ने कोविड-19 के बीच पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर असंतोष ज़ाहिर करते हुए राज्य मंत्रिमंडल के उस फ़ैसले पर रोक लगा दी, जिसमें चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी ज़िलों के निवासियों को एक जुलाई से चार धामों के दर्शन की अनुमति दी गई थी.

कुंभ फ़र्ज़ी कोविड टेस्ट: पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा- न्यायिक जांच होनी चाहिए

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बीते 17 जून को कहा था कि कोरोना संक्रमण की फ़र्ज़ी टेस्ट रिपोर्ट जारी होने का मामला उनसे पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुआ था. कोरोना संक्रमण के बीच हरिद्वार में एक से 30 अप्रैल तक कुंभ मेले का आयोजन किया गया था.

उत्तराखंड: कुंभ के दौरान फ़र्ज़ी कोविड जांच के मामले में लैब पर केस दर्ज

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कुंभ के दौरान कोविड प्रसार को नियंत्रित रखने के लिए राज्य सरकार को प्रतिदिन 50,000 नमूनों की जांच कराने का निर्देश दिया था, जिसके लिए ज़िला स्वास्थ्य विभाग ने एक कंपनी के ज़रिये कुछ निजी लैबों को ज़िम्मा सौंपा था. आरोप हैं कि इन्होंने फ़र्ज़ी निगेटिव कोविड जांच रिपोर्ट जारी कीं.

उत्तराखंड: कुंभ के दौरान निजी लैब से ‘फ़र्ज़ी’ कोविड-19 रिपोर्ट जारी होने का आरोप, जांच के आदेश

कोरोना संक्रमण के बीच हरिद्वार में एक से 30 अप्रैल तक कुंभ मेले का आयोजन किया गया था. एक शख़्स ने आईसीएमआर से शिकायत की है कि इस दौरान उन्हें हरिद्वार से कोविड सैंपल लिए जाने का मैसेज आया जबकि वे पंजाब में थे. उनका आरोप है कि फ़र्ज़ी टेस्ट के लिए उनके मोबाइल नंबर और आधार का दुरुपयोग किया गया.

उत्तराखंड: हाईकोर्ट का आदेश, राज्य में कोविड की दूसरी लहर में हुई मौतों का ऑडिट करे सरकार

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटर और आईसीयू उपकरणों का ऑडिट कराया जाए ताकि पता चल सके कि कितने वेंटिलेटर और उपकरण इस्तेमाल नहीं हुए और इसकी क्या वजह है. अदालत ने सरकार से कोविड जांच में कथित अनियमितताओं पर भी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

कुंभ 2021: आलोचनाओं के बाद सरकार ने कहा- 49 लाख नहीं केवल 21 लाख लोग शामिल हुए

उत्तराखंड में हुए हालिया कुंभ मेले के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया है कि वहां 12 अप्रैल को इक्कीस लाख, 13 अप्रैल को क़रीब तीन लाख और 14 अप्रैल को लगभग बारह लाख श्रद्धालु एकत्र हुए थे. यह संख्या राज्य सरकार द्वारा इससे पहले दिए इन तीन दिनों के कुल आंकड़े 49 लाख से काफ़ी कम है.