Hindi

Mamta Kalia The Wire

‘अपनी रचनाओं में स्त्रियों के लिए जो टैगोर, शरतचंद ने किया, वो अब के लेखक नहीं कर पाए हैं’

साक्षात्कारः हिंदी की वरिष्ठ लेखिका और साहित्यकार ममता कालिया का कहना है कि स्त्री विमर्श के लिए हमें सिमोन द बोउआर तक पहुंचने से पहले महादेवी वर्मा को पढ़ना पड़ेगा, जिन्होंने 1934 में ही लिख दिया था कि हम स्त्री हैं. हमें न किसी पर जय चाहिए, न पराजय, हमें अपनी वह जगह चाहिए जो हमारे लिए निर्धारित है.

Yogi Adityanath PTI

उत्तर प्रदेश: संस्कृत में भी जारी होंगी सरकारी विज्ञप्तियां और मुख्यमंत्री के भाषण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि उनके भाषण और मीडिया को दिए जाने वाले संदेश हिंदी, अंग्रेज़ी के अलावा संस्कृत में भी तैयार किए जाएं और इसके लिए भाषा विशेषज्ञ रखे जाएं.

school-children-reuters.

हिंदी भाषा विवाद: नई शिक्षा नीति के संशोधित मसौदे पर दो सदस्यों ने जताई आपत्ति

नई शिक्षा नीति के मसौदे में त्रिभाषा फार्मूले को लेकर उठे विवाद के बीच सोमवार को मसौदा नीति का संशोधित प्रारूप जारी किया गया, जिसमें ग़ैर-हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी अनिवार्य किए जाने का उल्लेख नहीं है.

Cotton Farmers Reuters

महाराष्ट्र: कपास किसानों की कब्रगाह बन चुके पश्चिमी विदर्भ का चुनावी हाल

महाराष्ट्र के पश्चिमी विदर्भ की चार यवतमाल-वासिम, अकोला, बुलढाणा और अमरावती सीटों की स्थिति. महाराष्ट्र का यह वो क्षेत्र, जहां बुलेट ट्रेन की कोई चर्चा ही नहीं. नाराज काश्तकारों में किसान सम्मान योजना के प्रति भी ज़्यादा रुचि नहीं. भंवर जांगिड़ की रिपोर्ट.

नामवर सिंह. (फोटो साभार: राजकमल प्रकाशन/फेसबुक)

हजारी प्रसाद द्विवेदी के बाद सबसे यशस्वी आलोचक नामवर जी थे: मैनेजर पांडेय

वीडियो: लेखक और आलोचक नामवर सिंह का बीते दिनों निधन हो गया, उनसे जुड़ी यादों को साझा कर रहे हैं साहित्यकार और आलोचक मैनेजर पांडेय.

नामवर सिंह. (फोटो साभार: राजकमल प्रकाशन/फेसबुक)

नामवर सिंह: एक दौर की विदाई

आलोचना को सामान्यतया एक नीरस अकादमिक काम माना जाता है और आलोचकों को रचनाकारों की तरह बड़ी संख्या में प्रशंसक पाठक नसीब नहीं होते. नामवर सिंह इसके विराट अपवाद थे.

नामवर सिंह. (फोटो साभार: राजकमल प्रकाशन/फेसबुक)

नामवर सिंह को क्यों लगता था कि हिंदी समाज को अपने साहित्यकारों से लगाव नहीं है

एक साक्षात्कार में नामवर सिंह ने कहा था कि विदेश में दो लोग जब बात करते हैं तो कुछ देर के अंदर ही उनकी बातचीत में मिल्टन, शेक्सपियर, चेखव के उद्धरण आने लगते हैं, लेकिन हमारे यहां ऐसा नहीं दिखता. हिंदी में बहुत से जनकवि हैं लेकिन हिंदी जगत में उनकी रचनाएं उस रूप में प्रचारित नहीं होतीं.

कृष्णा सोबती (जन्म- 18 फरवरी 1925, अवसान- 25 जनवरी 2019)

शासकों द्वारा दिए गए सम्मान से कोई बड़ा नहीं हो जाता: कृष्णा सोबती

साक्षात्कार: बीते दिनों ज्ञानपीठ पुरस्कार सम्मानित साहित्यकार कृष्णा सोबती का निधन हो गया. उनके चर्चित उपन्यास ‘मित्रो मरजानी’ के पचास साल पूरे होने पर साल 2016 में उनसे हुई बातचीत.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

केंद्रीय विद्यालयों में ‘हिंदू प्रार्थनाओं’ के ख़िलाफ़ याचिका को संविधान पीठ के पास भेजा

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थनाओं पर हिंदू धर्म से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि बच्चों की आस्था और विश्वास का ख़्याल किए बिना इन्हें थोपा जा रहा है.

वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णा सोबती. (फोटो साभार: ranjana-bisht.blogspot.in)

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार कृष्णा सोबती का निधन

कृष्णा सोबती को साल 2017 में साहित्य के क्षेत्र में दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है. 2015 में देश में असहिष्णुता के माहौल से नाराज़ होकर उन्होंने अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लौटा दिया था.

Chitra Mudgal Rahman Abbas Sahitya Academy

हिंदी में चित्रा मुद्गल और उर्दू में रहमान अब्बास समेत 24 लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार

चित्रा मद्गल को उनके उपन्यास ‘पोस्ट बॉक्स नं. 203-नाला सोपारा’, रहमान अब्बास को उनके उर्दू उपन्यास ‘रोहज़िन’ और अंग्रेजी में अनीस सलीम को उनके उपन्यास ‘द ब्लाइंड लेडीज़ डीसेंडेंट्स’ के लिए साहित्य अकादमी से नवाज़ा जाएगा.

स्वच्छ भारत मिशन (फोटो: swachhbharatmission.gov.in)

खुले में शौच मुक्त घोषित होने के बावजूद गुजरात में लाखों शौचालयों की ज़रूरत: आरटीआई

केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में लोकसभा को बताया था कि गुजरात सहित 11 राज्यों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ घोषित किया गया है.

vinod dua

‘ज़बान वो ख़त्म होती है जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी से न निकली हो’

वीडियो: उर्दू को अवाम तक पहुंचाने में देवनागरी और हिंदी की भूमिका, हिंदी में नुक़्ते के चलन और उर्दू के भविष्य पर विनोद दुआ से द वायर उर्दू के फ़ैयाज़ अहमद वजीह की बातचीत.

साहित्यकार विष्णु खरे. (जन्म: 9 फरवरी 1940 - अवसान: 19 सितंबर 2018) (फोटो साभार: हिंदी कविता/यूट्यूब)

विष्णु खरे: एक सांस्कृतिक योद्धा जो आख़िर तक वैचारिक युद्ध लड़ता रहा

विष्णु खरे ने न सिर्फ एक नई तरह की भाषा और संवेदना से समकालीन हिंदी कविता को नया मिज़ाज़ दिया बल्कि उसे बदला भी. एक बड़े कवि की पहचान इस बात से भी होती है कि वह पहले से चली आ रही कविता को कितना बदलता है. और इस लिहाज़ से खरे अपनी पीढ़ी और समय के एक बड़े उदाहरण हैं.

MEDIA BOL 65 Copy

मीडिया बोल, एपिसोड 67: हिंदी भाषी मीडिया और हिंदी समाज

मीडिया बोल की 67वीं कड़ी में उर्मिलेश हिंदी भाषी मीडिया और हिंदी समाज पर पॉलिटिकल साइंटिस्ट सविता सिंह और जेएनयू के प्रो. विवेक कुमार से चर्चा कर रहे हैं.

Sarveshwar Dayal Saxena Photo Rajkamal Publication

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना: मैं साधारण हूं और साधारण ही रहना चाहता हूं, आतंक बनकर छाना नहीं चाहता

जिस तरह केन नदी केदारनाथ अग्रवाल के संसार में बहती दिखती है ठीक वैसे ही कुआनो सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के संसार में बह रही है. हम सभी के संसार में कोई न कोई भुला दी गई नदी बह रही है. सर्वेश्वर बस इसलिए अलग थे कि वह उस नदी और उसके पास लगने वाले फुटहिया बाज़ार को कभी भूले नहीं. वहां मुर्दा जलते और अधजले रह जाते. धोबी कपड़े धोते. औरतें छुपकर सिगरेट पीतीं.

New Delhi: HRD Minister Prakash Javadekar speaks during a press conference at BJP Headquarter in New Delhi, on Friday. PTI Photo by Manvender Vashist(PTI3_23_2018_000241B)

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में फैकल्टी के 5,600 तो आईआईटी में 2,800 से ज़्यादा पद खाली: केंद्र सरकार

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनुसार, एनआईटी और भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईईएसटी) में 1870 पद खाली हैं जबकि आईआईएम संस्थानों में 258 पद खाली हैं.

(फोटो: सुमन शेखर)

दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म में पढ़ाई करने आए विद्यार्थी प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

दिल्ली विश्वविद्यालय में दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म के छात्र-छात्राओं का आरोप है कि मोटी फीस वसूलने के बाद भी प्रशासन उन्हें बेहतर शिक्षा और संसाधन उपलब्ध कराने में असफल रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

तमिलनाडु: क़र्ज़ से परेशान किसान ने परिवार संग की ख़ुदकुशी

अपेक्षित फसल न होने से हताश किसान मुथुसामी ने अपने 2 बच्चों की हत्या कर 70 वर्षीय मां संग फांसी लगा ली. मुथुसामी पर करीब 13 लाख रुपये का क़र्ज़ बकाया था.

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प्रेमचंद का ‘सूरदास’ आज भी अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है

1925 में आए प्रेमचंद के उपन्यास रंगभूमि में किसान सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ़ खड़े हो जाते हैं. जो बात रंगभूमि में सूरदास ने कहने की कोशिश की थी, वही आज जब कोई किसान कह रहा है तो उसे निशाना साधकर गोली मारी जा रही है.

Premchand

प्रेमचंद को क्यों पढ़ें

प्रेमचंद की प्रासंगिकता का सवाल बेमानी जान पड़ता है, लेकिन हर दौर में उठता रहा है. अक्सर कहा जाता है कि अब भी भारत में किसान मर रहे हैं, शोषण है, इसलिए प्रेमचंद प्रासंगिक हैं. प्रेमचंद शायद ऐसी प्रासंगिकता अपनी मृत्यु के 80 साल बाद न चाहते.

(फोटो: गूगल मैप)

बिहार में सर्जरी के लिए इस्तेमाल होने वाला स्प्रिट पीने से चार लोगों की मौत

बिहार के बेगूसराय का मामला. डॉक्टर सर्जिकल स्प्रिट का इस्तेमाल सर्जिकल उपकरणों को साफ़ करने के लिए करते हैं.

srikant_verma

श्रीकांत वर्मा: क्या कहूं आज जो नहीं कही, दुख ही जीवन की कथा रही

श्रीकांत वर्मा के साहित्य में जीवन-मरण का स्मरण किसी प्रकार के रहस्यवाद से परे है. बात सीधी-सपाट है. आदमी अपने ‘रक्तचाप’ से मरता है, अपने ‘पाप’ से नहीं.

Mahaveer Prasad Dwivedi

जब महावीर प्रसाद द्विवेदी ने जनेऊ उतारकर सर्पदंश पीड़ित दलित महिला के पांव में बांध दिया

जयंती विशेष: द्विवेदी जी ऐसे कठिन समय में हिंदी के सेवक बने, जब हिंदी अपने कलात्मक विकास की सोचना तो दूर, विभिन्न प्रकार के अभावों से ऐसी बुरी तरह पीड़ित थी कि उसके लिए उनसे निपट पाना ही दूभर हो रहा था.

Una Dalit Twitter

ऊना के पीड़ित दलितों पर फ़िर हमला, परिवार ने अपनाया बौद्ध धर्म

2016 में कथित तौर पर मृत गाय की खाल निकालने के मामले में दलित परिवार के चार सदस्यों की बांधकर सरेआम की गई थी पिटाई. दो साल बाद मामले के आरोपियों में से एक ने केस वापस लेने की धमकी देते हुए किया हमला.

आसाराम. ​​(फोटो: पीटीआई)

आसाराम को उम्रक़ैद: पीड़िता के पिता ने कहा, बेटी की हिम्मत से ढोंगी बाबा को मिली सज़ा

पीड़िता के पिता ने कहा कि पिछले चार साल के दौरान हमारा घर से निकलना बंद हो गया था. पीड़िता के प्राचार्य ने बताया कि वे उसकी जन्मतिथि बदलवाना चाहते थे ताकि आसाराम को पॉक्सो क़ानून के तहत कड़ी सज़ा से बचाया जा सके.

**FILE** New Delhi: File photo of Asaram Bapu being produced in Jodhpur court in connection with the sexual harassment case. A Jodhpur court on Wednesday convicted self-styled godman Asaram of raping a minor girl at his ashram in Rajasthan in 2013. PTI Photo PTI Photo(PTI4_25_2018_000033B)

नाबालिग से बलात्कार मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सज़ा

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग से बलात्कार करने के आरोप में जोधपुर की विशेष एसटी-एसटी अदालत ने सुनाया फ़ैसला.

फोटो: रायटर्स

बलात्कार के आरोपी आसाराम पर फैसला कल, जोधपुर में कड़ी सुरक्षा

आसाराम पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप है. साल 2013 से वह विभिन्न अपराधों के आरोप में जेल में बंद हैं. राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में भी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम.

प्रवीण तोगड़िया (फोटो: फेसबुक)

विहिप से बाहर होने के बाद तोगड़िया ने अहमदाबाद में अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया

विहिप के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, गोवध पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध, समान नागरिक संहिता और विस्थापित कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास जैसी मांगों को लेकर उपवास शुरू किया है.

अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ (जन्म 15 अप्रैल 1865 - 16 मार्च 1947, फोटो: विकिपीडिया)

आपको पता है, ‘हरिऔध’ का घर और स्मृतियां दोनों खंडहर हो गई हैं

अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ के पट्टीदारों ने उनकी विरासत को लंबे अरसे तक झगड़े में फंसाकर उन्हें जैसी ‘श्रद्धांजलि’ दी, वैसी किसी दुश्मन को भी न मिले.

फैकल्टी ऑफ लॉ (फोटो: फेसबुक)

अंग्रेज़ी नहीं आती तो क्या वकील नहीं बन सकते?

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र आयुष तिवारी ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दिल्ली विश्वविद्यालय की बीए एलएलबी प्रवेश परीक्षा को अंग्रेज़ी के अलावा हिंदी में भी करने की मांग की है.

Badrivishal Pitti

बद्री विशाल पित्ती: हैदराबाद की पांचवीं मीनार

जन्मदिन विशेष: कार्ल मार्क्स और मार्क्सवाद के संदर्भ में जो महत्व फ्रेडरिक एंगेल्स का है, डाॅ. राममनोहर लोहिया और समाजवाद के लिए वही महत्व बद्री विशाल पित्ती का है.

Kolkata: Former President Pranab Mukherjee addresses a special session on 'Prospects for Economic Growth and the Policy Imperatives for India' in Kolkata on Wednesday evening. PTI Photo by Swapan Mahapatra (PTI2_28_2018_000219B)

भारतीय प्रतिभाएं दुनिया को आकर्षित करती हैं, लेकिन गिने-चुने ही मानवता के काम आ सके: प्रणब

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, मेडिकल के क्षेत्र में तैयार प्रतिभाएं बड़ी-बड़ी कंपनियों में चली जाती हैं. लेकिन सीवी रमण के बाद किसी भारतीय को नोबेल पुरस्कार नहीं मिला है.

Kedarnath Singh Final

‘कथाओं से भरे इस देश में… मैं भी एक कथा हूं’

हिंदी साहित्य के संसार में केदारनाथ सिंह की कविता अपनी विनम्र उपस्थिति के साथ पाठक के बगल में जाकर खड़ी हो जाती है. वे अपनी कविताओं में किसी क्रांति या आंदोलन के पक्ष में बिना शोर किए मनुष्य, चींटी, कठफोड़वा या जुलाहे के पक्ष में दिखते हैं.

Kedarnath Singh Youtube

केदारनाथ सिंह: वो कवि जो ‘तीसरे’ की खोज में पुलों से गुज़र गया

केदारनाथ सिंह की कविताओं में सबसे अधिक आया हुआ बिंब वह है जो ‘जोड़ता’ है. उन्हें वह हर चीज़ पसंद थी जो जोड़ती है. वो चाहे सड़क हो या पुल, शब्द हो या सड़क, जो लोगों को मिलाती है, उनकी आंखों में एक छवि बनकर तैरती रहती और फिर पिघलकर कविता में ढल जाती.

केदारनाथ सिंह. (फोटो साभार: भारतीय ज्ञानपीठ)

हिंदी के प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह का निधन

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में हुआ जन्म. पेट में संक्रमण की वजह से केदारनाथ सिंह को नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था.

ताज महल (फोटो: रायटर्स)

ताजमहल को मंदिर में बदलने से पहले भाजपा को अपने गुरु मुखर्जी को याद कर लेना चाहिए

अगर विनय कटियार और उन जैसे बेरोजगार बैठे दूसरे भाजपा नेताओं ने अपने संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पढ़ा होता तो बैसिर-पैर के दावे नहीं करते.

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत में रोज़ाना डेढ़ लाख ऑनलाइन लेन-देन का ब्योरा हो जाता है लीक: साइबर सुरक्षा समन्वयक

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद की अध्यक्षता में हुए राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रियों के सम्मेलन में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक गुलशन राय ने दी जानकारी.